Tag: Chief Minister Mohan Yadav

  • धर्म और मानवता का संदेश याद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर किया सम्मान

    धर्म और मानवता का संदेश याद, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरु तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर किया सम्मान


    भोपाल । भोपाल में सिख धर्म के नौवें गुरु, हिन्द दी चादर, गुरु श्री तेग बहादुर जी के प्रकाश पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके पुण्य स्मरण का कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने अपने जीवन में तप, त्याग और करुणा का मार्ग अपनाया और मानवता के कल्याण के लिए अपने अद्भुत कार्य किए।

    डॉ. यादव ने आगे कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का शौर्य और धर्म की रक्षा के लिए उनका अटूट समर्पण हमेशा हमें प्रेरित करता रहेगा। उनके द्वारा मानवता के कल्याण के लिए दिखाया गया मार्ग आज भी प्रत्येक नागरिक और समाज के लिए मार्गदर्शक है।

    मुख्यमंत्री ने जनता से आह्वान किया कि उनके जीवन के सिद्धांतों और आदर्शों को अपनाते हुए समाज में सहिष्णुता, करुणा और धर्म की रक्षा के मूल्यों को बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का संदेश केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक दृष्टि से भी आज के समय में प्रासंगिक है।

    इस अवसर पर अधिकारियों और नागरिकों ने भी गुरु तेग बहादुर जी के प्रति अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों का सम्मान किया। कार्यक्रम के दौरान उनके जीवन और शिक्षाओं पर प्रकाश डाला गया, जिससे लोगों में उनके संदेश की महत्ता को समझने और अपनाने की भावना जगी।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस पुण्य स्मरण ने सिख समुदाय और पूरे समाज में गुरु तेग बहादुर जी के आदर्शों को याद दिलाने का कार्य किया। उनके जीवन का संदेश, जो धर्म की रक्षा, मानवता की सेवा और करुणा पर आधारित है, आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का स्रोत बनेगा।

  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने संत श्री सुंदर दास की जयंती पर किया श्रद्धांजलि व नागरिकों के लिए प्रेरणा का संदेश

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन ने संत श्री सुंदर दास की जयंती पर किया श्रद्धांजलि व नागरिकों के लिए प्रेरणा का संदेश


    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महान कवि और राष्ट्रसंत 1008 श्री सुंदर दास जी महाराज की 430वीं जयंती पर उनका पुण्य स्मरण कर नमन किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत श्री सुंदर दास जी का जीवन सभी नागरिकों के लिए ज्ञान, भक्ति और राष्ट्र सेवा का प्रेरणास्त्रोत रहेगा। उन्होंने संत श्री की जयंती पर खंडेलवाल समाज को शुभकामनाएं भी दीं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संत के संदेश को याद करते हुए सभी से उनकी शिक्षाओं को अपनाने और समाज में सद्भाव, सेवा और आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

  • मोनालिसा की शादी को लेकर परिवार की CM से शिकायत, फिल्म निर्देशक बोले- सुनियोजित मामला

    मोनालिसा की शादी को लेकर परिवार की CM से शिकायत, फिल्म निर्देशक बोले- सुनियोजित मामला


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के महेश्वर निवासी मोनालिसा भोंसले के विवाह प्रकरण ने राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज कर दी है। फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा ने मोनालिसा के परिवार से मुलाकात की और उनकी शादी को “सुनियोजित लव जिहाद” का हिस्सा बताते हुए कार्रवाई की मांग की। मिश्रा ने बताया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने का समय लेंगे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी उनके सामने रखेंगे।

    मोनालिसा के परिवार का कहना है कि वह अभी नाबालिग हैं। उनके चाचा विजय भोंसले के अनुसार मोनालिसा का जन्म वर्ष 2009 में हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया के दौरान उसके दस्तावेजों में उम्र बढ़ाकर दर्ज कर दी गई, जिससे बाद में शादी को कानूनी दिखाया जा सका। परिवार के एक सदस्य ने यह भी कहा कि फरमान पहले मोनालिसा को बहन कहकर संबोधित करता था और हिंदू प्रतीकों का भी इस्तेमाल करता था।

    मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में मिश्रा ने कहा कि मध्यप्रदेश में राष्ट्रवादी सोच वाली सरकार है और उन्हें उम्मीद है कि राज्य नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से देखेगा। मिश्रा ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम युवती को फंसाने का सुनियोजित तरीका है। उन्होंने बताया कि मोनालिसा को उनकी आगामी फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” में मुख्य भूमिका के लिए चुना गया था, जिसका विषय धर्म परिवर्तन से जुड़ा है। मिश्रा का कहना है कि इसी कारण उन्हें और उनकी सनातनी विचारधारा को निशाना बनाया गया।

    उन्होंने आगे सवाल उठाया कि यह विवाह वामपंथी शासित राज्य केरल में ही करवाई गई, जबकि कोई अन्य राज्य क्यों नहीं चुना गया। मिश्रा ने कहा कि इस रिश्ते को मोनालिसा और फरहान के बीच सांप्रदायिक सौहार्द का उदाहरण बताकर पेश किया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि अगर लड़का हिंदू और लड़की मुस्लिम होती, तो क्या इसे इसी तरह प्रचारित किया जाता।

    मुलाकात के दौरान मोनालिसा का परिवार भावुक नजर आया। उनकी दादी, बुआ, छोटी बहन और अन्य रिश्तेदारों ने इस पूरे विवाद को लेकर अपनी पीड़ा व्यक्त की। परिवार ने कहा कि इस घटना के कारण उन्हें समाज में अपमान का सामना करना पड़ रहा है।

    फिल्म निर्देशक मिश्रा का कहना है कि अब परिवार को भी स्पष्ट हो गया है कि मोनालिसा का फंसाया जाना किसी संकल्पित स्क्रिप्ट की तरह किया गया। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलने के बाद इस मामले में उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई।

  • उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे: किसानों की जीत, मुआवजे की लड़ाई जारी

    उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे: किसानों की जीत, मुआवजे की लड़ाई जारी


    नई दिल्ली। उज्जैन–जावरा ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना को अब नॉर्मल हाईवे के रूप में स्वीकृति मिल गई है। यह फैसला प्रभावित 62 गांवों के करीब 400 किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। शनिवार देर रात किसानों ने भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर इस निर्णय के लिए उनका आभार जताया।

    किसानों ने मुख्यमंत्री से अपनी दो प्रमुख मांगों पर चर्चा की। पहली मांग थी कि हाईवे को एक्सेस कंट्रोल रोड के बजाय नॉर्मल हाईवे के रूप में बनाया जाए ताकि गांवों की कनेक्टिविटी और आवागमन प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने इस मांग को स्वीकार कर किसानों को संतोष दिया।

    दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण मांग थी भूमि अधिग्रहण के लिए वास्तविक बाजार मूल्य पर मुआवजा देने की। किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा तय मुआवजा दरें बेहद कम हैं। 2024–25 की गाइडलाइन के अनुसार केवल 1,700 रुपये से 10,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, उज्जैन–इंदौर ग्रीनफील्ड रोड परियोजना में किसानों को कई जगह 45 लाख रुपये प्रति बीघा तक का मुआवजा मिला था। इसके मुकाबले उज्जैन–जावरा परियोजना में केवल 2–4 लाख रुपये प्रति बीघा का प्रस्ताव है, जिसे किसान अन्यायपूर्ण मान रहे हैं।

    मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उचित मुआवजा दिया जाएगा और उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने किसानों से संयम और भरोसा बनाए रखने की अपील भी की।

    इस निर्णय से प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की राहत की स्थिति है, लेकिन मुआवजे को लेकर संघर्ष अभी जारी है।

  • STSF की बड़ी कार्रवाई: 9 साल से फरार तारकनाथ घोष यूपी से गिरफ्तार, वन्यजीव तस्करी गिरोह को बड़ा झटका

    STSF की बड़ी कार्रवाई: 9 साल से फरार तारकनाथ घोष यूपी से गिरफ्तार, वन्यजीव तस्करी गिरोह को बड़ा झटका


    भोपाल । मध्यप्रदेश की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विशेष निर्देशों के बाद सक्रिय फोर्स ने अंतरराष्ट्रीय कुख्यात तस्कर तारकनाथ घोष को उत्तर प्रदेश के कानपुर से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक ऐसे आरोपी की थी जो पिछले 9 वर्षों से फरार चल रहा था और जिसके खिलाफ राज्य में कछुओं और घड़ियालों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े तीन गंभीर मामले दर्ज थे।

    जानकारी के अनुसार तारकनाथ घोष के खिलाफ ये मामले 5 मई 2017 को CBI को सुपुर्द किए गए थे। तस्करी का यह जाल केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं था बल्कि यह भारत के कई राज्यों और बांग्लादेश व थाईलैंड तक फैला हुआ था। STSF ने लंबे समय से इस पर नजर रखी थी और आरोपी को पकड़ने के लिए 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।

    गिरफ्तारी एक संयुक्त अभियान का हिस्सा थी जिसमें वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो रेलवे पुलिस और अन्य स्थानीय इकाइयों ने सहयोग किया। इस संयुक्त अभियान में STSF ने बड़े पैमाने पर खुफिया जानकारी और जमीन पर निगरानी का इस्तेमाल किया। कानपुर में किए गए ऑपरेशन के दौरान तारकनाथ घोष को घेराबंदी कर पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी को विशेष न्यायालय शिवपुरी में पेश किया गया जहां से उसे रिमांड पर लिया गया है।

    STSF की टीम फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसके पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाया जा सके और अन्य शामिल व्यक्तियों तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोहों के लिए बड़ा झटका है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस सफलता पर STSF और अन्य सहयोगी टीमों की प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है और अवैध तस्करी पर किसी प्रकार की सहनशीलता नहीं दिखाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां न केवल तस्करों के लिए चेतावनी हैं बल्कि वन्यजीवों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।

    वन्यजीव अधिकारियों ने बताया कि इस गिरफ्तारी से प्रदेश में कछुओं घड़ियालों और अन्य संकटग्रस्त प्रजातियों की तस्करी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। साथ ही आरोपी के पूछताछ के आधार पर पूरे तस्करी नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है। इस कार्रवाई को वन्यजीव संरक्षण में ऐतिहासिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

    इस अभियान से यह भी स्पष्ट हो गया है कि मध्यप्रदेश सरकार और STSF वन्यजीव तस्करी को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार सक्रिय हैं। अब अधिकारियों की नजर इस नेटवर्क के अन्य सक्रिय सदस्य और अंतरराष्ट्रीय लिंक पर है ताकि भविष्य में इस तरह की तस्करी को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा सकें।

  • जबलपुर में भाजपा का प्रशिक्षण महाभियान: मुख्यमंत्री बोले- यही कारण है कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी

    जबलपुर में भाजपा का प्रशिक्षण महाभियान: मुख्यमंत्री बोले- यही कारण है कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी


    नई दिल्ली। जबलपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान (2026) के तहत भाजपा के संभागीय कार्यालय में बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, मंत्री, विधायक और वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वैचारिक स्पष्टता, सांगठनिक कौशल और नेतृत्व क्षमता प्रदान करना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लगातार प्रशिक्षण के कारण ही भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाने और उनके कौशल को निखारने हेतु प्रशिक्षण वर्ग आवश्यक है। उन्होंने हेमंत खंडेलवाल की सक्रिय नेतृत्व क्षमता की भी सराहना की और कहा कि सांसद, विधायक और मंत्री दोनों दायित्वों का बराबरी से निर्वहन कर रहे हैं।

    इस अवसर पर डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल रीवा से पहुंचे और कहा कि भाजपा अपने मिशन को पूरा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। उन्होंने जुड़ा की हड़ताल के संबंध में कहा कि समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और सभी को ड्यूटी पर लौटने का अनुरोध किया।

    प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर से कार द्वारा जबलपुर पहुंचे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह भी प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुईं।

    कार्यशाला में जबलपुर, रीवा, शहडोल और छिंदवाड़ा संभाग के लगभग 400 प्रशिक्षार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता और विषय विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में कार्यशाला को संबोधित करेंगे। उद्घाटन सत्र प्रातः 11 बजे पंजीयन के बाद दोपहर 12:30 बजे आयोजित किया गया।

    इस प्रशिक्षण महाभियान का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक दक्षता और वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ तैयार करना है, ताकि भाजपा का जनसंपर्क और नेतृत्व मजबूत हो।

  • भोपाल में रंग पंचमी का भव्य जुलूस: पिचकारी वाला अनोखा निमंत्रण और मुख्यमंत्री की सराहना

    भोपाल में रंग पंचमी का भव्य जुलूस: पिचकारी वाला अनोखा निमंत्रण और मुख्यमंत्री की सराहना



    भोपाल राजधानी भोपाल इस बार 8 मार्च को होने वाले रंग पंचमी पर्व के लिए पहले से ही उत्साह और उमंग से सराबोर हो गई है। श्री हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस साल के रंग पंचमी जुलूस (चल समारोह) को विशेष और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस बार के आयोजन के लिए प्रकाश मालवीय को संयोजक बनाया गया है, जिन्होंने शहर के विभिन्न समाजों, एसोसिएशनों और समितियों के पदाधिकारियों को एक अनोखे अंदाज में निमंत्रित किया है।

    इस बार के निमंत्रण पत्र की खासियत यह है कि इसे पिचकारी के आकार में तैयार किया गया है, जिसमें पूरी जानकारी पिचकारी पर ही अंकित है। समिति ने इस अनोखे कार्ड की प्रतियां मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी भेंट की, जिन्हें यह अभिनव प्रयास बहुत पसंद आया और उन्होंने इसका खुले दिल से स्वागत किया।

    रंग पंचमी का जुलूस केवल उत्सव का प्रदर्शन नहीं बल्कि यह सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और पारंपरिक लोक रंगों का जीवंत अनुभव भी है। प्रकाश मालवीय ने बताया कि इस वर्ष जुलूस में ढोल-ताशों की गूंज, घोड़ी की आकर्षक प्रस्तुति, सुसज्जित झांकियां, डीजे की धुनें और रंग-गुलाल की बौछारें शामिल होंगी, जो पूरे शहर को उत्सवधर्मी माहौल में रंगों से सराबोर कर देंगी।

    समिति का कहना है कि यह जुलूस केवल आनंद और मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि शहरवासियों को आपसी मेल-जोल और सांस्कृतिक भागीदारी का संदेश देने का अवसर भी है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी जुलूस का मार्ग विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, ताकि अधिकतम लोग इस पारंपरिक उत्सव का आनंद ले सकें।

    भोपाल के नागरिक और उत्सव प्रेमी इस भव्य आयोजन के लिए पहले से ही उत्साहित हैं। पिचकारी जैसे अनोखे निमंत्रण पत्र और जुलूस की तैयारियों ने रंग पंचमी को और भी खास और यादगार बना दिया है। शहर के लोग अब 8 मार्च का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब पूरा भोपाल रंगों, संगीत और उत्साह से भरपूर माहौल में झूम उठेगा।

  • सुख, शांति और समृद्धि के रंग बिखेरती होली, मुख्यमंत्री निवास में मयूर नृत्य और ब्रज गीतों का आनंद

    सुख, शांति और समृद्धि के रंग बिखेरती होली, मुख्यमंत्री निवास में मयूर नृत्य और ब्रज गीतों का आनंद

    भोपाल में बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में होली मिलन समारोह आयोजित किया, जहां संतों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, कार्यकर्ताओं और मीडिया साथियों ने उत्साह और उमंग के साथ होली खेली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को इस पावन पर्व की बधाई और मंगलकामनाएं दीं और कहा कि यह उत्सव हर आंगन में सुख, शांति और समृद्धि के नए रंग बिखेरे। उन्होंने समाज में सद्भाव, सकारात्मकता और एकता के रंग हमेशा चटकते रहने की कामना की।

    मुख्यमंत्री ने सभी से आत्मीयता और सौहार्द के साथ पर्व मनाने का आग्रह किया। उन्होंने होली के इस अवसर पर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे नागरिकों के साथ रंगों और गुलाल के आदान-प्रदान का आनंद लिया। समारोह में पधारे संतों से आशीर्वाद लिया और वरिष्ठ व गणमान्य नागरिकों का अभिवादन किया। गुलाल उड़ाकर पुष्प वर्षा के बीच सभी आगंतुकों का स्वागत करने के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मेजबानी की गरिमा का परिचय दिया।

    सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में चार चाँद लगा दिए। मंच पर प्रस्तुति दे रहे कलाकारों ने मयूर नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी और ब्रज एवं बरसाने के पारंपरिक होली गीतों का सस्वर गायन किया, जिसमें “रंग बरसे”, “होली के दिन दिल खिल जाते हैं”, “होली खेलें रघुवीरा” और “आज ब्रज में होली रे रसिया” शामिल थे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ सुर में सुर मिलाकर कलाकारों ने सभी का उत्साह दोगुना कर दिया।

    मुख्यमंत्री निवास में समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख अतिथियों में राज्य मंत्री श्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, वरिष्ठ सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, श्री मनु श्रीवास्तव, श्री शिवशेखर शुक्ला, प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव और सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसंपर्क श्री मनीष सिंह थे। इसके अलावा खाटू श्याम मंदिर भोपाल के प्रमुख प्रचारक पूज्य अनिल आनंद महाराज सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पत्रकार और वरिष्ठ अधिकारी समारोह में मौजूद रहे और सभी ने मुख्यमंत्री को होली की शुभकामनाएं दीं।

    उड़ते रंग गुलाल और पुष्प वर्षा के बीच मुख्यमंत्री निवास में होली का वातावरण अत्यंत उल्लासपूर्ण और मनमोहक रहा। सभी ने हर्षोल्लास और आत्मीयता के साथ एक-दूसरे को रंग-गुलाल लगाकर बधाई दी। मंच पर प्रस्तुति देने वाले कलाकारों के साथ मुख्यमंत्री ने भी गुलाल लगाया और पारंपरिक वाद्य यंत्रों के ताल में अपने सुर मिलाए। समारोह में परंपरागत व्यंजन जैसे गुजिया, बालूशाही और ठंडाई भी उपस्थित लोगों को परोसे गए, जिससे पर्व का आनंद और बढ़ गया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि यह प्रेम, भाईचारे और समाज में सद्भाव बढ़ाने का प्रतीक है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी त्यौहार को हर्षोल्लास और शालीनता के साथ मनाएं और समाज में भाईचारे और एकता का संदेश फैलाएं।

  • 52वाँ खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह: शास्त्रीय कला का भव्य संगम

    52वाँ खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह: शास्त्रीय कला का भव्य संगम



    खजुराहो। मध्यप्रदेश विश्व धरोहर स्थल खजुराहो में शुक्रवार से 52वाँ खजुराहो अंतर्राष्ट्रीय नृत्य समारोह प्रारंभ हो गया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि यह समारोह हमारी राष्ट्रीय धरोहर और शास्त्रीय संस्कृति का अनमोल संगम है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खजुराहो “पत्थरों में प्राण” की भूमि है, जहां कंदरिया महादेव, चतुर्भुज, वामन, चित्रगुप्त और पार्वती मंदिर जैसे ऐतिहासिक देवालय मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि 52वाँ नृत्य समारोह इस वर्ष भगवान नटराज को समर्पित है और इसका आयोजन भारतीय शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध परंपरा को भगवान शिव के नटराज स्वरूप से जोड़ने का अद्वितीय प्रयास है।

    समारोह की प्रमुख विशेषताएँ
    मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री मोहन यादव

    विशिष्ट उपस्थितगण: संस्कृति, पर्यटन एवं धार्मिक न्यास राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, सांसद खजुराहो वी.डी. शर्मा, अपर मुख्य सचिव संस्कृति विभाग श्री शिवशेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति श्री एन.पी. नामदेव और कलेक्टर छतरपुर श्री पार्थ जायसवाल।

    पुस्तक विमोचन: नटराज – भगवान शिव के नृत्य मुद्रा, खजुराहो एवं नृत्य समारोह कॉफी टेबल बुक, बुंदेली – इतिहास, संस्कृति और गौरव, बुन्देलखण्ड – मध्यप्रदेश की अमूल्य विरासत।

    आयोजन में सहयोग: संस्कृति विभाग, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (दक्षिण मध्य क्षेत्र), मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन छतरपुर।

    पहली दिन की भव्य प्रस्तुतियाँ
    कथक नृत्य – सुश्री मैत्रेयी पहाड़ी, दिल्ली

    नृत्यनाटिका: प्रतिष्ठा: शाश्वत तत्वों का आह्वान

    पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के प्रति श्रद्धांजलि।

    भरतनाट्यम नृत्य – सुश्री अनुराधा वेंकटरमन, चेन्नई

    मंगलाचरण में शिव के विभिन्न रूपों का दृश्य।

    राग हंसध्वनि एवं आदि ताल में संगीतबद्ध प्रस्तुति।

    ओडिसी नृत्य – सुश्री शुभदा वरडाकर, भुवनेश्वर

    प्रस्तुति: अभेदम्

    अद्वैत वेदान्त की गहन परंपरा के माध्यम से आत्मा और परमात्मा की एकता का संदेश।

    अगले दिन की झलक
    21 फरवरी, 2026, शाम 6:30 बजे

    श्री विश्वदीप (दिल्ली) – कथक

    श्री प्रभात मेहतो (झारखंड) – छाऊ

    सुश्री अक्मारल काइना रोवा (कजाकिस्तान) – भरतनाट्यम

    मुख्यमंत्री का संदेश
    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि खजुराहो नृत्य समारोह केवल प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की शास्त्रीय कला, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अंतर्राष्ट्रीय मंच है। उन्होंने कलाकारों का स्वागत करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश कला साधकों के लिए एक प्रेरणास्थल है, जहाँ वे बार-बार लौटना चाहेंगे।

  • 12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि

    12 फरवरी को भोपाल में भवन विकास निगम की क्षमता संवर्धन कार्यशाला, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि


    भोपाल। लोक निर्माण से लोक कल्याण के विजन को सशक्त आधार देने के उद्देश्य से लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश शासन द्वारा 12 फरवरी 2026 को भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के तत्वावधान में आयोजित होगा जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

    लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यशाला निर्माण क्षेत्र से जुड़े अभियंताओं एवं तकनीकी अधिकारियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग परियोजना क्रियान्वयन इकाई मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम तथा मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के लगभग 2 000 अभियंता और तकनीकी अधिकारी भाग लेंगे।

    कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण कैलेंडर और परियोजना प्रबंधन पुस्तिका का विमोचन किया जाएगा। साथ ही परियोजना प्रबंधन प्रणाली 2.0 PMS 2.0 डिजिटल प्रबंधन प्रणाली का प्रदर्शन और औपचारिक शुभारंभ भी होगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम एवं मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी इंजीनियरिंग स्टाफ कॉलेज ऑफ इंडिया भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई तथा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर भोपाल जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

    मंत्री श्री राकेश सिंह ने बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ क्षमता निर्माण हरित भवन अवधारणा आधुनिक निर्माण तकनीक गुणवत्ता नियंत्रण और निर्माण क्षेत्र में नवाचार जैसे विषयों पर मार्गदर्शन देंगे। इसके अतिरिक्त श्री विक्रांत सिंह तोमर द्वारा क्षमता निर्माण विषय पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया जाएगा।

    मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा विकसित परियोजना प्रबंधन प्रणाली पोर्टल 2.0 एक उन्नत डिजिटल प्रणाली है जिसके माध्यम से निर्माण कार्यों का पारदर्शी सुव्यवस्थित और दक्ष क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रणाली में प्रत्येक परियोजना के लिए उत्तरदायित्व स्वीकृति और समय सीमा स्पष्ट रूप से दर्ज रहेगी जिससे सतत निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

    प्रक्रिया नियंत्रण प्रणाली के अंतर्गत सभी आवश्यक अभिलेख और स्वीकृतियाँ पूर्ण होने के बाद ही अगले चरण की अनुमति दी जाएगी। साथ ही स्वचालित पत्र निर्माण सुविधा विभागीय पत्राचार को त्वरित और कागजरहित बनाएगी। यह कार्यशाला प्रदेश के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता दक्षता और तकनीकी सुदृढ़ता को नई दिशा देगी तथा अभियंताओं को आधुनिक तकनीक और सतत विकास के सिद्धांतों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगी।