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  • जेएलएन स्टेडियम में ‘ओडिशा पर्व’ की धूम, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हुईं शामिल

    जेएलएन स्टेडियम में ‘ओडिशा पर्व’ की धूम, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता हुईं शामिल


    नई दिल्ली।
    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के साथ जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम परिसर में आयोजित ‘ओडिशा पर्व-2026’ में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित किया और दिल्ली में रहने वाले उड़िया समुदाय को इस सांस्कृतिक उत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन को ओडिशा की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और आस्था का जीवंत उत्सव बताते हुए इसकी सराहना की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत गर्व और खुशी की बात है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ओडिशा की संस्कृति, कला, संगीत, नृत्य और परंपराओं को इतने भव्य रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। दिल्ली में रहने वाला हर उड़िया परिवार आज भी अपनी जड़ों, अपनी सांस्कृतिक विरासत और अपनी मातृभूमि ओडिशा से गहराई से जुड़ा हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन के लिए आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि वर्ष 2017 से लगातार आयोजित हो रहा ‘ओडिशा पर्व’ आज लगभग एक दशक की गौरवपूर्ण यात्रा पूरी कर चुका है। दिल्ली में रहने वाला हर उड़िया परिवार पूरे वर्ष इस पर्व का उत्सुकता से इंतजार करता है क्योंकि यह उत्सव न केवल संस्कृति का उत्सव है बल्कि यह लोगों को अपनी परंपराओं और पहचान से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए यह अत्यंत सौभाग्य की बात है कि उन्हें इस मंच से दिल्ली में बसे अपने उड़िया परिवार को अपने विस्तारित परिवार की तरह संबोधित करने का अवसर मिला है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन भारत की विविधता और एकता की भावना को और अधिक सुदृढ़ करते हैं।

    मुख्यमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें यह विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ कि जब उन्हें दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने की जिम्मेदारी मिली तो वह सबसे पहले ओडिशा जाकर प्रभु जगन्नाथ के दर्शन करने गई। दिल्ली में आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में भी उन्होंने श्रद्धापूर्वक भाग लिया और उस यात्रा की परंपराओं का पालन करते हुए ‘छेरा पहरा’ की पवित्र रीति में भी सहभागिता की।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में लगभग 15 लाख लोग ओडिशा से जुड़े हुए हैं और यही इस महानगर की विशेषता है कि यहां देश के हर राज्य और हर संस्कृति के लोग मिलकर रहते हैं। दिल्ली सभी को खुले दिल से अपनाती है और हर नागरिक को यह विश्वास दिलाती है कि यह शहर उनका अपना है। उन्होंने ओडिशा में रहने वाले लोगों को भी आश्वस्त करते हुए कहा कि दिल्ली में रहने वाले उनके परिवार जन सुरक्षित हैं और दिल्ली सरकार उनकी हर आवश्यकता और चिंता का पूरा ध्यान रखती है। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार ने पहली बार उत्कल दिवस को सरकारी स्तर पर भव्य रूप से आयोजित कर समाज के लोगों का सम्मान किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु जगन्नाथ केवल ओडिशा के लोगों की आस्था का केंद्र नहीं हैं, बल्कि दिल्ली में भी विभिन्न समुदायों के लोग अत्यंत श्रद्धा और भक्ति भाव से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं और रथ यात्राओं का आयोजन करते हैं। उन्होंने उन सभी लोगों का भी अभिनंदन किया जो इस परंपरा को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य और इतिहास की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदेश अपनी विविध परंपराओं, लोकनृत्यों, गीतों और साहित्य के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूत करता है।

  • दिल्ली सरकार के एक साल पूरे, कल रामलीला मैदान में होगा बड़ा कार्यक्रम, नए ऐलान की संभावना

    दिल्ली सरकार के एक साल पूरे, कल रामलीला मैदान में होगा बड़ा कार्यक्रम, नए ऐलान की संभावना


    नई दिल्ली। दिल्ली सरकार 8 फरवरी को अपने एक साल के कार्यकाल पूरा होने पर रामलीला मैदान में एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। इस मौके पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूरी कैबिनेट और वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौजूद रहेंगे। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे।

    सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली सरकार परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए 500 नई ई-बसें जोड़ने की योजना का ऐलान कर सकती है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और शहरी सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा भी संभव है। सरकार पर्यावरण अनुकूल परिवहन, ट्रैफिक कम करने और प्रदूषण घटाने पर विशेष ध्यान देगी। इस मंच के जरिए सरकार जनता को यह संदेश देना चाहती है कि बीते एक साल में किए गए वादों को पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं और आगे राजधानी के विकास पर फोकस किया जाएगा।

    सरकार इस कार्यक्रम के माध्यम से जनता से फीडबैक भी लेगी। बीजेपी विधायक और सांसदों को अधिकतम लोगों को कार्यक्रम में शामिल करने की जिम्मेदारी दी गई है। हर कैबिनेट मंत्री को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली की सभी विधानसभा सीटों पर छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि सरकार अपनी उपलब्धियां और योजनाएं जनता तक पहुंचा सके।

    दिल्ली बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक आज दोपहर 3:30 बजे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास पर होगी। बैठक में एक साल पूरे होने पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रणनीति और रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी।दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी ने कई वर्षों बाद आम आदमी पार्टी को हराकर पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की थी। 70 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 48 सीटें जीती, जबकि आम आदमी पार्टी की सीटें घटकर 22 रह गईं।

  • योगमाया मंदिर में पूजा गुरुद्वारे में मत्था टेक विकास योजनाओं के साथ महरौली दौरे पर सीएम रेखा गुप्ता

    योगमाया मंदिर में पूजा गुरुद्वारे में मत्था टेक विकास योजनाओं के साथ महरौली दौरे पर सीएम रेखा गुप्ता


    नई दिल्ली में शनिवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महरौली विधानसभा क्षेत्र के विकास को नई गति देते हुए 135 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ते हुए सिद्धपीठ माता योगमाया मंदिर में पूजा अर्चना की और गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी में मत्था टेककर आशीर्वाद लिया।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महरौली दौरे के दौरान कहा कि विकसित दिल्ली का सपना तभी साकार होगा जब हर विधानसभा हर कॉलोनी और हर घर तक विकास पहुंचे। उन्होंने कहा कि महरौली अपनी ऐतिहासिक पहचान के साथ अब आधुनिक सुविधाओं की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। विकास योजनाओं के माध्यम से स्वच्छता आधारभूत ढांचे और नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि महरौली की ऐतिहासिक भव्यता को सुरक्षित रखते हुए उसे इक्कीसवीं सदी की आधुनिक आवश्यकताओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरासत का संरक्षण और भविष्य का निर्माण दोनों साथ साथ किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को सशक्त और सुव्यवस्थित महरौली मिल सके।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकारों ने दिल्ली को केवल विज्ञापनों में चमकाने का काम किया। महरौली की विरासत स्थानीय जरूरतें और नागरिकों की अपेक्षाएं लंबे समय तक उपेक्षित रहीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की राजनीति सत्ता केंद्रित नहीं बल्कि सेवा सुशासन और विकास पर आधारित है।

    रेखा गुप्ता ने कहा कि जिन परियोजनाओं का शुभारंभ किया गया है उनका उद्देश्य स्वच्छता सुनिश्चित करना आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और नागरिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित व्यवस्थित और सम्मानजनक बनाना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचेगा।कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने प्राचीन सिद्धपीठ माता योगमाया मंदिर में दर्शन कर पूजा की। उन्होंने कहा कि माता योगमाया शक्ति संरक्षण और धर्म की दिव्य चेतना हैं जिनकी कृपा से यह क्षेत्र सदियों से आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना हुआ है। उन्होंने माता से प्रार्थना की कि हर परिवार के जीवन में सुख स्वास्थ्य और मंगल बना रहे।

    इसके बाद मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा बाबा बंदा सिंह बहादुर जी पहुंचकर गुरु साहिब को नमन किया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से समाज में सेवा समर्पण और समानता की भावना निरंतर बढ़ती रहे। उन्होंने इस अवसर पर सप्तम पातशाह गुरु हर राय साहिब जी के पावन प्रकाश पर्व की सभी को शुभकामनाएं भी दीं।मुख्यमंत्री के इस दौरे को महरौली के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जिससे क्षेत्र में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार हुआ है।

  • दिल्ली में राशन कार्ड पर बड़ी कार्रवाई: 8 लाख कार्ड रद्द, आय सीमा बढ़कर हुई 1.20 लाख; अब नए पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ

    दिल्ली में राशन कार्ड पर बड़ी कार्रवाई: 8 लाख कार्ड रद्द, आय सीमा बढ़कर हुई 1.20 लाख; अब नए पात्र परिवारों को मिलेगा लाभ


    नई दिल्ली । दिल्ली की सियासत और जनहित से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दिल्ली सरकार ने राशन कार्ड प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। सरकार ने एक तरफ जहाँ राशन कार्ड के लिए वार्षिक आय की सीमा बढ़ा दी है, वहीं दूसरी ओर अपात्र लोगों पर गाज गिराते हुए 8 लाख से अधिक कार्ड रद्द कर दिए हैं। इस कदम से वर्षों से राशन के इंतजार में बैठे लाखों परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण जगी है।

    आय सीमा में बढ़ोतरी, अब 1.20 लाख वाले भी पात्र मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली में राशन कार्ड के लिए वार्षिक पारिवारिक आय की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर अब 1.20 लाख रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय का उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के दायरे को बढ़ाना है ताकि बढ़ती महंगाई के बीच मध्यम-निम्न आय वर्ग के अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त या सस्ता अनाज मिल सके। सत्यापन में खुली पोल: 8.27 लाख लाभार्थी सूची से बाहर सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा डेटा की गहन जांच और फिजिकल वेरिफिकेशन कराया गया, जिसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच के बाद कुल 8,27,756 स्थान रिक्त हुए हैं।

    6.46 लाख लोगों की आय मानकों से अधिक पाई गई।

    23,394 लाभार्थियों के नाम दोहराव में दर्ज थे। 6,185 मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर राशन उठाया जा रहा था। 95,682 लोग लंबे समय से राशन नहीं ले रहे थे, जिनमें से 56 हजार से अधिक ने खुद को सिस्टम से बाहर करने का अनुरोध किया। पहले आओ-पहले पाओ सिस्टम खत्म, अब DM करेंगे फैसला सरकार ने राशन कार्ड जारी करने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। अब प्राथमिकता जिला स्तर पर गठित कमेटियों द्वारा तय की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट या अपर जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता वाली यह समिति स्थानीय विधायकों और अधिकारियों के साथ मिलकर आवेदनों की जांच करेगी। साथ ही, भविष्य की रिक्तियों को भरने के लिए 20 प्रतिशत की एक वेटिंग लिस्ट भी तैयार रखी जाएगी।

    कौन होगा अपात्र? कड़े किए गए नियम मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि अब राशन कार्ड बनवाने के लिए राजस्व विभाग का आय प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा। निम्नलिखित श्रेणियों को अपात्र माना जाएगा दिल्ली की ए से ई श्रेणी की पॉश कॉलोनियों में संपत्ति रखने वाले। आयकर दाता । चारपहिया वाहन मालिक व्यावसायिक वाहन को छोड़कर । सरकारी कर्मचारी के परिवार। किलोवाट से अधिक बिजली कनेक्शन वाले घर। विपक्ष का हमला: कांग्रेस ने बताया जटिल प्रक्रिया सरकार के इस फैसले पर राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को जानबूझकर जटिल बना रही है। उन्होंने मांग की कि यह सुविधा हर विधानसभा क्षेत्र में सुलभ होनी चाहिए ताकि गरीबों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। वर्तमान में दिल्ली में करीब 11.65 लाख लोग राशन कार्ड मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, जिनके लिए रिक्त हुए ये 8 लाख स्थान बड़ी राहत साबित हो सकते हैं।