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  • MP: भोपाल में CJP की बैठक में हंगामा….छात्रों ने लगाए नारे, माइक छीनने की कोशिश

    MP: भोपाल में CJP की बैठक में हंगामा….छात्रों ने लगाए नारे, माइक छीनने की कोशिश


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) में सीजेपी (CJP) की बैठक के दौरान उस वक्त हंगामा हो गया, जब छात्रों और युवाओं का एक समूह बैठक में पहुंच गया. युवकों ने CJP के प्रतिनिधियों (Representatives) से स्कूलों के ऑडिट (School audits) और संगठन की गतिविधियों को लेकर सवाल किए. सवाल-जवाब के दौरान विवाद बढ़ गया और कुछ युवकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. इस दौरान माइक छीनने की कोशिश भी की गई. हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस गांधी भवन पहुंची और छात्रों को समझाइश देकर मामला शांत कराया।

    दरअसल, शहर के गांधी भवन का यह मामला है. यहां CJP की बैठक के दौरान अचानक हंगामे की स्थिति बन गई. दरअसल, छात्रों और युवाओं का एक समूह बैठक के दौरान अंदर पहुंचा था. इनमें कुछ युवक काली टी-शर्ट पहने हुए थे। युवकों ने CJP के प्रतिनिधियों से स्कूलों के ऑडिट को लेकर सवाल पूछना शुरू किया।

    सवाल-जवाब के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया. युवकों ने दिल्ली में हुए पिछले प्रदर्शनों और संगठन की गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठाए। इसी दौरान कुछ युवकों ने नारेबाजी शुरू कर दी. ‘यह दिल्ली नहीं, भोपाल है’, ‘कॉकरोच पार्टी मुर्दाबाद’ और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए गए. मामला बढ़ने पर माइक छीनने की कोशिश भी हुई।

    हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस बल गांधी भवन पहुंचा. पुलिस ने मौके पर मौजूद छात्रों और युवाओं को समझाइश दी. पुलिस की समझाइश के बाद मामला शांत हुआ. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बैठक के दौरान युवकों की नारेबाजी और हंगामे का दृश्य दिखाई दे रहा है।

  • स्कूल ऑडिट की बैठक में घुसे युवाओं ने किया विरोध, CJP से तीखे सवाल और नारेबाजी, माइक छीनने की कोशिश के आरोप पर पहुंची पुलिस

    स्कूल ऑडिट की बैठक में घुसे युवाओं ने किया विरोध, CJP से तीखे सवाल और नारेबाजी, माइक छीनने की कोशिश के आरोप पर पहुंची पुलिस


    भोपाल । भोपाल में सरकारी स्कूलों के ऑडिट को लेकर रविवार शाम गांधी भवन में आयोजित CJP की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई जब कुछ छात्र और युवा बैठक के दौरान पहुंच गए। अभियान से जुड़े लोगों की बात सुनने के बाद युवाओं ने स्कूल ऑडिट और CJP की गतिविधियों को लेकर सवाल उठाने शुरू किए। बातचीत के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि नारेबाजी होने लगी और बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। छात्रों ने यह दिल्ली नहीं भोपाल है कॉकरोच पार्टी मुर्दाबाद और तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल गांधी भवन पहुंचा और युवाओं को समझाइश देकर वहां से रवाना किया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बैठक के दौरान छात्रों का एक समूह अंदर पहुंचा था। इनमें कुछ युवक काली टीशर्ट पहने हुए थे। उन्होंने CJP के प्रतिनिधियों से सरकारी स्कूलों के ऑडिट को लेकर सवाल किए। युवाओं ने दिल्ली में हुए पिछले प्रदर्शनों और संगठन की गतिविधियों को लेकर भी जवाब मांगा। छात्र अंश पुरोहित ने कहा कि उनका किसी समुदाय या राजनीतिक दल के खिलाफ विरोध नहीं है। उन्होंने पुलिस और सेना के सम्मान की बात कहते हुए किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करने की बात कही।

    छात्रों का कहना था कि वे बैठक में विरोध करने के इरादे से नहीं पहुंचे थे बल्कि चर्चा सुनना और अपने सवालों के जवाब लेना चाहते थे। उनका सवाल था कि दिल्ली में हुए विवादों के बाद भोपाल में अभियान चलाते समय ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। छात्रों ने कुछ गतिविधियों को एंटीनेशनल बताते हुए CJP से अभियान के उद्देश्य और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल किए।

    विवाद उस समय और बढ़ गया जब छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके हाथ से माइक लेने की कोशिश की गई। अंश पुरोहित के मुताबिक माइक लेने की कोशिश कई बार हुई। इसके बाद वहां मौजूद कुछ छात्र भावुक हो गए और नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामे के बीच CJP की एक महिला प्रतिनिधि ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया और पहले पूरी बात सुनने की बात कही। इस पर छात्रों ने सवाल किया कि अगर उनकी पूरी बात नहीं सुनी जाएगी तो वे अपने सवाल कैसे पूछ पाएंगे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रही। हालांकि माइक छीनने के आरोपों पर CJP की ओर से कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

    CJP की अभियान कोऑर्डिनेटर माया विश्वकर्मा ने बैठक को लेकर बताया कि स्कूल ठीक करो अभियान के तहत मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति का नागरिक स्तर पर ऑडिट किया जाना है। उनके मुताबिक ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई बार अधिकारी नियमित रूप से नहीं पहुंच पाते। ऐसे में नागरिकों की भागीदारी के जरिए स्कूलों की वास्तविक स्थिति का डेटा तैयार करने की योजना है।

    इस ऑडिट में स्कूलों में पानी शौचालय बिजली कक्षाओं की स्थिति शिक्षक और विद्यार्थियों का अनुपात विद्यार्थियों की उपस्थिति पाठ्यपुस्तक यूनिफॉर्म छात्रवृत्ति और मिडडे मील जैसी सुविधाओं को देखा जाएगा। इसके अलावा स्कूल भवन की सुरक्षा फर्स्टएड अग्निशामक यंत्र दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं पुस्तकालय और कंप्यूटर की उपलब्धता की भी जानकारी जुटाई जाएगी।

    माया विश्वकर्मा के अनुसार अभियान की शुरुआत 15 अगस्त से की गई थी। भोपाल की बैठक के बाद नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा ब्लॉक में एक स्कूल का ऑडिट किया जाना है। इसके बाद भोपाल सहित प्रदेश के अन्य इलाकों में भी सर्वे किया जाएगा। अभियान की शुरुआत फिलहाल स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं से की जा रही है और आगे बच्चों के पाठ्यक्रम शिक्षकों तथा अन्य शैक्षणिक समस्याओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा। बैठक में हुआ हंगामा भले ही खत्म हो गया हो लेकिन इस घटनाक्रम ने CJP के अभियान और उसके उद्देश्य को लेकर अलग अलग पक्षों के सवालों को जरूर सामने ला दिया है।