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  • हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आया जगन्नाथ रथ, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल और जांच के आदेश

    हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आया जगन्नाथ रथ, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल और जांच के आदेश

    नई दिल्ली । झारखंड के खूंटी जिले में लापरवाही और व्यवस्थागत खामियों के चलते एक भीषण दुर्घटना में दो निर्दोष स्कूली छात्रों की जान चली गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। यह हृदयविदारक घटना तोरपा थाना क्षेत्र स्थित श्री हरि प्लस टू विद्यालय परिसर के समीप घटी। लंच ब्रेक के दौरान जब छात्र विद्यालय परिसर के आसपास मौजूद थे, तभी पास में खड़े भगवान जगन्नाथ के रथ को स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी दौरान लोहे के कलपुर्जों और लकड़ी से निर्मित यह भारी रथ ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की हाई-टेंशन विद्युत लाइन के सीधे संपर्क में आ गया। क्षण भर में ही पूरे रथ में अत्यधिक उच्च क्षमता का करंट दौड़ गया, जिसकी चपेट में आकर वहां मौजूद बच्चे बुरी तरह प्रभावित हो गए।

    घटना के घटित होते ही घटनास्थल पर अफ़रा-तफ़री और चीख-पुकार मच गई। विद्युत आघात के कारण अचेत हुए और झुलसे हुए सभी बच्चों को तत्काल स्थानीय प्रशासन एवं विद्यालय प्रबंधन की सहायता से खूंटी के सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के चिकित्सा प्रभारियों के अनुसार, जांच के दौरान दो छात्रों को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि छह घायलों का आपातकालीन चिकित्सा कक्ष में गहन उपचार जारी है। घायलों में से एक छात्र की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में पीड़ित परिवारों के रुदन से माहौल गमगीन हो गया। परिजनों का आरोप है कि स्कूली बच्चों से भारी-भरकम रथ ढकेलवाने का कार्य लिया जाना अत्यंत लापरवाही भरा कदम था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें जांच में जुट गई हैं। खूंटी के उपायुक्त ने इस दुर्घटना को अत्यंत पीड़ादायक करार देते हुए संपूर्ण घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि हाई-टेंशन लाइन के नीचे रथ संचालन और बच्चों की भागीदारी के बिंदुओं पर विस्तृत पड़ताल की जा रही है, तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राज्य के मुख्यमंत्री ने भी इस दुखद हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।