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  • इंडिगो उड़ान 6ई321 बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी, सीआईएसएफ जांच के बाद बम धमकी फर्जी निकली

    इंडिगो उड़ान 6ई321 बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरी, सीआईएसएफ जांच के बाद बम धमकी फर्जी निकली

    नई दिल्ली ।लखनऊ से बेंगलुरु जा रही इंडिगो की उड़ान 6ई321 में बम की धमकी मिलने से बुधवार को सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। विमान के बेंगलुरु एयरपोर्ट पहुंचने के बाद इस धमकी की जानकारी सामने आई। इसके बाद तय सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत विमान की व्यापक जांच की गई।

    फ्लाइट के बेंगलुरु पहुंचने के बाद विमान को सुरक्षित तरीके से उतारा गया और ग्राउंड स्टाफ की सहायता से सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद सुरक्षा अधिकारियों ने विमान की गहन तलाशी शुरू की।

    जांच प्रक्रिया में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल और संबंधित सुरक्षा अधिकारियों ने विमान के विभिन्न हिस्सों की बारीकी से जांच की। सुरक्षा जांच के दौरान किसी तरह की संदिग्ध वस्तु अथवा विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बाद बम की धमकी को फर्जी पाया गया।

    जांच पूरी होने के बाद विमान को दोबारा उड़ान भरने की अनुमति दे दी गई। इस घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की। किसी भी संभावित खतरे को ध्यान में रखते हुए विमान और उससे जुड़े सामान की जांच पूरी होने तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई।

    महत्वपूर्ण बात यह रही कि धमकी का मामला लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान के रवाना होने के समय सामने नहीं आया था। यह जानकारी बेंगलुरु एयरपोर्ट पर विमान के पहुंचने के बाद मिली। इसलिए इस घटना का लखनऊ एयरपोर्ट के संचालन अथवा वहां की सुरक्षा व्यवस्था से सीधा संबंध नहीं बताया गया है।

    विमान में बम की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता यात्रियों और विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करना रही। जांच के दौरान किसी संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक के नहीं मिलने के बाद स्थिति सामान्य हुई और विमान को आगे की प्रक्रिया के लिए मंजूरी प्रदान की गई।

    विमानन क्षेत्र में बम की झूठी धमकियां सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती मानी जाती हैं। ऐसी सूचना मिलने पर वास्तविक खतरे की पुष्टि होने तक सुरक्षा एजेंसियों को निर्धारित सभी प्रक्रियाओं का पालन करना पड़ता है। इसके कारण यात्रियों और विमान संचालन पर अस्थायी असर पड़ सकता है।

    इससे पहले 18 अगस्त को भी इंडिगो की हैदराबाद से विशाखापत्तनम जाने वाली उड़ान 208 को बम की धमकी मिली थी। ईमेल के जरिए मिली सूचना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुई थीं और विमान की व्यापक तलाशी ली गई थी। उस जांच में भी कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली थी।

    मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 पर भी बम संबंधी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी के कारण सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई थी। एक यात्री द्वारा अपने बैग में बम होने की बात कहे जाने के बाद दिल्ली जाने वाली इंडिगो उड़ान को उड़ान भरने से पहले रोक दिया गया था। सुरक्षा एजेंसियों ने यात्री को विमान से उतारकर हिरासत में लिया था।

    लखनऊ-बेंगलुरु उड़ान की ताजा घटना में जांच के बाद कोई विस्फोटक नहीं मिलने से यात्रियों और विमान की सुरक्षा को लेकर तत्काल खतरा समाप्त हो गया। सुरक्षा एजेंसियां अब धमकी की सूचना के स्रोत और परिस्थितियों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं।

  • विदेश यात्रा में पेपरलेस होगी इमिग्रेशन प्रक्रिया, सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर ई-बोर्डिंग पास से आसान होगा यात्रियों का सफर

    विदेश यात्रा में पेपरलेस होगी इमिग्रेशन प्रक्रिया, सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर ई-बोर्डिंग पास से आसान होगा यात्रियों का सफर

    नई दिल्ली । विदेश यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए 1 सितंबर 2026 से इमिग्रेशन प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर इमिग्रेशन क्लियरेंस के लिए कागज पर प्रिंट किए गए बोर्डिंग पास को अनिवार्य नहीं रखा जाएगा। यात्री अपने मोबाइल फोन में उपलब्ध ई-बोर्डिंग पास दिखाकर निर्धारित इमिग्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। इससे नियमित रूप से विदेश यात्रा करने वाले लोगों को दस्तावेज संभालने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

    नई व्यवस्था देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर लागू की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों और एयरपोर्ट ऑपरेटरों को आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को भी डिजिटल बोर्डिंग पास के आधार पर यात्रियों की प्रक्रिया संचालित करने के लिए तैयार किया जा रहा है। व्यवस्था लागू होने के बाद इमिग्रेशन काउंटर पर यात्रियों को अपने मोबाइल में मौजूद वैध ई-बोर्डिंग पास प्रस्तुत करने की सुविधा मिलेगी।

    अब तक कई अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को बोर्डिंग पास की प्रिंटेड कॉपी अपने साथ रखनी पड़ती थी। यात्रा के दौरान इस कागजी दस्तावेज की जरूरत अलग-अलग चरणों में पड़ सकती थी। नई व्यवस्था के बाद यात्रियों के लिए मोबाइल में बोर्डिंग पास रखना पर्याप्त होगा। इससे प्रिंट निकालने और उसे सुरक्षित रखने की अतिरिक्त जरूरत कम होगी।

    ई-बोर्डिंग पास के इस्तेमाल से इमिग्रेशन प्रक्रिया के दौरान कागज पर मुहर लगाने की व्यवस्था भी समाप्त हो जाएगी। यानी डिजिटल बोर्डिंग पास दिखाकर प्रक्रिया पूरी करने वाले यात्रियों को अपने पास पर इमिग्रेशन की स्टांप लगवाने की आवश्यकता नहीं होगी। यह बदलाव हवाई यात्रा को अधिक डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है।

    हालांकि, जिन यात्रियों के पास पहले से प्रिंट किया हुआ बोर्डिंग पास मौजूद है, उनके लिए भी यात्रा की सुविधा बनी रहेगी। उन्हें कागजी बोर्डिंग पास रखने के कारण रोका नहीं जाएगा। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे भौतिक बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन की मुहर नहीं लगाई जाएगी। यात्रियों के लिए डिजिटल माध्यम को सुविधाजनक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

    इस बदलाव को लागू करने की जिम्मेदारी से जुड़े विभागों और एयरपोर्ट संचालकों के बीच तैयारी शुरू कर दी गई है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर डिजिटल प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को अपडेट किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यात्रियों की आवाजाही के दौरान अनावश्यक कागजी प्रक्रिया को कम करना और इमिग्रेशन क्लियरेंस को डिजिटल माध्यम से अधिक सुविधाजनक बनाना है।

    यात्रियों के लिए यह जरूरी होगा कि वे अपने मोबाइल फोन में वैध ई-बोर्डिंग पास आसानी से उपलब्ध रखें। विदेश यात्रा से पहले बोर्डिंग पास डाउनलोड करने और फोन की बैटरी पर्याप्त रखने जैसी सामान्य सावधानियां उपयोगी रहेंगी। साथ ही यात्रियों को एयरलाइन की ओर से मिलने वाले यात्रा संबंधी निर्देशों का पालन करना होगा।

    नई व्यवस्था का सीधा लाभ उन यात्रियों को मिल सकता है जो लगातार अंतरराष्ट्रीय यात्राएं करते हैं और हर यात्रा में दस्तावेजों की प्रिंटेड प्रतियां संभालते हैं। मोबाइल आधारित बोर्डिंग पास के इस्तेमाल से यात्रा प्रक्रिया में कागज पर निर्भरता घटेगी। 1 सितंबर से लागू होने वाला यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा में डिजिटल सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।