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  • मुंबई में 20 बिल्लियों की हत्या से सनसनी, क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद पुलिस ने शुरू की जांच, CCTV फुटेज खंगाली

    मुंबई में 20 बिल्लियों की हत्या से सनसनी, क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद पुलिस ने शुरू की जांच, CCTV फुटेज खंगाली

    मुंबई: के चेंबूर इलाके में करीब 20 बिल्लियों की हत्या और उनके क्षत-विक्षत शव मिलने के बाद हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुंबई पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि इस घटना के पीछे जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके।

    मामला चेंबूर के पंजरापोल इलाके का है। स्थानीय स्तर पर बिल्लियों की देखभाल करने वाली रूबीना पठान ने इन बिल्लियों के क्षत-विक्षत शव देखे। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पशुओं के साथ क्रूरता के इस मामले में PETA India ने भी दखल दिया और स्थानीय कैट केयरगिवर तथा RCF पुलिस स्टेशन के साथ मिलकर FIR दर्ज कराने में मदद की।

    CCTV फुटेज से खुलेगा राज

    पुलिस के मुताबिक, फिलहाल आरोपियों की पहचान नहीं हो पाई है। जांच टीम इलाके में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बिल्लियों को किसने और किस वजह से निशाना बनाया। इसके अलावा घटनास्थल और आसपास के इलाकों से भी जरूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

    इस घटना ने पशु प्रेमियों और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ा दी है। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बिल्लियों की हत्या और उनके शवों का क्षत-विक्षत हालत में मिलना सामान्य घटना नहीं माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या सभी घटनाएं एक ही व्यक्ति या समूह से जुड़ी हैं।

    PETA ने रखा 50 हजार रुपये का इनाम

    मामले में सुराग देने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए PETA India ने भी इनाम की घोषणा की है। संगठन ने ऐसी जानकारी देने वाले व्यक्ति को 50,000 रुपये तक का इनाम देने का ऐलान किया है, जिससे बिल्लियों की हत्या के लिए जिम्मेदार व्यक्ति या व्यक्तियों की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि में मदद मिल सके।

    मुंबई पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 325 और पशु क्रूरता रोकथाम कानून की धारा 11 के तहत केस दर्ज किया है। BNS की धारा 325 के तहत किसी जानवर को मारना, जहर देना या उसे गंभीर रूप से घायल करना अपराध है। दोषी साबित होने पर 5 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।