Tag: changed rules

  • UP: पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त हुई ज्यादा आसान और पारदर्शी… सरकार ने बदले नियम

    UP: पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त हुई ज्यादा आसान और पारदर्शी… सरकार ने बदले नियम


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अब पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त पहले से कहीं ज्यादा आसान और पारदर्शी (More Simple and Transparent) होने जा रही है. केंद्र सरकार द्वारा मोटर वाहन नियमों में बदलाव के बाद अब यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट की जा रही है. इसका मकसद है लोगों को तेज, सुरक्षित और बिना झंझट के वाहन खरीदने-बेचने की सुविधा देना।


    क्या है नई ADRV व्यवस्था?

    सरकार ने अधिकृत पंजीकृत वाहन डीलर यानी ADRV system को कानूनी मान्यता दी है. इस सिस्टम के लागू होने के बाद पुराने वाहनों की बिक्री से जुड़ी लगभग सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी होंगी. अब वाहन ट्रांसफर, दस्तावेजों की जांच और रजिस्ट्रेशन जैसे काम डिजिटल तरीके से होंगे. इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित और पारदर्शी भी बनेगी।


    डीलरों के लिए ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट जरूरी

    नई व्यवस्था के तहत अब जो भी डीलर पुरानी गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करेंगे, उन्हें रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी से ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा. यह सर्टिफिकेट ऑनलाइन आवेदन के जरिए ही जारी किया जाएगा. इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल वैध और अधिकृत डीलर ही इस बाजार में काम करें, जिससे ग्राहकों को ठगी का सामना न करना पड़े।


    पांच साल तक मान्य रहेगा सर्टिफिकेट

    डीलरों को मिलने वाला यह ऑथराइजेशन सर्टिफिकेट पांच साल तक वैलिड रहेगा. इससे उनकी जिम्मेदारी तय होगी और किसी भी तरह के फर्जी लेनदेन पर रोक लगेगी. अगर कोई डीलर नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई करना भी आसान हो जाएगा.


    वाहन मालिकों को मिलेगा सीधा फायदा

    इस नई डिजिटल व्यवस्था से वाहन मालिकों को बड़ा फायदा होगा. अब वे अपने वाहन से जुड़े जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आसानी से प्राप्त कर सकेंगे. उन्हें बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और घर बैठे ही पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी.


    पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम

    सरकार का यह कदम पुराने वाहन बाजार को संगठित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है. ऑनलाइन प्रक्रिया से हर लेनदेन का रिकॉर्ड रहेगा, जिससे विवाद और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी. कुल मिलाकर, यह नई व्यवस्था यूपी में वाहन खरीद-फरोख्त को आसान, तेज और सुरक्षित बनाएगी।

  • इतने घंटे पहले ट्रेन के कंफर्म टिकट को रद्द कराने पर नहीं मिलेगा रिफंड… रेलवे ने बदला नियम

    इतने घंटे पहले ट्रेन के कंफर्म टिकट को रद्द कराने पर नहीं मिलेगा रिफंड… रेलवे ने बदला नियम


    नई दिल्ली।
    भारतीय रेलवे (Indian Railways) ने अपने नियमों में बड़े बदलाव (Big changes) किए हैं। इसके मुताबिक अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस (Vande Bharat Sleeper Express) और अमृत भारत (Amrit Bharat) 2 ट्रेनों के यात्री अगर निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से पहले, अपने कंफर्म टिकट (Confirmed Ticket) रद्द करते हैं तो उन्हें एक भी पैसा वापस नहीं मिलेगा। रेल मंत्रालय द्वारा 16 जनवरी को जारी एक अधिसूचना के अनुसार, इन ट्रेनों के टिकट रद्द करने का शुल्क किराये का 25 प्रतिशत होगा, बशर्ते कि ‘कंफर्म’ टिकट 72 घंटे से पहले रद्द किए जाएं।

    मंत्रालय ने रेल यात्री (टिकट रद्द करना और किराया वापसी) नियम, 2015 में संशोधन किया है और वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के साथ-साथ अमृत भारत 2 ट्रेनों के लिए सख्त नियमों को अधिसूचित किया है। अधिसूचना के अनुसार, ‘‘अगर ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से आठ घंटे से कम समय पहले टिकट रद्द किया जाता है, तो कोई रकम वापस नहीं दी जाएगी।’’ वहीं अन्य ट्रेनों के मामले में, अगर कंफर्म टिकट निर्धारित प्रस्थान समय से चार घंटे से कम समय पहले रद्द किए जाते हैं, तो रिफंड के पात्र नहीं होंगे।

    अधिसूचना के मुताबिक, ‘‘अगर ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे से पहले टिकट रद्द किया जाता है, तो रद्द करने का शुल्क किराए का 25 प्रतिशत होगा। वहीं अगर ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे से लेकर आठ घंटे पहले तक टिकट रद्द किया जाता है तो इसका शुल्क किराये का 50 प्रतिशत होगा।’’ अन्य ट्रेनों के लिए, अगर कंफर्म टिकट को निर्धारित प्रस्थान समय से 48 घंटे से 12 घंटे पहले रद्द किया जाता है तो किराये का 25 प्रतिशत नहीं लौटाया जाता है, जबकि ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 12 घंटे से 4 घंटे पहले टिकट रद्द किया जाता है तो 50 प्रतिशत शुल्क लागू होता है।

    संशोधित नियमों के बारे में बताते हुए रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘इसका मतलब यह है कि टिकट कंफर्म होने के बाद, इसे रद्द करने का न्यूनतम शुल्क टिकट की कीमत का 25 प्रतिशत है और यह अवधि के आधार पर 100 प्रतिशत तक जा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत 2 में, अन्य ट्रेनों के विपरीत, प्रत्येक यात्री को एक निश्चित बर्थ की गारंटी दी जाती है। अन्य ट्रेनों में, अगर छह सदस्यों के एक परिवार को केवल तीन निश्चित बर्थ (सीट) मिलती हैं, तो शेष तीन सदस्यों को प्रतीक्षा करनी पड़ती है और उन्हें अन्य परिवार के सदस्यों के साथ बर्थ साझा करनी पड़ती है। वंदे भारत स्लीपर और अमृत भारत 2 में, ऐसे परिवार को या तो छह निश्चित बर्थ मिलेंगी या एक भी नहीं।’’

    अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 2026 में शुरू होने वाली अमृत भारत ट्रेन का नाम अमृत भारत 2 रखा गया है और ये आरक्षण और रद्द करने के नियम उन पर भी लागू होंगे। इससे पहले रेलवे द्वारा 15 जनवरी 2025 को जारी एक परिपत्र में कहा गया था कि जनवरी 2026 या उसके बाद शुरू की जाने वाली अमृत भारत ट्रेन को अमृत भारत 2 के नाम से जाना जाएगा।