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  • अक्टूबर से 122 दिन शनि बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्‍मत

    अक्टूबर से 122 दिन शनि बदलेंगे नक्षत्र, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्‍मत


    नई दिल्ली। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 को रात 7 बजकर 28 मिनट पर शनि नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। शनि के उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश के बाद करीब 122 दिनों तक इसका प्रभाव रहने की मान्यता है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान वृषभ, मिथुन, कन्या, मकर और तुला राशि के जातकों के करियर और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव के योग बन सकते हैं।

    ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन और मेहनत से जुड़ा ग्रह माना जाता है। शनि की चाल में होने वाले बदलाव का प्रभाव लंबे समय तक रहने की मान्यता है। इस बार शनि का नक्षत्र परिवर्तन इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि उत्तर भाद्रपद को शनि का अपना नक्षत्र माना जाता है।

    9 अक्टूबर को क्या बदलेगा?
    फिलहाल शनि रेवती नक्षत्र के प्रथम पद में गोचर कर रहे हैं। 9 अक्टूबर को रात 7 बजकर 28 मिनट पर वे उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। उपलब्ध ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह परिवर्तन करीब 122 दिनों की अवधि से जुड़ा है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक इस दौरान शनि का प्रभाव कामकाज, आर्थिक स्थिति और जिम्मेदारियों से जुड़े मामलों में अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है।

    शनि को मेहनत और कर्म के आधार पर परिणाम देने वाला ग्रह माना जाता है। इसलिए इस अवधि में जल्दबाजी के बजाय नियमित मेहनत और अनुशासन पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

    वृषभ: नौकरी और आमदनी में बदलाव की संभावना
    वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह नक्षत्र परिवर्तन नौकरी और आर्थिक मामलों में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ आमदनी में सुधार की संभावना भी बताई गई है।

    जो लोग लंबे समय से किसी नए अवसर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अपने प्रयास जारी रखने चाहिए। नौकरीपेशा लोगों के लिए काम में बदलाव या नई भूमिका सामने आने की ज्योतिषीय मान्यता है।

    मिथुन: आय के नए रास्ते बन सकते हैं
    मिथुन राशि वालों के लिए 9 अक्टूबर के बाद का समय आर्थिक मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आय के नए साधन बनने या पहले से चल रहे काम से लाभ मिलने की संभावना बताई गई है।

    नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल रहने की मान्यता है। हालांकि आर्थिक फैसले लेते समय बजट और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखना जरूरी रहेगा।

    कन्या: प्रमोशन या नई जिम्मेदारी के योग
    कन्या राशि के जातकों के करियर में बदलाव देखने को मिल सकता है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बताई गई है। कुछ लोगों को बेहतर नौकरी का प्रस्ताव भी मिल सकता है।

    कारोबार करने वालों के लिए भी नए अवसर सामने आने की ज्योतिषीय मान्यता है। इस दौरान किसी पुराने प्रोजेक्ट या लंबे समय से रुके हुए काम से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है।

    मकर: प्रॉपर्टी और आर्थिक लाभ के अवसर
    मकर राशि के स्वामी शनि ही हैं। इसलिए शनि के अपने नक्षत्र में प्रवेश को इस राशि के लिए विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है।

    आर्थिक स्थिति में अचानक लाभ के अवसर भी बन सकते हैं। हालांकि किसी बड़े निवेश या संपत्ति से जुड़े फैसले लेने से पहले पूरी जानकारी हासिल करना जरूरी होगा।

    तुला: अटके काम आगे बढ़ने की मान्यता
    तुला राशि के जातकों के लिए शनि का यह बदलाव लंबे समय से रुके कामों को गति देने वाला माना जा रहा है। अटके हुए काम दोबारा शुरू हो सकते हैं।

    कमाई और खर्च के बीच संतुलन बनाने में भी मदद मिलने की संभावना बताई गई है। हालांकि बेवजह के खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा, ताकि आर्थिक लाभ का सही इस्तेमाल किया जा सके।

    किन क्षेत्रों पर पड़ सकता है असर?
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि के नक्षत्र परिवर्तन का असर मुख्य रूप से करियर, आय, कारोबार, जिम्मेदारियों और संपत्ति से जुड़े मामलों पर पड़ सकता है। किसी व्यक्ति को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि किसी के लंबे समय से रुके काम आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है।

    हालांकि शनि के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव व्यक्ति की पूरी जन्मकुंडली, दशा और अन्य ग्रहों की स्थिति पर भी निर्भर माना जाता है। इसलिए केवल राशि के आधार पर किसी व्यक्ति के भविष्य के बारे में निश्चित निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

    इस दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
    ज्योतिष में शनि को अनुशासन और कर्म से जोड़ा जाता है। इसलिए इस अवधि में काम को टालने के बजाय समय पर पूरा करने, जिम्मेदारियों को गंभीरता से निभाने और आर्थिक मामलों में अनावश्यक जोखिम से बचने की सलाह दी जाती है।

  • US : FBI चीफ ने भर्ती नीति में बदलाव का किया बचाव…. बोले- पीड़ितो को भी मिलेगा मौका

    US : FBI चीफ ने भर्ती नीति में बदलाव का किया बचाव…. बोले- पीड़ितो को भी मिलेगा मौका


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) के FBI चीफ काश पटेल (FBI Chief Kash Patel) ने भर्ती नीति में बदलाव (Recruitment Policy Changes) का बचाव किया है. उन्होंने मंगलवार को सीनेट की सुनवाई में इस मुद्दे पर सफाई दी. पटेल ने कहा कि FBI के मानक कमजोर नहीं किए गए हैं. बदलाव का मकसद पीड़ितों को मौका देना है।

    दरअसल, FBI ने हाल में भर्ती नियमों में बदलाव किया है. इसके तहत कुछ आवेदकों को प्रॉस्टिट्यूशन के पुराने मामलों के बावजूद नौकरी के लिए विचार किया जा सकता है. बचपन में बेस्टियलिटी का शिकार रहे लोगों को भी मौका दिया जा सकता है।


    ‘पीड़ितों को सजा नहीं देना चाहते’

    सुनवाई के दौरान FBI की भर्ती नीति को लेकर सवाल हुए. रिपब्लिकन सीनेटर जॉन कैनेडी ने बेस्टियलिटी से जुड़े नियम पर सवाल उठाया. उन्होंने पूछा कि इस नियम को बदलने की जरूरत क्यों पड़ी? कैनेडी ने कहा कि इस नियम की सिफारिश करने वाले व्यक्ति से पूछा जाना चाहिए कि वह आखिर ऐसा सुझाव कहां से लेकर आया है।

    इसका जवाब देते हुए पटेल ने कहा कि शुरुआत में उनका भी यही रिएक्शन था. लेकिन बाद में अधिकारियों ने उन्हें कुछ मामले दिखाए. इनमें कुछ लोग ऐसी घटनाओं के लिए मजबूर किए गए थे. इसके बाद पटेल को लगा कि ऐसे लोगों को नौकरी के लिए विचार करने का मौका मिलना चाहिए।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 10 साल में वेश्यावृत्ति में शामिल रहे कुछ लोगों को FBI में नौकरी नहीं मिल सकेगी। गौरतलब है, सीनेट की सुनवाई के दौरान माहौल काफी गर्म रहा. डेमोक्रेट सांसदों ने पटेल से कई सवाल किए. उन्होंने ट्रंप से जुड़े मामलों की जांच करने वाले FBI अधिकारियों की बर्खास्तगी का भी मुद्दा उठाया. सीनेटर कोरी बुकर ने पटेल पर तीखा हमला किया. उन्होंने पटेल को FBI के लिए अयोग्य तक बताया. पटेल ने भी पलटकर जवाब दिया. दोनों के बीच तीखी बहस हुई।


    चुनाव के दिन FBI की भूमिका पर भी सवाल

    नवंबर में अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने हैं. ऐसे में FBI की भूमिका पर भी सवाल उठे. चुनाव को लेकर भी पटेल से सवाल किया गया. डेमोक्रेट सीनेटर पीटर वेल्च ने पूछा कि क्या वह नवंबर में होने वाले चुनाव में लोगों के वोट के अधिकार में किसी तरह का दखल नहीं देंगे। इसका जवाब देते हुए FBI चीफ काश पटेल ने कहा कि वह किसी भी तरह के हस्तक्षेप में शामिल नहीं होंगे. हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि क्या चुनाव के दिन FBI एजेंटों को मतदान केंद्रों पर भेजा जा सकता है, तो उन्होंने इससे साफ इनकार नहीं किया।

    पटेल ने कहा कि चुनाव की निगरानी की जिम्मेदारी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग की है. FBI के 56 फील्ड ऑफिस में चुनाव से जुड़े अपराधों के लिए अधिकारी मौजूद रहेंगे. जरूरत पड़ने पर एजेंसी कार्रवाई कर सकती है।


    ट्रंप से जुड़े मामलों पर भी घिरे FBI चीफ

    डेमोक्रेट सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने FBI अधिकारियों की बर्खास्तगी पर सवाल किया. उन्होंने ईरान मामलों के विशेषज्ञ रहे अधिकारियों को हटाए जाने का मुद्दा उठाया. ब्लूमेंथल ने पूछा कि क्या ट्रंप के राजनीतिक विरोधियों को हटाना ज्यादा जरूरी था. या ईरान से जुड़े खतरों पर नजर रखने वाले अनुभवी अधिकारियों को बनाए रखना?

    पटेल ने जवाब दिया कि उनके लिए सबसे जरूरी FBI को राजनीतिक हथियार बनने से रोकना है. उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों को एजेंसी में नहीं रखना चाहते जो FBI का गलत इस्तेमाल कर रहे हों. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि ट्रंप से जुड़े मामले की जांच में शामिल होना किस तरह FBI को ‘राजनीतिक हथियार’ बनाता है.

  • NSE और BSE के प्री-ओपन नियमों में हुआ बदला…. जानें निवेशकों पर इसका क्या होगा असर?

    NSE और BSE के प्री-ओपन नियमों में हुआ बदला…. जानें निवेशकों पर इसका क्या होगा असर?


    नई दिल्ली।
    अगर आप भारतीय शेयर बाजार (Indian stock market) में निवेश करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। भारत के दोनों प्रमुख शेयर बाजारों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange- NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (Bombay Stock Exchange-BSE) के प्री-ओपन नियम (Pre-open Rules changed) बदल रहे हैं। दोनों ने आज, 7 सितंबर 2026 से प्री-ओपन सेशन (सुबह 9 बजे से 9:15 बजे तक) के नियमों में बदलाव किया है।


    नए नियमों में क्या-क्या बदलाव हुआ है?

    9:00 से 9:05 बजे तक: इस दौरान मार्केट ऑर्डर जो बिना कीमत तय किए तुरंत खरीद-बिक्री के ऑर्डर होते हैं और लिमिट ऑर्डर यानी तय कीमत पर खरीद-बिक्री के ऑर्डर, दोनों डाले जा सकते हैं।
    9:05 से 9:10 बजे तक: इस दौरान सिर्फ लिमिट ऑर्डर ही डाले, बदले या रद्द किए जा सकते हैं। मार्केट ऑर्डर नहीं डाले जा सकते। पहले यह समय 9:07 बजे तक था, जिसे बढ़ाकर 9:10 बजे कर दिया गया है। कीमत तय करते समय अब मार्केट ऑर्डर को लिमिट ऑर्डर से पहले प्राथमिकता दी जाएगी।


    इसका निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा?

    जो निवेशक रात भर की खबरों या वैश्विक बाजारों के उतार-चढ़ाव के आधार पर ATM (एट-द-मार्केट) ऑर्डर देते हैं, उन्हें अपने मार्केट ऑर्डर सुबह 9:05 बजे से पहले ही डालने होंगे। बाजार में हेराफेरी रुकेगी: इस बदलाव से बाजार में हेराफेरी रुकेगी। पहले कुछ बड़े निवेशक ऑर्डर विंडो के आखिरी समय में नकली बड़े मार्केट ऑर्डर डालकर कीमतें ऊपर-नीचे करते थे और फिर मैचिंग से पहले उन्हें रद्द कर देते थे। अब 9:05 बजे के बाद मार्केट ऑर्डर नहीं डाले जा सकते, इसलिए ऐसी गड़बड़ी नहीं हो पाएगी।

    मार्केट ऑर्डर को पूरा करने में मदद मिलेगी: अगर आपको अपना ऑर्डर पक्का करवाना है यानी खरीद-बिक्री तय होनी चाहिए, तो आपको मार्केट ऑर्डर पहले 5 मिनट (9:00-9:05) के अंदर डालना होगा। 9:05 से 9:10 बजे के बीच डाले गए लिमिट ऑर्डर बाजार में लिक्विडिटी प्रदान करेंगे, जिससे मार्केट ऑर्डर को पूरा करने में मदद मिलेगी।

    अचानक कीमत में उछाल नहीं आएगा: निवेशक 9:05-9:10 की विंडो में शुरुआती ऑर्डर फ्लो को देखकर अपनी रणनीति बना सकते हैं, क्योंकि इस दौरान मार्केट ऑर्डर न होने से अचानक कीमत में उछाल नहीं आएगा। यह नया स्ट्रक्चर पिछले महीने शुरू की गई क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की प्रक्रिया के समान है, जिससे कीमतों का सही पता लगाने में स्थिरता आएगी।

  • भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव, रयान टेन डोशेट और टी. दिलीप का कार्यकाल समाप्त

    भारतीय क्रिकेट टीम के सपोर्ट स्टाफ में बदलाव, रयान टेन डोशेट और टी. दिलीप का कार्यकाल समाप्त


    नई दिल्ली।
    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट और फील्डिंग कोच टी. दिलीप के अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। बोर्ड सचिव देवजीत सैकिया ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि दोनों कोचों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और जल्द ही उनके स्थान पर नए नियुक्तियों की घोषणा की जाएगी।

    सैकिया ने बताया कि टी. दिलीप का अनुबंध पिछले वर्ष समाप्त हो गया था, लेकिन उन्हें एक वर्ष का विस्तार दिया गया था। वहीं, रयान टेन डोशेट का अनुबंध 10 जून को समाप्त हो गया था। हालांकि, दोनों को भारत-इंग्लैंड सीमित ओवरों की श्रृंखला समाप्त होने तक टीम के साथ बनाए रखा गया, जो 19 जुलाई को खत्म हुई।

    उन्होंने कहा कि अनुबंध समाप्त होने के बाद उसे आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका था। उन्होंने उन अटकलों को भी खारिज किया, जिनमें इस्तीफे या अन्य कारणों की चर्चा की जा रही थी। सैकिया के अनुसार, यह पूरी तरह अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद लिया गया सामान्य प्रशासनिक निर्णय है।

    बीसीसीआई सचिव ने बताया कि बोर्ड नए सहायक और फील्डिंग कोच की नियुक्ति की प्रक्रिया में है तथा एक-दो दिन के भीतर नए नामों की घोषणा की जा सकती है।

    रयान टेन डोशेट ने 2024 टी20 विश्व कप जीत के बाद मुख्य कोच गौतम गंभीर के कार्यभार संभालने पर भारतीय टीम के सपोर्ट स्टाफ में शामिल हुए थे। बल्लेबाजी और फील्डिंग विभाग में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके कार्यकाल में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।

    हालांकि, इसी अवधि में भारतीय टेस्ट टीम का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा। टीम ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाई और घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड तथा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखलाओं में हार का सामना किया।

    फील्डिंग कोच टी. दिलीप वर्ष 2021 से भारतीय टीम के साथ जुड़े थे। उनके कार्यकाल में भारत ने 2024 टी20 विश्व कप, 2025 चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 विश्व कप जैसे बड़े खिताब जीते।

  • बुध का राशि परिवर्तन आज: इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान, वाणी से लेकर धन तक पड़ सकता है असर

    बुध का राशि परिवर्तन आज: इन 4 राशियों को रहना होगा सावधान, वाणी से लेकर धन तक पड़ सकता है असर


    नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है। आज बुध देव मिथुन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। इस राशि परिवर्तन का कई राशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, लेकिन ज्योतिषीय गणना के अनुसार चार राशियों के जातकों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इन राशियों के लोगों को धन, स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंध और कार्यक्षेत्र से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत होगी।

    वृषभ राशि
    बुध का गोचर वृषभ राशि के द्वितीय भाव, यानी धन और वाणी के स्थान में होगा। इस दौरान बोलचाल में कठोरता या स्पष्टवादिता बढ़ सकती है, जिससे परिवार या कार्यस्थल पर गलतफहमियां पैदा होने की आशंका रहेगी। आर्थिक मामलों में बिना विचार किए निवेश करने से बचें। साथ ही किसी को उधार देने से भी परहेज करें, क्योंकि धन फंसने की संभावना बन सकती है।

    वृश्चिक राशि
    वृश्चिक राशि के लिए बुध अष्टम भाव में गोचर करेंगे, जिसे गुप्त रोग, आयु और अचानक आने वाली परिस्थितियों का भाव माना जाता है। नौकरी और व्यवसाय में अप्रत्याशित रुकावटें आ सकती हैं। कार्यस्थल पर विरोधियों से सतर्क रहें और अनावश्यक विवादों से दूरी बनाए रखें। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें, खासकर पेट और त्वचा संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करने से बचें। आर्थिक जोखिम लेने से भी बचना बेहतर रहेगा।

    धनु राशि
    धनु राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर सप्तम भाव में होगा, जो वैवाहिक जीवन और साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। इस दौरान जीवनसाथी के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं, इसलिए बातचीत में संयम रखना जरूरी होगा। यदि साझेदारी में कारोबार करते हैं तो पारदर्शिता बनाए रखें। किसी भी नए समझौते या अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच अवश्य करें।

    मीन राशि
    मीन राशि के लिए बुध चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे, जो सुख-सुविधा, माता और संपत्ति से जुड़ा माना जाता है। इस दौरान घरेलू जीवन में कुछ परेशानियां महसूस हो सकती हैं। माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है, इसलिए उनकी देखभाल पर विशेष ध्यान दें। कार्यस्थल का बढ़ता दबाव मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। भूमि, भवन या वाहन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचें और कोई भी फैसला सोच-समझकर लें।

  • आज से इस कोड के बिना नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर…. बुकिंग के नियमों में हुए कई बदलाव

    आज से इस कोड के बिना नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर…. बुकिंग के नियमों में हुए कई बदलाव


    नई दिल्ली।
    एलपीजी सिलेंडर (LPG Cylinder) को लेकर लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आज 1 मई से नियमों में कई बदलाव (Many changes Rules) हो गए हैं। जिसकी वजह से अब एलपीजी सिलेंडर बिना डॉक्यूमेंट के लेना और कठिन हो जाएगा। बता दें, इस बीच कॉमर्शियल गैस सिलेंडर (Commercial gas cylinder) की कीमतों में आज भारी इजाफा किया गया है।

    1 मई से एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों में हुआ बदलाव? (LPG Booking rules changed)
    अभी तक आप अपना एलपीजी बुकिंग पासबुक के जरिए भी सिलेंडर पा जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। बिना ओटीपी के एक भी सिलेंडर नहीं मिल पाएगा। डिस्ट्रीब्यूटर्स DAC नंबर के बिना एलपीजी सिलेंडर नहीं दे पाएंगे। इस नियम को आज से और कड़ा कर दिया गया है।


    एलपीजी बुकिंग कितने दिन में? (LPG booking time)

    1 मई यानी आज से शहरी क्षेत्रों में 21 दिन की जगह 25 दिन पर एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग करवाई जा सकती है। वहीं, गांव में पहले से ही 45 दिन के अंतराल पर एलपीजी सिलेंडर बुक किया जा सकता है। सप्लाई को बेहतर बनाने और गलत उपयोग को रोकने के लिए सरकार ने यह नियम बनाए हैं।


    98% बुकिंग हो रही है ऑनलाइन

    मौजूदा समय में 98% सिलेंडर की बुकिंग ऑनलाइन ही हो रही है। जबकि 94 प्रतिशत डिलीवरी कोड्स के जरिए हो रहा है। इससे कालाबाजारी पर नकेल कसी गई है।


    eKYC हुई एलपीजी सिलेंडर के लिए जरूरी (LPG booking ekyc details)

    अगर आपने अपने एलपीजी पासबुक का eKYC नहीं करवाया है तो ऐसी स्थिति में सिलेंडर नहीं मिलेगा। अब आधार आधारित eKYC करवाना जरूरी हो गया है। बता दें, जिन ग्राहकों ने eKYC नहीं करवाई है उन्हें एलपीजी सिलेंडर बुक करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।


    1 मई को बढ़ गए कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट (LPG price today)

    आज दिल्ली में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 993 रुपये बढ़ गया है। जिसके बाद 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर का रेट 3071.50 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि, कंपनियों ने घरेलू सिलेंडर की कीमतों में आज कोई भी इजाफा नहीं किया है। आखिरी बार घरेलू एलपीजी सिलेंडर का रेट मार्च में बढ़ाया गया था। उसके बाद से ही दाम स्थिर है।

    युद्ध के बाद एलपीजी की शुरू हुई किल्लत (LPG latest News)
    भारत अपनी एलपीजी जरूरत के लिए पूरी तरह से खाड़ी देशों पर निर्भर था। लेकिन युद्ध ने आपूर्ति पर बुरा असर डाला है। जिसकी वजह से सप्लाई लगभग रुक गई है। सरकार ने घरेलू कंपनियों को एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए कहा है। इसके अलावा यूनाइटेड स्टेट से भी एलपीजी मंगवाया जा रहा है। हालांकि, भारत को इसके लिए और पैसे खर्च करने होंगे।

  • सऊदी अरब में शराब प्रतिबंध के नियमों में बदलाव, वाइन शॉप्स पर लगी लम्बी कतारें

    सऊदी अरब में शराब प्रतिबंध के नियमों में बदलाव, वाइन शॉप्स पर लगी लम्बी कतारें


    दुबई।
    सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने चुपचाप एक ऐसा फैसला लिया है, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है। दरअसल, दशकों से लागू सख्त शराब प्रतिबंध (Alcohol Ban) के बीच बड़ा बदलाव किया गया है। सऊदी सरकार (Saudi Government) ने अपने एकमात्र शराब बेचने वाले स्टोर तक अमीरों की पहुंच बढ़ा दी है। इस बदलाव के बाद गैर-मुस्लिम विदेशी नागरिक, जिनके पास प्रीमियम रेजिडेंसी परमिट है, अब इस स्टोर से शराब खरीद सकते हैं। इस फैसले की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन खबर फैल चुकी है और सऊदी राजधानी रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर में स्थित बिना किसी पहचान वाले स्टोर के बाहर कारों और लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं।


    शराब की दुकान कहां है?

    रिपोर्टों के अनुसार, यह शराब की दुकान रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर में स्थित है। यह दुकान बाहर से पूरी तरह सामान्य दिखती है और इस पर कोई नाम या पहचान नहीं है। बताया जाता है कि यह स्टोर जनवरी 2024 में खोला गया था, जहां पहले केवल गैर-मुस्लिम राजनयिकों को ही शराब खरीदने की अनुमति थी। लेकिन अब प्रीमियम रेजिडेंसी वाले गैर-मुस्लिम विदेशी नागरिक भी यहां से शराब खरीद सकते हैं।


    प्रीमियम रेजिडेंसी परमिट क्या है?

    प्रीमियम रेजिडेंसी परमिट सऊदी अरब की एक खास नीति का हिस्सा है, जिसके जरिए वह निवेशकों, उद्यमियों और विशेष कौशल वाले लोगों को आकर्षित करना चाहता है। इस परमिट के लिए मुख्य शर्त उच्च आय और बड़ा निवेश है। इसके तहत विदेशी लोग बिना किसी सऊदी स्पॉन्सर के संपत्ति खरीद सकते हैं, बिजनेस शुरू कर सकते हैं और अपना परिवार भी साथ रख सकते हैं।


    शराब की कीमतें कितनी हैं?

    एसोसिएटेड प्रेस और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, स्टोर से बाहर निकलने वाले ग्राहकों ने बताया कि कीमतें काफी ज्यादा हैं। राजनयिकों को उनकी खरीदारी पर टैक्स में छूट मिलती है, लेकिन प्रीमियम रेजिडेंसी धारकों को नहीं। ग्राहकों ने स्टोर को अच्छी तरह से स्टॉक किया हुआ बताया, हालांकि कुछ ने कहा कि बीयर और वाइन का चयन अभी सीमित है।


    पहले लोग शराब कहां से पीते थे?

    सऊदी अरब में शराब पर सख्त प्रतिबंध होने के कारण यहां रहने वाले लोग अक्सर पड़ोसी देश बहरीन जाते थे, जहां मुसलमानों और गैर-मुसलमानों दोनों के लिए शराब कानूनी है। सप्ताह के अंत और छुट्टियों में सऊदी अरब और खाड़ी देशों से बड़ी संख्या में लोग बहरीन जाते हैं, जिससे यह एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बन गया है। इसके अलावा, कुछ लोग तस्करी वाली शराब का भी सहारा लेते हैं, जो बेहद महंगी होती है।


    सऊदी अरब ऐसा क्यों कर रहा है?

    यह बदलाव सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और किंग सलमान के नेतृत्व में पिछले कुछ सालों से हो रहे बड़े सामाजिक और आर्थिक सुधारों का हिस्सा है। यहां सिनेमा हॉल खोले गए हैं, महिलाओं को ड्राइविंग की अनुमति दी गई है और बड़े म्यूजिक फेस्टिवल आयोजित किए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि ये फैसले पर्यटन बढ़ाने, विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने और तेल पर निर्भरता कम करने के लिए किए जा रहे हैं। यह बदलाव विजन 2030 के तहत देश को ज्यादा आधुनिक और वैश्विक बनाने की दिशा में एक कदम है।