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  • सिर्फ सीने में दर्द ही नहीं, हार्ट अटैक से पहले हाथ, गर्दन, जबड़े और पेट के ऊपरी हिस्से में भी हो सकता है दर्द

    सिर्फ सीने में दर्द ही नहीं, हार्ट अटैक से पहले हाथ, गर्दन, जबड़े और पेट के ऊपरी हिस्से में भी हो सकता है दर्द


    नई दिल्ली:
    हार्ट अटैक को आमतौर पर सीने में दर्द या भारीपन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इसके संकेत केवल सीने तक सीमित नहीं होते। हार्ट अटैक के दौरान शरीर के कुछ दूसरे हिस्सों में भी दर्द या असहजता महसूस हो सकती है। कई बार लोग इसे सामान्य बॉडी पेन, गैस या पाचन संबंधी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हार्ट अटैक का खतरा केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं माना जाता और कम उम्र के लोगों में भी यह समस्या देखी जा रही है। ऐसे में शरीर में होने वाले असामान्य दर्द और अन्य संकेतों को समय रहते पहचानना जरूरी है।

    हार्ट अटैक के दौरान सीने के बीचोंबीच दर्द या किसी तरह का दबाव महसूस हो सकता है। कुछ लोगों को सीने में भारीपन या जकड़न की शिकायत होती है। यह असहजता कुछ मिनटों से ज्यादा समय तक रह सकती है या थोड़ी देर ठीक होने के बाद दोबारा शुरू हो सकती है। इसके अलावा दर्द बाएं या दाएं हाथ में भी महसूस हो सकता है। यह कंधे से शुरू होकर हाथ और उंगलियों तक फैल सकता है। दर्द कुछ समय बाद कम होकर फिर दोबारा भी हो सकता है। ऐसे दर्द को हमेशा सामान्य मानकर छोड़ना सही नहीं माना जाता।

    गर्दन, जबड़े और पीठ में तेज दर्द भी हार्ट अटैक से जुड़े संकेतों में शामिल हो सकता है। यह दर्द अचानक शुरू होकर लगातार बना रह सकता है या सीने में होने वाली असहजता के साथ दिखाई दे सकता है। खासतौर पर महिलाओं में इस तरह के लक्षण अधिक देखने को मिल सकते हैं। इसी तरह पेट के ऊपरी हिस्से में होने वाला दर्द भी ध्यान देने योग्य है। पेट में दर्द होने पर कई लोग इसे गैस, ऐंठन, कब्ज या पाचन संबंधी समस्या समझ लेते हैं, लेकिन हर बार इसका कारण सामान्य नहीं होता। हार्ट अटैक से पहले ऊपरी पेट में दर्द महसूस हो सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

    महिलाओं और पुरुषों में हार्ट अटैक के लक्षणों में कुछ अंतर हो सकते हैं। महिलाओं में भी सीने में दर्द या असहजता सबसे आम लक्षणों में शामिल है, लेकिन इसके साथ ऐसे संकेत भी दिखाई दे सकते हैं जिन्हें आमतौर पर हार्ट अटैक से नहीं जोड़ा जाता। इनमें घबराहट या बेचैनी, सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना, जी मिचलाना या उल्टी, पेट खराब या अपच जैसी समस्या शामिल हो सकती है। महिलाओं को बिना ज्यादा मेहनत के असामान्य थकान और कमजोरी भी महसूस हो सकती है।

    हार्ट अटैक से जुड़े संकेतों को पहचानना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि दर्द या असहजता शरीर के अलग-अलग हिस्सों में महसूस हो सकती है। सीने में दबाव या भारीपन के साथ हाथ, गर्दन, जबड़े, पीठ या पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द हो तो इसे सामान्य दर्द मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर जब दर्द अचानक शुरू हो, बना रहे या दोबारा हो, तब इन संकेतों को गंभीरता से लेना जरूरी है। महिलाओं में सांस फूलना, मतली, उल्टी, बेचैनी और असामान्य थकान जैसे लक्षण भी ध्यान देने योग्य हो सकते हैं।

  • सीने की बेचैनी नहीं मामूली बात: दिल की चेतावनी को समय पर समझना बन सकता है जीवनरक्षक कदम

    सीने की बेचैनी नहीं मामूली बात: दिल की चेतावनी को समय पर समझना बन सकता है जीवनरक्षक कदम

    नई दिल्ली । बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के दौर में हृदय संबंधी बीमारियां तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं। पहले जहां दिल की बीमारियां बढ़ती उम्र के साथ जुड़ी मानी जाती थीं, वहीं अब कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। हार्ट अटैक एक ऐसी गंभीर स्थिति है जो कई बार अचानक सामने आती है और मरीज तथा परिवार दोनों को संभलने का मौका तक नहीं देती। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर कई बार पहले ही कुछ संकेत देने लगता है, जिन्हें समय रहते पहचान लिया जाए तो गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार हार्ट अटैक के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग दिखाई दे सकते हैं। कई मामलों में यह संकेत सामान्य शारीरिक परेशानी की तरह लगते हैं, जिसके कारण लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। सबसे सामान्य और गंभीर संकेत सीने में दर्द, दबाव या जकड़न महसूस होना माना जाता है। कई बार यह दर्द धीरे-धीरे शरीर के दूसरे हिस्सों में फैलने लगता है। दर्द बाएं हाथ, कंधे, गर्दन, जबड़े, कोहनी और पीठ तक पहुंच सकता है। ऐसी स्थिति को सामान्य दर्द समझकर टालना खतरनाक साबित हो सकता है।

    इसके अलावा अचानक सांस लेने में कठिनाई होना या बिना ज्यादा मेहनत के सांस फूलना भी दिल से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। कई लोगों को अचानक चक्कर आने लगते हैं या शरीर में कमजोरी महसूस होने लगती है। कुछ मामलों में मतली, उल्टी या पेट में असहजता भी देखने को मिलती है, जिसके कारण लोग इसे गैस या पाचन से जुड़ी समस्या मान लेते हैं। अचानक ठंडा पसीना आना और चेहरे की रंगत फीकी पड़ जाना भी ऐसे संकेत हैं जिन्हें गंभीरता से लेना चाहिए।

    विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं और बुजुर्गों में कई बार हार्ट अटैक के लक्षण स्पष्ट रूप से सामने नहीं आते। यही कारण है कि इन वर्गों में अधिक सतर्कता की आवश्यकता होती है। अगर किसी व्यक्ति में ये लक्षण लगातार कुछ मिनटों तक बने रहें या तेजी से बढ़ने लगें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना बेहद जरूरी हो जाता है। देरी कई बार जानलेवा साबित हो सकती है।

    हृदय रोगों से बचने के लिए जीवनशैली में बदलाव सबसे अहम कदम माना जाता है। रोजाना नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और तनाव से दूरी हृदय को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फलों, हरी सब्जियों, साबुत अनाज और पौष्टिक भोजन को दैनिक जीवन में शामिल करना चाहिए। तला-भुना और अत्यधिक नमक या चीनी वाले खाद्य पदार्थों से दूरी बनाकर रखना फायदेमंद हो सकता है। धूम्रपान और अत्यधिक शराब सेवन हृदय के लिए गंभीर जोखिम बढ़ाते हैं, इसलिए इन आदतों से बचना जरूरी है।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित स्वास्थ्य जांच कराना अब आवश्यकता बन चुका है। समय पर जांच और सतर्कता न केवल बीमारियों की पहचान आसान बनाती है, बल्कि एक स्वस्थ और सुरक्षित जीवन की दिशा भी तय करती है।