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  • नितिन नवीन की नई टीम का काउंटडाउन शुरू…. जल्द बदलेगा BJP का संगठनात्मक ढांचा

    नितिन नवीन की नई टीम का काउंटडाउन शुरू…. जल्द बदलेगा BJP का संगठनात्मक ढांचा


    नई दिल्ली।
    भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) (Bharatiya Janata Party – BJP) के संगठनात्मक ढांचे में जल्द ही बड़ा फेरबदल (Organizational Structure Major Change) देखने को मिल सकता है। पार्टी के शीर्ष निकाय यानी संसदीय बोर्ड सहित कई अहम संगठनात्मक टीमों में बदलाव की पूरी तैयारी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, 15 जून के बाद नए पदाधिकारियों की टीम की घोषणा की जा सकती है।

    पार्टी की यह परंपरा रही है कि नए अध्यक्ष के चुने जाने के बाद संगठन में बदलाव किए जाते हैं। इसी कड़ी में, जनवरी में नितिन नवीन (Nitin Navin) के बीजेपी अध्यक्ष का पदभार संभालने के बाद से ही नई टीम को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। बुधवार को एनडीए (NDA) की होने वाली एक बड़ी बैठक के बीच पार्टी के एक सूत्र ने बताया कि लगभग एक हफ्ते के भीतर नए पदाधिकारियों के नामों का ऐलान कर दिया जाएगा।


    युवा और अनुभव का दिखेगा संगम, इन वर्गों पर होगा फोकस

    45 वर्षीय नितिन नवीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। ऐसे में पार्टी आलाकमान संगठन को अधिक युवा और सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाला बनाने पर जोर दे रहा है। माना जा रहा है कि पदाधिकारियों की नई टीम में ‘युवा और अनुभव’ का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलेगा।

    आगामी राजनीतिक रणनीतियों को ध्यान में रखते हुए इस नई टीम में ओबीसी (OBC) और दलितों जैसे प्रमुख वर्गों पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है।


    राज्यों का दौरा कर फीडबैक ले रहे अध्यक्ष

    पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन इन दिनों लगातार कई राज्यों का सघन दौरा कर रहे हैं। इस दौरान वे राज्य की पार्टी इकाइयों से जमीनी फीडबैक जुटाने के साथ-साथ अपनी प्राथमिकताएं भी तय कर रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके इन दौरों से मिलने वाला फीडबैक संगठन में होने वाले समग्र बदलावों के लिए बीजेपी आलाकमान के फैसलों में अहम भूमिका निभाएगा।


    मोदी कैबिनेट में भी फेरबदल की सुगबुगाहट

    पार्टी संगठन में होने वाले इन बदलावों के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद में भी फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। गौरतलब है कि पीएम मोदी अपने तीसरे कार्यकाल के दो साल पूरे करने जा रहे हैं, जिसे देखते हुए कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही हैं। सरकार और संगठन में बदलाव की इन सुगबुगाहटों को हाल के कुछ फैसलों से भी बल मिला है।

    दो केंद्रीय मंत्रियों- पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को क्रमशः उत्तर प्रदेश और दिल्ली में पार्टी की राज्य इकाइयों का प्रमुख बनाकर भेजा गया है। वहीं, जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू जैसे नेताओं को पार्टी ने राज्यसभा के लिए दोबारा नामित नहीं किया है। इन हालिया घटनाक्रमों के बाद से राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि जल्द ही सरकार और संगठन, दोनों स्तरों पर बड़ी तब्दीलियां देखने को मिल सकती हैं।


    कई चौंकाने वाले नामों को मिल सकती है जगह

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई कोर टीम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित कैबिनेट विस्तार में कई चौंकाने वाले नाम सामने आ सकते हैं। 15 जून को ‘अधिकमास’ (मलमास) खत्म होने के बाद जून के अंत तक नए पदाधिकारियों की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है। भाजपा आलाकमान की रणनीति में दक्षिण भारत में पार्टी की स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे अहम राज्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 46 वर्षीय अध्यक्ष नितिन नवीन की टीम में अनुभवी नेताओं को उपाध्यक्ष और युवा चेहरों को अन्य पदों पर जगह मिल सकती है।


    रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन का क्या होगा?

    केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को राजस्थान से दोबारा राज्यसभा का टिकट नहीं दिया गया है। माना जा रहा है कि गृह मंत्री अमित शाह के करीबी बिट्टू को पंजाब चुनाव के मद्देनजर वहां कोई बड़ी संगठनात्मक जिम्मेदारी या चुनाव अभियान का अहम जिम्मा सौंपा जा सकता है। वहीं केरल से आने वाले मंत्री जॉर्ज कुरियन का भी राज्यसभा कार्यकाल खत्म हो रहा है और उन्हें भी दोबारा नॉमिनेट नहीं किया गया है। चर्चा है कि उन्हें किसी राज्य का राज्यपाल बनाकर भेजा जा सकता है।


    मोदी कैबिनेट में किन्हें मिल सकती है जगह?

    चूंकि पंकज चौधरी और हर्ष मल्होत्रा को राज्यों के संगठन में भेज दिया गया है, इसलिए मोदी कैबिनेट में पहले से ही जगह खाली हो रही है। 18 जून 2026 को होने वाले राज्यसभा चुनाव के बाद कैबिनेट में एक बड़े फेरबदल (करीब 12 मंत्रियों के विभाग या पद में बदलाव) की सुगबुगाहट है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को पार्टी ने राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। इस कदम से मजबूत कयास लगाए जा रहे हैं कि चुघ को जल्द ही केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री पद से नवाजा जा सकता है।

    राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया को भी राज्यसभा भेजा जा रहा है। संसद में उनका यह डेब्यू उन्हें केंद्र की राजनीति में कोई बड़ी जिम्मेदारी दिला सकता है। एनडीए के सहयोगी दलों जैसे जेडीयू (JDU), टीडीपी (TDP), एनसीपी (NCP) और आरएलएम (RLM) के नेताओं को इस कैबिनेट विस्तार में तवज्जो मिलने की उम्मीद है। जेडीयू और टीडीपी के खाते में कुछ ‘राज्यमंत्री’ पद जा सकते हैं।

    पंजाब से आप (AAP) के बागी सांसद: चर्चा यह भी है कि आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए पंजाब के एक राज्यसभा सांसद को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह दी जा सकती है। नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के चलते शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठ रही है। ऐसे में माना जा रहा है कि उनके विभाग में भी बदलाव किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा (यूपी से कुर्मी नेता) का राज्यसभा कार्यकाल नवंबर 2026 में खत्म हो रहा है, लेकिन 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्हें दोबारा टिकट मिलने और कैबिनेट में बरकरार रहने की पूरी उम्मीद है।

  • देशभर में बुद्ध पूर्णिमा की धूम… आज कई ग्रह बदलेंगे चाल… इन राशियों पर होगी धनवर्षा!

    देशभर में बुद्ध पूर्णिमा की धूम… आज कई ग्रह बदलेंगे चाल… इन राशियों पर होगी धनवर्षा!


    नई दिल्ली।
    देशभर में आज बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima 2026) मनाई जा रही है. द्रिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह (Vaishakh month) के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को हर वर्ष बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है. बुद्ध पूर्णिमा को ही वैशाख पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. कहते हैं कि इसी दिन गौतम बुद्ध (Gautam Buddha) का जन्म, उन्हें ज्ञान और महानिर्वाण की प्राप्ति हुई थी. इस दिन श्रीहरि और माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. इस बार की बुद्ध पूर्णिमा सिर्फ धार्मिक लिहाज से ही नहीं, बल्कि ज्योतिष नजरिए से भी बहुत ही खास मानी जी रही है. दरअसल, आज कई ग्रह अपनी चाल में परिवर्तन करेंगे और कुछ राजयोगों का भी निर्माण होगा।

    द्रिक पंचांग के अनुसार, बुद्धि के देवता बुध आज मेष राशि में अस्त हो रहे हैं. इसके अलावा, आज मेष राशि में सूर्य-बुध की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होने जा रहा है. आज सिद्धि योग का निर्माण भी हो रहा है. तो चलिए जानते हैं कि बुद्धि पूर्णिमा इन सभी शुभ योगों के बनने से किन राशियों को लाभ होगा।

    मेष राशि

    बुधादित्य राजयोग का असर मेष राशि के लोगों के लिए काफी फायदेमंद रहने वाला है. इस समय पुराने अटके काम धीरे-धीरे पूरे हो सकते हैं. पैसों से जुड़ी परेशानियों में कमी आएगी. कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं. करियर में भी नई संभावनाएं बनेंगी, जिससे तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं.


    वृषभ राशि

    इस राजयोग के चलते वृषभ राशि वालों के जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ सकती हैं. आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं. धन लाभ के योग बन रहे हैं. अगर कहीं निवेश करने का विचार है, तो समय आपके पक्ष में रह सकता है. आगे चलकर अच्छा फायदा दे सकता है।


    मिथुन राशि

    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है. आत्मविश्वास बढ़ेगा. फैसले लेने में आसानी होगी. हालांकि इस दौरान खर्चों पर ध्यान देना जरूरी है, वरना बजट बिगड़ सकता है. सही योजना बनाकर चलेंगे तो अच्छे परिणाम मिल सकते हैं.

    मीन राशि
    मीन राशि वालों के लिए यह समय मिला-जुला रह सकता है. कोई भी बड़ा आर्थिक फैसला लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करना जरूरी होगा. जल्दबाजी में उठाया गया कदम नुकसान दे सकता है, लेकिन समझदारी से लिए गए निर्णय लाभ दिला सकते हैं. इस दौरान सोच में सकारात्मकता भी बढ़ेगी।

  • एशिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा तेल संकट का असर…. हो सकता है 1970 जैसा बदलाव!

    एशिया की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा तेल संकट का असर…. हो सकता है 1970 जैसा बदलाव!


    नई दिल्ली।
    पश्चिम एशिया संकट (West Asia crisis.) और तेल की कीमतों (Oil prices) में उछाल का असर अब धीरे-धीरे एशिया की अर्थव्यवस्थाओं (Economies of Asia.) और आम लोगों की जिंदगी पर दिखने लगा है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह बदलाव वैसा ही हो सकता है जैसा 1970 के दशक के तेल संकट के बाद यूरोप में देखने को मिला था, जब पूरी ऊर्जा व्यवस्था ही बदल गई थी।

    1970 का सबक: कैसे यूरोप ने तेल पर निर्भरता घटाई
    1973 और 1979 के तेल संकट के बाद शुरुआत में अनुमान था कि यूरोप पहले की तरह ही तेल पर निर्भर रहेगा। लेकिन हुआ इसका उल्टा। महंगे कच्चे तेल ने यूरोप को गैस और परमाणु ऊर्जा की ओर धकेल दिया। नतीजा यह हुआ कि 1980 के दशक तक तेल की खपत गिर गई और गैस का इस्तेमाल दोगुना हो गया।


    अब एशिया में दिख रहे वही संकेत

    आज एशिया भी उसी मोड़ पर खड़ा नजर आ रहा है। दुनिया का 80% से ज्यादा तेल-गैस स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर एशिया जाता है, लेकिन इस रूट पर तनाव और सप्लाई बाधित होने से कीमतें बढ़ रही हैं और देशों की निर्भरता संकट बनती जा रही है।

    जापान, दक्षिण कोरिया जैसे देश पहले से ही आयात पर निर्भर हैं, जबकि वियतनाम, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसे देश भी अब नेट इंपोर्टर बन चुके हैं। पाकिस्तान, बांग्लादेश और थाईलैंड में घरेलू गैस उत्पादन घट रहा है, जिससे महंगे आयात पर निर्भरता बढ़ रही है।


    आम लोगों पर सीधा असर

    ऊर्जा महंगी होने का असर सीधे आम आदमी पर दिख रहा है। जापान और दक्षिण कोरिया में खाने-पीने की चीजें महंगी हो रही हैं। कई देशों में हवाई यात्रा महंगी हो गई है, एयरलाइंस ने उड़ानें कम कर दी हैं।

    इस्लामाबाद में एक गैसोलीन स्टेशन पर ग्राहकों की कतार। पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल की कीमतें बढ़ा दीं। पाकिस्तान, श्रीलंका और फिलीपींस में फ्यूल बचाने के लिए चार दिन का वर्क वीक लागू किया गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में भी किसानों पर असर दिख रहा है, जहां फर्टिलाइजर महंगे हो रहे हैं और लागत बढ़ रही है।


    क्लीन एनर्जी की ओर तेज रुख

    इस संकट का सबसे बड़ा असर यह है कि अब क्लीन एनर्जी की ओर तेजी से रुख बढ़ रहा है। भारत में LPG की कमी के चलते लोग इंडक्शन चूल्हों की ओर जा रहे हैं। एशिया के कई देशों में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की मांग तेजी से बढ़ी है। थाईलैंड और सिंगापुर जैसे बाजारों में EV की हिस्सेदारी 50% तक पहुंच गई है। सोलर एनर्जी में भी बूम देखने को मिल रहा है। फिलीपींस, इंडोनेशिया और पाकिस्तान में सोलर इंस्टॉलेशन तेजी से बढ़ रहे हैं।

    OPEC से UAE का बाहर होना बना नया ट्रिगर: ओपेक से यूएई के बाहर होने का फैसला तेल बाजार में अस्थिरता को और बढ़ा सकता है। इससे कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ेगा और आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ेगा। क्या तेल की मांग घटने की शुरुआत हो चुकी है: एक्सपर्ट्स मानते हैं कि अगर यह संकट लंबा चलता है, तो एशिया में तेल की मांग पर बड़ा असर पड़ सकता है। जैसे यूरोप में 1970 के बाद तेल की मांग कभी पहले जैसी नहीं रही, वैसे ही एशिया में भी बड़ा बदलाव संभव है।

  • New इनकम टैक्स एक्ट.. बायबैक से लेकर HRA तक… 1st April से बदल जाएंगे ये 8 बड़े नियम

    New इनकम टैक्स एक्ट.. बायबैक से लेकर HRA तक… 1st April से बदल जाएंगे ये 8 बड़े नियम


    नई दिल्ली।
    केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Union Finance Ministry) ने 20 मार्च 2026 को इनकम टैक्स नियम-2026 (New Income-Tax Rules 2026) के ड्राफ्ट को ई-गजट में नोटिफाई (Notified in e-Gazette) और पब्लिश कर दिया है। 1 अप्रैल 2026 से यह इनकम टैक्स एक्ट लागू हो जाएगा। नया नियम 1961 के नियमावली की जगह लेगा। आइए जानते हैं कि 1 अप्रैल से क्या कुछ बदल रहा है?


    1-HRA में हो रहा है बड़ा बदलाव

    आयकर नियम वेतनभोगी करदाताओं पर लागू होने वाले एचआरए (HRA) छूट के लिए प्रस्तावित ढांचे को बरकरार रखते हैं। नए नियमों के तहत आठ शहर – मुंबई, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे, अहमदाबाद और बेंगलुरु – वेतन के 50 प्रतिशत की उच्च छूट सीमा के लिए पात्र होंगे। पहले इस दायरे में मात्र तीन ही शहर थे। अन्य सभी स्थान पर छूट की सीमा 40 प्रतिशत पर बनी रहेगी। बता दें, यह छूट ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत ही मिलेगी।


    2- बच्चों की शिक्षा से जुड़े खर्च

    बच्चों की शिक्षा पर मिलने वाले प्रति माह छूट को 100 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। वहीं, एक बच्चे पर हॉस्टल खर्च को भी 300 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। यह छूट भी ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत मिलेगी।


    3- कॉरपोरेट/कंपनी की गाड़ी

    ऑफिस कार्य या व्यक्तिगत कार्य के लिए कंपनी की तरफ से मिली 1.6 लीटर के इंजन वाली कार पर 8000 रुपये प्रति माह टैक्स लगेगा। वहीं, 1.6 लीटर इंजन से अधिक के वाहनों पर 10,000 महीने का टैक्स लगेगा। यह नियम नए और पुराने दोनों टैक्स कानून में है।


    4- मील कार्ड्स

    नए नियमों में मील कार्ड्स की लिमिट को भी 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है। अब 200 रुपये तक के कॉरपोरेट मील कार्ड्स कोई टैक्स नहीं लगेगा। हालांकि, यह छूट ओल्ड टैक्स रिजीम में ही है।


    5- कूपन और गिफ्ट कार्ड्स

    ओल्ड टैक्स रिजीम के तहत प्रत्येक वर्ष 15000 रुपये तक के कॉरपोरेट गिफ्ट्स कार्ड्स, गिफ्ट सर्टीफिकेट और कूपंस पर छूट मिलेगी।


    6- सेक्टर भत्ता

    किसी भी ट्रांसपोर्ट सिस्टम में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाले भत्ते की लिमिट को 10,000 रुपये या भत्ते का 70 प्रतिशत से बढ़ाकर 25000 रुपये या भत्ते का 70 प्रतिशत कर दिया गया है।


    7- सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स में इजाफा

    फ्यूचर्स पर एसटीटी को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, ऑप्शंस ट्रांजैक्शन पर 0.1 प्रतिशत बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत कर दिया गया है। यह टैक्स हर एक खरीद और बिक्री पर लागू होगा।


    8- बायबैक पर लगेगा टैक्स

    बायबैक के जरिए मिले हर एक राशि पर टैक्स 1 अप्रैल 2026 से लगेगा। अगले महीने की पहली तारीख से कॉरपोरेट प्रमोटर्स को ‘differential buyback tax’ के तहत 22 प्रतिशत और नॉन कॉरपोरेट प्रमोटर्स को 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा।

  • देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट

    देश में फिर बदला मौसम… उत्तर-पश्चिम के कई हिस्सों में हुई बारिश-बर्फबारी… आज इन क्षेत्रों में अलर्ट


    नई दिल्ली।
    उत्तर-पश्चिम भारत (North-West India) में मौसम (Weather) में अचानक बदलाव आया है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR.) समेत उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में जहां बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश (Rain) के साथ बर्फबारी (Snowfall) भी दर्ज की गई है। इससे बढ़ते तापमान में गिरावट आई है और मौसम सुहावना हो गया है। देश के पूर्वी, पूर्वोत्तर और दक्षिणी हिस्से में भी आंधी-तूफान के साथ बारिश हुई है। अगले दो दिन मौसम के ऐसे ही बने रहने के आसार हैं और मैदानी राज्यों में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है।

    दिल्ली-एनसीआर में सुबह से ही बादल छाए रहे और शाम होते-होते झमाझम बौछारें पड़ने लगीं। कई हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं और भारी बारिश दर्ज की गई। इससे बढ़ते तापमान और उमस भरे मौसम से काफी राहत मिली। दिल्ली समेत एनसीआर के शहरों नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 20 मार्च तक गरज और चमक के साथ हल्की बारिश होने और 50 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के बाद पारा 4-6 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।


    खराब मौसम से 22 उड़ानों का मार्ग बदला

    दिल्ली-एनसीआर में खराब मौसम का असर यातायात पर पड़ा। शाम के वक्त बारिश होने से कुछ इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया और लोगों को जाम का सामना करना पड़ा। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उड़ानें प्रभावित हुईं। बारिश के साथ तेज हवा चलने से कई 22 उड़ानों की लैंडिंग नहीं हो सकी और उन्हें दूसरे शहरों में भेजना पड़ा।

    अरुणाचल से तमिलनाडु तक भारी बारिश…अरुणाचल, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु में छिटपुट स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई। ओडिशा, छत्तीसगढ़ और मराठवाड़ा में ओलावृष्टि हुई। असम और मेघालय, झारखंड, ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, मराठवाड़ा और अरुणाचल में छिटपुट स्थानों पर 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ गरज के साथ बारिश हुई।विदर्भ, गुजरात, कोंकण, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में छिटपुट स्थानों पर 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं।


    हिमाचल-कश्मीर में चोटियों पर हिमपात

    हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंडाई वाले इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। हिमाचल में कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। हिमपात के चलते अटल टनल के लिए यातायात बंद कर दिया गया। जम्मू संभाग में हिमपात के चलते किश्तवाड़ से कश्मीर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण सिंथन टॉप मार्ग यातायात के लिए बंद कर दिया है। श्रीनगर सहित कई मैदानी इलाकों में बारिश हुई। गुलमर्ग समेत कश्मीर घाटी के अन्य ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी हुई। खराब मौसम के कारण मां वैष्णो देवी के लिए हेलिकॉप्टर सेवा दिनभर बंद रही। लेकिन बैटरी कार और रोपवे सेवाएं सामान्य रहीं।


    पंजाब-हरियाणा में भी बारिश

    पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे गिर गया। पंजाब के अमृतसर, पठानकोट, पटियाला, लुधियाना और हरियाणा के हिसार, नारनौल, भिवानी और चरखी दादरी में बारिश हुई। अमृतसर में अधिकतम तापमान 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से आठ डिग्री कम है। हरियाणा में अंबाला, हिसार, करनाल और नारनौल में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है।

    मौसम का पूर्वानुमान
    मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में 19 मार्च को, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 19 और 20 मार्च को, पश्चिमी राजस्थान में 20 मार्च को और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छिटपुट ओलावृष्टि की भी संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में 22 मार्च तक छिटपुट गरज के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड में 20 मार्च तक और पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 20 और 21 मार्च को छिटपुट बारिश होने और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

  • T20 वर्ल्ड कप फाइनल के लिए टीम इंड‍िया की प्लेइंग XI बदलेगी!अभ‍िषेक का क्या होगा?

    T20 वर्ल्ड कप फाइनल के लिए टीम इंड‍िया की प्लेइंग XI बदलेगी!अभ‍िषेक का क्या होगा?

    अहमदाबाद । अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टीम इंडिया रविवार (8 मार्च) को T20 वर्ल्ड कप 2026 के खिताब के लिए न्यूजीलैंड का सामना करेगी. भारत ने T20 वर्ल्ड कप मैचों में न्यूजीलैंड को कभी नहीं हराया है, दोनों टीमों के बीच हुए तीनों मैच न्यूजीलैंड ने जीते हैं. ऐसे में भारत के लिए सुपर संडे (8 मार्च) को होने वाला फाइनल मुकाबला किसी बड़ी जंग से कम नहीं होगा.

    वैसे ओवरऑल दोनों ही देशों के बीच कुल 30 टी20 मैच हुए हैं, जहां भारतीय टीम ने 16 मैच जीते हैं, 11 मैच न्यूजीलैंड के नाम रहे हैं. और 3 मैच टाई रहे, इन 3 टाई में दो भारतीय टीम बाद (सुपर ओवर) में जीती और एक DLS (डकवर्थ लुईस ) मैथड की वजह से टाई पर छूटा है.

    भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड की टीम को गुरुवार (5 मार्च) को इंग्लैड को 7 रनों से हराया. भारत ने 253/7 का भारी भरकम स्कोर खड़ा किया. जवाब में इंग्लैंड की टीम ने भी 246/7 का स्कोर खड़ा कर दिया

    . इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया, संजू सैमसन ने 42 गेंदों पर 89 रन बनाए. बाकी बल्लेबाजों ने भी जमकर हाथ खोले.
    हालांकि इस मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने न‍िराश किया. अर्शदीप सिंह ने 4 ओवर्स में 51 रन द‍िए और 1 विकेट लिया. वहीं वरुण चक्रवर्ती ने तो 4 ओवर्स में 64 रन द‍िए और उनको महज एक व‍िकेट लिया. उनके फॉर्म ने सबसे ज्यादा न‍िराश किया, इसके बाद सवाल उठ रहे हैं क्या भारतीय टीम की प्लेइंग 11 में बदलाव होगा? क्या पूरे टूर्नामेंट में बेंच पर बैठे कुलदीप यादव को मौका मिलेगा. वहीं अभ‍िषेक शर्मा का भी फॉर्म च‍िंताजनक है.

    वरुण की गेंदबाजी पर इरफान पठान, अक्षर पटेल ने क्या कहा?
    हालांकि, वरुण इस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं. उन्होंने 8 मैचों में 28 ओवर्स में 248 रन देकर 13 व‍िकेट लिए हैं. इसमें उनका एवरेज 19.07 है और उनका 8.85 का इकोनॉमी रेट रहा है.

    अक्षर ने कहा- हमने इस मुद्दे पर बात की है, खासकर चक्रवर्ती को हो रही परेशानी को लेकर. हमने कई नॉकआउट मैच खेले हैं, इसलिए मजबूत मानसिकता बहुत जरूरी होती है. हमें पता है कि उसके पास पूरी स्किल है. हम उसे यही समझाते हैं कि अगर आपके खिलाफ रन बन भी रहे हों, तब भी अपने प्लान से नहीं हटना चाहिए. उसका प्लान स्टंप्स पर गेंदबाजी करने का था, लेकिन बीच में उसने लाइन बदल ली.

    दबाव में ऐसी गलतियां हो जाती हैं. फिर भी हम उसे लगातार कहते हैं कि वह हमारी टीम का एक्स-फैक्टर है. उसे खुद पर भरोसा रखना चाहिए, क्योंकि गेंदबाजी में सबसे ज्यादा अहम चीज कॉन्फिडेंस ही होता है.

    वहीं इरफान पठान ने भी वरुण का सपोर्ट करते हुए अहम बात कही. पठान ने कहा- अब अगली चुनौती फाइनल में न्यूजीलैंड से है. टीम इंडिया को स्ट्रैटजी बहुत ध्यान से बनाने की आवश्यकता है. इसमें एक अहम फैक्टर वरुण चक्रवर्ती सही फ्रेम ऑफ माइंड में लाना भी होगा. उनका कॉन्फ‍िडेंस अभी काफी द‍िख रहा है.

    पठान ने आगे कहा- अगर मैं इंडियन कैम्प का हिस्सा होता तो मैं उन्हें दो दिनों के लिए पूरी तरह से स्विच ऑफ करा देता. मैं उन्हें ज्यादा लोगों से बात नहीं करने देता. न ही उन्हें ग्राउंड पर आने देता.

    उन्हें फ्रेश माइंड और पॉजिटिव एनर्जी के साथ सीधा फाइनल में लाता. मैं यही मानता हूं कि एक दिन के प्रैक्टिस में वैसे भी कुछ नहीं बदलने वाला नहीं है.

    न्यूजीलैंड के खिलाफ वरुण का रिकॉर्ड
    न्यूजीलैंड के खिलाफ वरुण के प्रदर्शन की बात करें, तो उनके आंकड़े ज्यादा खास नहीं रहे हैं. उन्होंने अब तक 4 टी20 मैचों में न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनका एवरेज 32.75 और इकोनॉमी रेट 8.18 रहा है.वहीं नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में उनका रिकॉर्ड बेहतर है. यहां खेले 3 मैचों में उन्होंने 8 विकेट लिए हैं. इस दौरान उनका एवरेज 14.25 और इकोनॉमी रेट 8.25 रहा है.
    क्या अभ‍िषेक शर्मा को मिलेगा मौका?
    टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के ओपनर और दुनिया के नंबर-1 टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन अब तक उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा है. अभिषेक का बल्ला मौजूदा टूर्नामेंट में लगभग खामोश ही रहा है. सेमीफाइनल में भी इंग्लैंड के खिलाफ वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे, जिससे उनकी टीम में होने पर सवाल उठ रहे हैं.

    वानखेड़े स्टेडियम में सेमीफाइनल में अभिषेक शर्मा सिर्फ 9 रन बनाकर ऑफ-स्पिनर विल जैक्स की गेंद पर फिल साल्ट के हाथों मिडविकेट पर लपके गए.

    जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्होंने 55 रन जरूर बनाए, लेकिन उनका फॉर्म फिर गड़बड़ा गया. इस टी20 वर्ल्ड कप में अभिषेक ने 7 पारियों में 12.71 की खराब एवरेज से 89 रन बनाए हैं.हालांकि हरभजन सिंह ने उनका सपोर्ट किया है, और कहा कि उनको बाहर नहीं बैठाना चाहिए.

    वहीं अभ‍िषेक का संजू सैमसन ने भी समर्थन किया. उन्होंने कहा, मेरे हिसाब से उसने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे हैं. अभी वह खराब दौर से निकलने की कोशिश कर रहा है और पूरी टीम उसके साथ खड़ी है. इस फॉर्मेट में बस दो-तीन अच्छे शॉट लगते ही मैच और खिलाड़ी दोनों बदल सकते हैं. हमें अब भी उस पर पूरा भरोसा है और मुझे लगता है कि फाइनल में उसका दिन हो सकता है.

    इस बीच भारतीय बल्लेबाजी क्रम में बदलाव को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं. कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने यह सुझाव दिया है कि मिडिल ऑर्डर को मजबूत करने के लिए रिंकू सिंह को टीम में शामिल किया जाए, जबकि ईशान किशन को संजू सैमसन के साथ ओपनिंग के लिए भेजना सही रहेगा. वैसे अब सबकी नजर अहमदाबाद में होने वाले फाइनल पर है. अगर अभिषेक शर्मा उस मैच में बड़ी पारी खेलने में सफल होते हैं, तो सारी बातें पुरानी हो जाएंगी.

    अहमदाबाद में भारत और न्यूजीलैंड की प्लेइंग 11 कैसी रहेगी
    वैसे देखा जाए तो भारतीय टीम और न्यूजीलैंड की अहमदाबाद में वही टीम खेलेगी, जो दोनों ने सेमीफाइनल में खिलाई थी. दोनों ही टीमों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा.

    हालांकि, कुलदीप यादव अहमदाबाद की प‍िच पर पर कारगर साब‍ित हो सकते हैं. उन्होंने कुल 54 टी20 में 95 विकेट लिए है . वो यहां एक मुकाबला न्यूजीलैंड के ख‍िलाफ खेले थे, ज‍िसे भारतीय टीम ने 166 रनों से जीता था, लेकिन कुलदीप ने महज एक ओवर करवाया था और उन्होंने 12 रन द‍िए थे.

    न्यूजीलैंड की टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के लिए संभाव‍ित प्लेइंग 11: टिम सीफर्ट, फिन एलन, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिचेल, जेम्स नीशम, मिचेल सेंटनर, कोल मैककॉन्ची, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन

    भारत की टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के लिए संभाव‍ित प्लेइंग 11: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती/कुलदीप यादव

  • मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी

    मौसम का नया सिस्टम एक्टिव, उत्तर भारत में बारिश की होगी एंट्री, कुछ राज्यों में लौटेगी सर्दी


    नई दिल्ली। उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अगले तीन दिनों तक बारिश होने के संकेत मिले हैं। इस बदलाव से जहां कुछ इलाकों में ठंड से राहत मिली है, वहीं कई जगह ठिठुरन फिर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली और राजस्थान में आने वाले तीन दिन मौसम अस्थिर रहेंगे। पंजाब और हरियाणा में फिलहाल तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं के कारण ठंड का असर तेज हो गया है। शनिवार को यूपी के कई हिस्सों में कोहरा छाने की संभावना है और 1 से 3 फरवरी के बीच बारिश होने से सर्दी और तीखी हो सकती है।

    कश्मीर घाटी में सर्दी का सबसे कठिन दौर ‘चिल्ला-ए-कलां’ अब समाप्त हो चुका है। इसके बाद घाटी के अधिकतर इलाकों में रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक श्रीनगर में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री सेल्सियस, कोनिबल में 1.0 डिग्री, पुलवामा में 0.1 डिग्री और कुलगाम में 1.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कई स्थानों पर तापमान जमाव बिंदु से ऊपर पहुंचने के कारण कड़ाके की ठंड से कुछ राहत महसूस की जा रही है।

    पंजाब के अधिकांश इलाकों में शुक्रवार को रात का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया गया, जबकि हरियाणा में यह औसत के करीब बना रहा। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं, लेकिन 1 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ के असर से दोनों राज्यों के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है, जिससे हल्की ठंड लौट सकती है।

    राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार को मौसम थोड़ा नरम रहा। यहां अधिकतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस समय के औसत से 0.5 डिग्री अधिक है। हालांकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और अगले तीन दिनों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

    राजस्थान में भी मौसम एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग जयपुर के अनुसार शनिवार से अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि 1 और 2 फरवरी को उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के यही जिले बारिश से प्रभावित रहेंगे, जबकि जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।

  • सेबी का बड़ा फैसला… एक अफ्रैल से बदल जाएंगे म्यूचुअल फंड से जुड़े ये नियम

    सेबी का बड़ा फैसला… एक अफ्रैल से बदल जाएंगे म्यूचुअल फंड से जुड़े ये नियम


    नई दिल्ली।
    भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) (Securities and Exchange Board of India + SEBI) ने म्यूचुअल फंड (Mutual Fund ) से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। इसका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना, निवेशकों के हितों की सुरक्षा करना और फंड हाउसों में बेहतर गवर्नेंस सुनिश्चित करना है। ये नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे।


    क्या हैं नए नियम?

    नए नियमों के तहत म्यूचुअल फंड योजनाओं के खर्च ढांचे में अहम बदलाव किए गए हैं। म्यूचुअल फंड योजनाएं अब अपने प्रदर्शन से जुड़ा बेस एक्सपेंस रेशियो वसूल सकेंगी। सेबी ने स्पष्ट किया है कि जो योजनाएं प्रदर्शन आधारित बेस एक्सपेंस रेशियो लेने का विकल्प चुनेंगी, उन्हें बोर्ड द्वारा समय-समय पर तय किए गए खर्च ढांचे और डिस्क्लोजर नियमों का पालन करना होगा। इसके अलावा कुल खर्च को अलग-अलग हिस्सों में दिखाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा ब्रोकरेज सीमा में भी सेबी ने कटौती की है। कैश मार्केट में ब्रोकरेज की अधिकतम सीमा को घटाकर 6 बेसिस पॉइंट कर दिया गया है। वहीं डेरिवेटिव सेगमेंट में नेट ब्रोकरेज कैप को 3.89 बेसिस प्वाइंट से घटाकर 2 बेसिस प्वाइंट कर दिया गया है।

    इसके अलावा पहले ब्रोकरेज, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT), स्टांप ड्यूटी और एक्सचेंज फीस जैसे खर्च टोटल एक्सपेंस रेशियो (TER) में शामिल रहते थे। वहीं अब इन्हें अलग-अलग दिखाना होगा। नया बेस एक्सपेंस रेशियो केवल एसेट मैनेजमेंट कंपनी द्वारा निवेशकों का पैसा मैनेज करने के लिए ली जाने वाली फीस को दिखाएगा। इसके अलावा, सेबी ने ट्रस्टी और प्रमुख प्रबंधकीय कर्मियों (KMPs) की जिम्मेदारियों को भी बढ़ाया है। इससे एसेट मैनेजमेंट कंपनियों पर निगरानी और जवाबदेही और सख्त होगी, जिससे गवर्नेंस मानकों को मजबूती मिलेगी।


    शेयर बाजार में बदलाव के भी प्रस्ताव

    हाल ही में सेबी ने शेयर बाजारों में कारोबार से संबंधित ढांचे में बड़े बदलाव का प्रस्ताव किया। इसका मकसद नियमों को सरल बनाना, दोहराव को हटाना और बाजार सहभागियों के लिए अनुपालन के बोझ को कम करना है। ये प्रस्ताव शेयर बाजारों और जिंस वायदा-विकल्प बाजारों में कारोबारी सुगमता बढ़ाने की सेबी की व्यापक पहल का हिस्सा हैं।