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  • चित्रकूट में NEET छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, तीन युवकों पर केस दर्ज, CCTV के आधार पर जांच तेज

    चित्रकूट में NEET छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, तीन युवकों पर केस दर्ज, CCTV के आधार पर जांच तेज


    नई दिल्ली ।
    उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में एक छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। घटना देवांगना घाटी क्षेत्र में हुई, जहां पीड़िता अपने परिचित के साथ गई थी। पुलिस के अनुसार, शिकायत मिलने के बाद तत्काल प्राथमिकी दर्ज की गई और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रही है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, 20 वर्षीय छात्रा राजस्थान के कोटा में मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रही है और मध्य प्रदेश के सतना जिले की निवासी है। वह घूमने के उद्देश्य से चित्रकूट आई थी। उसके साथ मौजूद किशोर ने पुलिस को बताया कि घटना के दौरान तीन युवकों ने उन्हें रोका और खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताते हुए धमकाया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इसके बाद किशोर को बांध दिया गया और छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया।

    पुलिस का कहना है कि घटना की सूचना मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया गया और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच के दौरान कुछ फुटेज में संदिग्ध व्यक्तियों के बाइक से गुजरने की जानकारी मिली है, जिसके आधार पर उनकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

    जांच अधिकारियों के अनुसार, पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रहा है और उसके बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही घटना के समय उसके साथ मौजूद किशोर से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

    जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को सक्रिय किया गया है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच के साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संभावित सुरागों पर काम किया जा रहा है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास जारी है।

    इस घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। समाजवादी पार्टी के विधायक अनिल प्रधान ने कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वह प्रशासनिक और महत्वपूर्ण संस्थानों से अधिक दूर नहीं है। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

    यह मामला एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष और तेज जांच की जाएगी तथा उपलब्ध सभी साक्ष्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और पुलिस ने लोगों से अफवाहों से बचते हुए केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।

  • ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने की पहल तेज, हंस आजीविका परियोजना में 10 गांव शामिल, स्वरोजगार को मिलेगा नया विस्तार

    ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने की पहल तेज, हंस आजीविका परियोजना में 10 गांव शामिल, स्वरोजगार को मिलेगा नया विस्तार

    नई दिल्ली ।  ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से द हंस फाउंडेशन की ओर से संचालित हंस आजीविका परियोजना के तहत चित्रकूट विकासखंड की 10 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विकासखंड पहाड़ी परिसर में एक दिवसीय समन्वय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्यों और ग्रामीण प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

    कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ना, स्वयं सहायता समूहों को मजबूत बनाना तथा ग्राम स्तर पर रोजगार और आय के स्थायी स्रोत विकसित करने के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए प्रेरित किया गया।

    कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीडीओ संजय कुमार पांडेय और सहायक विकास अधिकारी पंचायत भूपेंद्र द्विवेदी ने ग्रामीण विकास में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि संगठित प्रयासों के माध्यम से महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा सकती हैं, बल्कि परिवार और समाज के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। अधिकारियों ने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने और स्वरोजगार गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।

    द हंस फाउंडेशन के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर संतोष कुमार मिश्रा ने संस्था की विभिन्न विकासात्मक गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि संगठन स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से विकासखंड पहाड़ी की 10 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है, जहां स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने, आय के नए साधन विकसित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

    परियोजना के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में चौरा, देवल, कुचारम, बकटा बुजुर्ग, नांदी, तौरा, इटौरा, बाबूपुर, छछेरिहा बुजुर्ग और बुढ़ा सेमरवारा शामिल हैं। इन गांवों में महिलाओं को समूह आधारित गतिविधियों से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

    कार्यशाला के दौरान विषय विशेषज्ञ श्रीकांत ने महिलाओं को पशुपालन और जैविक खेती के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्मी कम्पोस्ट जैसी तकनीकों के उपयोग से खेती की लागत कम की जा सकती है और उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। साथ ही बकरी पालन और केंचुआ पालन जैसी गतिविधियों को ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय का प्रभावी माध्यम बताते हुए इनसे जुड़े अनुदान और तकनीकी सहयोग की जानकारी भी साझा की गई।

    कार्यक्रम में ब्लॉक समन्वयक आशाराम, फील्ड कोऑर्डिनेटर निलेश्वरी तथा विषय विशेषज्ञ सरोज कुमार ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं, स्वयं सहायता समूहों के गठन, प्रशिक्षण, आजीविका संवर्धन और सरकारी योजनाओं के समन्वय पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में बड़ी संख्या में महिला समूहों की सदस्य, ग्राम प्रधान और ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से संवाद कर परियोजना से जुड़े विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की और उम्मीद जताई कि यह पहल ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी विकसित करेगी।

  • चित्रकूट में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा, एडीएम ने बैंकों और निकायों को लक्ष्य पूरा करने के दिए सख्त निर्देश

    चित्रकूट में पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा, एडीएम ने बैंकों और निकायों को लक्ष्य पूरा करने के दिए सख्त निर्देश

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिक से अधिक स्ट्रीट वेंडरों तक इसका लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से चित्रकूट में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिए गए कि वे समन्वय बनाकर पात्र वेंडरों की पहचान करें तथा विशेष शिविर लगाकर उन्हें शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी करें। प्रशासन का उद्देश्य योजना के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करना और छोटे कारोबारियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

    जिला प्रशासन के निर्देश पर आयोजित बैठक की अध्यक्षता एडीएम न्यायिक एवं परियोजना निदेशक डूडा अरुण कुमार ने की। बैठक में सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों, विभिन्न बैंक शाखाओं के प्रबंधकों तथा संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान पीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों का भी आकलन किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

    बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नगर निकाय अपने सीमा विस्तारित क्षेत्रों के साथ-साथ सब्जी और फल मंडियों में विशेष कैंप आयोजित करें। इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र स्ट्रीट वेंडरों की पहचान कर उनका ऑनलाइन आवेदन कराया जाए, ताकि प्रथम चरण के ऋण का लाभ जल्द से जल्द उपलब्ध कराया जा सके। प्रशासन का मानना है कि मौके पर ही आवेदन प्रक्रिया पूरी होने से लाभार्थियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा और योजना का दायरा तेजी से बढ़ेगा।

    बैंक शाखा प्रबंधकों को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए कि नगर निकायों की ओर से भेजे गए ऑनलाइन आवेदनों का शीघ्र परीक्षण कर समय पर ऋण स्वीकृत किया जाए। इसके साथ ही स्वीकृत मामलों में जल्द ऋण वितरण सुनिश्चित करने पर भी विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि बैंक और नगर निकायों के बीच बेहतर समन्वय से योजना के लक्ष्य आसानी से पूरे किए जा सकते हैं।

    बैठक के दौरान योजना की वर्तमान प्रगति पर भी चर्चा हुई और उन क्षेत्रों की पहचान की गई, जहां अभी अपेक्षित संख्या में आवेदन नहीं हो पाए हैं। अधिकारियों ने ऐसे इलाकों में विशेष अभियान चलाने तथा पात्र लाभार्थियों को योजना की जानकारी देकर उन्हें आवेदन के लिए प्रेरित करने पर बल दिया। इसके अलावा आवेदन प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं के त्वरित समाधान के भी निर्देश दिए गए।

    प्रशासन ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं के लिए स्वरोजगार को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के माध्यम से बिना किसी बड़ी औपचारिकता के कार्यशील पूंजी के रूप में ऋण उपलब्ध कराया जाता है, जिससे छोटे कारोबारी अपने व्यवसाय का विस्तार कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को आगे के चरणों में अधिक राशि का ऋण प्राप्त करने की सुविधा भी मिलती है।

    बैठक में यह भी तय किया गया कि सभी संबंधित विभाग नियमित रूप से योजना की प्रगति की निगरानी करेंगे और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन ने अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों से अपेक्षा जताई कि वे संयुक्त प्रयासों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र स्ट्रीट वेंडरों को योजना से जोड़ते हुए उन्हें समय पर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएं, ताकि उनका रोजगार मजबूत हो और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सके।

  • चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की शोध टीम ने रचा नया इतिहास, एआई आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग डिवाइस को मिला सरकारी पंजीकरण

    चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की शोध टीम ने रचा नया इतिहास, एआई आधारित पर्सनलाइज्ड लर्निंग डिवाइस को मिला सरकारी पंजीकरण

    नई दिल्ली । महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय ने शिक्षा और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ताओं द्वारा विकसित कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एक अभिनव शैक्षणिक उपकरण के डिज़ाइन को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से पंजीकरण प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि को देश में डिजिटल और व्यक्तिगत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय की शोध क्षमता और नवाचार आधारित कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।

    विश्वविद्यालय के शोधकर्ता डॉ. देव रस पाण्डेय और उनकी टीम द्वारा विकसित इस तकनीकी डिज़ाइन का नाम “एआई-इनहांस्ड एजुकेशनल डिवाइस फॉर पर्सनलाइज्ड लर्निंग” रखा गया है। यह उपकरण विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता, अध्ययन की गति, रुचि और व्यक्तिगत आवश्यकताओं का कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से विश्लेषण करता है। इसके आधार पर यह प्रत्येक छात्र के लिए उपयुक्त अध्ययन सामग्री और सीखने का मार्ग तैयार करने में सक्षम है, जिससे शिक्षा अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बन सकती है।

    विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि को संस्थान के लिए गर्व का विषय बताया है। कुलगुरु प्रो. आलोक चौबे ने कहा कि विश्वविद्यालय लगातार नवाचार आधारित अनुसंधान को बढ़ावा दे रहा है और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नई तकनीकों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उनके अनुसार यह उपलब्धि शोध संस्कृति को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को भी नई गति देगी।

    डॉ. देव रस पाण्डेय ने बताया कि आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता शिक्षा प्रणाली का महत्वपूर्ण आधार बनने जा रही है। उनका कहना है कि यह तकनीक स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल शिक्षा, अनुकूली शिक्षण प्रणाली और व्यक्तिगत अध्ययन मॉडल को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगी। यह उपकरण विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति का निरंतर विश्लेषण कर उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने में सक्षम होगा, जिससे सीखने की गुणवत्ता में सुधार की संभावना बढ़ेगी।

    डॉ. पाण्डेय लंबे समय से कंप्यूटर साइंस और सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान कर रहे हैं। उन्होंने क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल लाइब्रेरी, ऑपरेटिंग सिस्टम आधारित वर्चुअलाइजेशन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, साइबर सुरक्षा, वाहन डेटा संरक्षण, डीप लर्निंग, ऑटोनॉमस रोबोटिक्स, हेल्थकेयर डेटा गुणवत्ता सुधार तथा एआई आधारित तकनीकों जैसे अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण शोध कार्य किए हैं। उनके अनुसंधान का उद्देश्य आधुनिक तकनीक को समाज और शिक्षा व्यवस्था के लिए अधिक उपयोगी बनाना रहा है।

    शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह पंजीकृत डिज़ाइन भविष्य की डिजिटल शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण तथा तकनीक-सक्षम शिक्षा पहुंचाने में इस प्रकार की एआई आधारित प्रणालियां उपयोगी भूमिका निभा सकती हैं। इससे विद्यार्थियों को उनकी व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार सीखने का अवसर मिलेगा और शिक्षा अधिक समावेशी एवं प्रभावी बन सकेगी।

    विश्वविद्यालय परिवार ने इस उपलब्धि पर डॉ. देव रस पाण्डेय और उनकी शोध टीम को बधाई दी है। संस्थान ने विश्वास व्यक्त किया है कि यह नवाचार भारत की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, तकनीक-संचालित और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। साथ ही यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी उत्कृष्टता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी मजबूत आधार प्रदान करती है।

  • अंधेरे से उजाले तक का सफर, शोभा सिंह पुरवा में रोड लाइट लगने पर लोगों ने जताई खुशी

    अंधेरे से उजाले तक का सफर, शोभा सिंह पुरवा में रोड लाइट लगने पर लोगों ने जताई खुशी


    उत्तरप्रदेश । चित्रकूट धाम कर्वी नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या 21 स्थित शास्त्री नगर की अनुसूचित जाति बस्ती शोभा सिंह पुरवा में विकास कार्यों की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। लंबे समय तक मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझने वाली इस बस्ती में अब विकास की नई तस्वीर दिखाई देने लगी है। हाल ही में सड़क किनारे रोड लाइटें लगाए जाने के बाद पूरा इलाका रोशनी से जगमगा उठा है। इससे न केवल वर्षों पुरानी अंधेरे की समस्या दूर हुई है, बल्कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा और सुविधा का एहसास भी बढ़ा है। बस्तीवासियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे अपने क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बदलाव बताया है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले रात होते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता था। इससे आवागमन में परेशानी होती थी और महिलाओं, बुजुर्गों तथा बच्चों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब रोड लाइटें लगने के बाद रात के समय भी गलियां रोशन रहती हैं, जिससे लोगों की आवाजाही आसान और सुरक्षित हो गई है। नागरिकों का कहना है कि लंबे समय बाद उनकी बस्ती को ऐसी सुविधा मिली है, जिसका इंतजार वर्षों से किया जा रहा था।

    वार्ड के सभासद शंकर प्रसाद यादव ने बताया कि क्षेत्र के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से कई जनहितकारी कार्य कराए जा रहे हैं। सबसे पहले जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए नाले का निर्माण कराया गया। इसके बाद पूरे क्षेत्र में विद्युतीकरण का कार्य पूरा कराया गया और अब रोड लाइटें लगाकर लोगों को बेहतर रोशनी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि लगभग 15 दिन पहले क्षेत्र में नई पेयजल पाइपलाइन भी बिछाई गई, जिससे लोगों को स्वच्छ पेयजल की सुविधा मिलने लगी है।

    सभासद ने कहा कि उनका प्रयास केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि पात्र परिवारों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाना भी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन जैसी योजनाओं से पात्र लोगों को जोड़ने का कार्य लगातार किया जा रहा है ताकि जरूरतमंद परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।

    मोहल्ले के बुजुर्गों और स्थानीय नागरिकों ने बताया कि आजादी के बाद पहली बार उनकी बस्ती में इतने व्यापक स्तर पर विकास कार्य देखने को मिल रहे हैं। पहले जलभराव, अंधेरा और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याएं लोगों के लिए बड़ी चुनौती थीं, लेकिन अब स्थिति तेजी से बदल रही है। सड़क पर लगी नई रोड लाइटों ने पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी है और लोगों में विश्वास जगा है कि आने वाले समय में अन्य विकास कार्य भी पूरे होंगे।

    क्षेत्रवासियों ने नगर पालिका परिषद और जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि विकास का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उनका कहना है कि यदि इसी तरह आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होता रहा तो शोभा सिंह पुरवा जल्द ही शहर के विकसित मोहल्लों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा।

  • आषाढ़ अमावस्या मेले के लिए रेलवे की तैयारी, 13 से 15 जुलाई तक चित्रकूट रूट पर चलेंगी दो स्पेशल ट्रेनें

    आषाढ़ अमावस्या मेले के लिए रेलवे की तैयारी, 13 से 15 जुलाई तक चित्रकूट रूट पर चलेंगी दो स्पेशल ट्रेनें

    झांसी। आषाढ़ अमावस्या के अवसर पर चित्रकूट में लगने वाले मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे ने 13 से 15 जुलाई तक दो मेला स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इसके अलावा, यात्रियों की संख्या बढ़ने पर झांसी-बांदा मेमू ट्रेन को आवश्यकता के अनुसार चित्रकूटधाम कर्वी तक बढ़ाया जाएगा।

    रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पहली मेला स्पेशल ट्रेन झांसी से सुबह 10:10 बजे रवाना होगी और शाम 5:45 बजे चित्रकूटधाम कर्वी पहुंचेगी। वापसी में यही ट्रेन शाम 7:25 बजे कर्वी से चलेगी और रात 1:00 बजे झांसी पहुंचेगी।

    दूसरी मेला स्पेशल ट्रेन झांसी से रात 8:10 बजे प्रस्थान करेगी और तड़के 3:05 बजे चित्रकूटधाम कर्वी पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन सुबह 4:40 बजे कर्वी से रवाना होकर 11:10 बजे झांसी पहुंचेगी।

    रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही तो झांसी-बांदा मेमू ट्रेन की अप और डाउन दोनों सेवाओं का विस्तार कर उन्हें चित्रकूटधाम कर्वी तक संचालित किया जाएगा, ताकि यात्रियों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

  • फिजूलखर्ची छोड़ सेवा का संदेश युवा समाजसेवी ने वृद्धजनों के साथ मनाया जन्मदिन

    फिजूलखर्ची छोड़ सेवा का संदेश युवा समाजसेवी ने वृद्धजनों के साथ मनाया जन्मदिन


    चित्रकूट। आज के दौर में जहां जन्मदिन के मौके पर भव्य पार्टियों और दिखावे का चलन तेजी से बढ़ रहा है वहीं चित्रकूट के युवा समाजसेवी बीपी पटेल ने समाज को प्रेरित करने वाली मिसाल पेश की। उन्होंने अपना जन्मदिन परिवार और दोस्तों के साथ किसी होटल या समारोह स्थल पर मनाने के बजाय गणेश बाग के समीप स्थित विनायकपुर वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के बीच मनाया।

    इस अवसर पर बीपी पटेल ने वृद्धाश्रम में रह रहे सभी बुजुर्गों को मिठाई समोसा और फल वितरित किए तथा उनके साथ समय बिताकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बुजुर्गों ने भी स्नेहपूर्वक उन्हें और जानकी पटेल को स्वस्थ जीवन तथा दीर्घायु का आशीर्वाद देते हुए उनके इस सामाजिक कार्य की सराहना की।

    समाजसेवी बीपी पटेल ने कहा कि जन्मदिन केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं बल्कि समाज के जरूरतमंद और उपेक्षित लोगों के साथ खुशियां बांटने का भी दिन होना चाहिए। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे अपने विशेष अवसरों को सेवा और समाजहित के कार्यों से जोड़ें ताकि ऐसे आयोजन जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें।

    इस मौके पर सभासद शंकर प्रसाद यादव धर्मेंद्र कुमार ओझा सुरेंद्र यादव हरिशरण जानकी पटेल जगपालक सिंह यादव आशीष श्रीवास्तव एडवोकेट प्रखर सिंह प्रदोष सिंह पटेल वृद्धाश्रम के प्रबंधक कामता प्रसाद समाजसेविका दिव्यांगना मिश्रा अनुराग सिंह पटेल अशोक पटेल और ओंकार सिंह चंदेल सहित अनेक लोग मौजूद रहे।

    जन्मदिन समारोह से पहले बीपी पटेल ने पंपापुर देवांगना हनुमानगढ़ी आश्रम पहुंचकर सिद्ध संत तपशाली प्रेमदास जी महाराज का आशीर्वाद लिया और गुफा में विराजमान हनुमान जी के दर्शन कर अपने सामाजिक जीवन में सेवा और मानवता के मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया।

    बीपी पटेल की यह पहल न केवल बुजुर्गों के प्रति सम्मान का संदेश देती है बल्कि यह भी बताती है कि जीवन के खास अवसरों को समाज सेवा से जोड़कर उन्हें अधिक सार्थक और प्रेरणादायक बनाया जा सकता है।

  • बुंदेलखंड राज्य की मांग पर गरमाई राजनीति: आजाद क्रांति पार्टी ने चित्रकूट से फूंका आंदोलन का बिगुल, गांव-गांव तक जाएगा अभियान

    बुंदेलखंड राज्य की मांग पर गरमाई राजनीति: आजाद क्रांति पार्टी ने चित्रकूट से फूंका आंदोलन का बिगुल, गांव-गांव तक जाएगा अभियान



    नई दिल्ली(New Delhi)।
    चित्रकूट में एक बार फिर बुंदेलखंड अलग राज्य निर्माण की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस बार आजाद क्रांति पार्टी ने इस मुद्दे को खुलकर उठाते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। पार्टी ने साफ कहा है कि अब यह लड़ाई सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जमीन पर उतरकर पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में व्यापक आंदोलन के रूप में चलाया जाएगा। इसके लिए सभी जनपदों में प्रदर्शन किए जाएंगे और इसमें महिलाओं की भागीदारी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया है।

    मुख्यालय कर्वी स्थित पटवारी का हाता, कुबेरगंज में पार्टी कार्यालय के शुभारंभ के मौके पर प्रदेश अध्यक्ष राजीव श्रीवास्तव (मेजर) ने कहा कि पार्टी ने अपना स्पष्ट एजेंडा तय कर लिया है और जल्द ही बुंदेलखंड राज्य निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक जितनी भी सरकारें और राजनीतिक दल आए हैं, उन्होंने बुंदेलखंड के लोगों को सिर्फ आश्वासन देकर गुमराह किया है और क्षेत्र के विकास के नाम पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

    राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि बुंदेलखंड लंबे समय से पिछड़ेपन, बेरोजगारी, पलायन और पानी की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन राजनीतिक दलों ने इसे सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया है। उन्होंने कहा कि अब जनता को जागरूक कर एक मजबूत आंदोलन खड़ा किया जाएगा ताकि अलग राज्य की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से रखा जा सके।

    इस मौके पर महिला सेना की प्रदेश अध्यक्ष सीमा निगम ने भी संगठन की भूमिका को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी आंदोलन महिलाओं की भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकता। बुंदेलखंड राज्य निर्माण के आंदोलन में महिलाओं की शुरू से ही अहम भूमिका रही है और आगे भी वे कंधे से कंधा मिलाकर इस लड़ाई में शामिल रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने अपने संविधान में महिलाओं को 40 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।

    जिलाध्यक्ष रश्मि सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड राज्य निर्माण की लड़ाई को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए महिलाओं को जागरूक करने के अभियान चलाए जाएंगे और उन्हें आंदोलन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए तहसील स्तर से लेकर वार्ड और बूथ स्तर तक महिलाओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं, ताकि आंदोलन को जमीनी स्तर पर मजबूती मिल सके।

    कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें पुनीता खरे, सुरेंद्र सिंह खंगार, रेनू देवी, पलक सिंह, गोमती, केशकली, प्रीति देवी, काजल, संगीता देवी, रूपा त्रिपाठी, गुड्डन, शिवप्यारी, रानी देवी, मधु, ऊषा, सरोज, रन्नू, सरिता, रीता, कविता, आरती, विमला, अनुराधा सहित कई लोग शामिल रहे।

    कुल मिलाकर आजाद क्रांति पार्टी ने एक बार फिर बुंदेलखंड अलग राज्य के मुद्दे को राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सक्रिय कर दिया है और आने वाले समय में क्षेत्र में इसको लेकर बड़े आंदोलनों की संभावना जताई जा रही है।

  • चित्रकूट में पीएम स्वनिधि योजना पर सख्ती: 460 आवेदन बैंक में लंबित, एक सप्ताह में निपटाने के आदेश

    चित्रकूट में पीएम स्वनिधि योजना पर सख्ती: 460 आवेदन बैंक में लंबित, एक सप्ताह में निपटाने के आदेश



    चित्रकूट । चित्रकूट में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की धीमी प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एडीएम न्यायिक अरुण कुमार यादव ने बैंक प्रतिनिधियों और नगर निकायों के ईओ के साथ समीक्षा बैठक कर लंबित आवेदनों पर नाराजगी जताई और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।

    जानकारी के अनुसार, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में नगर निकायों को कुल 885 वेंडरों को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके तहत नगर पालिका कर्वी सहित नगर पंचायत मऊ, मानिकपुर और राजापुर में बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडरों ने आवेदन किया था।

    हालांकि अब तक केवल 124 लाभार्थियों को ही बैंक से 15 हजार रुपये का लोन मिल पाया है, जबकि 460 आवेदन अभी भी विभिन्न बैंकों में लंबित पड़े हैं। लंबित मामलों के कारण योजना की प्रगति प्रभावित हो रही है और लक्ष्य से काफी पीछे चल रही है।

    बैठक में एडीएम न्यायिक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी बैंक एक सप्ताह के भीतर लंबित आवेदनों का निस्तारण करें और पात्र वेंडरों को जल्द से जल्द ऋण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    उन्होंने नगर निकायों को भी निर्देशित किया कि वे अपने-अपने लक्ष्यों को समय पर पूरा करें और लाभार्थियों को योजना का अधिकतम लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रगति में सुधार न होने पर संबंधित विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी।

    यह योजना छोटे व्यापारियों और स्ट्रीट वेंडरों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, लेकिन लंबित आवेदनों के कारण इसकी रफ्तार पर असर पड़ा है।

  • चित्रकूट में अनोखी पहल: चीफ जस्टिस समेत जज और स्टाफ साइकिल से पहुंचे कोर्ट, दिया पर्यावरण बचाने का संदेश

    चित्रकूट में अनोखी पहल: चीफ जस्टिस समेत जज और स्टाफ साइकिल से पहुंचे कोर्ट, दिया पर्यावरण बचाने का संदेश



    चित्रकूट । चित्रकूट में पर्यावरण संरक्षण का एक अनोखा संदेश देखने को मिला जब प्रधान न्यायाधीश राकेश कुमार यादव अपने सहयोगी जजों और स्टाफ के साथ साइकिल से न्यायालय पहुंचे। इस पहल में सिविल जज अंशुमान यादव समेत अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे और सभी ने मिलकर साइकिल चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।

    जानकारी के अनुसार, यह कार्यक्रम सुबह करीब छह बजे शुरू हुआ और सभी लोग साइकिल से यात्रा करते हुए लगभग साढ़े छह बजे न्यायालय पहुंचे। इस दौरान उन्होंने लोगों को ईंधन बचाने और प्रदूषण कम करने के लिए साइकिल के उपयोग को अपनाने का संदेश दिया।

    न्यायालय पहुंचने के बाद प्रधान न्यायाधीश राकेश कुमार यादव ने अधिवक्ताओं, शहरवासियों और वादकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण और ईंधन संकट को देखते हुए साइकिल का उपयोग एक महत्वपूर्ण और आवश्यक कदम है।

    उन्होंने यह भी कहा कि साइकिल न केवल पर्यावरण को सुरक्षित रखने में मदद करती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। इसके उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलती है।

    जजों और स्टाफ की इस पहल को न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों ने सराहा और इसे एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों के बजाय साइकिल का उपयोग करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सके।

    यह पहल पर्यावरण जागरूकता की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम मानी जा रही है, जो समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी का एहसास कराती है।