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  • नवंबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, दिवाली से गुरु नानक जयंती तक जानिए किस तारीख को कहां मिलेगी छुट्टी

    नवंबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, दिवाली से गुरु नानक जयंती तक जानिए किस तारीख को कहां मिलेगी छुट्टी

    नई दिल्ली । नवंबर 2026 में बैंकिंग से जुड़े कामकाज की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए छुट्टियों की जानकारी महत्वपूर्ण है। इस महीने दिवाली, गोवर्धन पूजा, छठ पूजा, गुरु नानक जयंती और अन्य क्षेत्रीय त्योहारों के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इसके अलावा रविवार और महीने के दूसरे तथा चौथे शनिवार को भी नियमित अवकाश रहेगा। उपलब्ध छुट्टी कैलेंडर के अनुसार नवंबर में कुल 16 दिन बैंक बंद रहने का प्रावधान है। हालांकि, इन सभी दिनों में देशभर के बैंक एक साथ बंद नहीं रहेंगे। त्योहारों की छुट्टियां संबंधित राज्यों और शहरों के आधार पर लागू होंगी।

    नवंबर में कुल सात दिन रविवार और शनिवार के नियमित अवकाश के कारण बैंक शाखाओं में कामकाज नहीं होगा। इसके अलावा नौ तारीखों पर अलग-अलग राज्यों में त्योहारों और स्थानीय आयोजनों के कारण बैंक बंद रहेंगे। इसलिए ग्राहकों को अपने शहर के अनुसार छुट्टियों की जानकारी रखना जरूरी है। खासतौर पर चेक जमा करने, बैंक ड्राफ्ट बनवाने, नकद लेनदेन और अन्य शाखा आधारित कामों के लिए पहले से योजना बनाना उपयोगी रहेगा।

    महीने की शुरुआत में 9 नवंबर को दिवाली, लक्ष्मी पूजा, गोवर्धन पूजा और विश्वकर्मा दिवस के अवसर पर अगरतला, भोपाल, चंडीगढ़, गंगटोक, इंफाल, जयपुर, कानपुर और लखनऊ समेत कई शहरों में बैंक बंद रहेंगे। इसके अगले दिन यानी 10 नवंबर को अहमदाबाद, बेलापुर, बेंगलुरु, देहरादून, गंगटोक, मुंबई और नागपुर में दिवाली से जुड़े आयोजनों तथा विक्रम संवत नववर्ष के कारण बैंक शाखाओं में छुट्टी रहेगी।

    11 नवंबर को भाई दूज, लक्ष्मी पूजा और चित्रगुप्त जयंती के चलते गंगटोक, इंफाल, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ और शिमला में बैंक बंद रहेंगे। वहीं, 13 नवंबर को मेघालय के शिलांग में वांगला उत्सव के कारण बैंकिंग सेवाएं शाखाओं में उपलब्ध नहीं रहेंगी।

    16 नवंबर को छठ पूजा के अवसर पर बिहार की राजधानी पटना और झारखंड की राजधानी रांची में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। छठ पूजा बिहार और आसपास के क्षेत्रों में महत्वपूर्ण पर्व है, जिसके चलते संबंधित शहरों में बैंकिंग कामकाज प्रभावित रहेगा। इसके बाद 20 नवंबर को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में इगास-बग्वाल के अवसर पर छुट्टी रहेगी।

    23 नवंबर को मेघालय के शिलांग में सेंग कुट स्नेम के कारण बैंक बंद रहेंगे। वहीं, 24 नवंबर को गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और राहस पूर्णिमा के अवसर पर दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के विभिन्न शहरों में बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा। महीने के अंतिम सप्ताह में 27 नवंबर को कर्नाटक के बेंगलुरु में कनकदास जयंती के कारण बैंक बंद रहेंगे।

    त्योहारों के अलावा नवंबर में पांच रविवार पड़ रहे हैं। ये रविवार 1, 8, 15, 22 और 29 नवंबर को होंगे। इन सभी दिनों में देशभर की बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इसके अतिरिक्त 14 नवंबर को दूसरा शनिवार और 28 नवंबर को चौथा शनिवार होने के कारण भी नियमित बैंकिंग कामकाज नहीं होगा।

    हालांकि, बैंक शाखाओं में छुट्टी होने का मतलब यह नहीं है कि ग्राहकों की सभी बैंकिंग सेवाएं बंद हो जाएंगी। मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी सुविधाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहने की संभावना है। ग्राहक इन माध्यमों से पैसे ट्रांसफर करने, बैलेंस चेक करने और नकद निकालने जैसे काम कर सकेंगे।

    दूसरी ओर, चेक क्लियरेंस, बैंक दस्तावेजों से जुड़े काम और शाखा में जाकर किए जाने वाले लेनदेन छुट्टियों के कारण प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में नवंबर में किसी जरूरी वित्तीय काम की योजना बना रहे ग्राहकों को अपने शहर की छुट्टियों की सूची देखकर पहले ही बैंकिंग संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर लेनी चाहिए।

  • नवंबर 2026 में दिवाली, धनतेरस, छठ पूजा और देव दीपावली समेत जानें सभी प्रमुख व्रत-त्योहारों की तारीखें

    नवंबर 2026 में दिवाली, धनतेरस, छठ पूजा और देव दीपावली समेत जानें सभी प्रमुख व्रत-त्योहारों की तारीखें

    नई दिल्ली । नवंबर 2026 का महीना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से खास रहने वाला है। इस दौरान धनतेरस, दिवाली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और छठ पूजा जैसे प्रमुख त्योहार मनाए जाएंगे। इसके अलावा देवउठनी एकादशी, तुलसी विवाह, कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक जयंती जैसे महत्वपूर्ण पर्व भी इसी महीने पड़ेंगे। व्रत और त्योहारों की तारीखों की जानकारी पहले से होने पर लोग अपनी धार्मिक तैयारियां और पूजा-पाठ की योजनाएं व्यवस्थित कर सकते हैं। नवंबर के कैलेंडर में महीने की शुरुआत से लेकर अंतिम सप्ताह तक कई महत्वपूर्ण तिथियां शामिल हैं।

    महीने की शुरुआत 1 नवंबर को अहोई अष्टमी, राधा कुंड स्नान और कालाष्टमी के साथ होगी। इसके बाद 5 नवंबर को रमा एकादशी, कृष्ण पद्मनाभ द्वादशी और गोवत्स द्वादशी मनाई जाएगी। 6 नवंबर को धनतेरस, धनत्रयोदशी, यम दीपम और शुक्र प्रदोष व्रत पड़ेंगे। धनतेरस को दीपावली पर्व की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है।

    धनतेरस की तिथि को लेकर दिए गए पंचांग विवरण के अनुसार, कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर शुरू होकर 7 नवंबर को सुबह 11 बजकर 45 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इसके अगले दिन 7 नवंबर को काली चौदस, हनुमान पूजा और मासिक शिवरात्रि के पर्व पड़ेंगे।

    8 नवंबर, रविवार को दिवाली मनाई जाएगी। इस अवसर पर घरों में दीप जलाने और माता लक्ष्मी तथा भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह लगभग 11 बजकर 28 मिनट पर शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर लगभग 12 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी। 8 नवंबर को नरक चतुर्दशी, काली पूजा, केदार गौरी व्रत और कमला जयंती भी सूची में शामिल हैं। 9 नवंबर को अन्वाधान और कार्तिक अमावस्या के पर्व बताए गए हैं।

    10 नवंबर को गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, बलि प्रतिपदा और गुजराती नववर्ष मनाया जाएगा। इसके अगले दिन 11 नवंबर को भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त पूजा और चंद्र दर्शन होंगे। 13 नवंबर से छठ पर्व की शुरुआत होगी। इसी दिन नागुला चविथी और लाभ चतुर्थी भी पड़ेंगे। 14 नवंबर को लाभ पंचमी और 15 नवंबर को छठ पूजा का दूसरा दिन तथा स्कंद षष्ठी मनाई जाएगी।

    महीने के मध्य में 16 नवंबर को वृश्चिक संक्रांति और जैन अष्टाह्निका का प्रारंभ होगा। 17 नवंबर को गोपाष्टमी, मंडला पूजा प्रारंभ और मासिक दुर्गाष्टमी पड़ेंगे। 18 नवंबर को अक्षय नवमी, आंवला नवमी और जगद्धात्री पूजा मनाई जाएगी।

    20 नवंबर को देवउठनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी, प्रबोधिनी एकादशी और भीष्म पंचक का प्रारंभ होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा से जागते हैं और चातुर्मास का समापन होता है। 21 नवंबर को तुलसी विवाह, योगेश्वर द्वादशी, गुरुवायुर एकादशी और वैष्णव देवोत्थान एकादशी मनाई जाएगी। 22 नवंबर को विश्वेश्वर व्रत और रवि प्रदोष व्रत पड़ेंगे।

    23 नवंबर को बैकुंठ चतुर्दशी, मणिकर्णिका स्नान और कार्तिक चौमासी चौदस मनाई जाएगी। 24 नवंबर को देव दीपावली, गुरु नानक जयंती, कार्तिक पूर्णिमा और पुष्कर स्नान के पर्व पड़ेंगे। इसी दिन भीष्म पंचक का समापन भी होगा। 25 नवंबर को मार्गशीर्ष मास का प्रारंभ, रोहिणी व्रत और इष्टि होंगे। महीने के अंतिम प्रमुख व्रतों में 27 नवंबर को गणाधिप संकष्टी और मार्गशीर्ष गणेश चतुर्थी शामिल हैं।

  • क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के सेट पर दिखी छठ पूजा की रौनक, पारंपरिक अंदाज में नजर आईं अभिनेत्रियां

    क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2 के सेट पर दिखी छठ पूजा की रौनक, पारंपरिक अंदाज में नजर आईं अभिनेत्रियां


    नई दिल्ली ।
    लोक आस्था का महापर्व छठ जल्द ही आने वाला है और इसकी तैयारियों के साथ त्योहार का उत्साह भी बढ़ने लगा है। इस बार छठ पूजा की झलक टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक के सेट पर भी देखने को मिलेगी। चर्चित शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ के आगामी एपिसोड में छठ पूजा से जुड़ा ट्रैक दिखाया जाएगा।

    इसी दौरान अभिनेत्री गौरी प्रधान ने शो के सेट से छठ पूजा के जश्न की तस्वीरें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि यह उनकी पहली छठ पूजा है। तस्वीरों में अभिनेत्री पारंपरिक लाल परिधान में नजर आ रही हैं और उनके साथ शो की अन्य अभिनेत्रियां भी त्योहार के रंग में दिखाई दे रही हैं।

    गौरी प्रधान ने लाल साड़ी पहनी हुई है। इसके साथ उन्होंने पारंपरिक आभूषण और सिर पर दुपट्टा लिया हुआ है। उनके माथे पर सिंदूर भी नजर आ रहा है। तस्वीर में उनके साथ रावी गुप्ता और प्राची सिंह भी पारंपरिक लाल परिधानों में दिखाई दे रही हैं। तीनों अभिनेत्रियों का लुक छठ पूजा के अनुरूप तैयार किया गया है।

    रावी गुप्ता शो में दामिनी विरानी की भूमिका निभा रही हैं, जबकि प्राची सिंह मुन्नी विरानी के किरदार में नजर आती हैं। तस्वीर में तीनों अभिनेत्रियां साथ खड़ी होकर कैमरे के लिए पोज देती दिखाई दे रही हैं। उनके पारंपरिक परिधान और साज-सज्जा से सेट पर त्योहार की तैयारियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    गौरी प्रधान ने तस्वीर साझा करते हुए अपनी पहली छठ पूजा का जिक्र किया। शो की कहानी में भी इस समय छठ पूजा के उत्सव को शामिल किया गया है। आगामी एपिसोड में विरानी परिवार की महिलाएं इस महापर्व में हिस्सा लेती हुई दिखाई देंगी। इस तरह वास्तविक जीवन के त्योहार और धारावाहिक की कहानी को एक साथ जोड़ा गया है।

    गौरी प्रधान फिलहाल नंदिनी विरानी का किरदार निभा रही हैं। कहानी में नंदिनी, करण विरानी की पत्नी हैं। करण की भूमिका उनके पति हितेन तेजवानी निभा रहे हैं। वहीं रावी गुप्ता दामिनी विरानी के किरदार में हैं और प्राची सिंह का किरदार मुन्नी विरानी एक आईपीएस अधिकारी के रूप में दिखाया गया है। मुन्नी का संबंध विरानी परिवार से भी जुड़ा हुआ है।

    ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ पुराने लोकप्रिय धारावाहिक की अगली कड़ी और रीबूट के रूप में तैयार किया गया है। इसका प्रीमियर 29 जुलाई 2025 को हुआ था। शो में पुराने किरदारों और नए चेहरों के साथ कहानी को आगे बढ़ाया जा रहा है।

    गौरी प्रधान द्वारा साझा की गई तस्वीरों ने शो के सेट पर छठ पूजा के माहौल की झलक दी है। पारंपरिक परिधान में नजर आ रहीं अभिनेत्रियों की तस्वीरें आगामी एपिसोड में दिखने वाले त्योहार से जुड़े ट्रैक की ओर भी संकेत करती हैं।