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  • सोने पर चीन का बड़ा दांव: लगातार खरीदारी से ग्लोबल मार्केट और डॉलर सिस्टम में बढ़ी हलचल

    सोने पर चीन का बड़ा दांव: लगातार खरीदारी से ग्लोबल मार्केट और डॉलर सिस्टम में बढ़ी हलचल

    नई दिल्ली। चीन की आक्रामक गोल्ड खरीदारी ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दुनिया के सबसे बड़े आर्थिक खिलाड़ियों में शामिल चीन अब वैश्विक गोल्ड मार्केट में भी मजबूत ताकत बनकर उभर रहा है। चीन का केंद्रीय बैंक लगातार 18वें महीने बड़े पैमाने पर सोना खरीद रहा है, जिससे ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम और डॉलर आधारित व्यवस्था को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने अप्रैल 2026 में करीब 8 टन सोना खरीदा। इसके बाद चीन का आधिकारिक गोल्ड रिजर्व बढ़कर 7 करोड़ 28 लाख ट्रॉय औंस तक पहुंच गया है। मार्च 2026 के अंत तक इन भंडारों की अनुमानित कीमत लगभग 342.76 अरब डॉलर आंकी गई है।

    जानकारों के अनुसार, चीन की यह रणनीति केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे दीर्घकालिक आर्थिक और भू-राजनीतिक सोच जुड़ी हुई है। बीजिंग लगातार अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहा है और विदेशी मुद्रा भंडार का बड़ा हिस्सा सोने में तब्दील कर रहा है।

    विशेषज्ञ मानते हैं कि अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव, आर्थिक प्रतिबंधों और वैश्विक अनिश्चितताओं ने चीन को अपनी वित्तीय रणनीति बदलने के लिए प्रेरित किया है। चीन के लिए सोना ऐसा सुरक्षित एसेट माना जा रहा है, जिसे किसी भी बाहरी प्रतिबंध के जरिए नियंत्रित या फ्रीज नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि वह इसे भविष्य की आर्थिक सुरक्षा के रूप में देख रहा है।

    इसके अलावा, चीन अपनी मुद्रा युआन को वैश्विक व्यापार में मजबूत स्थिति दिलाने की कोशिश भी कर रहा है। माना जा रहा है कि बड़े गोल्ड रिजर्व चीन की आर्थिक विश्वसनीयता बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में युआन की स्वीकार्यता को मजबूती दे सकते हैं।

    गौरतलब है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद चीन की खरीदारी लगातार जारी है। इससे संकेत मिलता है कि बीजिंग अल्पकालिक लाभ के बजाय दीर्घकालिक रणनीतिक लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि चीन फिलहाल बाजार में हलचल मचाने के बजाय धीरे-धीरे मजबूत और सुरक्षित गोल्ड रिजर्व तैयार करने की नीति पर काम कर रहा है। हालांकि, उसकी लगातार बढ़ती मांग का असर अब वैश्विक गोल्ड मार्केट में साफ दिखाई देने लगा है। चीन के साथ आम निवेशकों की बढ़ती खरीदारी भी सोने की कीमतों को मजबूती दे रही है।