Tag: Chief Minister Dr. Mohan Yadav

  • मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बड़वानी और निमाड़ की धरती संतों, संस्कृति और लोक परंपराओं से समृद्ध रही है। भारत की संत परंपरा ने सदैव समाज को सही दिशा दिखाई है, उनके मार्गदर्शन से समाज में सद्भाव, संयम और सेवा की भावना विकसित होती है। गरीबों, जरूरतमंदों और पीड़ितों की सेवा ही सच्ची भक्ति है, समाज तभी आगे बढ़ता है जब धर्म और सेवा साथ चलते हैं, यही भारतीय संस्कृति का मूल संदेश है। बड़वानी जिले के तलून में बनने वाला खाटू श्याम मंदिर इस गौरवशाली विरासत को मजबूत करेगा और आने वाली पीढ़ियां भी इस धरोहर से जुड़ेंगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को तलून में खाटू श्याम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा और 21 कुंडीय महायज्ञ कार्यक्रम को मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

    बाबा श्री खाटू श्याम ने धर्म की रक्षा और लोक कल्याण के लिए त्याग किया

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज का अवसर केवल मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का पर्व है। बाबा श्री खाटू श्याम की कृपा सभी भक्तों पर बनी रहे। बाबा खाटू श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के दु:ख हरने वाले देवता माने जाते हैं। बाबा खाटू श्याम को बर्बरीक का स्वरूप माना जाता है। महाभारत में उन्होंने धर्म की रक्षा और लोक कल्याण के लिए अपना शीश भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित कर दिया था। उनका यह अद्वितीय त्याग भारतीय संस्कृति में वीरता, विनम्रता और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। मां नर्मदा जी की परिक्रमा के बाद महंत शशि गिरि जी महाराज के मन में खाटू श्याम मंदिर बनाने का विचार आया और शहर के भक्तों के सहयोग से मंदिर का सपना साकार हुआ।

    राज्य सरकार प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से देश का अग्रणी राज्य है। राज्य सरकार प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन और सांस्कृतिक विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होती है। यह मंदिर भी उस यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा श्री खाटू श्याम से सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य तथा प्रदेश के विकास और प्रदेशवासियों के कल्याण के लिए प्रार्थना की। कार्यक्रम में सांसद गजेन्द्र पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बड़वानी बलवंत पटेल, महंत महामण्डलेश्वर हरि सुरेन्द्र गिरी जी महाराज, अध्यक्ष खाटू श्याम मंदिर बड़वानी शशि गिरि जी महाराज तथा अन्य संतगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव महावीर जयंती पर शोभायात्रा में हुए शामिल, मुनि श्री 108 संभव सागर महाराज का लिया आशीर्वाद

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव महावीर जयंती पर शोभायात्रा में हुए शामिल, मुनि श्री 108 संभव सागर महाराज का लिया आशीर्वाद


    भोपाल । मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को महावीर जयंती पर श्रमण मुनि श्री 108 संभव सागर महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल के दिगंबर एवं श्वेतांबर जैन समाज द्वारा संयुक्त तत्वावधान में निकाली जा रही भगवान महावीर स्वामी की शोभायात्रा का इतवारा पहुंचकर स्वागत कर यात्रा में शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुनि श्री 108 संभव सागर जी महाराज सहित अन्य मुनिगण को श्रीफल भेंट कर उनका अभिवादन किया। इस अवसर पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, दिगम्बर पंचायत कमेटी के अध्यक्ष पंकज जैन, सुपारी और श्वेताम्बर समाज के अध्यक्ष राजेश तांतेड़ उपस्थित थे।

  • सिंहस्थ-2028 में दुनिया देखेगी सनातन संस्कृति का वैभव: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    सिंहस्थ-2028 में दुनिया देखेगी सनातन संस्कृति का वैभव: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के राम घाट पर आयोजित विक्रमोत्सव-2026 और गुड़ी पड़वा सृष्टि आरंभ उत्सव के अवसर पर कहा कि उज्जैन का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व विश्व स्तर पर अनोखा है। उन्होंने कहा कि आगामी सिंहस्थ-2028 में पूरी दुनिया सनातन संस्कृति के वैभव को देखेगी।

    उज्जैन का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व
    उज्जैन प्राचीन अवंतिका और उज्जयिनी के नाम से विख्यात 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर का धाम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन का पावन शिप्रा तट और यह नगरी जीवन में आस्था और आध्यात्मिक संबल देती है। उन्होंने महान सम्राट विक्रमादित्य की गौरवगाथा का उल्लेख किया जिनके 32 पुतलियों वाले सिंहासन नवरत्नों की विद्वता और वीरता आज भी प्रेरणा का स्रोत हैं।

    सिंहस्थ-2028 की तैयारियाँ

    उज्जैन के सभी मार्गों को फोरलेन और सिक्सलेन बनाया जा रहा है। मां शिप्रा के तट पर लगभग 30 किलोमीटर लंबे नवीन घाट विकसित किए जा रहे हैं। शहर को व्यापार और उद्योग के दृष्टिकोण से भी विकसित किया जा रहा है विक्रम उद्योगपुरी मेडिकल डिवाइस पार्क 12,500 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र और अतिरिक्त 5,000 एकड़ में नया पार्क तैयार। नए एयरपोर्ट और हेलीकॉप्टर सेवाओं से तीर्थाटन को नई ऊंचाई देने का प्रयास।

    सृष्टि आरंभ उत्सव की भव्य झलक

    कार्यक्रम की शुरुआत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पार्श्व गायक श्री विशाल मिश्रा के संगीत से हुई। भव्य ड्रोन-शो लेजर-शो और आतिशबाजी ने शिप्रा तट के आकाश को रोशनी और रंगों से भर दिया। उत्सव ने आस्था संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम प्रस्तुत किया।

    साहित्य और ज्ञान का विमोचन

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ का विक्रम पंचांग 2083 संस्कृति संचालनालय का कला पंचांग विभिन्न ग्रंथों और मोनोग्राफ का विमोचन किया। विमोचित ग्रंथों में अष्टावक्र गीता नारद गीता ब्राह्मण गीता गर्भ गीता समेत महर्षियों और वीर भारत न्यास के विभिन्न ग्रंथ शामिल थे।

    राष्ट्रीय और स्थानीय गणमान्यजन उपस्थित

    राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ जी महाराज विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा महापौर श्री मुकेश टटवाल नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव शोधपीठ निदेशक डॉ. श्रीराम तिवारी और अन्य गणमान्यजन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन को धार्मिक सांस्कृतिक औद्योगिक और वैश्विक पहचान का केंद्र बनाने की दिशा में उठाए गए कदमों का विवरण दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिंहस्थ-2028 में दुनिया सनातन संस्कृति के वैभव और उज्जैन की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को देखेगी।

  • जबलपुर में भाजपा का पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान शुरू, मुख्यमंत्री बोले- संगठन की ताकत ही पार्टी की सफलता का आधार

    जबलपुर में भाजपा का पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान शुरू, मुख्यमंत्री बोले- संगठन की ताकत ही पार्टी की सफलता का आधार


    जबलपुर । जबलपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026 के तहत भाजपा का बड़ा संभागीय प्रशिक्षण अभियान आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश गुजरात के संगठन महामंत्री रत्नाकर सहित वरिष्ठ मंत्री विधायक और कार्यकर्ता शामिल हुए।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संगठन को मजबूत बनाना और प्रशिक्षण का क्रम जारी रखना ही भाजपा को विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनाता है। उन्होंने बताया कि सरकार जनहित के कार्यों में अपने संगठन की शक्ति का उपयोग करती है। डॉ. यादव ने कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक कौशल वैचारिक स्पष्टता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रशिक्षण वर्ग की महत्ता पर जोर दिया।

    उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि भाजपा अपने उद्देश्यों को मिशन की तरह आगे बढ़ा रही है और इसके लिए प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने जूडा की हड़ताल पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और सभी कार्यकर्ताओं से ड्यूटी पर लौटने का आग्रह किया।

    प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर से कार द्वारा जबलपुर पहुंचे और रानीताल स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में शामिल हुए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह भी प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने जबलपुर पहुंची।

    कार्यशाला में जबलपुर रीवा शहडोल और छिंदवाड़ा संभाग के 19 जिलों से लगभग 400 प्रशिक्षार्थी कार्यकर्ता शामिल हैं। प्रातः 11 बजे पंजीयन और दोपहर 12:30 बजे उद्घाटन सत्र हुआ जिसमें वरिष्ठ नेताओं ने मार्गदर्शन प्रदान किया। उद्घाटन के बाद विभिन्न विषयगत सत्रों में विशेषज्ञ और वक्ता कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक वैचारिक और नेतृत्व संबंधी प्रशिक्षण देंगे।

    कार्यशाला के माध्यम से कार्यकर्ताओं को अपने विचारों के प्रति प्रतिबद्ध रहकर जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। भाजपा का यह प्रशिक्षण महाभियान चार संभागों में आयोजित किया गया है और इसका उद्देश्य संगठन की मजबूती के साथ कार्यकर्ताओं को सक्रिय और सक्षम बनाना है।

  • दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से बैठक: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट और प्रशासनिक मुद्दों पर जताई कड़ी अपील

    दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से बैठक: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट और प्रशासनिक मुद्दों पर जताई कड़ी अपील

    नई दिल्ली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली प्रवास के दौरान केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से मुलाकात की, जिसमें दोनों ने राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में राज्य सरकार के बजट संबंधी बकाया राशि को समय पर जारी करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। चालू वित्त वर्ष में केंद्र से प्रदेश को कुल 44,000 करोड़ रुपए मिलने हैं, लेकिन जनवरी तक मात्र 9,500 करोड़ रुपए ही जारी किए जा सके हैं। इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्रियों से आग्रह किया कि बची हुई राशि 31 मार्च से पहले राज्य सरकार को उपलब्ध कराई जाए, ताकि प्रदेश में विकास कार्य और योजनाएं समय पर पूरी हो सकें।

    इसके अलावा मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से सौजन्य भेंट की। इस दौरान प्रदेश में संगठनात्मक सुधार और आगामी नियुक्तियों पर चर्चा हुई। इसी क्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक में नर्मदा परियोजना के वैज्ञानिक अध्ययन और बलिदानी वीरनारी कार्यक्रम के संबंध में भी चर्चा की गई।

    मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा वित्तीय और प्रशासनिक मामलों के साथ-साथ संगठनात्मक सुधार और प्रदेश के विकास लक्ष्यों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्रियों और अन्य अधिकारियों से संवाद के जरिए प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बकाया राशि समय पर मिले और विकास योजनाएं बाधा रहित ढंग से लागू हो सकें। इस दौरे में प्रशासनिक मामलों, बजट वितरण और संगठनात्मक स्थिरता के मुद्दों पर फोकस किया गया।

  • शिक्षा के विस्तार के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़ाव आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

    शिक्षा के विस्तार के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़ाव आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा का विस्तार होना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों से जुड़ाव भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने यह विचार शुक्रवार शाम गांधी नगर स्थित सागर पब्लिक स्कूल के रजत जयंती समारोह में व्यक्त किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्कूल के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और सेवाभावी पदाधिकारियों का सम्मान भी किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यार्थियों का लक्ष्य केवल प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी बनने तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्हें श्रेष्ठ शिक्षक, समर्पित जनप्रतिनिधि, कुशल व्यापारी और अच्छे किसान बनने की भावना भी विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी ऐसे प्रकल्पों से जुड़ें, जिससे वे केवल नौकरी पाने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें।

    डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति मानवीय मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। उन्होंने यह भी कहा कि नई तकनीक के उपयोग के साथ भारतीय संस्कृति से जुड़े रहना हमेशा प्राथमिकता होनी चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आज गूगल और अन्य वैश्विक संस्थाओं में भारतीय उच्च पदों पर कार्यरत हैं और देश का नाम रौशन कर रहे हैं।

    इस अवसर पर डॉ. यादव ने सागर समूह के स्कूल सहित सातवें शिक्षण संस्थान के शुभारंभ पर बधाई दी और समूह की शिक्षा क्षेत्र में 25 वर्ष की उपलब्धियों को सराहा। समारोह में उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा निर्मित विज्ञान मॉडल—जैसे प्लांट्स द्वारा जल प्रदूषण रोकना, विंड मिल और लाइव गार्ड मैनेजमेंट—का अवलोकन किया। साथ ही मिट्टी के शिल्प निर्माण करने वाले बच्चों से संवाद कर उनकी प्रतिभा की प्रशंसा की।

    मुख्यमंत्री ने कक्षा 10 वीं में अंशुमन मौर्य को भी सम्मानित किया, जिन्होंने 99.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया में तीसरी रैंक हासिल की।

    कार्यक्रम को रामेश्वर शर्मा ने भी संबोधित किया। समारोह की शुरुआत में सागर समूह के प्रमुख सुधीर अग्रवाल, सिद्धार्थ अग्रवाल और सागर अग्रवाल ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत किया।

    डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा सिर्फ ज्ञान देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कार, मूल्य और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव का मार्ग भी है। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में श्रेष्ठता, नैतिक मूल्यों और समाज के लिए योगदान देने की प्रेरणा दी।

  • मध्यप्रदेश बना आस्था, पर्यटन और रोज़गार का पावरहाउस: 900 करोड़ से 20 धार्मिक-सांस्कृतिक लोक

    मध्यप्रदेश बना आस्था, पर्यटन और रोज़गार का पावरहाउस: 900 करोड़ से 20 धार्मिक-सांस्कृतिक लोक

    मध्यप्रदेश। प्रधानमंत्री
    श्री नरेन्द्र मोदी के
    विकास भी, विरासत भीके कालजयी मंत्र को ध्येय वाक्य मानकर
    मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक
    पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद
    उज्जैन में
    श्री महाकाल लोकके लोकार्पण के साथ किया था, वह यात्रा अब
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक विराट जन-अभियान का रूप ले चुकी है।
    प्रदेश की पावन धरा पर लगभग
    900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 20 ‘लोकोंका निर्माण किया
    जा रहा है
    , जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी गौरवशाली परंपराओं का जीवंत
    साक्ष्य बनेंगे

    धार्मिक एवं
    सांस्कृतिक वैभव की इस अविरल यात्रा में वर्तमान में
    580 करोड़ रुपये से
    अधिक की लागत से
    17 महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोक पर तीव्र गति से कार्य
    संचालित है। सागर में
    संत रविदास लोक‘ 101 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। यह हमारी
    सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सीहोर जिले के सलकनपुर में
    देवी लोक
    और ओरछा
    में
    श्रीरामराजा
    लोक
    जैसे
    भव्य प्रकल्प अपनी पूर्णता के करीब हैं। सरकार की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि
    मंदसौर में
    भगवान पशुपतिनाथ लोक परिसरका कार्य पूर्ण कर उसे जनता को समर्पित किया जा
    चुका है। साथ ही भोपाल में
    वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक‘, जानापाव में भगवान परशुराम
    लोक
    और
    महेश्वर में
    देवी अहिल्या संग्रहालयजैसे प्रकल्पों ने पूर्ण होकर प्रदेश के
    सांस्कृतिक मानचित्र को और अधिक समृद्ध किया है।

    जन-आस्था का
    सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने
    315 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भविष्य में 3 नए लोक और 2 अन्य लोक के
    द्वितीय चरण को भी मूर्त रूप दिया जायेगा।
    श्री महाकाल लोक
    की
    भव्यता को प्रेरणा मानकर अब ओंकारेश्वर में
    ममलेश्वर लोक
    का
    निर्माण
    , बैतूल
    में ताप्ती उद्गम स्थल में
    ताप्ती लोकऔर मैहर में माँ शारदा लोक
    का
    निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। महेश्वर में
    110 करोड़ रुपये की
    लागत से बनने वाला
    देवी अहिल्या लोकऔर अमरकंटक में माँ नर्मदा लोक
    के
    द्वितीय चरण का निर्माण सनातन संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री डॉ.
    यादव ने कहा कि प्रदेश में निर्मित हो रहे धार्मिक और सांस्कृतिक
    लोककेवल पत्थर और
    ईंटों के निर्माण मात्र नहीं हैं
    , अपितु ये मध्यप्रदेश के विकास के नए ग्रोथ इंजन
    सिद्ध
    होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के
    वोकल फॉर लोकलके विज़न को
    आत्मसात करते हुए ये स्थल पर्यटन के वैश्विक केंद्रों के रूप में उभरेंगे
    , जिससे स्थानीय
    स्तर पर रोज़गार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे। हस्त शिल्पियों से लेकर सेवा
    क्षेत्र तक
    , इन लोकों का विकास हर वर्ग के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार
    खोलेगा। आस्था का यह महायज्ञ जहाँ एक ओर हमारी जड़ों को सींच रहा है
    , वहीं दूसरी ओर
    प्रदेश को आधुनिकता और आत्मनिर्भरता के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

  • पंजाब केसरी' लाला लाजपत राय की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अर्पित की भावांजलि: राष्ट्र सदा कृतज्ञ रहेगा

    पंजाब केसरी' लाला लाजपत राय की जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अर्पित की भावांजलि: राष्ट्र सदा कृतज्ञ रहेगा


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान स्वाधीनता संग्राम सेनानी और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के स्तंभ रहे ‘पंजाब केसरी’ लाला लाजपत राय की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण नमन किया है। बुधवार को भोपाल में जारी अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने लाला जी के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति और उनके महान बलिदान को याद करते हुए कृतज्ञता व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाला लाजपत राय एक ऐसे महानायक थे, जिन्होंने अपनी अंतिम सांस तक मातृभूमि की रक्षा और स्वाधीनता के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा, “श्रद्धेय लाला लाजपत राय जी का बलिदान और उनके द्वारा दिया गया नेतृत्व भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है, जिसने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े लाखों भारतीयों के भीतर आजादी की अलख जगाई और उन्हें स्वतंत्रता संग्राम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।

    स्वतंत्रता संग्राम के लाल को सलाम

    लाला लाजपत राय का जन्म 28 जनवरी 1865 को हुआ था। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रसिद्ध ‘लाल-बाल-पाल’ लाला लाजपत राय, बाल गंगाधर तिलक और बिपिन चंद्र पाल की तिकड़ी के प्रमुख सदस्य थे। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संघर्ष केवल राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक सुधारों का भी मार्गदर्शक रहा है।

    सांयकाल की लाठी और ब्रिटिश साम्राज्य का पतन डॉ. यादव ने उन ऐतिहासिक क्षणों को भी याद किया जब साइमन कमीशन के विरोध के दौरान लाला जी ने अंग्रेजों की लाठियां खाते हुए कहा था कि मेरे शरीर पर पड़ी एक-एक लाठी ब्रिटिश साम्राज्य के ताबूत की अंतिम कील साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके इन शब्दों ने भारतीय जनमानस में वह ऊर्जा भरी जिसने अंततः अंग्रेजों को भारत छोड़ने पर मजबूर कर दिया।

    बलिदान के प्रति राष्ट्र की कृतज्ञता

    मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि आज का आत्मनिर्भर भारत उन्हीं महान बलिदानियों के सपनों का भारत है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे लाला लाजपत राय जैसे महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लें और राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। डॉ. यादव ने ट्वीट और अन्य सोशल मीडिया माध्यमों से भी चित्र साझा कर ‘पंजाब केसरी’ को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

  • शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: 369 सांदीपनि विद्यालयों से संवरेगा प्रदेश का भविष्य, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान

    शिक्षा के क्षेत्र में नया अध्याय: 369 सांदीपनि विद्यालयों से संवरेगा प्रदेश का भविष्य, CM डॉ. यादव का बड़ा ऐलान


    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और मूल्य-आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि साझा की है। बुधवार को जारी एक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे राष्ट्र की अनमोल पूंजी हैं और उनका भविष्य संवारना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 369 नए सांदीपनि विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं, जो अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को भी आत्मसात करेंगे।

    सांदीपनि विद्यालय: आधुनिकता और परंपरा का संगम

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सांदीपनि विद्यालयों की परिकल्पना गुरुकुल शिक्षा पद्धति से प्रेरणा लेकर की गई है। अत्याधुनिक सुविधाएं इन विद्यालयों में केवल भवन ही नहीं, बल्कि बेहतर अधोसंरचना, स्मार्ट क्लास और कुशल मानव प्रबंधन शिक्षक सुनिश्चित किए गए हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा इसका उद्देश्य हर विद्यार्थी तक समावेशी और उच्च स्तरीय शिक्षा की पहुंच बनाना है, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

    शिक्षा का अधिकार 8.50 लाख बच्चों के लिए पुख्ता

    मुख्यमंत्री ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ RTE के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार हर बच्चे को अनिवार्य शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्थायी प्रबंधन प्रदेश के 8.50 लाख से अधिक विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए सरकार ने स्थायी और पुख्ता इंतजाम किए हैं। समावेशी दृष्टिकोण आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के बच्चों को भी मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने के लिए निजी स्कूलों में आरक्षण और सरकारी स्कूलों के उन्नयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री का संकल्प भविष्य संवारने में नहीं होगी कमी

    डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की शिक्षा प्रणाली अब केवल साक्षरता तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह बच्चों के समग्र विकास और कौशल संवर्धन पर आधारित होगी। उन्होंने कुशल मानव प्रबंधन को शिक्षा की रीढ़ बताते हुए शिक्षकों की ट्रेनिंग और शैक्षणिक वातावरण में सुधार के लिए निरंतर कार्य करने की बात कही। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये 369 सांदीपनि विद्यालय भविष्य में प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देंगे और मध्य प्रदेश को एक एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करेंगे।

  • उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं शुभकामनाएं, राष्ट्र निर्माण में UP के योगदान को सराहा

    उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस: मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं शुभकामनाएं, राष्ट्र निर्माण में UP के योगदान को सराहा

    भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के समस्त नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं प्रेषित की हैं। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश को भारतीय संस्कृति का केंद्र बताते हुए राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संदेश में कहा कि उत्तर प्रदेश केवल एक राज्य नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली परंपराओं, आध्यात्मिक चेतना और ऐतिहासिक विरासत का संगम है। उन्होंने कहा: भारतीय संस्कृति महान परंपराओं और राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में उत्तर प्रदेश का योगदान अतुलनीय और प्रेरणादायी है। प्रभु श्री राम और श्री कृष्ण की यह पावन धरा आज प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रही है।

    विकास और सुशासन की कामना

    मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के निरंतर उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सफलता के नए शिखर छुएगा। उन्होंने आगे कहा सांस्कृतिक एकता मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच गहरे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंध हैं। दोनों राज्य मिलकर एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार कर रहे हैं। समृद्धि का पथ डॉ. यादव ने कामना की कि गौरवशाली उत्तर प्रदेश विकास, समृद्धि और सुशासन के पथ पर इसी तरह निरंतर अग्रसर बना रहे और देश की अर्थव्यवस्था में अपना बहुमूल्य योगदान देता रहे।

    क्यों मनाया जाता है UP दिवस

    गौरतलब है कि 24 जनवरी 1950 को ही तत्कालीन यूनाइटेड प्रोविंस का नाम बदलकर ‘उत्तर प्रदेश’ किया गया था। साल 2018 से प्रतिवर्ष इस दिन को स्थापना दिवस के रूप में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की यह बधाई दोनों पड़ोसी राज्यों के बीच सौहार्द और परस्पर सहयोग की भावना को और प्रगाढ़ करती है।