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  • छत्तीसगढ़ का बेस्ट टूरिस्ट विलेज: सरोधा-दादर की हरियाली और ठंडी हवाओं में मिलेगा हिमालय जैसी ठंडक

    छत्तीसगढ़ का बेस्ट टूरिस्ट विलेज: सरोधा-दादर की हरियाली और ठंडी हवाओं में मिलेगा हिमालय जैसी ठंडक



    नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थित ‘सिल्वर विलेज’ सरोधा-दादर अपनी हरियाली, ठंडी हवाओं और शांत माहौल से मसूरी-शिमला जैसी अनुभूति कराता है। मैकल पर्वत की तलहटी में बसे इस गांव को 2023 में भारत के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार मिला है और यह प्रकृति प्रेमियों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन है।

    छत्तीसगढ़ को अक्सर घने जंगलों और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है, लेकिन यहां छिपे कुछ गांव अपनी खूबसूरती में पहाड़ी हिल स्टेशनों को भी मात देते हैं। ऐसा ही एक अनोखा और बेहद सुंदर गांव है सरोधा-दादर, जिसे छत्तीसगढ़ का ‘सिल्वर विलेज’ कहा जाता है। यह गांव न सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए मशहूर है, बल्कि अपनी सादगी, शांति और मेहमाननवाजी से हर आने वाले का दिल जीत लेता है।

    छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में स्थित यह गांव मैकल पर्वत की तलहटी में बसा हुआ है। चारों ओर फैली हरी-भरी पहाड़ियां, ठंडी हवाएं, साफ-सुथरा वातावरण और शांत घाटियां इसे किसी जन्नत से कम नहीं बनातीं।

    यहां पहुंचते ही लोगों को शिमला और मसूरी जैसी ठंडक और सुकून का अहसास होने लगता है, यही वजह है कि देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी पर्यटक इस गांव को देखने आते हैं।

    सरोधा-दादर की खूबसूरती और टिकाऊ पर्यटन मॉडल को देखते हुए साल 2023 में इसे भारत के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव का पुरस्कार भी मिल चुका है। यहां की पारंपरिक जीवनशैली, आदिवासी संस्कृति और प्रकृति के साथ तालमेल इसे बाकी पर्यटन स्थलों से अलग बनाता है। गांव के लोग पर्यटकों का दिल से स्वागत करते हैं, जिससे यहां आने वालों का अनुभव और भी खास बन जाता है।

    प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफी के शौकीनों और शांति की तलाश में निकले यात्रियों के लिए सरोधा-दादर एक परफेक्ट डेस्टिनेशन है। अगर आप भी भीड़-भाड़ से दूर किसी शांत, हरे-भरे और खूबसूरत स्थान पर समय बिताना चाहते हैं, तो अगली ट्रिप में मसूरी-शिमला की जगह छत्तीसगढ़ के इस ‘सिल्वर विलेज’ को जरूर शामिल करें।
    प्रकृति के करीब समय बिताने वालों, फोटोग्राफी के शौकीनों और शांति की तलाश में रहने वालों के लिए सरोधा-दादर किसी जन्नत से कम नहीं है। यहां न तो शहरों की भागदौड़ है और न ही भीड़-भाड़ का शोर। अगर आप भीड़ से दूर, शुद्ध हवा और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच कुछ सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं, तो छत्तीसगढ़ का यह ‘सिल्वर विलेज’ आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।

  • सीतानदी अभयारण्य में बिखरी जैव विविधता की छटा: शावकों संग अठखेलियां करते दिखे तेंदुए, दुर्लभ वीडियो ने मोह लिया मन

    सीतानदी अभयारण्य में बिखरी जैव विविधता की छटा: शावकों संग अठखेलियां करते दिखे तेंदुए, दुर्लभ वीडियो ने मोह लिया मन

    धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में स्थित ‘सीतानदी अभयारण्य’ एक बार फिर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध वन्य जीवन के कारण सुर्खियों में है। सोमवार को इस अभयारण्य क्षेत्र से वन्यजीवों के कुछ ऐसे दुर्लभ और मनोहारी वीडियो सामने आए हैं, जिन्होंने प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीव विशेषज्ञों को उत्साहित कर दिया है। इन वीडियो में जंगल की गहराई में छिपी जैव विविधता की एक शानदार झलक देखने को मिल रही है, जहाँ वन्य प्राणी अपने प्राकृतिक आवास में बेखौफ विचरण करते नजर आ रहे हैं।

    तेंदुए के कुनबे ने खींचा सबका ध्यान सामने आए वीडियो में सबसे खास नजारा एक तेंदुए के परिवार का है। वीडियो में दो वयस्क तेंदुए अपने शावक के साथ दिखाई दे रहे हैं। शावक को अपनी माँ के साथ सुरक्षित माहौल में अठखेलियां करते देखना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि सीतानदी का यह घना जंगल वन्यजीवों के प्रजनन और उनके वंश वृद्धि के लिए पूरी तरह अनुकूल है। तेंदुओं का इस तरह अपने परिवार के साथ दिखना दुर्लभ माना जाता है और यह क्षेत्र में बेहतर ईको-सिस्टम का संकेत देता है।

    स्वच्छंद विचरण करते वन्य जीव सोशल मीडिया और वन विभाग के गलियारों में चर्चा का विषय बने इन वीडियो में केवल तेंदुए ही नहीं, बल्कि जंगल के अन्य बाशिंदे भी अपने स्वाभाविक व्यवहार में नजर आ रहे हैं। कहीं कुछ वन्य प्राणी तेजी से जंगल की पगडंडियों को पार करते दिख रहे हैं, तो कहीं शांति से चरते हुए। कैमरों में कैद यह गतिविधियां बताती हैं कि मानवीय हस्तक्षेप कम होने और वन विभाग की मुस्तैदी के कारण यहाँ का वन्य जीवन सुरक्षित और खुशहाल है।

    पर्यटन और संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा वन विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के वीडियो सामने आने से न केवल सीतानदी अभयारण्य के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ेगी, बल्कि भविष्य में ईको-टूरिज्म को भी नया आयाम मिलेगा। जैव विविधता की यह झलक यह संदेश देती है कि यदि वनों को संरक्षित रखा जाए, तो लुप्तप्राय प्रजातियां भी फल-फूल सकती हैं। यह वीडियो वर्तमान में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता की एक छोटी सी लेकिन बेहद महत्वपूर्ण बानगी है।