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  • दीपावली के बाद तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, 9 नवंबर को छुट्टी और कोयंबेडु मंडी भी रहेगी बंद

    दीपावली के बाद तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, 9 नवंबर को छुट्टी और कोयंबेडु मंडी भी रहेगी बंद

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु सरकार ने दीपावली के बाद राज्य के लोगों को राहत देते हुए 9 नवंबर को अतिरिक्त सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह छुट्टी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में लागू होगी। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य त्योहार मनाने के लिए अपने गृहनगर जाने वाले लोगों को वापस लौटने के लिए अतिरिक्त समय देना है। इसी दिन चेन्नई की प्रमुख कोयंबेडु सब्जी मंडी भी बंद रहेगी। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों, विद्यार्थियों और सब्जी कारोबार से जुड़े लोगों को अपनी योजनाएं पहले से तय करनी होंगी।

    इस वर्ष दीपावली 8 नवंबर को रविवार के दिन मनाई जाएगी। त्योहार के अगले दिन सोमवार, 9 नवंबर को सरकारी छुट्टी मिलने से लोगों को परिवार के साथ समय बिताने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। खासकर वे लोग जो नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से दूसरे शहरों में रहते हैं और दीपावली मनाने के लिए अपने पैतृक शहर या गांव जाते हैं, उन्हें वापसी की तैयारी के लिए एक दिन और मिल सकेगा।

    सरकार के आदेश के मुताबिक, 9 नवंबर का अवकाश पूरे तमिलनाडु में लागू रहेगा। इसके दायरे में सभी सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। इसका मतलब है कि इन संस्थानों में सोमवार को नियमित कामकाज और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं होंगी। छुट्टी का लाभ सरकारी कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को भी मिलेगा।

    हालांकि, अतिरिक्त अवकाश के कारण सरकारी कामकाज के निर्धारित दिनों में बदलाव किया गया है। 9 नवंबर की छुट्टी की भरपाई के लिए 28 नवंबर को कार्यदिवस घोषित किया गया है। यह तारीख शनिवार को पड़ रही है। इसलिए संबंधित सरकारी कार्यालयों और संस्थानों को इस संशोधित कार्यक्रम के अनुसार काम करना होगा। निर्धारित व्यवस्था के तहत 9 नवंबर को बंद रहने वाले संस्थानों में 28 नवंबर को सामान्य कामकाज किया जाएगा।

    इस फैसले से त्योहार के बाद एक साथ यात्रा करने वाले परिवारों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। रविवार को दीपावली मनाने के तुरंत बाद सोमवार को काम या पढ़ाई के लिए लौटने की बाध्यता नहीं रहेगी। लोग अपनी यात्रा को सुविधानुसार आगे बढ़ा सकेंगे। सरकार ने अवकाश के साथ उसकी भरपाई की तारीख भी तय कर दी है, जिससे संस्थानों के कामकाजी कार्यक्रम में संतुलन बनाए रखा जा सके।

    दूसरी ओर, चेन्नई स्थित कोयंबेडु सब्जी मंडी भी 9 नवंबर को एक दिन के लिए बंद रहेगी। यह फैसला बाजार से जुड़े व्यापारी संगठनों की बैठक में लिया गया है। एकीकृत बाजार संघ महासंघ के अध्यक्ष जीटी राजशेखरन की अध्यक्षता में हुई सलाहकार बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।

    बैठक में तय किया गया कि दीपावली तक बाजार की सभी सब्जी दुकानें सामान्य रूप से खुली रहेंगी। इससे त्योहार से पहले ग्राहकों को आवश्यक सब्जियां खरीदने और व्यापारियों को अपना कारोबार संचालित करने का अवसर मिलेगा। बाजार में खरीदारी करने वाले लोगों को 9 नवंबर की बंदी को ध्यान में रखते हुए अपनी जरूरत का सामान पहले ही खरीदना होगा।

    व्यापारी संघ के निर्णय के अनुसार, कोयंबेडु सब्जी मंडी मंगलवार, 10 नवंबर से दोबारा सामान्य रूप से खुल जाएगी। यह बंदी केवल दीपावली के अगले दिन के लिए निर्धारित की गई है। इस तरह 9 नवंबर को तमिलनाडु में सरकारी संस्थानों के साथ चेन्नई की प्रमुख सब्जी मंडी भी बंद रहेगी, जबकि अगले दिन से बाजार का कारोबार नियमित रूप से शुरू हो जाएगा।

  • तमिलनाडु दिवस पर सीएम विजय की अपील, तमिल भाषा और सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए दिया खास संदेश..

    तमिलनाडु दिवस पर सीएम विजय की अपील, तमिल भाषा और सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए दिया खास संदेश..

    नई दिल्ली ।चेन्नई। तमिलनाडु दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के नागरिकों से तमिल भाषा की रक्षा करने और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की अपील की। रविवार, 1 नवंबर को जारी अपने संदेश में उन्होंने तमिलनाडु की ऐतिहासिक पहचान, मातृभाषा के महत्व और राज्य के गठन के लिए हुए संघर्षों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिल भाषा और संस्कृति का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक गौरव को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने संदेश में उन लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने तमिल भाषा की रक्षा और तमिल भाषी क्षेत्रों को एक राज्य के अंतर्गत लाने के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि इन लोगों के प्रयास और बलिदान तमिल समाज की एकता तथा साझा पहचान के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे। उनके संघर्षों ने तमिलनाडु के गठन और उसकी विशिष्ट पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    उन्होंने तमिलनाडु दिवस को केवल राज्य स्थापना की वर्षगांठ तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे राज्य के इतिहास, भाषा और सांस्कृतिक विरासत को याद करने का अवसर भी माना। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह दिन उन ऐतिहासिक प्रयासों को सम्मान देने का मौका है, जिनके माध्यम से तमिल भाषी लोगों की पहचान को एकजुट स्वरूप मिला।

    विजय ने नागरिकों से तमिल थाई यानी मातृ तमिल भाषा के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाषा किसी भी समाज के इतिहास, संस्कृति और सामूहिक पहचान से गहराई से जुड़ी होती है। इसलिए तमिल भाषा की रक्षा करना अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के समान है। उन्होंने लोगों से भाषा से जुड़ी परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने उन शहीदों और संघर्षकर्ताओं के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने तमिल भाषी क्षेत्रों को एकजुट करने तथा मातृभाषा के सम्मान के लिए प्रयास किए। उन्होंने कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषाई और सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूक करता रहेगा। ऐसे ऐतिहासिक प्रयासों को याद रखना समाज में एकता और अपनत्व की भावना को मजबूत करने के लिए जरूरी है।

    तमिलनाडु दिवस का संबंध राज्यों के भाषाई आधार पर पुनर्गठन और राज्य के गठन की ऐतिहासिक प्रक्रिया से है। हर साल 1 नवंबर को यह दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्य के गठन में योगदान देने वाले लोगों और उन संघर्षों को याद किया जाता है, जिन्होंने तमिल भाषी क्षेत्रों को एक अलग पहचान दिलाने में भूमिका निभाई।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने शुभकामना संदेश में इस ऐतिहासिक अवसर को तमिलनाडु की विशिष्ट पहचान और गौरव से जोड़ते हुए नागरिकों से अपनी विरासत के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने भाषा, संस्कृति और इतिहास के संरक्षण को राज्य की पहचान बनाए रखने का महत्वपूर्ण आधार बताया। उनका संदेश तमिलनाडु दिवस के ऐतिहासिक महत्व के साथ मातृभाषा और सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देने पर केंद्रित रहा।

  • पीएम मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को दिया केंद्र की मदद का भरोसा, 13 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

    पीएम मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय को दिया केंद्र की मदद का भरोसा, 13 हजार करोड़ की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को तमिलनाडु के विकास के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र पूरी प्रतिबद्धता के साथ तमिलनाडु के साथ खड़ा है। उन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व में तमिलनाडु के विकास और देश को विकसित बनाने के साझा लक्ष्य पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों मिलकर विकसित तमिलनाडु के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार कर सकते हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक सहयोग देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि राज्य को केंद्र से जिस भी सहायता की जरूरत होगी, उसे उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उनके मुताबिक, तमिलनाडु के विकास को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य के लोगों को विकास परियोजनाओं से जुड़े इस अवसर पर बधाई भी दी।

    चेन्नई में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 13 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। प्रधानमंत्री ने इसे तमिलनाडु के लिए ऐतिहासिक दिन बताया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत कुछ ऐसी परियोजनाएं जनता को समर्पित की जा रही हैं, जिनका काम पूरा हो चुका है, जबकि कई नई परियोजनाओं की आधारशिला रखी जा रही है। इन योजनाओं का संबंध परिवहन, उद्योग, व्यापार और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों से है।

    मोदी ने कहा कि विकास परियोजनाओं में से कुछ लोगों की रोजमर्रा की यात्रा को आसान बनाएंगी। वहीं, दूसरी परियोजनाओं से उद्योग और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इन पहलों का संयुक्त उद्देश्य तमिलनाडु के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। प्रधानमंत्री ने राज्य के विकास में बुनियादी ढांचे की भूमिका को भी रेखांकित किया।

    अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ने चेन्नई मेट्रो के एक अन्य चरण को जनता को समर्पित करने का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उन्हें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में ब्रेन रिसर्च सेंटर जाने का अवसर मिला। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस क्षेत्र में होने वाला अनुसंधान सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई नए अवसर पैदा कर सकता है। इस तरह उनके कार्यक्रम में आधुनिक परिवहन व्यवस्था के साथ वैज्ञानिक अनुसंधान और स्वास्थ्य से जुड़े विषय भी शामिल रहे।

    प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास के बीच संबंध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि मंदिरों से लेकर मेट्रो तक राज्य के अनुभव आज के भारत की भावना को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, भारत अपनी सांस्कृतिक शक्ति से प्रेरणा लेते हुए विज्ञान में प्रगति कर रहा है और आधुनिक बुनियादी ढांचे के माध्यम से नए अवसर तैयार कर रहा है। उन्होंने विरासत और भविष्य की आकांक्षाओं को साथ लेकर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    प्रधानमंत्री का यह संबोधन तमिलनाडु में विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के अवसर पर हुआ। उन्होंने राज्य के विकास के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार तमिलनाडु को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सहायता देने को तैयार है। 13 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं के जरिए परिवहन, उद्योग, व्यापार और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विकास को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मुख्यमंत्री विजय की ओर से इस प्रस्ताव पर किसी प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

  • बीआईएस की चेन्नई में बड़ी कार्रवाई, 803.99 ग्राम गैर-हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण जब्त, बिक्री के लिए रखे थे प्रदर्शित

    बीआईएस की चेन्नई में बड़ी कार्रवाई, 803.99 ग्राम गैर-हॉलमार्क वाले सोने के आभूषण जब्त, बिक्री के लिए रखे थे प्रदर्शित


    नई दिल्ली । 
    भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस ने गैर-हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चेन्नई में 803.99 ग्राम सोने के आभूषण जब्त किए हैं। यह कार्रवाई चेन्नई के अंबत्तूर इलाके में स्थित एक आभूषण दुकान पर की गई। मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी जानकारी में कार्रवाई का विवरण दिया गया।

    बीआईएस के चेन्नई शाखा कार्यालय ने 1 सितंबर 2026 को दुकान पर प्रवर्तन तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की थी। इस दौरान बिक्री के लिए प्रदर्शित किए गए ऐसे सोने के आभूषण मिले, जिन पर आवश्यक हॉलमार्किंग नहीं थी। इसके बाद इन आभूषणों को भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 की धारा 28 के तहत जब्त किया गया।

    जब्त किए गए आभूषणों में सबसे अधिक संख्या मंगलसूत्र की थी। कार्रवाई में 671.50 ग्राम वजन के 175 मंगलसूत्र जब्त किए गए। इसके अलावा बच्चों की 25.02 ग्राम वजन वाली 12 चूड़ियां भी बरामद की गईं।

    बीआईएस की कार्रवाई में 86.14 ग्राम वजन के 40 झुमके और 21.33 ग्राम वजन के 10 पेंडेंट भी शामिल हैं। इस तरह अलग-अलग डिजाइन और श्रेणियों के इन आभूषणों का कुल वजन 803.99 ग्राम बताया गया है।

    प्रवर्तन टीम ने जांच के दौरान पाया कि ये आभूषण आवश्यक हॉलमार्किंग के बिना ग्राहकों को बिक्री के लिए पेश किए जा रहे थे। बीआईएस ने सभी संबंधित वस्तुओं को विस्तृत जांच और आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए अपने कब्जे में ले लिया।

    यह पूरी कार्रवाई स्थानीय पुलिस की सहायता से की गई। बीआईएस चेन्नई शाखा कार्यालय के अधिकारियों और सहायक कर्मचारियों ने प्रवर्तन तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया को अंजाम दिया। मामले में भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    बीआईएस चेन्नई शाखा कार्यालय के प्रमुख एस. डी. दयानंद ने कहा कि संगठन बाजार की नियमित निगरानी के साथ प्रवर्तन गतिविधियां भी करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनिवार्य बीआईएस प्रमाणन और हॉलमार्किंग से जुड़े नियमों के दायरे में आने वाले उत्पाद निर्धारित मानकों का पालन करें।

    उन्होंने कहा कि घटिया उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही बीआईएस मानक चिह्न और हॉलमार्क के दुरुपयोग को रोकना तथा प्रमाणन और हॉलमार्किंग व्यवस्था में उपभोक्ताओं का भरोसा बनाए रखना भी इन कार्रवाइयों का उद्देश्य है।

    बीआईएस के अनुसार, हॉलमार्किंग कीमती धातु से बनी वस्तुओं की शुद्धता या सुंदरता का आधिकारिक संकेत देती है। मौजूदा हॉलमार्किंग व्यवस्था में हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों पर बीआईएस लोगो, शुद्धता और छह अंकों की हॉलमार्क विशिष्ट पहचान संख्या यानी HUID दर्ज होती है।

    उपभोक्ता हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों की HUID संख्या की पुष्टि बीआईएस केयर ऐप के जरिए भी कर सकते हैं। चेन्नई में हुई इस कार्रवाई में जब्त आभूषणों की आगे विस्तृत जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।

  • चेन्नई मेट्रो के विज्ञापन पर मचा बवाल, ‘गर्लफ्रेंड देगी 0% इंटरेस्ट’ वाले दावे पर महिला सम्मान को लेकर उठे सवाल

    चेन्नई मेट्रो के विज्ञापन पर मचा बवाल, ‘गर्लफ्रेंड देगी 0% इंटरेस्ट’ वाले दावे पर महिला सम्मान को लेकर उठे सवाल

    नई दिल्ली । चेन्नई मेट्रो में लगे एक विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए इस विज्ञापन में गर्लफ्रेंड की तुलना ब्याज से की गई है। विज्ञापन में दावा किया गया कि गर्लफ्रेंड शायद शून्य प्रतिशत इंटरेस्ट दे, जबकि एफडी पर 14 प्रतिशत तक ब्याज दिया जा रहा है। विज्ञापन का यह अंदाज अब सवालों के घेरे में आ गया है।

    चेन्नई मेट्रो के डिब्बों और परिसरों में लगाए गए इस विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर भी नाराजगी देखने को मिली। विज्ञापन में वित्तीय निवेश को आकर्षक तरीके से पेश करने के लिए निजी रिश्ते का उदाहरण इस्तेमाल किया गया था। लेकिन यही तुलना विवाद की वजह बन गई।

    विज्ञापन को लेकर आपत्ति जताने वालों का कहना है कि किसी वित्तीय उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं और निजी रिश्तों को इस तरह इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उनका आरोप है कि इस तरह की भाषा महिलाओं को एक वस्तु की तरह पेश करती है और सार्वजनिक स्थान पर ऐसे संदेश से महिलाओं की गरिमा प्रभावित हो सकती है।

    मामला राजनीतिक स्तर पर भी पहुंच गया है। डीएमके की सांसद तमिझाची थंगापांडियन ने विज्ञापन पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे महिलाओं का अपमान बताया। उन्होंने मांग की कि इस विज्ञापन को मेट्रो से तत्काल हटाया जाए। उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करना महिलाओं की प्रतिष्ठा के लिए उचित नहीं है।

    एआईएडीएमके की ओर से भी विज्ञापन पर विरोध जताया गया है। पार्टी की प्रवक्ता कोवाई सत्यन ने इसे लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की और संबंधित क्रेडिट सोसायटी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही। उनका कहना है कि लोगों को ब्याज दर के बारे में जानकारी देने के लिए महिलाओं का अपमान करने वाली भाषा का इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जा सकता।

    विवाद बढ़ने के बाद अब इस बात पर चर्चा हो रही है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में विज्ञापन प्रदर्शित करने से पहले उनकी भाषा और विषयवस्तु की किस तरह जांच की जानी चाहिए। सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में अलग-अलग आयु वर्ग के लोग आते-जाते हैं, इसलिए विज्ञापनों की भाषा को लेकर संवेदनशीलता बरतना जरूरी माना जाता है।

    इस पूरे मामले में विज्ञापन की रचनात्मक शैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। एफडी की ब्याज दर को आकर्षक बनाने के लिए रिश्ते और भावनाओं से जुड़ी तुलना करने की कोशिश की गई, लेकिन इसका संदेश लोगों के एक वर्ग को आपत्तिजनक लगा। इसी वजह से विज्ञापन का उद्देश्य पीछे छूट गया और उसकी भाषा चर्चा का मुख्य विषय बन गई।

    चेन्नई मेट्रो में लगाए गए इस विज्ञापन को लेकर अब कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान से जुड़े विषयों को ध्यान में रखते हुए ऐसे विज्ञापनों की समीक्षा होनी चाहिए। वहीं पूरा विवाद इस बात पर केंद्रित है कि क्या वित्तीय प्रचार के लिए निजी रिश्तों और महिलाओं को इस तरह तुलना का आधार बनाना उचित है।

  • चेन्नई में TVK नेता कन्नन की सड़क पर हत्या, छह हमलावरों ने धारदार हथियारों से किया हमला, पुलिस ने जांच तेज की

    चेन्नई में TVK नेता कन्नन की सड़क पर हत्या, छह हमलावरों ने धारदार हथियारों से किया हमला, पुलिस ने जांच तेज की


    नई दिल्ली ।
    तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में शनिवार रात एक व्यक्ति की सरेराह हत्या से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान कन्नन के रूप में हुई है, जो हाल ही में TVK से जुड़े थे। पुलिस के मुताबिक, छह लोगों के एक समूह ने उन पर धारदार हथियारों से हमला किया। गंभीर हमले के कारण कन्नन की मौके पर ही मौत हो गई।

    घटना चेन्नई के वन्ननदुरई इलाके में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कन्नन अपने घर से निकलकर रामास्वामी एवेन्यू स्थित अपने कार्यालय की ओर जा रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों में भी दहशत का माहौल बन गया।

    बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या छह थी। उन्होंने कन्नन पर धारदार हथियारों से कई वार किए। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की पूरी वारदात आसपास लगे CCTV कैमरों में कैद होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन फुटेज को जांच का अहम हिस्सा मानकर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

    घटना की सूचना मिलते ही शास्त्री नगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ पुलिस ने आसपास के इलाकों से भी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। मामले में हत्या का केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। CCTV फुटेज के अलावा पुलिस घटना से जुड़े अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान जल्द की जाए और उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जाए।

    अब तक पांच संदिग्धों से पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पूछताछ के आधार पर किसी आरोपी की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

    जांच में मृतक कन्नन की आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है। बताया गया है कि करीब आठ वर्ष पहले इसी इलाके में शिवा और वेलु नाम के दो लोगों की हत्या से जुड़े एक मामले में कन्नन के खिलाफ मुकदमा चल रहा था। पुलिस अब इस पुराने मामले और मौजूदा हत्या के बीच किसी संभावित संबंध की भी जांच कर सकती है।

    कन्नन के हाल ही में TVK में शामिल होने की जानकारी के बाद मामले का राजनीतिक पहलू भी चर्चा में है। हालांकि, फिलहाल पुलिस ने हत्या के पीछे राजनीतिक कारण होने की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही हैं।

    इस घटना ने चेन्नई में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। सरेराह हुई हत्या के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।

    फिलहाल मामले में हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस CCTV फुटेज, संदिग्धों से पूछताछ और मृतक की पृष्ठभूमि से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद हत्या की परिस्थितियों और इसके पीछे की वजह को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।

  • छह महीने की प्रेग्नेंसी में कियारा आडवाणी ने बारिश वाला सीन किया, हुमा कुरैशी ने बताया कैसे मिली प्रेरणा

    छह महीने की प्रेग्नेंसी में कियारा आडवाणी ने बारिश वाला सीन किया, हुमा कुरैशी ने बताया कैसे मिली प्रेरणा

    नई दिल्ली ।यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच पहले से उत्सुकता बनी हुई है। इसी बीच चेन्नई में आयोजित प्री रिलीज कार्यक्रम के दौरान अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने फिल्म की शूटिंग से जुड़ा एक अनुभव साझा किया, जिसमें उन्होंने कियारा आडवाणी की पेशेवर प्रतिबद्धता और मुश्किल परिस्थितियों में काम करने की क्षमता की तारीफ की।

    हुमा ने बताया कि फिल्म के एक दृश्य में उन्हें और कियारा को साथ काम करना था। इस दृश्य में बारिश का इस्तेमाल किया गया था और दोनों कलाकारों को बारिश में शूटिंग करनी थी। हुमा के मुताबिक उस दौरान उन्हें तेज सिरदर्द हो रहा था और ऐसे समय में कियारा को देखकर उन्हें हिम्मत मिलती थी।

    हुमा ने बताया कि शूटिंग के दौरान कियारा गर्भावस्था के छठे महीने में थीं। इसके बावजूद वह बारिश वाले दृश्य में पूरी मजबूती के साथ खड़ी होकर अपना काम कर रही थीं। हुमा के लिए यह अनुभव इसलिए खास था क्योंकि खुद असहज महसूस करने के बावजूद वह कियारा की स्थिति और उनकी कार्यक्षमता देखकर प्रेरित होती थीं।

    हुमा के मुताबिक जब भी उन्हें अपनी परेशानी की शिकायत करने का मन करता, वह कियारा की ओर देखती थीं। कियारा की स्थिति देखकर उन्हें लगता था कि उन्हें भी अपनी परेशानी के बावजूद काम पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने इस अनुभव को अपने लिए प्रेरणादायक बताया और कियारा की दृढ़ता की सराहना की।

    ‘टॉक्सिक’ में कियारा आडवाणी के साथ हुमा कुरैशी भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म में यश मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की रिलीज से पहले इसके गाने और प्रचार सामग्री को लेकर दर्शकों के बीच चर्चा रही है। फिल्म की कहानी और कलाकारों की भूमिकाओं को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है।

    कियारा और हुमा की जोड़ी फिल्म के उस दृश्य में साथ दिखाई देगी, जिसका जिक्र हुमा ने कार्यक्रम के दौरान किया। हालांकि उन्होंने बातचीत में दृश्य से जुड़ी पूरी जानकारी साझा नहीं की और इसे फिल्म के कथानक के लिहाज से महत्वपूर्ण बताते हुए केवल अपने शूटिंग अनुभव तक ही बात सीमित रखी।

    कियारा आडवाणी की निजी जिंदगी भी पिछले कुछ समय से प्रशंसकों की दिलचस्पी का विषय रही है। कियारा और अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा ने वर्ष 2023 में राजस्थान के जैसलमेर में शादी की थी। दोनों कलाकार इससे पहले फिल्म ‘शेरशाह’ में साथ नजर आए थे। फिल्म में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया था और इसके बाद दोनों के रिश्ते की चर्चाएं भी सामने आई थीं।

    बाद में दोनों ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया और शादी की। इसके बाद उनके परिवार में बेटी के जन्म की खुशी भी आई। दोनों ने अपनी निजी जिंदगी और बेटी की तस्वीरों को लेकर मीडिया से निजता बनाए रखने की अपील की थी।

    अब ‘टॉक्सिक’ के साथ कियारा एक बार फिर बड़े पर्दे पर दिखाई देंगी। फिल्म में उनका किरदार कैसा है, इसे लेकर पूरी जानकारी रिलीज के बाद ही सामने आएगी। वहीं हुमा कुरैशी द्वारा साझा किया गया शूटिंग अनुभव फिल्म से जुड़े कलाकारों की मेहनत और कठिन परिस्थितियों में काम करने की प्रक्रिया की एक झलक देता है। दर्शकों की नजर अब फिल्म की रिलीज और कलाकारों के प्रदर्शन पर है।

  • ‘टॉक्सिक’ के सेट पर मुश्किल मौसम में भी कियारा आडवाणी ने नहीं छोड़ा काम, हुमा कुरैशी ने की जमकर तारीफ

    ‘टॉक्सिक’ के सेट पर मुश्किल मौसम में भी कियारा आडवाणी ने नहीं छोड़ा काम, हुमा कुरैशी ने की जमकर तारीफ

    नई दिल्ली ।फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की रिलीज से पहले अभिनेत्री हुमा कुरैशी ने शूटिंग से जुड़ा एक खास अनुभव साझा किया है। चेन्नई में आयोजित फिल्म के प्री-रिलीज कार्यक्रम के दौरान हुमा ने कियारा आडवाणी की तारीफ करते हुए बताया कि एक दृश्य की शूटिंग के समय तेज बारिश के बावजूद कियारा लगातार अपने काम में जुटी रही थीं।

    हुमा ने बताया कि जिस दृश्य की शूटिंग हो रही थी, उस दौरान मौसम काफी चुनौतीपूर्ण था। दोनों अभिनेत्रियों को बारिश के बीच लगातार शूटिंग करनी थी। इस परिस्थिति में हुमा को तेज सिरदर्द भी हो रहा था और कई बार उन्हें शूटिंग की कठिन परिस्थितियों को लेकर शिकायत करने का मन हुआ।

    हालांकि, कियारा को देखकर उनका नजरिया बदल गया। हुमा के अनुसार, उस समय कियारा करीब छह महीने की प्रेग्नेंट थीं और इसके बावजूद वह बारिश में बिना शिकायत किए अपने सीन कर रही थीं। हुमा ने कहा कि कियारा को उस स्थिति में काम करते देखकर उन्हें खुद भी हिम्मत मिली।

    हुमा ने कियारा के रवैये की तारीफ करते हुए उन्हें बारिश में चट्टान की तरह खड़ा बताया। उनके मुताबिक, कियारा जिस तरह मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने काम पर ध्यान दे रही थीं, वह उनके लिए बेहद प्रेरणादायक था। इसी वजह से हुमा को अपनी परेशानी को लेकर शिकायत करने का विचार भी कम महत्वपूर्ण लगा।

    यह किस्सा हुमा ने चेन्नई में आयोजित ‘टॉक्सिक’ के तमिल प्री-रिलीज कार्यक्रम में साझा किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा सुनाया गया अनुभव फिल्म की कहानी से जुड़ा कोई स्पॉइलर नहीं है। कार्यक्रम में फिल्म की प्रमुख टीम मौजूद रही और रिलीज से पहले इसके प्रचार अभियान को आगे बढ़ाया गया।

    ‘टॉक्सिक’ का तमिल प्री-रिलीज कार्यक्रम 24 अगस्त को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में हुआ। यह आयोजन पहले 23 अगस्त को निर्धारित था, लेकिन बाद में इसे एक दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। कार्यक्रम में यश, कियारा आडवाणी, नयनतारा, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी सहित फिल्म से जुड़े प्रमुख कलाकार शामिल हुए।

    फिल्म का निर्देशन गीतू मोहनदास ने किया है। ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ में यश मुख्य भूमिका में हैं। कियारा आडवाणी, नयनतारा, रुक्मिणी वसंत और हुमा कुरैशी भी फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। फिल्म को लेकर रिलीज से पहले दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है।

    कियारा से जुड़ा हुमा का यह अनुभव फिल्म की शूटिंग के दौरान सामने आई कठिन परिस्थितियों को रेखांकित करता है। हालांकि यह घटना फिल्म की कहानी से अलग शूटिंग अनुभव से जुड़ी है, लेकिन हुमा की टिप्पणी ने कियारा के पेशेवर रवैये को चर्चा में ला दिया है।

    ‘टॉक्सिक’ दुनियाभर के सिनेमाघरों में 26 अगस्त को रिलीज होने वाली है। फिल्म की रिलीज से पहले कलाकारों की ओर से साझा किए जा रहे अनुभव इसके प्रचार अभियान का हिस्सा बने हुए हैं। अब दर्शकों की नजर फिल्म की कहानी, कलाकारों के प्रदर्शन और सिनेमाघरों में मिलने वाली प्रतिक्रिया पर है।

  • चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला, DMK ने विधानसभा में जानकारी को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट पर विजय सरकार का बड़ा फैसला, DMK ने विधानसभा में जानकारी को लेकर उठाए गंभीर सवाल

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने सोमवार को विधानसभा में चेन्नई के पास परंदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को रद्द करने की घोषणा की। इस फैसले के साथ चेन्नई में दूसरे हवाई अड्डे के निर्माण की योजना फिलहाल रोक दी गई है। सरकार के निर्णय के बाद राज्य की राजनीति में इस परियोजना को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दल डीएमके ने विजय सरकार के फैसले पर सवाल उठाते हुए परियोजना से जुड़ी फाइलें सार्वजनिक करने की मांग की है।

    मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा कि चेन्नई का मौजूदा मीनमबक्कम हवाई अड्डा वर्तमान में यात्रियों की जरूरतों को संभालने की क्षमता रखता है। उनके मुताबिक शहर की मौजूदा जरूरतों को देखते हुए अभी नए हवाई अड्डे की तत्काल आवश्यकता नहीं है। उन्होंने औद्योगिक विकास और कार्गो परिवहन से जुड़ी भविष्य की जरूरतों का भी उल्लेख किया।

    विजय ने कहा कि यदि आने वाले समय में चेन्नई के लिए नए हवाई अड्डे की जरूरत महसूस होती है तो उसके लिए ऐसी जगह का चयन किया जाना चाहिए, जहां कृषि भूमि और रिहायशी इलाकों पर न्यूनतम प्रभाव पड़े। सरकार के इस रुख को परंदूर परियोजना से जुड़े पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

    चेन्नई से करीब 70 किलोमीटर दूर परंदूर में प्रस्तावित एयरपोर्ट परियोजना का स्थानीय स्तर पर लंबे समय से विरोध होता रहा था। स्थानीय लोगों और किसानों की ओर से बहुफसली उपजाऊ कृषि भूमि के संभावित नुकसान को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके अलावा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव और परियोजना के कारण प्रभावित होने वाले इलाकों को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं।

    मुख्यमंत्री विजय विधानसभा चुनाव से पहले भी परंदूर एयरपोर्ट परियोजना के विरोध में स्थानीय लोगों और किसानों के साथ खड़े दिखाई दिए थे। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर अभियान चलाया था। अब सत्ता में आने के बाद परियोजना को रद्द करने की घोषणा को उनके पहले के राजनीतिक रुख से जोड़कर देखा जा रहा है।

    हालांकि, परियोजना रद्द किए जाने के बाद विवाद खत्म होने के बजाय राजनीतिक रूप से और तेज हो गया है। डीएमके ने विजय सरकार से मांग की है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई परंदूर एयरपोर्ट परियोजना से संबंधित सभी फाइलें सार्वजनिक की जाएं। विपक्ष का कहना है कि दस्तावेज सामने आने से परियोजना की पूरी प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णयों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    डीएमके ने सरकार को इसके लिए एक सप्ताह का समय देने की बात कही है। विपक्ष के अनुसार यदि निर्धारित अवधि में फाइलें सार्वजनिक नहीं की गईं तो विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने पर विचार किया जाएगा। डीएमके ने यह भी आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में परियोजना से संबंधित जानकारी सही तरीके से प्रस्तुत नहीं की।

    इस बीच, चेन्नई की भविष्य की हवाई परिवहन जरूरतों को लेकर भी बहस शुरू हो गई है। सरकार का कहना है कि मौजूदा हवाई अड्डे की क्षमता फिलहाल पर्याप्त है, जबकि भविष्य में आवश्यकता बढ़ने पर कम प्रभावित क्षेत्र में नई परियोजना पर विचार किया जा सकता है।

    परंदूर परियोजना को रद्द करने का फैसला विकास, पर्यावरण और कृषि भूमि के संरक्षण के बीच संतुलन से जुड़े सवालों को भी सामने लाता है। अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच आगे की राजनीतिक बहस विधानसभा में देखने को मिल सकती है। डीएमके की ओर से दिए गए एक सप्ताह के अल्टीमेटम के बाद परियोजना की फाइलें सार्वजनिक करने और सरकार के फैसले पर स्पष्टीकरण देने को लेकर विजय सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है।

  • थलापति विजय और संगीता के तलाक मामले में नया मोड़, पत्नी ने वापस ली अलगाव की अर्जी

    थलापति विजय और संगीता के तलाक मामले में नया मोड़, पत्नी ने वापस ली अलगाव की अर्जी

    नई दिल्ली । तमिल फिल्म जगत और तमिलनाडु की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अभिनेता और नेता थलापति विजय के वैवाहिक जीवन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अब नया अपडेट सामने आया है। उनकी पत्नी संगीता ने तलाक के लिए दायर की गई अर्जी वापस ले ली है। इसके बाद अदालत ने इस मामले को बंद कर दिया है। इस फैसले के साथ ही विजय और संगीता के अलग होने की अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।

    विजय और संगीता के रिश्ते को लेकर पिछले कुछ समय से कई तरह की खबरें सामने आ रही थीं। दोनों के बीच कथित मतभेद और अलगाव की चर्चाओं ने उनके प्रशंसकों का ध्यान खींचा था। अब तलाक की अर्जी वापस लिए जाने के बाद दोनों के रिश्ते को लेकर स्थिति बदलती नजर आ रही है।

    जानकारी के अनुसार, संगीता ने विजय से अलग होने के लिए अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे बाद में उन्होंने वापस ले लिया। इसके बाद संबंधित अदालत ने तलाक की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय मामले को समाप्त कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद विजय के समर्थकों ने भी राहत महसूस की।

    इससे पहले दोनों के रिश्ते को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि वैवाहिक विवाद की वजह से दोनों के बीच दूरी बढ़ी थी। विजय का नाम अभिनेत्री तृषा कृष्णन के साथ भी जोड़ा गया था, हालांकि इन चर्चाओं को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी।

    विजय और संगीता की शादी वर्ष 1999 में हुई थी। दोनों करीब 27 वर्षों से साथ हैं। इस दौरान उनके दो बच्चे भी हुए। उनके बेटे का नाम जेसन संजय और बेटी का नाम दिव्या साशा है। परिवार और निजी जीवन को लेकर विजय हमेशा काफी निजी रवैया रखते रहे हैं।

    थलापति विजय ने अभिनय के क्षेत्र में लंबा सफर तय करने के बाद राजनीति में भी कदम रखा है। तमिलनाडु की राजनीति में उनकी सक्रियता बढ़ने के बाद उनके निजी जीवन से जुड़ी खबरों पर भी लोगों की नजर बनी हुई थी।

    तलाक की अर्जी वापस लिए जाने के बाद अब विजय और संगीता के रिश्ते को लेकर चल रही चर्चाएं एक नए मोड़ पर पहुंच गई हैं। हालांकि दोनों की ओर से इस पूरे मामले पर कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।

    विजय और संगीता की जोड़ी दक्षिण भारतीय सिनेमा जगत की चर्चित जोड़ियों में रही है। लंबे समय तक साथ रहने के बाद उनके अलग होने की खबरों ने प्रशंसकों को चिंता में डाल दिया था। अब अदालत में मामला खत्म होने के बाद उनके समर्थकों के बीच सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

    फिलहाल यह मामला कानूनी रूप से समाप्त हो चुका है और विजय-संगीता के वैवाहिक संबंधों को लेकर आगे की स्थिति उनके व्यक्तिगत फैसलों पर निर्भर करेगी। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि फिल्मी सितारों के निजी जीवन से जुड़ी खबरें किस तरह लोगों की दिलचस्पी का केंद्र बन जाती हैं।