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  • छतरपुर में मिला 8 फीट लंबा दुर्लभ सफेद अजगर, पहली बार ऐसा सांप देखकर सर्प विशेषज्ञ भी रह गए हैरान

    छतरपुर में मिला 8 फीट लंबा दुर्लभ सफेद अजगर, पहली बार ऐसा सांप देखकर सर्प विशेषज्ञ भी रह गए हैरान


    मध्य प्रदेश:  के छतरपुर जिले में एक दुर्लभ सफेद अजगर दिखाई देने से इलाके में लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई। सनातन हिंदू एकता रथयात्रा के अंतिम दिन सामने आए इस नजारे ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। करीब 8 फीट लंबे इस सफेद अजगर को देखकर लोग हैरान रह गए। इसकी असामान्य रंगत के कारण इसे अल्बिनो अजगर बताया जा रहा है। सांप को देखने के बाद स्थानीय लोगों ने सर्प पकड़ने वाले विशेषज्ञों को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने काफी मशक्कत करते हुए उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया।

    रथयात्रा के समापन से जुड़े आयोजनों के बीच इस दुर्लभ सांप का दिखाई देना लोगों के लिए कौतूहल का विषय बन गया। सफेद रंग और लगभग 8 फीट लंबाई वाले इस अजगर को देखकर मौके पर मौजूद लोग आश्चर्यचकित रह गए। सूचना मिलने के बाद सर्प रेस्क्यू टीम ने स्थिति को संभाला और भीड़ के बीच सावधानीपूर्वक अजगर को पकड़ने की प्रक्रिया शुरू की।

    कड़ी मशक्कत के बाद किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
    स्थानीय लोगों ने विशालकाय सफेद अजगर को देखने के बाद तुरंत सर्प पकड़ने वाले विशेषज्ञों को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। अजगर की लंबाई और आसपास मौजूद लोगों की भीड़ को देखते हुए उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए सावधानी बरती गई। काफी मशक्कत के बाद टीम ने करीब 8 फीट लंबे अजगर का रेस्क्यू कर लिया।इस दौरान अजगर के असामान्य सफेद रंग ने लोगों की उत्सुकता और बढ़ा दी। रेस्क्यू करने वाले विशेषज्ञ ने बताया कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार इस तरह का पूरी तरह सफेद अजगर देखा है। उनके लिए भी यह अनुभव असामान्य था। घटना के बाद इलाके में इस दुर्लभ सांप को लेकर चर्चा होने लगी।

    क्या होता है अल्बिनो जीव?

    अल्बिनो ऐसे जीवों को कहा जाता है, जिनके शरीर में मेलेनिन नामक रंगद्रव्य की प्राकृतिक रूप से कमी होती है। मेलेनिन त्वचा, बालों और कई जीवों के शरीर के बाहरी हिस्सों में रंग निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब इसकी मात्रा बहुत कम होती है, तो त्वचा या शरीर का रंग सामान्य से काफी हल्का दिखाई दे सकता है।सांपों में भी रंगद्रव्य की कमी के कारण उनका रंग सामान्य प्रजाति के दूसरे सांपों से अलग नजर आ सकता है। ऐसे जीवों का रंग सफेद या बहुत हल्का दिखाई दे सकता है। हालांकि, केवल रंग के आधार पर किसी जीव को निश्चित रूप से अल्बिनो घोषित नहीं किया जा सकता। छतरपुर में मिले अजगर के अल्बिनो होने की आधिकारिक पुष्टि के लिए वन्यजीव विशेषज्ञों की जांच जरूरी है। फिलहाल इसे असामान्य सफेद रंग वाला दुर्लभ अजगर बताया जा रहा है।

    सांप दिखाई देने पर क्या करें?
    इस घटना के बाद लोगों से वन्यजीवों के प्रति सावधानी बरतने की अपील की गई है। जंगल, खेत या रिहायशी इलाके के आसपास सांप दिखाई देने पर घबराकर उसके पास जाने या उसे पकड़ने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सांप को छेड़ने, नुकसान पहुंचाने या उसके साथ किसी तरह का प्रयोग करने से इंसानों और वन्यजीवों दोनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।ऐसी स्थिति में वन विभाग या प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना देना उचित है। विशेषज्ञ आवश्यक सावधानियों के साथ सांप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की प्रक्रिया अपनाते हैं। छतरपुर में मिले सफेद अजगर की घटना ने एक बार फिर वन्यजीवों के संरक्षण और उनके साथ सुरक्षित व्यवहार के महत्व को सामने रखा है।

  • छतरपुर में अंतिम संस्कार में जा रहे परिवार की बोलेरो ट्रक से टकराई, पांच लोगों की मौत, बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

    छतरपुर में अंतिम संस्कार में जा रहे परिवार की बोलेरो ट्रक से टकराई, पांच लोगों की मौत, बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया

    मध्य प्रदेश: के छतरपुर जिले में शनिवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत हो गई। चौका गांव के पास बोलेरो और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। दुर्घटना में तीन महिलाओं समेत पांच लोगों की जान चली गई, जबकि बोलेरो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। परिवार के पांच सदस्यों की एक साथ मौत से क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, बोलेरो में चालक समेत कुल छह लोग सवार थे। सभी लोग एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान चौका गांव के नजदीक बोलेरो की ट्रक से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग वाहन के भीतर फंस गए। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत और बचाव का प्रयास शुरू किया।

    हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बिजावर निवासी दौलत रैकवार, उनकी पत्नी बीना रैकवार, श्याम बाई रैकवार, संजय रैकवार और कौशल्या रैकवार के रूप में हुई है। दुर्घटना में बोलेरो चालक छोटू रैकवार की जान बच गई, लेकिन उसे गंभीर चोटें आई हैं। घायल चालक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उसे आगे के इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया।

    घटना की सूचना मिलते ही मातगुवां पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। इसके बाद दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद घटनास्थल पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एकत्र हो गए। दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।

    बताया जा रहा है कि परिवार के लोग एक अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे। मृतक दौलत रैकवार की बेटी अलका का विवाह पिछले वर्ष छतरपुर जिले के बगौता गांव में हुआ था। हाल ही में अलका के ससुर का निधन हो गया था। इसी वजह से परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे। लेकिन रास्ते में चौका गांव के पास हुए हादसे ने परिवार की खुशियों और उम्मीदों को गहरे दुख में बदल दिया।

    दुर्घटना में जान गंवाने वाले पांचों लोग एक ही परिवार से जुड़े थे। हादसे की खबर मिलते ही उनके परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिवार के सदस्य राजू रैकवार ने बताया कि दुर्घटना में उनकी मां श्यामबाई, भाई दौलत, भाभी बीना, बहू कौशल्या और भतीजे संजय की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस हादसे के बाद उनके भाई और भाभी के बच्चे अनाथ हो गए हैं।

    परिवार के पांच सदस्यों को एक साथ खोने का दर्द बयान करते हुए राजू रैकवार फूट-फूटकर रो पड़े। हादसे में बच्चों के माता-पिता और अन्य परिजनों की मौत से परिवार के सामने अब उनके पालन-पोषण और भविष्य की चुनौती भी खड़ी हो गई है।

    छतरपुर में हुई इस दुर्घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे परिजनों को रास्ते में ही अपनी जान गंवानी पड़ी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच में जुटे हैं।

  • धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत, दो महीने बाद जेल से रिहाई का रास्ता साफ

    धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार को हाईकोर्ट से सशर्त जमानत, दो महीने बाद जेल से रिहाई का रास्ता साफ

    मध्य प्रदेश: बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने उन्हें 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त जमानत देने का आदेश दिया है। जमानत मंजूर होने के बाद करीब दो महीने से जेल में बंद शालिग्राम की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। यह फैसला जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की बेंच ने सुनाया।

    मामला मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के रघुराजनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि मोतीलाल कुशवाहा को स्कूल के पास रोककर उनके साथ मारपीट की गई थी। इस मामले में शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने गाली-गलौज की और साथ मौजूद सह-आरोपियों को हमला करने के लिए उकसाया।

    मामले में मोतीलाल कुशवाहा के पेट में गोली लगने का भी आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई। शालिग्राम की ओर से इन आरोपों का विरोध किया गया था। उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि राजनीतिक दबाव और पुरानी रंजिश के कारण उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।

    बचाव पक्ष की ओर से अदालत में घटना से संबंधित मोबाइल वीडियो होने की बात भी रखी गई। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109(1), 296(B), 351(3) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।

    शालिग्राम उर्फ छोटे सरकार को 15 जुलाई 2026 से जेल में रखा गया है। इससे पहले जिला अदालत में जमानत के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन वहां से जमानत नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की शरण ली।

    जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की पीठ में जमानत याचिका पर 10 सितंबर को सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सामने रखी गईं, जिसके बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने जमानत याचिका मंजूर करते हुए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर सशर्त रिहाई का आदेश दिया है।

    इस मामले में शालिग्राम पर मुख्य आरोप सह-आरोपियों को हमला करने के लिए उकसाने और घटना से जुड़े होने को लेकर लगाए गए हैं। वहीं, बचाव पक्ष ने आरोपों से इनकार करते हुए राजनीतिक दबाव और पुरानी रंजिश का हवाला दिया है। अदालत के समक्ष घटना से संबंधित मोबाइल वीडियो होने की बात भी रखी गई थी।

    जिला अदालत से जमानत नहीं मिलने के बाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अब शालिग्राम को राहत मिली है। अदालत के आदेश के अनुसार निजी मुचलका और निर्धारित शर्तों के आधार पर उनकी जेल से रिहाई हो सकेगी। वह 15 जुलाई से न्यायिक हिरासत में थे और जमानत मिलने के बाद करीब दो महीने बाद बाहर आएंगे।

  • छतरपुर मामले पर समाजवादी पार्टी का सरकार पर तीखा हमला, भूमाफिया संरक्षण और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    छतरपुर मामले पर समाजवादी पार्टी का सरकार पर तीखा हमला, भूमाफिया संरक्षण और निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    मध्य प्रदेश: के छतरपुर जिले में हाल के घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी ने भोपाल में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान राज्य सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि जिले में कथित रूप से भूमाफिया से जुड़ा एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिसे सत्ता और प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है। पार्टी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग भी उठाई है।

    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता यश भारतीय ने आरोप लगाया कि छतरपुर में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म की आड़ में अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है और इससे आम लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। उनके अनुसार, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की आशंका समाप्त हो सके।

    प्रेस वार्ता के दौरान यश भारतीय ने धीरेंद्र शास्त्री और उनके छोटे भाई शालिग्राम का नाम लेते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में कथित भूमाफिया गतिविधियों से जुड़े मामलों की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में हुई गिरफ्तारी और उससे जुड़े घटनाक्रम कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े करते हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

    समाजवादी पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि शालिग्राम पर पहले से विभिन्न गंभीर आरोप लगते रहे हैं और हाल की घटनाओं में भी उनका नाम सामने आया है। पार्टी का कहना है कि यदि किसी भी व्यक्ति पर गंभीर आरोप हैं, तो मामले की जांच बिना किसी दबाव या राजनीतिक हस्तक्षेप के होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित मामलों में गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।

    पार्टी ने जेल प्रशासन पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि संबंधित आरोपी को कथित रूप से विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। समाजवादी पार्टी ने मांग की कि यदि इस संबंध में लगाए गए आरोपों में कोई तथ्य पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की निगरानी किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपने की मांग दोहराई गई।

    प्रवक्ता ने कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को उसके सामाजिक, धार्मिक या राजनीतिक प्रभाव के आधार पर विशेष संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होना लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया के हित में आवश्यक है।

    फिलहाल समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए गए ये आरोप राजनीतिक बयान के रूप में सामने आए हैं। संबंधित आरोपों पर इस समाचार के प्रकाशित होने तक राज्य सरकार, प्रशासन अथवा आरोपित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं आई है। ऐसे मामलों में आरोपों की पुष्टि सक्षम जांच एजेंसियों की जांच और आधिकारिक निष्कर्षों के बाद ही हो सकेगी। राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है और संबंधित एजेंसियां इस मामले में क्या कदम उठाती हैं।

  • छतरपुर में जमीन विवाद के बीच फायरिंग का आरोप, बागेश्वर बाबा के भाई शालिग्राम गर्ग पर घायल ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

    छतरपुर में जमीन विवाद के बीच फायरिंग का आरोप, बागेश्वर बाबा के भाई शालिग्राम गर्ग पर घायल ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस ने शुरू की जांच

    मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बागेश्वर धाम से जुड़े एक मामले ने तूल पकड़ लिया है। राजनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कोड़ा में कथित जमीन विवाद के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग पर फायरिंग का आरोप लगाया गया है। घटना में घायल हुए व्यक्ति को पुलिस ने उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।

    घायल की पहचान मोतीलाल कुशवाहा के रूप में हुई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि जमीन को लेकर चल रहे विवाद के दौरान उनके साथ मारपीट की गई और उन पर गोली चलाई गई। उनका यह भी आरोप है कि गरीब लोगों की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था और इसी विवाद के चलते यह घटना हुई। पुलिस ने घायल के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

    घटना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घायल की चिकित्सीय रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए जा रहे साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल का निरीक्षण कर उपलब्ध भौतिक साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार, विवाद जमीन से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि घटना की परिस्थितियों और फायरिंग के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे।

    फिलहाल इस मामले में शालिग्राम गर्ग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यदि जांच में किसी प्रकार के अपराध की पुष्टि होती है तो विधि अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, जबकि पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच की जा रही है तथा जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

  • छतरपुर में विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, डायल-100 में तोड़फोड़, दो सिपाही घायल

    छतरपुर में विवाद सुलझाने पहुंची पुलिस टीम पर हमला, डायल-100 में तोड़फोड़, दो सिपाही घायल

     मध्य प्रदेश । के छतरपुर जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर हुए हमले ने प्रशासनिक तंत्र को सतर्क कर दिया है। एक ग्रामीण विवाद को शांत कराने गई डायल-100 टीम को उस समय हिंसक विरोध का सामना करना पड़ा जब कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करते हुए उन पर हमला कर दिया। घटना में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि शासकीय वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया।

    जानकारी के अनुसार घटना चंदला थाना क्षेत्र के एक गांव की है, जहां दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी। स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से डायल-100 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मी दोनों पक्षों को समझाने और विवाद समाप्त कराने का प्रयास कर रहे थे ताकि मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सके।

    प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार बातचीत के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ लोग उग्र हो गए और उन्होंने पुलिस दल के प्रति आक्रामक रवैया अपनाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति हिंसक रूप ले बैठी और पुलिस वाहन पर हमला कर दिया गया। लाठी-डंडों और अन्य माध्यमों से किए गए हमले में वाहन के शीशे तथा अन्य हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए।

    घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घायल जवानों को तत्काल उपचार के लिए निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां उनका प्राथमिक इलाज किया गया। अधिकारियों के अनुसार दोनों की स्थिति स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर रवाना किया गया।

    अतिरिक्त पुलिस बल के पहुंचने के बाद हालात को नियंत्रित किया गया और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करने के प्रयास किए गए। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को देखते हुए मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों पर हमला करने जैसे मामलों को गंभीर अपराध माना जाता है और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाती है।

    प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इनमें शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, मारपीट करना तथा पुलिसकर्मियों पर गंभीर हमला करने जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस ने कुछ व्यक्तियों को नामजद आरोपी बनाया है और अन्य संदिग्धों की पहचान की प्रक्रिया भी जारी है।

    अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई है ताकि कोई आरोपी फरार न हो सके। पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी विवाद की स्थिति में हिंसा का सहारा लेने के बजाय कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा करना चाहिए। पुलिस का दायित्व शांति और सुरक्षा बनाए रखना है, इसलिए जांच और कार्रवाई में सहयोग करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

    छतरपुर की यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि छोटे विवाद भी यदि समय पर नियंत्रित न किए जाएं तो गंभीर रूप ले सकते हैं। प्रशासन अब मामले की हर पहलू से जांच कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में जुटा हुआ है।

  • MP: छतरपुर में बेकाबू ट्रक ने ई-रिक्शा को रौंदा, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 5 घायल

    MP: छतरपुर में बेकाबू ट्रक ने ई-रिक्शा को रौंदा, एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत, 5 घायल


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) में रविवार को दर्दनाक सड़क हादसा (Tragic Road Accident) हो गया। बिजावर रोड स्थित मतगुवा पेट्रोल पंप के पास ई-रिक्शा और ट्रक की जोरदार टक्कर में एक ही परिवार के तीन लोगों (Three people) की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

    जानकारी के मुताबिक, हटनाई थाना ईशानगर निवासी करंजू आदिवासी अपने परिवार के साथ बटन नंदगाय, सटई से ई-रिक्शा में सवार होकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान मतगुवा की ओर से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे में सुमन आदिवासी (16 वर्ष), सोमवती आदिवासी (8 वर्ष) और भूरा आदिवासी (5 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। तीनों एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं। वहीं हादसे में करंजू आदिवासी (41 वर्ष), कन्हैया आदिवासी (14 वर्ष), गेंदा आदिवासी (38 वर्ष) और अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    बताया गया है कि घायल किशन आदिवासी विजयपुरा सटई निवासी हैं, जो टैक्सी चालक और मृतकों के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। हादसे के बाद मृतकों के परिवार में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने सड़क पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

  • MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित

    MP: छतरपुर में नाबालिग को बस स्टैंड से उठा ले गए बदमाश… किया गैंगरेप, 10 हजार का इनाम घोषित


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर (Chhatarpur) में एक 17 वर्षीय नाबालिग आदिवासी लड़की (Minor Tribal Girl) के साथ गैंगरेप का दर्दनाक मामला सामने आया है। शुक्रवार की रात बस स्टैंड पर जब पीड़िता होटल ढूंढ रही थी तब दो युवकों ने उसके साथ मारपीट की और जबरन स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। वहां पहले से मौजूद एक अन्य साथी के साथ मिलकर तीनों आरोपियों ने लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और फिर मारपीट कर फरार हो गए। सुबह पीड़िता की शिकायत पर पुलिस तुरंत हरकत में आई। आरोपियों को पकड़ने के लिए 10 टीमें बनाई गई हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है।


    रात 12 बजे की घटना

    जानकारी के मुताबिक, यह घटना रात के करीब 12 बजे की है। लड़की अपने किसी जानने वाले के साथ बस स्टैंड आई थी। जब वह व्यक्ति चला गया तो लड़की रात गुजारने के लिए किसी होटल या लॉज को ढूंढने लगी। इसी बीच 2 लड़के वहां आए।


    लड़की के साथ मारपीट, किया अगवा; गैंगरेप

    आरोपी लड़कों ने लड़की के साथ मारपीट की और उसे जबरदस्ती अपनी स्कूटी पर बैठाकर एक कमरे में ले गए। उस कमरे में पहले से ही एक और लड़का मौजूद था। वहां इन तीनों ने मिलकर नाबालिग लड़की के साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी लड़की को पीटकर वहां से भाग गए।


    पुलिस ने आरोपियों को दबोचने के लिए बनाई 10 टीमें

    सुबह होते ही पीड़िता पुलिस के पास पहुंची और पूरी वारदात की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। छतरपुर के सीएसपी अरुण सोनी ने बताया कि आरोपियों ने लड़की का विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की थी। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए एसपी के निर्देश पर 10 अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं जो लगातार छापेमारी कर रही हैं।


    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, आरोपियों पर घोषित किया इनाम

    पुलिस बस स्टैंड के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और वहां मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों की सूचना देने वालों के लिए ईनाम घोषित किया है। आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। दावा किया है कि उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना ने एक बार फिर इलाके में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • MP: छतरपुर में पंचायत सचिव का कारनामा… 3 'जिंदा' लोगों के जारी कर दिए डेथ सर्टिफिकेट…

    MP: छतरपुर में पंचायत सचिव का कारनामा… 3 'जिंदा' लोगों के जारी कर दिए डेथ सर्टिफिकेट…


    छतरपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के छतरपुर जिले (Chhatarpur district) में एक पंचायत सचिव को 3 जिंदा लोगों के नाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जारी करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है. जहां स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सचिव ने शायद किसी दबाव में आकर ऐसा किया हो, वहीं अधिकारियों ने संकेत दिया कि यह गलती शायद कंप्यूटर चलाने की जानकारी न होने के कारण हुई हो।

    सचिव अमर सिंह के खिलाफ यह कार्रवाई 17 अप्रैल को रमाबाई रायकवार, गिरजा विश्वकर्मा और कल्लू अहिरवार की ओर से दर्ज कराई गई एक शिकायत के बाद की गई. इन लोगों ने आरोप लगाया था कि उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया था और उनके मृत्यु प्रमाण पत्र गलत तरीके से बना दिए गए थे।


    पेंशन रुकी तो पता चला- ‘हम तो मर चुके हैं’

    अपनी शिकायत में रायकवार और विश्वकर्मा ने कहा कि उन्हें मृत घोषित किए जाने के बाद उनकी विधवा पेंशन रोक दी गई थी. अहिरवार ने दावा किया कि वह दलित कल्याण योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभों का फायदा नहीं उठा पा रहे थे, क्योंकि उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था।


    बदला या तकनीकी गलती?

    स्थानीय लोगों ने दावा किया कि इन तीनों लोगों ने चुनाव के दौरान चंद्रापुरा के सरपंच के खिलाफ काम किया था, और हो सकता है कि सरपंच ने बदला लेने के लिए सचिव पर दबाव डाला हो।


    CEO की कार्रवाई और सचिव का निलंबन

    जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) नमः शिवाय अरजरिया ने चंद्रापुरा ग्राम पंचायत के सचिव अमर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. हालांकि, अरजरिया ने कहा कि वह इस शिकायत पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते, क्योंकि अभी जांच चल रही है. उन्होंने कहा कि सचिव को कंप्यूटर चलाने की ज्यादा जानकारी नहीं थी और इसलिए शायद यह गलती हो गई हो।

    CEO ने कहा कि शुरुआती तौर पर यह पाया गया कि यह कृत्य ‘मध्य प्रदेश पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1996’ के तहत एक गंभीर कदाचार (गलत आचरण) है. निलंबन की अवधि के दौरान अमर सिंह को जनपद पंचायत गौरिहार कार्यालय से अटैच किया जाएगा और उन्हें जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

  • हनुमान जन्मोत्सव पर मध्यप्रदेश में भक्ति की धूम, सोने-चांदी का शृंगार, छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण

    हनुमान जन्मोत्सव पर मध्यप्रदेश में भक्ति की धूम, सोने-चांदी का शृंगार, छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण


    भोपाल । आज हनुमान जन्मोत्सव पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में शोभायात्राएं, भंडारे और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर सहित प्रमुख शहरों के हनुमान मंदिरों में सुबह से ही पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर जारी है।

    प्रमुख मंदिरों में विशेष आयोजन
    भोपाल के खेड़ापति हनुमान मंदिर, इंदौर के पितरेश्वर और रणजीत हनुमान मंदिर, उज्जैन के गेबी हनुमान, जबलपुर के अर्जी वाले हनुमान और ग्वालियर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर में भक्त बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सभी स्थानों पर विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं।

    सोने-चांदी से हुआ भव्य शृंगार

    ग्वालियर में रोकड़िया महाराज को करीब 1 लाख रुपए कीमत की चांदी की पोशाक पहनाई गई। वहीं रतलाम के श्री बरबड़ हनुमान मंदिर और श्री मेहंदी कुई बालाजी मंदिर में सोने से आकर्षक शृंगार किया गया। धानमंडी स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में बालाजी को 60 ग्राम केसर और सोने के वर्क से सजाया गया।

    छतरपुर में 51 फीट प्रतिमा का अनावरण

    छतरपुर में 171 क्विंटल अष्टधातु से बनी 51 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। इस विशाल प्रतिमा को बनाने में करीब 7 वर्षों का समय लगा, जो अब श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।

    शुभ योग में मनाया जा रहा प्राकट्य दिवस

    धार्मिक मान्यता के अनुसार चैत्र मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को हनुमानजी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार यह तिथि हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग में आई है, जो अत्यंत शुभ मानी जा रही है। इस अवसर पर श्रद्धालु विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के जरिए हनुमानजी की कृपा प्राप्त करने में जुटे हैं।

    गरगज हनुमान मंदिर की विशेष मान्यता
    ग्वालियर के बहोड़ापुर स्थित 400-500 वर्ष पुराने गरगज हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन हो रहे हैं। मान्यता है कि यहां लगातार पांच मंगलवार दर्शन करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सुबह से यहां भजन-कीर्तन और दर्शन का सिलसिला जारी है।

    इंदौर में केसरिया महल थीम की सजावट

    इंदौर के रणजीत हनुमान मंदिर में इस बार केसरिया महल थीम पर भव्य सजावट की गई है। मंदिर को फूलों और केसरिया पर्दों से सजाया गया है, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में रंगा नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

    आगर मालवा में कन्या भोज और विशेष सजावट
    आगर मालवा के गोपाल मंदिर स्थित वीर हनुमान का आकर्षक शृंगार किया गया। यहां गन्नों से पंडाल सजाया गया और बच्चियों द्वारा रंगोली बनाई गई। 511 से अधिक कन्याओं को भोजन कराया गया। शाम 7:30 बजे महाआरती का आयोजन होगा।

    अनूपपुर में रामायण पाठ और भंडारे
    अनूपपुर जिले में सुबह से रामायण पाठ, हवन-पूजन और भंडारे आयोजित किए जा रहे हैं। कोतमा, जैतहरी, अमरकंटक और बिजुरी सहित कई क्षेत्रों में मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी जा रही है। विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद आरती की गई और शाम को शोभायात्रा निकाली जाएगी।

    सीहोर और भोपाल में उमड़े श्रद्धालु

    सीहोर के हनुमान फाटक मंदिर, मठ मंदिर और पंचमुखी हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। भोपाल के खटलापुरा हनुमान मंदिर में विशेष पूजा, सुंदरकांड पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की।

    छिंदवाड़ा की 101 फीट प्रतिमा आकर्षण का केंद्र
    छिंदवाड़ा के सिमरिया में स्थित 101 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। यह विशाल प्रतिमा क्षेत्र में आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है।