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  • ममता बनर्जी को एक और झटका…..असली TMC के नाम और सिंबल पर दावा ठोकेंगे बागी सांसद!

    ममता बनर्जी को एक और झटका…..असली TMC के नाम और सिंबल पर दावा ठोकेंगे बागी सांसद!


    कोलकाता
    । पश्चिम बंगाल (West Bengal) में सत्ता छिनते ही ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को एक के बाद झटके मिले रहे हैं। रविवार को ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को गहरा जख्म देकर तृणमूल कांग्रेस (Trinamool Congress) के बागी सांसदों ने अब त्रिपुरा की एक पार्टी संग विलय का फैसला कर लिया है। इन सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) से मिलकर लोकसभा में अलग सीट की व्यवस्था करने की मांग भी की है। इधर पार्टी से नए-नए बागी हुए सुदीप बंदोपाध्याय ने रविवार को संकेत दे दिए हैं कि बागी खेमा अगले महीने टीएमसी के नाम और सिंबल पर अपना दावा ठोकेगा। ऐसे में यह चर्चाएं भी तेज हो गई हैं कि NDA को लोकसभा में अपना सबसे बड़ा सहयोगी मिलने जा रहा है।

    इससे पहले लोकसभा में दो-तिहाई सांसदों की बगावत के बाद, बागी खेमे को जिस ‘हेवीवेट’ की तलाश थी, वह भी अब पूरी हो गई है। कभी ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद और लोकसभा में टीएमसी के संसदीय दल के नेता रहे सुदीप बंदोपाध्याय भी अब आधिकारिक तौर पर बागी गुट में शामिल हो गए हैं। बागी गुट में शामिल होते ही सुदीप बंदोपाध्याय ने ममता बनर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा है बागियों का त्रिपुरा नेशनल सिटीजंस पार्टी (NCP) में विलय केवल एक अस्थायी व्यवस्था है।


    क्या है प्लान?

    लोकसभा में टीएमसी के 28 में से 20 सांसदों का समर्थन होने की बात दोहराते हुए सुदीप बंदोपाध्याय ने बागियों की लॉन्ग टर्म रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा, “जब आप 2-तिहाई बहुमत के साथ पार्टी छोड़ते हैं, तो यही सिस्टम है। आप पहले ही दिन जा के नहीं बोल सकते कि हमें पार्टी का सिंबल दे दो।” उन्होंने आगे कहा कि बागी खेमा जुलाई में चुनाव आयोग और कोर्ट के सामने आधिकारिक मांग रखेगा कि उन्हें ही असली तृणमूल माना जाए, क्योंकि हमारे पास दो-तिहाई बहुमत है। इसके बाद कोर्ट इस पर फैसला करेगा।

    गौरतलब है कि रविवार को तृणमूल कांग्रेस में संकट उस वक्त और गहरा गया जब बागी सांसदों ने त्रिपुरा की एक बेहद कम चर्चित ‘नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ (NCPI) में विलय की घोषणा कर दी। यह पार्टी अब लोकसभा में भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकार को समर्थन देगी। लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बागी सांसदों की अगुवाई करने वालीं काकोली घोष दस्तीदार ने एक बयान में कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने बिरला को सौंपे गए आवेदन पर साइन किए हैं। उन्होंने कहा, ”तृणमूल कांग्रेस के दो-तिहाई लोकसभा सदस्यों ने एक अलग समूह के रूप में मान्यता देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपा है। हम नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में अपना विलय करेंगे और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का समर्थन करेंगे।”


    त्रिपुरा की पार्टी है NCPI

    ‘नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया’ त्रिपुरा की एक रजिस्टर्ड पार्टी है। हालांकि इसकी कोई खास राजनीतिक मौजूदगी नहीं है। पार्टी ने 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में कुछ सीटों पर चुनाव लड़ा था। लेकिन इसके उम्मीदवार या तो नोटा से पीछे रहे या उन्हें उससे बस कुछ ही ज्यादा वोट मिले। इस बीच भाजपा ने कहा है कि अगर टीएमसी के सांसद NDA का समर्थन करना चाहते हैं तो यह देश के लिए अच्छा होगा।


    बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी बनेगी TMC

    लोकसभा में अगर टीएमसी के इस खेमे ने NDA को समर्थन दिया तो पार्टी बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी भी बन सकती है। बता दें कि बीजेपी के पास केंद्र में फिलहाल NDA के दो बड़े सहयोगी का समर्थन है। इसमें आंध्र प्रदेश की टीडीपी में 16 सांसद और ​जनता दल (यूनाइटेड) के 12 सांसद शामिल हैं। अब 20 से ज्यादा बागी टीएमसी सांसदों के समर्थन ने सदन में NDA की संख्या 313 तक बढ़ सकती है।

  • LS में AAP को लग सकता है बड़ा झटका…. मजीठिया का दावा- इस्तीफा देने को तैयार 2 MP

    LS में AAP को लग सकता है बड़ा झटका…. मजीठिया का दावा- इस्तीफा देने को तैयार 2 MP


    चंडीगढ़।
    आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party- AAP) के लिए पंजाब में सियासी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्यसभा (Rajya Sabha) में अपने सांसदों की बड़ी बगावत का सामना कर रही पार्टी को अब निचले सदन (लोकसभा) में भी बड़े झटके का सामना करना पड़ सकता है। शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal- SAD) के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि पंजाब से AAP के 2 लोकसभा सांसद भी पार्टी से इस्तीफा देने की तैयारी में हैं।

    बिक्रम सिंह मजीठिया ने दावा किया है कि आम आदमी पार्टी में मची भगदड़ केवल उच्च सदन (राज्यसभा) तक सीमित नहीं रहने वाली है। उनके अनुसार, पंजाब में AAP सरकार की कार्यप्रणाली, नेतृत्व की अनदेखी और अंदरूनी कलह से नाराज होकर अब लोकसभा के 2 सांसद भी जल्द ही इस्तीफा दे सकते हैं।

    2024 के लोकसभा चुनावों में पंजाब से आम आदमी पार्टी के केवल 3 सांसद ही जीतकर संसद पहुंचे थे। ये सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर, मलविंदर सिंह कंग और राज कुमार चब्बेवाल हैं। अगर मजीठिया का यह दावा सच साबित होता है और 2 सांसद इस्तीफा दे देते हैं, तो यह लोकसभा में आम आदमी पार्टी के लगभग सफाए के बराबर होगा।

    मजीठिया ने एक पोस्ट में लिखा, ‘एक और दिन, एक और विदाई की तैयारी… सूत्रों के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के 2 लोकसभा सांसद जल्द ही पार्टी छोड़कर जा सकते हैं। ‘बार-बार सफर करने वालों’ की यह सूची बस बढ़ती ही जा रही है।’


    राज्यसभा में लगा करारा झटका

    अकाली दल के नेता का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब AAP इतिहास के अपने सबसे बड़े संकट से गुजर रही है। हाल ही में पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों ने एक साथ बगावत कर दी है। प्रमुख बागी नेता: इनमें पार्टी के मुख्य रणनीतिकार रहे राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं, जिन्होंने भाजपा (BJP) का दामन थाम लिया है।


    पंजाब की भगवंत मान सरकार पर मंडराता खतरा?

    बिक्रम सिंह मजीठिया और अन्य विपक्षी दल इस स्थिति का पूरा राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। मजीठिया ने इस भगदड़ को AAP सरकार के पतन की शुरुआत बताया है। हाल ही में मजीठिया ने कहा है कि सांसदों के बाद अब बड़ी संख्या में AAP के विधायक भी पार्टी छोड़ने की कतार में हैं, जो जल्द ही भाजपा या अन्य दलों में शामिल हो सकते हैं।


    फ्लोर टेस्ट की मांग

    अकाली दल ने दावा किया है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार जल्द ही अल्पमत में आ सकती है। इसके मद्देनजर उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से विधानसभा में ‘फ्लोर टेस्ट’ (बहुमत परीक्षण) कर अपना बहुमत साबित करने की मांग की है। विपक्ष का आरोप है कि ‘बदलाव’ का नारा देकर सत्ता में आई AAP की सरकार अब भ्रष्टाचार, लचर कानून-व्यवस्था और गुटबाजी का शिकार हो चुकी है, जिसके चलते उनके अपने ही संस्थापक सदस्य और नेता “डूबते जहाज” से कूद रहे हैं।

    मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस बगावत को सिरे से खारिज करते हुए बागी नेताओं को ‘गद्दार’ करार दिया है। उनका कहना है कि जो लोग छोड़कर गए हैं उनका अपना कोई जनाधार नहीं था और पंजाब सरकार को विधायकों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। हालांकि, 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले यह राजनीतिक अस्थिरता आम आदमी पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। यदि लोकसभा सांसदों के इस्तीफे की खबर हकीकत में बदलती है, तो यह पार्टी के लिए मनोवैज्ञानिक और राजनीतिक रूप से एक बहुत बड़ा नुकसान साबित होगा।

  • ऐसे फंसती हैं हिंदू बेटियां…. हर्षा रिछारिया ने शेयर किए ईमेल….'लव जिहाद'-'ब्रेनवॉश' का दावा!

    ऐसे फंसती हैं हिंदू बेटियां…. हर्षा रिछारिया ने शेयर किए ईमेल….'लव जिहाद'-'ब्रेनवॉश' का दावा!


    उज्जैन।
    महाकुंभ (Mahakumbh) से चर्चा बटोरने वाली मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की हर्षा रिछारिया (Harsha Richharia) ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर नई बहस छेड़ दी है. वीडियो में हर्षा खुद को मुस्लिम शख्स (Muslim man.) के भेजे ईमेल्स को लेकर कथित ‘लव जिहाद’ या ‘ब्रेनवॉश’ का दावा करती नजर आईं।

    हर्षा रिछारिया ने वीडियो में कहा, ”मैं एक बात बताती हूं. आज हो सकता है बहुत से लोगों को मिर्ची लगे. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. मुझे एक व्यक्ति के कुछ मेल मिले. पिछले कुछ दिनों में जिसने बराबर मुझसे ये पूछा कि तुम कैसी हो, कहां हो? कोई खबर नहीं तुम्हारी, तुम्हारी हेल्थ ठीक है कि नहीं है? तुम कोई पोस्ट क्यों नहीं डाल रही हो?

    देखो हर्षा ये सब चीजें फेम के लिए और फॉलोवर्स बढ़ाने के लिए तो ठीक हैं, लेकिन आखिर में इससे घर नहीं चलता. इससे इनकम नहीं होती. उसके लिए तुम्हारा क्या फ्यूचर प्लान है? तुम मुझसे शेयर कर सकती हो।

    साध्वी हर्षा के मुताबिक, मेल भेजने वाले शख्स ने बराबर मुझे कई मेल्स किए. उसने बाकियों की तरह मुझे ‘फेक’, ‘पाखंडी’ जैसा कुछ भी नहीं बोला. उसने मुझे मेल करके पूछा. अब मैं आपको बताती हूं कि आपकी बेटियां ‘लव जिहाद’ में कैसे फसती हैं।

    महाकुंभ में वायरल हुई साध्वी हर्षा रिछारिया ने आगे कहा, ”हमारे खुद के धर्म में यह कमी है कि जब हमें अपने धर्म के लोगों की जरूरत होती है, हमें अपने क्लोज्ड ओन्स की जरूरत होती है तब वो हमारा मजाक उड़ाने में व्यस्त होते हैं।

    हमें फेक, पाखंडी, झूठा, मक्कार, फरेबी पता नहीं क्या क्या कहने में व्यस्त होते हैं. तब वो ये सोचने में यह बोलने में व्यस्त होते हैं कि अरे वो तो ये सब दिखावा कर रही है. तब जब आप उस इंसान को मानिसिक और भावानात्मक तौर पर बुर तरह तोड़ देते हैं।

    तब वो कमी दूसरे धर्म के लोग नोटिस करते हैं. और तब उन्हें समझ में आ जाता है कि ये लड़की टूटी हुई है, ये लड़की परेशान है, इसे कंधे की जरूरत है. इसे साथ की जरूरत है. तब वो वो साथ बन के आते हैं। तब वो ये यकीन दिलाते हैं कि देखो, मैंने तुम्हे तब समझा जब कोई और तुम्हें सुनने तक को राजी नहीं था।

    तब उस लड़की को लगता है कि हां, इससे अच्छा मेरे लिए कौन हो सकता है. मेरे धर्म के लोग मुझे नहीं समझ रहे, मेरे धर्म के लोग मुझे नहीं सुन रहे हैं. मेरे अपने मुझे नहीं सुन रहे हैं, तो ये इंसान तो मेरी जिंदगी में फरिश्ता बनकर आया। तब वो उस लड़के के कंधे पर सिर रख के रोने लगती है… और तब यहां से शुरुआत होती है ‘ब्रेनवॉश’ और ‘लव जिहाद’ की।

    हर्षा रिछारिया ने अंत में यह स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ी कमी हमारे खुद के धर्म और समाज की है, जो अपने लोगों को सहारा देने के बजाय उन्हें नीचा दिखाने में व्यस्त रहता है. उन्होंने इसे ‘कड़वी हकीकत’ बताते हुए “जय श्री राम” के साथ अपनी बात खत्म की।

  • अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल: हवा और जमीन पर हमला करने वाला बहु भूमिका फाइटर

    अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल: हवा और जमीन पर हमला करने वाला बहु भूमिका फाइटर

    नई दिल्ली । ईरान द्वारा अमेरिकी लड़ाकू विमान को मार गिराने के दावे ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान एफ 15ई स्ट्राइक ईगल पर केंद्रित कर दिया है। यह विमान अमेरिकी वायुसेना के सबसे भरोसेमंद और बहु भूमिका वाले फाइटर जेट्स में से एक माना जाता है। यूएस एयरफोर्स की आधिकारिक वेबसाइट एएफडॉटएमआईएल के अनुसार एफ 15ई स्ट्राइक ईगल को विशेष रूप से इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह न केवल हवा में दुश्मन के विमानों से लड़ सके बल्कि जमीन पर स्थित लक्ष्य पर भी सटीक हमला कर सके।

    एफ 15ई में दो सदस्यीय क्रू होता है, जिसमें एक पायलट और एक वेपन सिस्टम ऑफिसर शामिल होता है। यह संयोजन जटिल मिशनों को अधिक कुशलता और सुरक्षा के साथ अंजाम देने में सहायक होता है। विमान किसी भी मौसम में दिन रात उड़ान भरने में सक्षम है और इसमें अत्याधुनिक एवियोनिक्स और रडार सिस्टम लगे हैं, जो लंबी दूरी से लक्ष्यों की पहचान और उन पर सटीक हमला करने की क्षमता प्रदान करते हैं।

    एफ 15ई का एपीजी 70 रडार सिस्टम हवा और जमीन दोनों प्रकार के लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है। इसके साथ ही एलएएनटीआईआरएन सिस्टम लो एल्टीट्यूड नेविगेशन एंड टारगेटिंग इंफ्रारेड इसे अत्यंत कम ऊंचाई पर उड़ान भरने और खराब मौसम या रात के समय भी सटीक हमले करने की सुविधा देता है। यह सिस्टम पायलट को जमीन के करीब सुरक्षित उड़ान भरने में मदद करता है, जिससे मिशन अधिक प्रभावी बनते हैं।

    प्रदर्शन के मामले में भी एफ 15ई बहुत शक्तिशाली है। इसकी अधिकतम गति लगभग 1,875 मील प्रति घंटा मैक 2.5 से अधिक है और यह लगभग 60,000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है। इसकी लंबी रेंज और भारी हथियार ले जाने की क्षमता इसे दुश्मन के गहरे इलाके में जाकर भी हमला करने में सक्षम बनाती है।

    हथियारों की बात करें तो एफ 15ई में 20 मिमी की आंतरिक तोप लगी होती है। इसके अलावा यह एम 9 साइडवाइंडर और एम 120 अमराम जैसी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी ले जा सकता है। इसके साथ ही विभिन्न प्रकार के प्रिसिजन गाइडेड और पारंपरिक बमों को भी वाहन कर सकता है, जो इसे बहु भूमिका फाइटर बनाते हैं।

    एफ 15ई स्ट्राइक ईगल का निर्माण अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने किया है। शुरुआत में इसकी कीमत लगभग 31 मिलियन डॉलर थी, लेकिन आधुनिक अपग्रेड और तकनीकी सुधारों के साथ इसकी कीमत बढ़कर लगभग 100 मिलियन डॉलर हो गई है। यूएस एयरफोर्स के अनुसार इसकी लंबी रेंज, भारी पेलोड क्षमता और मिशन पूरा करते समय सुरक्षा इसे अमेरिकी वायुसेना की एक प्रमुख ताकत बनाती है।

    इसलिए, चाहे ईरान का दावा सही हो या नहीं, एफ 15ई स्ट्राइक ईगल अपने आधुनिक रडार, हथियार प्रणाली और उड़ान प्रदर्शन के कारण दुनिया के सबसे खतरनाक और भरोसेमंद लड़ाकू विमानों में शुमार है।

  • 14 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया, एयरस्ट्राइक के जवाब में अफगानिस्तान का बड़ा दावा

    14 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया, एयरस्ट्राइक के जवाब में अफगानिस्तान का बड़ा दावा

    काबुल। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव हाल ही में और तेज हो गया है। पाकिस्तान एयर फोर्स (PAF) ने अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों जैसे नंगरहार, पक्तिका और खोस्त में हवाई हमले किए, जिनका उद्देश्य पाकिस्तानी तालिबान (TTP) और ISIS-K के आतंकी कैंपों को निशाना बनाना था। अफगानिस्तान के अधिकारियों का दावा है कि इन हमलों में महिलाएं और बच्चे मारे गए, साथ ही हज के लिए ईंधन डिपो को भी नुकसान पहुंचा। इन हमलों के जवाब में अफगानिस्तान की रक्षा मंत्रालय ने पाकिस्तानी सेना की स्थिति पर जवाबी कार्रवाई शुरू की। यह संघर्ष दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवादों, खासकर तालिबान की ओर से पाकिस्तानी आतंकियों को शरण देने के आरोपों का नतीजा है।

    अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि कुनार और नंगरहार प्रांतों में ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया गया। अफगान बलों ने दावा किया कि इस कार्रवाई में 14 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 11 घायल हुए, एक आर्मर्ड टैंक और एक इंटरनेशनल वाहन पूरी तरह नष्ट हो गया। अफगानिस्तान ने इसे पाकिस्तानी सेना की ओर से किए गए अपराधों के जवाब में जरूरी कदम बताया। इस बीच, स्थानीय रिपोर्टों में एक परिवार के चार सदस्यों के मारे जाने और तीन के घायल होने की बात कही गई है, जो सीमा पर गोलीबारी से जुड़ी है। दोनों पक्षों के दावों में काफी अंतर है और स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।

    पाकिस्तान के दावे अलग

    पाकिस्तान ने इन आरोपों का खंडन किया है और जवाबी कार्रवाई में अफगानिस्तान के कई क्षेत्रों जैसे काबुल, कंधार और पक्तिया में हवाई हमले किए। पाकिस्तान ने ऑपरेशन गजब लिल हक शुरू किया, जिसमें अफगान सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि उनके हमलों में सैकड़ों अफगान लड़ाके मारे गए, जबकि अपनी तरफ कम नुकसान हुआ। यह तनाव फरवरी 2026 से शुरू हुए संघर्ष का हिस्सा है, जहां दोनों देश ओपन वॉर की स्थिति तक पहुंच गए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन, रूस, कतर आदि देशों ने डी-एस्केलेशन की अपील की है।

    यह घटनाक्रम डूरंड लाइन विवाद और सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों की गहरी असहमति को उजागर करता है। अफगानिस्तान पाकिस्तान पर हमलों का आरोप लगाता है, जबकि पाकिस्तान अफगानिस्तान को आतंकियों की सुरक्षित जगह बताता है। अगर यह जारी रहा तो क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है, जिसमें नागरिकों की जान जोखिम में है। दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की जरूरत है, वरना स्थिति और बिगड़ सकती है।