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  • कॉकरोच जनता पार्टी की फंडिंग पर सौरभ दास का दावा, बोले- जनता से मिलती है मदद, BJP समर्थक भी देते हैं योगदान

    कॉकरोच जनता पार्टी की फंडिंग पर सौरभ दास का दावा, बोले- जनता से मिलती है मदद, BJP समर्थक भी देते हैं योगदान

    नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी की फंडिंग को लेकर उठ रहे सवालों पर उसके प्रवक्ता सौरभ दास ने संगठन को मिलने वाली आर्थिक मदद के बारे में जानकारी दी है। एक बहस के दौरान उनसे पूछा गया कि देश के अलग-अलग शहरों में संगठन के सदस्यों के आने-जाने और कार्यक्रमों के आयोजन में होने वाले खर्च का इंतजाम कहां से होता है। इसके जवाब में सौरभ दास ने कहा कि संगठन की सारी फंडिंग जनता से होती है। उन्होंने बताया कि जब उन्हें एक शहर से दूसरे शहर जाना होता है, तो कोई उनकी फ्लाइट टिकट कर देता है और कोई दूसरी फ्लाइट की टिकट की व्यवस्था करता है।

    कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत देश के कुछ युवाओं को कॉकरोच कहे जाने के मुद्दे से जुड़े अभियान के तौर पर हुई थी। शुरुआत में इसे एक मीम पेज के रूप में शुरू किया गया था। बाद में यह संगठन आंदोलन से जुड़ गया और इसके सदस्यों ने अलग-अलग शहरों में जाकर युवाओं से समर्थन की अपील की। संगठन की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही यह सवाल भी उठता रहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाले कार्यक्रमों, यात्राओं और अन्य व्यवस्थाओं के लिए आर्थिक संसाधन कहां से जुटाए जाते हैं।

    सौरभ दास ने फंडिंग के तरीके के बारे में बताते हुए कहा कि संगठन को अलग-अलग लोगों से अलग-अलग तरह की मदद मिलती है। उनके मुताबिक, कोई यात्रा के लिए टिकट की व्यवस्था करता है तो किसी स्थान पर कार्यक्रम के लिए हॉल की बुकिंग कोई अन्य व्यक्ति करा देता है। उन्होंने कहा कि इस तरह जनता की ओर से मिलने वाले अलग-अलग सहयोग के जरिए संगठन की गतिविधियों से जुड़े खर्च पूरे किए जाते हैं। उनके बयान के अनुसार, फंडिंग किसी एक व्यक्ति या एक ही माध्यम पर निर्भर नहीं है, बल्कि अलग-अलग लोगों के सहयोग से होती है।

    सौरभ दास ने यह भी दावा किया कि संगठन को कुछ भाजपा समर्थकों से भी आर्थिक मदद मिलती है। उनके मुताबिक, कुछ ऐसे भाजपा समर्थक हैं जो अपनी पार्टी के कामकाज से नाराज हैं। उन्होंने बताया कि जब संगठन के सदस्य किसी शहर में जाते हैं, तो वहां ऐसे कुछ समर्थक उनसे कहते हैं कि पार्टी ठीक काम नहीं कर रही है और उसे हटाना चाहते हैं। सौरभ दास के अनुसार, ऐसे लोग कॉकरोच जनता पार्टी के लिए भी आर्थिक सहयोग करते हैं।

    फंडिंग को लेकर सौरभ दास का बयान सामने आने के बाद संगठन के आर्थिक स्रोतों पर चल रही चर्चा में जनता और अलग-अलग समर्थकों के योगदान की बात सामने आई है। उन्होंने अपने बयान में यात्रा, कार्यक्रमों के लिए हॉल की व्यवस्था और अन्य जरूरतों में लोगों की ओर से मिलने वाले सहयोग का उल्लेख किया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि भाजपा से जुड़े कुछ नाराज समर्थक भी संगठन की गतिविधियों के लिए आर्थिक मदद करते हैं। इस तरह उनके मुताबिक कॉकरोच जनता पार्टी को मिलने वाला सहयोग अलग-अलग लोगों की मदद से जुटाया जाता है।

  • अभिजीत दिपके के परिवार और CJP फंडिंग की जांच की मांग, RTI कार्यकर्ता ने EC और GST विभाग को लिखा पत्र

    अभिजीत दिपके के परिवार और CJP फंडिंग की जांच की मांग, RTI कार्यकर्ता ने EC और GST विभाग को लिखा पत्र


    नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और संगठन के लिए घोषित लीगल डिफेंस फंड को लेकर नए सवाल उठे हैं। गुजरात के सूरत के एक RTI कार्यकर्ता ने चुनाव आयोग और केंद्रीय GST विभाग से पूरे मामले की वित्तीय जांच कराने की मांग की है।

    RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने शनिवार को बताया कि उन्होंने इस संबंध में दोनों संस्थाओं को पत्र भेजा है। उनकी मांग है कि CJP की फंडिंग, संगठन की वैधानिक स्थिति और अभिजीत दिपके के परिवार की वित्तीय पृष्ठभूमि की जांच की जाए।

    विदेश में पढ़ाई के खर्च पर सवाल
    तिवारी ने अपने पत्र में कहा है कि अभिजीत दिपके के पिता भगवानराव दिपके, जो महाराष्ट्र सरकार से सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, उनके बेटे की विदेश में उच्च शिक्षा का खर्च किस स्रोत से वहन किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए।

    CJP के पंजीकरण की भी जांच की मांग
    RTI कार्यकर्ता ने निर्वाचन आयोग से यह भी अनुरोध किया है कि CJP की कानूनी स्थिति स्पष्ट की जाए। उनका कहना है कि यदि संगठन राजनीतिक दल की तरह गतिविधियां चला रहा है और उसके नाम पर फंड जुटाया जा रहा है, तो यह जांचना आवश्यक है कि क्या उसका पंजीकरण जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29A के तहत हुआ है या नहीं। यदि पंजीकरण नहीं है, तो इस आधार पर भी जांच होनी चाहिए।

    1 करोड़ के लीगल डिफेंस फंड पर GST का मुद्दा
    अमित तिवारी ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) को भी पत्र लिखकर वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा घोषित 1 करोड़ रुपये के लीगल डिफेंस फंड पर लागू कर नियमों की जांच की मांग की है। उन्होंने विशेष रूप से इस राशि पर संभावित GST देनदारी की समीक्षा करने का आग्रह किया है।

    NEET प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
    यह विवाद NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद सामने आया है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए CJP प्रदर्शनकारियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए 1 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी। इसी फंड और उससे जुड़े वित्तीय पहलुओं को लेकर अब जांच की मांग उठाई गई है।