Tag: CivicAction

  • महिला के पैर पकड़कर बचाई जान इंदौर में जर्जर मकान खाली कराने निगम अधिकारी का मानवीय चेहरा फिर चला बुलडोजर

    महिला के पैर पकड़कर बचाई जान इंदौर में जर्जर मकान खाली कराने निगम अधिकारी का मानवीय चेहरा फिर चला बुलडोजर


    इंदौर  लगातार हो रही बारिश के बीच इंदौर नगर निगम की एक कार्रवाई ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। शहर के परदेशीपुरा क्षेत्र में एक जर्जर मकान को गिराने पहुंची निगम की टीम को परिवार के विरोध का सामना करना पड़ा लेकिन कार्रवाई के दौरान जो दृश्य सामने आया उसने हर किसी को भावुक कर दिया। परिवार को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए नगर निगम के रिमूवल प्रभारी ने एक महिला के पैर पकड़ लिए और हाथ जोड़कर मकान खाली करने की अपील की। आखिरकार समझाइश सफल रही और परिवार के बाहर आने के बाद जर्जर मकान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया।

    नगर निगम की टीम वर्मा नर्सिंग होम के पास स्थित रतिराम खटके के पुराने और जर्जर मकान को हटाने पहुंची थी। अधिकारियों के अनुसार इस भवन को वर्ष 2021 से कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे। हाल ही में हुए निरीक्षण में भवन की नींव कमजोर और पूरी संरचना अत्यंत खतरनाक पाई गई थी। लगातार बारिश के कारण मकान कभी भी गिर सकता था जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका थी।

    कार्रवाई के दौरान मकान में रहने वाली महिला ने घर खाली करने से इनकार करते हुए अपने घरेलू सामान की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उसने कहा कि सामान रखने की व्यवस्था होने के बाद ही वह मकान खाली करेगी। इसके बाद रिमूवल प्रभारी बबलू कल्याणे स्वयं मकान के अंदर गए और पूरा सामान देखा। उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि उनका सामान पास की सुरक्षित जगह पर रखवा दिया जाएगा और किसी भी वस्तु को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।

    काफी देर तक समझाने के बावजूद जब महिला तैयार नहीं हुई तो स्थिति भावुक हो गई। परिवार की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारी बबलू कल्याणे ने महिला के पैर पकड़ लिए और आग्रह किया कि वह अपनी और अपने परिवार की जान बचाने के लिए मकान खाली कर दे। अधिकारी का यह मानवीय व्यवहार देखकर वहां मौजूद लोग भी भावुक हो गए। अंततः महिला और उसके परिवार ने अधिकारियों की बात मान ली और सुरक्षित बाहर आ गए।

    परिवार के बाहर निकलने के बाद पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम ने करीब दो हजार वर्गफीट क्षेत्र में बने जर्जर मकान को बुलडोजर की मदद से गिरा दिया। इस भवन में अलग अलग परिवार रह रहे थे जिन्हें पहले ही सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई किसी प्रकार की सख्ती दिखाने के लिए नहीं बल्कि संभावित जनहानि को रोकने के उद्देश्य से की गई।

    नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बारिश के मौसम में शहर के सभी चिन्हित जर्जर भवनों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जिन भवनों से लोगों की जान को खतरा है उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है और किसी भी संभावित हादसे से पहले ऐसे भवनों को हटाना जरूरी है।

    इंदौर की यह घटना केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय जिम्मेदारी का उदाहरण भी बन गई है। एक अधिकारी ने नियमों के साथ इंसानियत को भी प्राथमिकता दी और समय रहते एक संभावित बड़े हादसे को टालने में अहम भूमिका निभाई।

  • बारिश से पहले नगर निगम सख्त इंदौर में उद्यान की जमीन कराई कब्जामुक्त जर्जर भवन भी तोड़ा

    बारिश से पहले नगर निगम सख्त इंदौर में उद्यान की जमीन कराई कब्जामुक्त जर्जर भवन भी तोड़ा


    इंदौर इंदौर में बारिश के मौसम से पहले नगर निगम ने अतिक्रमण और जर्जर भवनों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को निगम की टीम ने शहर के दो अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई करते हुए एक ओर नगर निगम की बगीचे की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया तो दूसरी ओर लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक जर्जर मकान के खतरनाक हिस्से को हटाया। दोनों स्थानों पर पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शांतिपूर्वक संपन्न हुई।

    पहली कार्रवाई जोन क्रमांक 16 के छोटा बांगड़दा क्षेत्र में की गई। नगर निगम को शिकायत मिली थी कि उद्यान के लिए आरक्षित सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर निर्माण कर लिया है। शिकायत की जांच के बाद निगम ने कार्रवाई का निर्णय लिया। मंगलवार सुबह नगर निगम की टीम जेसीबी मशीनों और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण को हटाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया।

    रिमूवल अधिकारी अंकेश बिरथरिया ने बताया कि नगर निगम की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच में अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई और सरकारी जमीन को मुक्त कराया गया।

    इसके बाद नगर निगम का अमला छोटी ग्वालटोली इलाके में पहुंचा जहां एक मकान का ऊपरी हिस्सा काफी जर्जर हो चुका था। भवन की स्थिति को देखते हुए उसके गिरने का खतरा बना हुआ था जिससे आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा था। इसी कारण निगम ने एहतियात के तौर पर भवन के ऊपरी हिस्से में बने दो कमरों और छज्जे को हटाने की कार्रवाई की।

    अधिकारियों ने बताया कि इस स्थान पर मशीनों की बजाय मैन्युअल तरीके से तोड़फोड़ की गई ताकि आसपास की इमारतों और दुकानों को कोई नुकसान न पहुंचे। कार्रवाई शुरू करने से पहले सुरक्षा के मद्देनजर नीचे संचालित दुकानों को अस्थायी रूप से बंद कराया गया और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया गया।

    नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार दोनों स्थानों पर कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से पूरी की गई। निगम का कहना है कि मानसून के दौरान जर्जर भवनों के गिरने और अतिक्रमण से होने वाली समस्याओं को रोकने के लिए शहरभर में लगातार सर्वे किया जा रहा है। जहां भी अवैध कब्जे या खतरनाक भवन चिन्हित किए जा रहे हैं वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

    नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई जर्जर भवन या सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा दिखाई दे तो इसकी सूचना प्रशासन को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर जनहानि और दुर्घटनाओं को रोका जा सके।