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  • MP BJP को मिला नया संगठन महामंत्री, 8 महीने बाद चंद्रशेखर की एंट्री, हितानंद शर्मा के हटने के बाद बदली तस्वीर

    MP BJP को मिला नया संगठन महामंत्री, 8 महीने बाद चंद्रशेखर की एंट्री, हितानंद शर्मा के हटने के बाद बदली तस्वीर


    भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा में करीब आठ महीने से खाली चल रहे प्रदेश संगठन महामंत्री के पद पर अब नियुक्ति हो गई है। पार्टी ने चंद्रशेखर को मध्य प्रदेश का नया प्रदेश महामंत्री संगठन नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति के साथ ही प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में लंबे समय से खाली चल रही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी पूरी हो गई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक चंद्रशेखर पहले राजस्थान और तेलंगाना भाजपा में संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

    दरअसल जनवरी 2026 में तत्कालीन प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की संघ में वापसी हुई थी। उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मध्य क्षेत्र में सह बौद्धिक प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद मध्य प्रदेश भाजपा में प्रदेश संगठन महामंत्री का पद खाली हो गया था। नई नियुक्ति होने तक क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में संगठन से जुड़े काम देख रहे थे।


    अब चंद्रशेखर को यह जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज में उनकी भूमिका अहम होगी। संगठन महामंत्री पार्टी के संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय से जुड़े काम देखते हैं। प्रदेश से लेकर जिला और बूथ स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने में भी इस पद की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

    चंद्रशेखर की पृष्ठभूमि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ी रही है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार वह उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के रहने वाले हैं और संघ में विभाग प्रचारक के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने काशी क्षेत्र में संगठनात्मक जिम्मेदारी संभाली। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी उन्हें संगठन से जुड़ा दायित्व मिला।

    सितंबर 2017 में चंद्रशेखर को राजस्थान भाजपा का संगठन महामंत्री बनाया गया था। उन्होंने करीब छह साल तक राजस्थान में संगठन का काम संभाला। इसके बाद जनवरी 2024 में उन्हें तेलंगाना भाजपा का संगठन महामंत्री बनाया गया। अब मध्य प्रदेश में उन्हें नई जिम्मेदारी दी गई है।

    मध्य प्रदेश भाजपा में यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया में है। चंद्रशेखर के सामने प्रदेश संगठन के विभिन्न स्तरों के बीच समन्वय बनाए रखने के साथ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद और संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।

    इससे पहले हितानंद शर्मा ने सितंबर 2020 में मध्य प्रदेश भाजपा में सह संगठन महामंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली थी। मार्च 2022 में सुहास भगत की संघ में वापसी के बाद हितानंद को प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया था। जनवरी 2026 में उनकी संघ में वापसी के बाद से यह पद खाली था।

    अब चंद्रशेखर की नियुक्ति के साथ मध्य प्रदेश भाजपा को पूर्णकालिक प्रदेश संगठन महामंत्री मिल गया है। आने वाले समय में उनकी संगठनात्मक कार्यशैली और प्रदेश भाजपा के अलग-अलग स्तरों के साथ समन्वय पर पार्टी के भीतर नजर रहेगी।

  • चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को बताया छोटा भाई, बोले- साथ आए तो मिलकर बाबा साहब का अधूरा मिशन पूरा करेंगे

    चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को बताया छोटा भाई, बोले- साथ आए तो मिलकर बाबा साहब का अधूरा मिशन पूरा करेंगे


    नई दिल्ली । 
    उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित समाज से जुड़े मुद्दों के बीच नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने बहुजन समाज पार्टी के नेता आकाश आनंद को लेकर बड़ा बयान दिया है। चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को अपना छोटा भाई बताते हुए कहा कि यदि वह उनके साथ आना चाहें तो उनकी पार्टी में उनका स्वागत है। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आकाश आनंद के प्रति किसी तरह का बुरा भाव नहीं होने की बात कही।

    चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आकाश आनंद ने कई बार उनकी आलोचना की है, लेकिन वह उन्हें अब भी अपना छोटा भाई मानते हैं। उनके मुताबिक, दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर उनके मन में आकाश आनंद के लिए कोई दुर्भावना नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर आकाश आनंद साथ काम करने के लिए तैयार होते हैं तो दोनों मिलकर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने और उनके अधूरे काम को पूरा करने की दिशा में काम कर सकते हैं।

    चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद के लिए अपनी पार्टी के दरवाजे खुले होने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति बाबा साहब के विचारों और उनके मिशन को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उनके साथ जुड़ना चाहता है, उसका स्वागत किया जाएगा। उनके अनुसार, महापुरुषों के अधूरे कामों को पूरा करने के लिए मिलकर प्रयास किया जा सकता है।

    चंद्रशेखर आजाद का यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम हुआ है। बसपा प्रमुख मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाने के बाद एक बार फिर उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया है। मायावती ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब उनके परिवार का कोई सदस्य पार्टी में शामिल नहीं होगा।

    आकाश आनंद को लेकर चंद्रशेखर आजाद का रुख इससे अलग नजर आया है। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उनके साथ आने की संभावना को खुला रखा है। अपने बयान में उन्होंने आकाश आनंद को परिवार के छोटे सदस्य की तरह बताते हुए साथ मिलकर काम करने की इच्छा जाहिर की है।

    चंद्रशेखर आजाद ने अपने राजनीतिक उद्देश्य को डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों को आगे बढ़ाने से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य बाबा साहब के विचारों और उनके अधूरे काम को आगे ले जाना है। इसी उद्देश्य से उन्होंने उन लोगों के लिए भी पार्टी के दरवाजे खुले होने की बात कही, जो इस मिशन में उनके साथ जुड़ना चाहते हैं।

    उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित समाज से जुड़े नेताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। ऐसे में चंद्रशेखर आजाद का आकाश आनंद को लेकर दिया गया बयान राजनीतिक रूप से चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, आकाश आनंद की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी इस खबर में नहीं दी गई है।

    फिलहाल चंद्रशेखर आजाद ने आकाश आनंद को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि व्यक्तिगत मतभेदों के बावजूद वह उन्हें छोटा भाई मानते हैं और यदि दोनों साथ आते हैं तो बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों तथा उनके अधूरे मिशन को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया जा सकता है।

  • पर्सनल लॉ बोर्ड ने किरेन रीजीजू से की मुलाकात, वक्फ संपत्तियों के 'उम्मीद' पोर्टल की दिक्कतों को दूर करने की मांग

    पर्सनल लॉ बोर्ड ने किरेन रीजीजू से की मुलाकात, वक्फ संपत्तियों के 'उम्मीद' पोर्टल की दिक्कतों को दूर करने की मांग


    नई दिल्‍ली । ऑल इंडिया (All India)मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बृहस्पतिवार (Thursday)को केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू(Kiren Rijiju) से मुलाकात कर आग्रह किया कि वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण से संबंधित ‘उम्मीद’ पोर्टल से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने के साथ ही दस्तावेजों के अपलोड की समयसीमा एक साल के लिए और बढ़ाई जाए। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कुछ पदाधिकारियों के साथ ही सांसद असदुद्दीन ओवैसी, मोहम्मद जावेद और चंद्रशेखर भी रीजीजू से मिले।

    रीजीजू ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया कि आज मेरे कार्यालय में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत हुई। हमने उम्मीद पोर्टल में वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और विचारों का सुखद आदान-प्रदान किया।

    वहीं, बोर्ड ने एक बयान में कहा कि पंजीकृत वक्फ संपत्तियों को अपलोड करने के लिए निर्धारित छह महीने की समय सीमा बेहद कम थी। पोर्टल पर विवरण अपलोड करते समय कई तकनीकी समस्याओं और गड़बड़ियों का सामना करना पड़ा। इसलिए, सभी संपत्तियों को अपलोड करना बेहद कठिन और व्यावहारिक रूप से असंभव हो गया। नतीजतन, पंजाब वक्फ बोर्ड, मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड, गुजरात वक्फ बोर्ड और राजस्थान वक्फ बोर्ड ने समय बढ़ाने की मांग करते हुए न्यायाधिकरण से संपर्क किया और न्यायाधिकरण ने समयसीमा बढ़ा दी।

    उसका कहना है कि इससे स्पष्ट रूप से पता चलता है कि वक्फ बोर्ड भी छह महीने की समयसीमा का पालन करने में असमर्थ थे और उन्हें अधिक समय का अनुरोध करना पड़ा। उसने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि मुतवल्लियों के सामने आने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए अपलोड करने की समयसीमा एक वर्ष और बढ़ा दी जाए।

    कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने बताया कि हमने मंत्री के समक्ष उम्मीद पोर्टल से जुड़ी समस्याओं को रखा और उन्होंने आश्चासन दिया कि दिक्कतों को दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पोर्टल से संबंधित दिक्कतों को दूर किया जाना बहुत जरूरी है क्योंकि अब तक लाखों वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण नहीं हो सका है।