Tag: Civil Services Exam

  • कड़ी सुरक्षा और जैमर के बीच परीक्षा, मोबाइल-बैग सहित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर पूरी पाबंदी

    कड़ी सुरक्षा और जैमर के बीच परीक्षा, मोबाइल-बैग सहित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर पूरी पाबंदी


    मध्यप्रदेश। ग्वालियर शहर में रविवार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच शुरू हुआ। शहर के कुल 21 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिसमें 6652 अभ्यर्थी अपने भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक में शामिल हो रहे हैं।

    सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। सभी परीक्षार्थियों को सख्त चेकिंग प्रक्रिया से गुजरने के बाद ही परीक्षा हॉल में प्रवेश दिया गया। प्रशासन ने परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक व्यवस्था की है।

    परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, बैग, जूते और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यहां तक कि परीक्षा हॉल में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश भी वर्जित किया गया है, जबकि अभ्यर्थियों को केवल चप्पल पहनकर अंदर जाने की अनुमति दी गई है। साथ ही पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति दी गई है।

    परीक्षा को दो सत्रों में आयोजित किया जा रहा है। पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक संपन्न होगा। सभी परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक नकल या संचार की संभावना को रोका जा सके।

    प्रशासन ने कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक-113 में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए लगातार सक्रिय रहेगा। यह कंट्रोल रूम सुबह 7 बजे से लेकर परीक्षा समाप्ति तक कार्यरत रहेगा।

    इसके अलावा परीक्षा से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत या सुझाव के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिससे अभ्यर्थी और उनके परिजन संपर्क कर सकते हैं। परीक्षा के पर्यवेक्षण के लिए संघ लोक सेवा आयोग द्वारा दो अधिकारियों को विशेष पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है।

    कड़े अनुशासन और सुरक्षा के बीच चल रही यह परीक्षा अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, और प्रशासन इसे पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए सतर्क नजर रखे हुए है।

  • हरदा के IIT ग्रेजुएट श्रेयांश बड़ोदिया ने 2.3 करोड़ की नौकरी छोड़ यूपीएससी में पहले प्रयास में हासिल की सफलता

    हरदा के IIT ग्रेजुएट श्रेयांश बड़ोदिया ने 2.3 करोड़ की नौकरी छोड़ यूपीएससी में पहले प्रयास में हासिल की सफलता


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के हरदा निवासी श्रेयांश बड़ोदिया ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 194वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। खास बात यह है कि उन्होंने 2.3 करोड़ रुपए सालाना पैकेज वाली नौकरी छोड़कर देश और समाज के लिए खुद को समर्पित किया। श्रेयांश ने बताया कि नौकरी से आर्थिक सुविधा तो मिल रही थी, लेकिन मन को संतुष्टि नहीं मिल रही थी। वे चाहते थे कि उनका काम समाज के लिए लाभकारी हो।

    श्रेयांश ने अपनी स्थिति को इंग्लिश की कहावत “I was in two minds” से जोड़ा, क्योंकि एक तरफ जीवन आरामदायक था, वहीं दूसरी तरफ मन संतुष्ट नहीं था। उन्होंने सोचा कि भविष्य में जब अपने जीवन को देखेंगे तो महसूस हो कि उन्होंने देश और समाज के लिए कुछ किया।

    श्रेयांश ने 2018 में IIT मुंबई से बीटेक की पढ़ाई पूरी की और उसके बाद गुरुग्राम की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। नौकरी के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा की ओर झुकाव महसूस किया। उनके कई मित्र पहले ही सिविल सेवा में थे, जिससे उन्हें प्रेरणा मिली।

    अगस्त 2024 में श्रेयांश ने नौकरी छोड़कर पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में लग गए। उन्होंने मई 2025 में प्रीलिम्स, अगस्त 2025 में मेंस और जनवरी 2026 में इंटरव्यू सफलतापूर्वक पास किया। करीब नौ माह की मेहनत और फोकस के साथ उन्होंने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक को पहले प्रयास में पास कर लिया।

    श्रेयांश का कहना है कि आईटी सेक्टर में उन्हें कंफर्ट जोन जरूर मिला था, लेकिन संतुष्टि नहीं। प्रशासनिक सेवा में जाकर वे अपनी क्षमताओं का सही उपयोग करना चाहते थे। उनका उद्देश्य शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार करना है। खासकर प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाना और स्वास्थ्य सेवा में लोगों को “आउट ऑफ पॉकेट खर्च” कम करना उनका लक्ष्य है।

    श्रेयांश का परिवार फिलहाल मुंबई में रहता है। उनके पिता जीडी बड़ोदिया नर्मदापुरम में जिला कोषालय अधिकारी रह चुके हैं और समाज में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। परिवार ने श्रेयांश के इस फैसले का पूरा समर्थन किया और परिणाम घोषित होने के बाद उनका स्वागत किया।

    UPSC 2025 में कुल 958 उम्मीदवार विभिन्न सेवाओं के लिए क्वालिफाई हुए। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया टॉप किया, जबकि भोपाल और धार से भी कई युवा टॉप 10 में शामिल हुए।

    श्रेयांश की कहानी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने आराम और आर्थिक सुविधा को त्याग कर समाज और देश के लिए चुनौतियों से भरा रास्ता चुना। यह साबित करता है कि असली सफलता केवल पैकेज और पद से नहीं, बल्कि समाज के लिए योगदान और संतुष्टि से मापी जाती है।