Tag: CEO

  • निजी यात्रा पर गए इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लापता… नेपाल बाढ़ के बाद से नहीं हो रहा संपर्क

    निजी यात्रा पर गए इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के CEO लापता… नेपाल बाढ़ के बाद से नहीं हो रहा संपर्क


    नई दिल्ली।
    इंफोसिस (Infosys) ने शुक्रवार को बताया कि उसकी सहायक कंपनी इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज (Infosys Public Services) के प्रमुख लैक्स गोपीसेट्टी (Lax Gopisetty) नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद से संपर्क में नहीं हैं। इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज, सूचना प्रौद्योगिकी सेवा कंपनी इंफोसिस की सहायक कंपनी है। यह कंपनी मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा के सरकारी क्षेत्र के लिए काम करती है।

    इंफोसिस ने बताया कि गोपीसेट्टी निजी यात्रा पर इस इलाके में गए थे। कंपनी ने कहा कि इस समय उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता उनकी सुरक्षा और सेहत सुनिश्चित करना है। इंफोसिस ने एक बयान में कहा, हम पुष्टि कर सकते हैं कि हमारे सहयोगी लैक्स गोपिसेट्टी फिलहाल संपर्क में नहीं हैं, जो निजी यात्रा पर इस इलाके में गए थे।

    कंपनी ने आगे कहा कि वह संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर जानकारी जुटा रही है। साथ ही गोपीसेट्टी से संपर्क करने की कोशिश भी की जा रही है। इंफोसिस ने यह भी कहा कि वह गोपीसेट्टी के परिवार के लगातार संपर्क में है। कंपनी इस मुश्किल समय में परिवार को हर जरूरी मदद दे रही है।

    इंफोसिस ने कहा, हम परिवार के लगातार संपर्क में हैं और इस मुश्किल समय में हर जरूरी मदद दे रहे हैं। हमारी संवेदनाएं लैक्स और इस त्रासदी से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। कंपनी ने कहा कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ और इसमें हुई लोगों की मौत से उसे बहुत दुख हुआ है।


    फंसे हुए भारतीयों को लेकर एमईए ने क्या कहा?

    विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शुक्रवार को बताया कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ के बाद कम से कम 320 भारतीय अब भी लापता हैं। वहीं, 400 अन्य भारतीय चीन की तरफ फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत काठमांडू को इस स्थिति से निपटने के लिए हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है।

    एमईए ने बताया कि चीन की तरफ फंसे 153 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच गए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि 21 भारतीय शुक्रवार दोपहर नई दिल्ली पहुंचे। ये लोग एक दिन पहले नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों से काठमांडू पहुंचे थे।


    गोपीसेट्टी क्या काम करते हैं?

    इंफोसिस की वेबसाइट पर दी गई उनकी प्रोफाइल के मुताबिक, गोपीसेट्टी सरकारी क्षेत्र के संगठनों को रणनीति, तकनीक, कामकाज और बदलाव से जुड़े मामलों में सलाह देते हैं। इसका मकसद सरकारी एजेंसियों के काम और लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करना है। वह कंपनी की रणनीति और उसे लागू करने के काम की भी देखरेख करते हैं, ताकि तय उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।

    इस पद पर आने से पहले गोपीसेट्टी इंफोसिस में ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट थे। वह बिजनेस एप्लीकेशंस और डिजिटल वर्कस्पेस सर्विस के प्रमुख भी थे। इस दौरान उन्होंने अमेरिका, यूरोप और एशिया में इस काम का विस्तार किया।

    इंफोसिस में शामिल होने से पहले गोपिसेट्टी एक्सेंचर में प्रबंध निदेशक थे। वहां उन्होंने उत्तर अमेरिका में कंपनी के हेल्थ एंड पब्लिक सर्विसेज कारोबार के एक हिस्से का नेतृत्व किया। इंफोसिस की वेबसाइट के मुताबिक, गोपीसेट्टी ने बियरिंगपॉइंट, आईबीएम, पीडब्ल्यूसी और एचसीएल में भी तेजी से बढ़ते कारोबार और सेवाओं को खड़ा किया है।

  • मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी, नीति आयोग के सीईओ नियुक्त

    मप्र के मुख्य सचिव अनुराग जैन को केंद्र में मिली बड़ी जिम्मेदारी, नीति आयोग के सीईओ नियुक्त


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और वर्तमान मुख्य सचिव अनुराग जैन को केन्द्र में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। उन्हें नीति आयोग का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया गया है।

    इस संबंध में केन्द्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की अपॉइंटमेंट कमेटी ऑफ द कैबिनेट (एसीसी) ने बुधवार शाम आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुराग जैन का कार्यकाल नीति आयोग में पदभार ग्रहण करने की तारीख से दो वर्ष तक रहेंगा।

    नीति आयोग केंद्र सरकार का शीर्ष सार्वजनिक नीति थिंक टैंक है, जो देश की विकास योजनाओं, आर्थिक नीतियों और राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनुराम जैन नीति आयोग के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस की महानिदेशक निधि छिब्बर की जगह लेंगे। आईएएस अधिकारी सुब्रह्मण्यम के शुरुआती दो साल के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ाया गया था, जो इस साल 24 फरवरी में खत्म हुआ। इसके बाद निधि छिब्बर अतिरिक्त प्रभार के तौर पर यह पद संभाल रही थीं।

    गौरतलब है कि 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को 3 अक्टूबर 2024 को मध्य प्रदेश का मुख्य सचिव बनाया गया था। साल 2025 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2026 को समाप्त हो रहा है।

  • माइक्रोसॉफ्ट AI के CEO ने मचाई दुनिया में हलचल… बोले- 12 से 18 माह में व्हाइट-कॉलर जॉब्स की जगह ले लेगा AI

    माइक्रोसॉफ्ट AI के CEO ने मचाई दुनिया में हलचल… बोले- 12 से 18 माह में व्हाइट-कॉलर जॉब्स की जगह ले लेगा AI


    नई दिल्ली।
    माइक्रोसॉफ्ट एआई (Microsoft AI) के सीईओ मुस्तफा सुलेमान (CEO Mustafa Suleiman) का ताजा बयान एआई की दुनिया में तहलका मचा रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में सुलेमान ने चेतावनी दी है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अगले 12 से 18 महीनों के भीतर अधिकांश व्हाइट-कॉलर नौकरियों (White-Collar Jobs) के ज्यादातर कामों को पूरी तरह से स्वचालित (ऑटोमेट) कर देगी। उन्होंने कहा कि व्हाइट-कॉलर जॉब्स, यानी वे काम जो लोग कंप्यूटर के सामने बैठकर करते हैं, चाहे वो वकील हों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, प्रोजेक्ट मैनेजर या मार्केटिंग प्रोफेशनल, इनमें से अधिकांश टास्क अगले 12-18 महीनों में एआई द्वारा पूरी तरह ऑटोमेट हो जाएंगे।


    एआई की मदद से कोडिंग

    उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का उदाहरण देते हुए बताया कि अब इंजीनियर एआई की मदद से अपना अधिकांश कोड बनवा रहे हैं। उनकी भूमिका अब ‘रणनीतिक’ कार्यों जैसे आर्किटेक्चर डिजाइन करने और उत्पादन में लाने की ओर स्थानांतरित हो गई है। सुलेमान के अनुसार, यह बदलाव पिछले छह महीनों में ही देखने को मिला है। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि आज मौजूद एआई मॉडल अधिकांश मानव कोडर्स से बेहतर कोडिंग कर सकते हैं, शायद अब तक के सभी कोडर्स से भी बेहतर। उन्होंने जोर देकर कहा कि नए एआई मॉडल बनाना अब ‘पॉडकास्ट बनाने या ब्लॉग लिखने’ जितना आसान हो जाएगा। संस्थान और संगठन अपनी जरूरतों के अनुसार खुद एआई डिजाइन कर सकेंगे। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि अगले दो से तीन वर्षों में एआई एजेंट बड़े संस्थानों के वर्कफ्लो को और भी कुशलता से संभालने में सक्षम हो जाएंगे।


    माइक्रोसॉफ्ट का सुपरइंटेलिजेंस मिशन

    अपने विजन के बारे में बात करते हुए सुलेमान ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य एक सुपरइंटेलिजेंस का निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले कंपनी ने ओपनएआई के साथ दीर्घकालिक समझौते को फिर से बातचीत करके 2032 तक आईपी लाइसेंस बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि हमने यह भी तय किया है कि अब वास्तविक एआई आत्मनिर्भरता हासिल करने का समय आ गया है। सुलेमान ने माइक्रोसॉफ्ट के अपने स्वतंत्र बेसिक एआई मॉडल विकसित करने की योजना पर चर्चा की, जिसमें मजबूत प्रशिक्षण टीम होगी और डेटा को व्यवस्थित व क्रमबद्ध तरीके से तैयार किया जाएगा।

    माइक्रोसॉफ्ट एआई प्रमुख की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब एआई के कारण मानव कार्यों के प्रतिस्थापित होने और बड़े पैमाने पर छंटनी की चिंताएं बढ़ रही हैं। इससे पहले अमेजन ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा था कि एआई से जुड़ी बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण लगभग 16000 कंपनियों की नौकरियां प्रभावित हो सकती हैं। पिछले साल माइक्रोसॉफ्ट ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया था कि उसने ओपनएआई के साथ नए समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो दोनों संगठनों के बीच मजबूत होती साझेदारी पर आधारित है। इस समझौते के तहत ओपनएआई माइक्रोसॉफ्ट का प्रमुख मॉडल पार्टनर बना रहेगा और दोनों कंपनियों के बीच अनन्य बौद्धिक संपदा अधिकारों का विस्तार होगा।