Tag: Chhatrapati Shivaji Maharaj

  • रितेश देशमुख की 'राजा शिवाजी' के लिए सलमान, अभिषेक और संजय दत्त ने नहीं ली कोई फीस।

    रितेश देशमुख की 'राजा शिवाजी' के लिए सलमान, अभिषेक और संजय दत्त ने नहीं ली कोई फीस।

    नई दिल्ली।
    मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास को पर्दे पर उतारने वाली रितेश देशमुख की फिल्म ‘राजा शिवाजी’ वर्तमान में सिनेमाघरों में धूम मचा रही है। 1 मई को रिलीज हुई इस फिल्म ने न केवल दर्शकों की भावनाओं को छुआ है, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी 41 करोड़ रुपये से अधिक का शानदार कलेक्शन कर लिया है। इस फिल्म की सफलता के पीछे जहाँ रितेश देशमुख का निर्देशन और अभिनय है, वहीं फिल्म जगत के कई बड़े सितारों का निस्वार्थ समर्थन भी शामिल है, जिसकी जानकारी अब खुद रितेश ने साझा की है।

    हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर फिल्म के बारे में बात करते हुए रितेश देशमुख ने भावुक होकर बताया कि इस फिल्म का निर्माण केवल व्यावसायिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि महाराज के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए किया गया था। रितेश ने खुलासा किया कि फिल्म में कैमियो और महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आने वाले सलमान खान, संजय दत्त और अभिषेक बच्चन जैसे बड़े कलाकारों ने इस प्रोजेक्ट के लिए एक भी रुपया फीस नहीं ली है। इन सितारों का मानना था कि शिवाजी महाराज के इतिहास पर बन रही इस भव्य फिल्म का हिस्सा होना ही उनके लिए सम्मान की बात है। विशेषकर सलमान खान, जो रितेश को अपना छोटा भाई मानते हैं, उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के इस ऐतिहासिक ड्रामा में काम करने की सहमति दी।

    रितेश ने बताया कि इस फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार करने में उन्हें साढ़े तीन साल का लंबा समय लगा, क्योंकि वह इतिहास के हर पहलू को पूरी प्रमाणिकता के साथ पेश करना चाहते थे। फिल्म में रितेश के साथ विद्या बालन, भाग्यश्री, फरदीन खान और जितेंद्र जोशी जैसे कई नामी कलाकार नजर आ रहे हैं, जबकि उनकी पत्नी जेनेलिया ने इस फिल्म के निर्माण की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है। रितेश के अनुसार, बॉलीवुड के इन दिग्गजों का बिना फीस लिए काम करना यह दर्शाता है कि शिवाजी महाराज का नाम आज भी सभी को एकता के सूत्र में बांधता है। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान रिलीज हुई यह फिल्म अब पूरे परिवार की पहली पसंद बन गई है, जो मनोरंजन के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी को उनके गौरवशाली अतीत से भी रूबरू करा रही है।

  • छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने का आदेश…. बाम्बे हाईकोर्ट ने गोवा सरकार को लगाई फटकार

    छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा हटाने का आदेश…. बाम्बे हाईकोर्ट ने गोवा सरकार को लगाई फटकार


    मुम्बई।
    बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई करते हुए गोवा (Goa) में स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) की एक प्रतिमा को गिराने का आदेश दे दिया है। इस दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार भी लगाई है। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने अवैध रूप से स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा को हटाने का आदेश देते हुए कहा कि मोरमुगाओ पोर्ट प्राधिकरण (Mormugao Port Authority) की जमीन पर अतिक्रमण रोकने में सरकार ने गंभीर लापरवाही दिखाई है।

    जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित एस जमसांडेकर की पीठ ने राज्य के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुरक्षा की व्यवस्था करें, ताकि प्रतिमा को हटा कर पहले पहले जैसा बनाया जा सके। इससे पहले मोरमुगाओ पोर्ट प्राधिकरण ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए आरोप लगाया था कि उसकी जमीन पर जबरन घुसकर स्थायी प्रतिमा स्थापित कर दी गई, जबकि इस संबंध में पहले ही पुलिस और अन्य अधिकारियों को शिकायत दी गई थी।


    क्या बोला हाईकोर्ट?

    इसके बाद हाईकोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक बड़े बंदरगाह की संपत्ति पर सीधा अतिक्रमण है और राज्य सरकार मूकदर्शक बनी रही। अदालत ने यहां तक कहा कि ऐसा लगता है कि अधिकारियों ने अतिक्रमण करने वालों के साथ परोक्ष रूप से सहयोग किया है। अदालत ने पुलिस के हलफनामे का हवाला देते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस ने पहले ही कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई थी, इसके बावजूद कार्यकारी मजिस्ट्रेट, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों ने 19 फरवरी को प्रतिमा के उद्घाटन को रोकने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।


    सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

    HC ने यह भी नोट किया कि उद्घाटन कार्यक्रम में स्थानीय विधायक संकल्प आमोणकर और अन्य राजनीतिक हस्तियां मौजूद थीं। इससे यह संकेत मिलता है कि प्रशासन और स्थानीय नेताओं के बीच किसी तरह की समझ बनी हुई थी और पोर्ट की जमीन की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि इसी जमीन पर प्रतिमा लगाने के लिए पहले विधायक की ओर से अनुमति मांगी गई थी, जिसे पोर्ट प्राधिकरण ने केंद्र सरकार की भूमि नीति के तहत खारिज कर दिया था।

    HC ने राज्य सरकार की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि पोर्ट प्राधिकरण को सार्वजनिक परिसर कानून के तहत ही कार्रवाई करनी चाहिए या अपनी सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर रहना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य की जिम्मेदारी है और पुलिस और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को इसमें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किया नमन

    भोपाल । मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हिन्दवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।
    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने अभूतपूर्व पराक्रम, अद्वितीय शौर्य और उत्कृष्ट युद्ध कौशल से अखंड भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उन्होंने मां भारती के स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन राष्ट्रभक्ति, संगठन क्षमता और सुशासन का अद्वितीय उदाहरण है। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व आज भी युवाओं को साहस, नेतृत्व और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता है।

    उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि शिवाजी महाराज के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान दें।