Tag: Child Abuse

  • वाटरफॉल में इंसानियत शर्मसार चोरी के शक में दो बच्चों को पीटा कपड़े उतरवाकर बनाया वीडियो

    वाटरफॉल में इंसानियत शर्मसार चोरी के शक में दो बच्चों को पीटा कपड़े उतरवाकर बनाया वीडियो

    जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बगदरी फॉल पर दो नाबालिग बच्चों के साथ कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। करीब 12 साल के दोनों बच्चे बुधवार को पाटन से वाटरफॉल घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान तेंदूखेड़ा से बाइक पर आए कुछ युवकों ने बच्चों पर चोरी करने का आरोप लगा दिया। इसके बाद युवकों ने दोनों बच्चों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बच्चे लगातार खुद को निर्दोष बताते रहे और युवकों से उन्हें छोड़ने की गुहार लगाते रहे लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद उनके साथ मारपीट जारी रही।

    बताया जा रहा है कि युवक वाटरफॉल के पास अपने कपड़े और सामान रखकर नहाने गए थे। इसी दौरान वहां मौजूद दोनों बच्चों पर कपड़ों से रुपए निकालने का आरोप लगाया गया। युवकों ने बच्चों से पूछताछ के नाम पर उनके साथ मारपीट की। बच्चे बार बार कहते रहे कि उन्होंने कोई चोरी नहीं की है और अपने पिता को फोन लगाने की बात भी कहते रहे। इसके बावजूद युवकों ने उनकी बात नहीं मानी।

    मामला यहीं नहीं रुका। आरोप है कि दोनों बच्चों के कपड़े उतरवा दिए गए और उन्हें निर्वस्त्र कर घुमाया गया। इसी दौरान एक युवक मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो बनाता रहा। वीडियो में बच्चे चोरी से इनकार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे लगातार युवकों से छोड़ने की अपील करते रहे। इस दौरान बच्चों के साथ मौजूद लोगों के सामने भी कथित तौर पर अभद्र और अमानवीय व्यवहार किया गया।

    बच्चों के मुताबिक उनके पास मोबाइल फोन भी था जिसे युवकों ने छीन लिया। आरोप है कि उनसे रुपए भी लिए गए और शराब के लिए पैसे मांगने की बात कही गई। घटना के बाद बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस तक मामला पहुंचा और अधिकारियों ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी।

    एएसपी सूर्यकांत शर्मा के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए पुलिस को घटना की जानकारी मिली है। वीडियो में दो नाबालिग बच्चों के साथ मारपीट और उन्हें निर्वस्त्र किए जाने की बात सामने आई है। मामले की जांच पाटन थाना प्रभारी को सौंपी गई है। पुलिस वीडियो के आधार पर घटना में शामिल युवकों की पहचान करने में जुटी है।

    इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा और पर्यटन स्थलों पर निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी बच्चे पर चोरी का संदेह होने की स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय पुलिस को सूचना देना जरूरी है। बच्चों के साथ मारपीट करना और कथित तौर पर उन्हें निर्वस्त्र कर वीडियो बनाकर प्रसारित करना गंभीर मामला है। पुलिस अब वायरल वीडियो और उपलब्ध जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

  • पुणे में इंसानियत हुई शर्मसार, पारिवारिक कलह का शिकार बना मासूम, सुपर ग्लू डालने के आरोप में तीन के खिलाफ मामला

    पुणे में इंसानियत हुई शर्मसार, पारिवारिक कलह का शिकार बना मासूम, सुपर ग्लू डालने के आरोप में तीन के खिलाफ मामला


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। लोहगांव इलाके में पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि उसका शिकार महज नौ महीने का मासूम बन गया। आरोप है कि घरेलू कलह के दौरान एक महिला ने अपने ही रिश्तेदार के बच्चे के मुंह में सुपर ग्लू डाल दिया। घटना के बाद बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे गंभीर हालत में अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार घटना लोहगांव के कलवाड़ बस्ती क्षेत्र की है। शिकायत बच्चे के पिता अल्ताफी नदीम शेख ने दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सानिया शेख के साथ मुंबई के कांदिवली निवासी रियाज इमाम हलालकर और हाजी मलंग शेख के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार लंबे समय से आपसी विवाद और घरेलू कलह से गुजर रहा था। इसी विवाद के दौरान आरोपी महिला ने कथित तौर पर नौ महीने के बच्चे के मुंह में सुपर ग्लू डाल दिया।

    घटना के कुछ ही देर बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। वह लगातार उल्टियां करने लगा। जब उसकी मां बच्चे के पास पहुंची तो उसने देखा कि उसके होंठ आपस में चिपक गए हैं। यह देखकर परिवार के होश उड़ गए। बच्चे को तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे आईसीयू में भर्ती कर इलाज शुरू किया। समय रहते इलाज मिलने से बच्चे की जान बच गई और अब उसकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब बच्चे की मां ने आरोपी महिला से इस घटना के बारे में सवाल किया तो उसे धमकाया गया। कथित तौर पर कहा गया कि यदि इस मामले की जानकारी किसी को दी गई तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इतना ही नहीं अन्य दो आरोपियों पर भी आरोप है कि वे अस्पताल पहुंचे और परिवार पर कानूनी कार्रवाई न करने का दबाव बनाया। इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर घरेलू विवाद किस वजह से इतना बढ़ा कि एक मासूम को निशाना बनाया गया। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि समाज के लिए भी गंभीर चेतावनी है। पारिवारिक विवादों का असर जब बच्चों तक पहुंचने लगे तो यह चिंता का विषय बन जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी प्रकार की घरेलू कलह का सबसे अधिक मानसिक और शारीरिक असर बच्चों पर पड़ता है। ऐसे मामलों में परिवार के सदस्यों को संयम बरतने और विवाद का कानूनी या सामाजिक समाधान तलाशने की जरूरत होती है।

    फिलहाल मासूम का इलाज जारी है और डॉक्टर उसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि पारिवारिक रिश्तों में बढ़ता तनाव किस तरह मासूम बच्चों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनता जा रहा है।

  • कानपुर में अमानवीयता की हद! चाची ने मासूम बच्चों को हीटर से जलाया, पुलिस भी देख कांप उठी

    कानपुर में अमानवीयता की हद! चाची ने मासूम बच्चों को हीटर से जलाया, पुलिस भी देख कांप उठी



    नई दिल्ली। कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक महिला पर अपने ही चार मासूम भतीजे-भतीजियों को हीटर से जलाने और बेरहमी से पिटाई करने का गंभीर आरोप लगा है। बच्चों के शरीर पर जले और चोटों के निशान देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।

    घटना उस वक्त सामने आई जब गुरुवार शाम करीब 5:25 बजे यूपी-112 पर एक 14 वर्षीय बच्चे ने रोते हुए कॉल कर मदद मांगी। उसने बताया कि उसकी छोटी बहन को चाची हीटर से जला रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत गांव पहुंची, जहां 14, 11, 9 और 4 साल के चार बच्चे मौजूद मिले।

    पुलिस के पहुंचते ही बच्चों ने अपने शरीर पर पड़े घाव दिखाए और आरोप लगाया कि उनके माता-पिता की मौत के बाद वे चाचा-चाची के साथ रह रहे हैं, लेकिन यहां उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता है। बच्चों ने कहा कि खाना मांगने पर बेल्ट से पिटाई की जाती है और कई बार हीटर से जलाया जाता है। पीठ, हाथ, हथेली, जांघ और सिर पर चोटों के निशान देख पुलिस भी स्तब्ध रह गई।

    स्थानीय ग्रामीणों ने भी बच्चों के आरोपों की पुष्टि की। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे अक्सर प्रताड़ना की शिकायत करते थे, लेकिन डर के कारण कोई खुलकर सामने नहीं आता था।

    वहीं, पूछताछ में चाची ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि बच्चे स्कूल नहीं जाते और उन्होंने चोरी की थी, जिसके कारण उन्हें डांटा-पीटा गया। हालांकि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।

    मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बच्चों की स्थिति देखते हुए उन्हें भोजन और जरूरी सामान उपलब्ध कराया। अधिकारियों ने चाची को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों के साथ किसी भी तरह की अमानवीयता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    डीसीपी पूर्वी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और दोबारा शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बच्चों को सुरक्षा में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।