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  • 'मातृभूमि' की रिलीज पर फैली अफवाहों पर विराम, सलमान खान फिल्म्स ने स्पष्ट किया- CBFC के पास अभी भेजी ही नहीं गई फिल्म

    'मातृभूमि' की रिलीज पर फैली अफवाहों पर विराम, सलमान खान फिल्म्स ने स्पष्ट किया- CBFC के पास अभी भेजी ही नहीं गई फिल्म

    नई दिल्ली । अभिनेता सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि फिल्म के केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से जुड़े सर्टिफिकेशन में अड़चन आने के कारण इसकी रिलीज प्रभावित हो सकती है। अब इन सभी अटकलों पर फिल्म के निर्माताओं ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

    सलमान खान फिल्म्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि फिल्म के CBFC सर्टिफिकेशन को लेकर सामने आ रही सभी खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। निर्माण कंपनी ने स्पष्ट किया कि फिल्म को अभी तक प्रमाणन के लिए CBFC के पास प्रस्तुत ही नहीं किया गया है। ऐसे में सर्टिफिकेट रोके जाने या प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा आने की खबरों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।

    निर्माताओं ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में मीडिया और दर्शकों से अपील की कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें। साथ ही यह भी कहा गया कि फिल्म से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी, रिलीज अपडेट या अन्य आधिकारिक घोषणा केवल सलमान खान फिल्म्स के अधिकृत माध्यमों से ही साझा की जाएगी। इस स्पष्टीकरण के बाद फिल्म के भविष्य को लेकर चल रही कई अटकलों पर विराम लग गया है।

    इससे पहले कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि फिल्म की संभावित रिलीज अगस्त में हो सकती है, लेकिन कथित सेंसर संबंधी कारणों से इसमें देरी होने की संभावना है। हालांकि निर्माताओं के ताजा बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि रिलीज में देरी को लेकर सामने आए दावों की फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। फिल्म की रिलीज तिथि का भी अभी औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।

    गौरतलब है कि इस फिल्म की शुरुआत एक अलग शीर्षक के साथ हुई थी। प्रारंभिक चरण में इसे ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से विकसित किया जा रहा था। बाद में निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया। इसके साथ ही कहानी और प्रस्तुति में भी कुछ बदलाव किए गए, जिससे फिल्म का स्वरूप पहले की तुलना में अलग हो गया।

    उद्योग से जुड़ी चर्चाओं के अनुसार फिल्म की शुरुआती अवधारणा वास्तविक घटनाओं से प्रेरित थी, लेकिन बाद में पटकथा और शीर्षक दोनों में संशोधन किए गए। इसके बाद कथित तौर पर कुछ प्रत्यक्ष संदर्भों को भी बदला गया, जिससे फिल्म की कहानी को व्यापक और अलग रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

    फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। इसमें सलमान खान के साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शकों के बीच इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है और अब आधिकारिक स्पष्टीकरण आने के बाद प्रशंसकों की निगाहें इसके टीजर, ट्रेलर और रिलीज डेट की औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं। फिलहाल निर्माताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि फिल्म के सर्टिफिकेशन को लेकर प्रसारित की जा रही खबरें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल अधिकृत घोषणाओं पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।

  • 'न नाम बदला, न धर्म अपनाया'… Urfi Javed ने वायरल दावों की खोली पोल, फेक खबर फैलाने वालों को सुनाई खरी-खरी

    'न नाम बदला, न धर्म अपनाया'… Urfi Javed ने वायरल दावों की खोली पोल, फेक खबर फैलाने वालों को सुनाई खरी-खरी

    नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर अभिनेत्री उर्फी जावेद के नाम और धर्म परिवर्तन को लेकर वायरल हो रहे दावों पर अब खुद अभिनेत्री ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। एक महिला द्वारा साझा किए गए वीडियो में दावा किया गया था कि उर्फी जावेद ने अपना नाम बदलकर ‘रीता भारद्वाज’ रख लिया है और उन्होंने हिंदू धर्म अपना लिया है। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैलने लगा, जिसके बाद अभिनेत्री ने पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इन सभी दावों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया।

    उर्फी जावेद ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से वायरल वीडियो का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने न तो अपना नाम बदला है और न ही किसी धर्म को अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सोशल मीडिया पर उनके बारे में फैलाई जा रही जानकारी पूरी तरह झूठी है और लोगों को बिना तथ्यों की पुष्टि किए ऐसी बातें साझा नहीं करनी चाहिए। अभिनेत्री ने कहा कि उनके बारे में गलत सूचनाएं फैलाकर लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है।

    अभिनेत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी दोहराया कि वह पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से कह चुकी हैं कि वह किसी विशेष धर्म में विश्वास नहीं रखती हैं। उनके अनुसार उनकी निजी सोच और जीवनशैली को लेकर पहले भी कई तरह की अटकलें लगाई जाती रही हैं, लेकिन इस बार नाम और धर्म परिवर्तन जैसा दावा पूरी तरह मनगढ़ंत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की झूठी खबरें न केवल किसी व्यक्ति की छवि को प्रभावित करती हैं, बल्कि समाज में भ्रम भी पैदा करती हैं।

    उर्फी जावेद ने वीडियो बनाने वाली महिला की पत्रकारिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की जानकारी सार्वजनिक करने से पहले तथ्यों की जांच करना आवश्यक होता है। बिना पुष्टि के किसी व्यक्ति के बारे में गलत जानकारी प्रसारित करना जिम्मेदार पत्रकारिता नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि आलोचना करना हर किसी का अधिकार है, लेकिन झूठी बातें फैलाना उचित नहीं है।

    अभिनेत्री ने अपने बयान में यह भी कहा कि इंटरनेट पर उनके बारे में पर्याप्त सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध है और कोई भी व्यक्ति आसानी से यह पता लगा सकता है कि उनके नाम या पहचान में किसी प्रकार का बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी को सच मानने के बजाय उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।

    उर्फी जावेद अपने अलग फैशन सेंस और बेबाक बयानों के कारण अक्सर चर्चा में रहती हैं। यही वजह है कि उनके नाम से जुड़ी छोटी-बड़ी खबरें भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाती हैं। हालांकि, इस बार अभिनेत्री ने खुद सामने आकर यह साफ कर दिया कि उनके नाम और धर्म परिवर्तन से जुड़ी सभी बातें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो उर्फी जावेद हाल के समय में रियलिटी शो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार सक्रिय रही हैं। उन्होंने हाल ही में एक लोकप्रिय रियलिटी शो में विशेष भूमिका निभाई थी और कई मनोरंजन कार्यक्रमों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत उपस्थिति के कारण वह अक्सर ट्रेंडिंग विषयों का हिस्सा बनी रहती हैं, लेकिन इस बार उन्होंने साफ कर दिया कि उनकी पहचान और निजी जीवन को लेकर फैलाए जा रहे दावे वास्तविकता से बिल्कुल अलग हैं।

  • भारत-खाड़ी डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन पर अटकलों का अंत, केंद्र ने गुजरात-ओमान कनेक्टिविटी परियोजना की खबरों को बताया निराधार

    भारत-खाड़ी डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन पर अटकलों का अंत, केंद्र ने गुजरात-ओमान कनेक्टिविटी परियोजना की खबरों को बताया निराधार

    नई दिल्ली । भारत और खाड़ी देशों के बीच समुद्र के भीतर ऊर्जा पाइपलाइन बिछाने संबंधी चर्चाओं पर केंद्र सरकार ने स्पष्ट और आधिकारिक स्थिति सामने रख दी है। हाल के दिनों में विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि भारत सरकार गुजरात को ओमान और अन्य खाड़ी देशों से जोड़ने वाली एक महत्वाकांक्षी डीपवॉटर एनर्जी पाइपलाइन परियोजना पर तेजी से काम कर रही है। इन रिपोर्ट्स के सामने आने के बाद ऊर्जा क्षेत्र में इस संभावित परियोजना को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी। हालांकि अब सरकार ने इन अटकलों को पूरी तरह निराधार बताते हुए स्थिति स्पष्ट कर दी है।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि ‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन’ नामक किसी प्रस्ताव पर वर्तमान समय में मंत्रालय के स्तर पर कोई विचार-विमर्श नहीं चल रहा है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि गुजरात को ओमान अथवा खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों से जोड़ने वाली ऐसी किसी ऊर्जा पाइपलाइन परियोजना के संबंध में कोई औपचारिक प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

    सरकार के अनुसार, इस विषय को लेकर ओमान सहित किसी भी खाड़ी देश के साथ मंत्रालय के किसी स्तर पर कोई सक्रिय चर्चा, वार्ता या परियोजना-आधारित बातचीत नहीं की जा रही है। मंत्रालय ने कहा कि विभिन्न मंचों पर फैल रही अटकलों और भ्रम को समाप्त करने के उद्देश्य से यह स्पष्टीकरण जारी किया गया है, ताकि ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े हितधारकों और आम जनता के बीच सही जानकारी पहुंच सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और खाड़ी देशों के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत हुआ है और इसी कारण ऐसी परियोजनाओं को लेकर समय-समय पर संभावनाएं व्यक्त की जाती रही हैं। हालांकि किसी भी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा अवसंरचना परियोजना के लिए विस्तृत तकनीकी अध्ययन, आर्थिक व्यवहार्यता, कूटनीतिक सहमति और बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता होती है। सरकार के ताजा बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल ऐसी किसी प्रक्रिया की शुरुआत भी नहीं हुई है।

    इस बीच सरकार ने यह भी दोहराया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और मध्य पूर्व से होने वाली ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद देश के लिए ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास लगातार जारी हैं। इसी क्रम में माल्टा के ध्वज वाला एलएनजी कैरियर ‘दिशा’ सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर आगे बढ़ा है। यह जहाज गुजरात के दहेज बंदरगाह के लिए बड़ी मात्रा में तरलीकृत प्राकृतिक गैस लेकर रवाना हुआ है और निर्धारित समय पर भारत पहुंचने की संभावना है।

    सरकार ने बताया कि जहाज का संचालन भारतीय प्रबंधन समूह द्वारा किया जा रहा है तथा समुद्री मार्गों पर स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशन, शिपिंग कंपनियों और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखते हुए भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। देश के सभी प्रमुख बंदरगाहों पर संचालन सामान्य रूप से जारी है और किसी प्रकार की बाधा की सूचना नहीं है।

    वहीं मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए समुद्री क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। हाल ही में क्षेत्र में हुई घटनाओं के बाद संबंधित समुद्री प्राधिकरणों ने शिपिंग कंपनियों और भर्ती एजेंसियों को सलाह जारी की है कि अगले निर्देश तक संघर्ष प्रभावित इलाकों में भारतीय नाविकों की तैनाती से बचा जाए। सरकार का कहना है कि ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा दोनों मोर्चों पर स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि राष्ट्रीय हितों और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

  • आईपीएल फाइनल वीडियो विवाद पर नुसरत भरूचा की सफाई, बोलीं- अफवाहों पर नहीं, तथ्यों पर करें भरोसा

    आईपीएल फाइनल वीडियो विवाद पर नुसरत भरूचा की सफाई, बोलीं- अफवाहों पर नहीं, तथ्यों पर करें भरोसा

    नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेत्री Nushrratt Bharuccha ने आईपीएल फाइनल से जुड़ी एक वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों और दावों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हाल के दिनों में एक वीडियो को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं, जिसमें सुनाई देने वाली कुछ आवाजों को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के अनुमान लगाए जा रहे थे। अब अभिनेत्री ने स्वयं सामने आकर पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट करने की कोशिश की है।

    नुसरत भरूचा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से कई तस्वीरें और स्क्रीनशॉट साझा करते हुए कहा कि एक साधारण घटना को जरूरत से ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। उन्होंने बताया कि वीडियो में सुनाई देने वाली आवाजों को लेकर कई तरह की भ्रामक कहानियां बनाई गईं, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग थी। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उनके नाम से कुछ ऐसे बयान भी प्रसारित किए गए, जिनका उनसे कोई संबंध नहीं था।

    अपने स्पष्टीकरण में अभिनेत्री ने बताया कि जिस दिन संबंधित वीडियो रिकॉर्ड की गई थी, उस समय वह अपने दोस्तों के घर पर आईपीएल फाइनल मुकाबला देख रही थीं। उसी दौरान घर में मौजूद एक पालतू पपी रोने जैसी आवाजें निकाल रहा था। वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान वही आवाजें भी कैद हो गईं। उनके अनुसार, यह पूरी घटना बेहद सामान्य थी, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर इसे अलग-अलग संदर्भों में प्रस्तुत किया जाने लगा।

    नुसरत ने यह भी बताया कि उनके एक मित्र ने उसी समय दूसरे एंगल से एक और वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें वही आवाजें स्पष्ट रूप से सुनी जा सकती हैं। अभिनेत्री का कहना है कि यह अतिरिक्त वीडियो इस बात का प्रमाण है कि रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाली आवाजें वास्तव में पालतू पपी की थीं और उनका किसी अन्य दावे या अटकल से कोई संबंध नहीं था।

    विवाद बढ़ने के बाद अभिनेत्री ने एक और वीडियो साझा किया, जिसमें वह घर के भीतर दिखाई दे रही हैं और साथ ही पालतू पपी भी नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि यह वीडियो उसी रात बाद में रिकॉर्ड किया गया था। नुसरत के अनुसार, उन्हें पहले ही कुछ लोगों ने सलाह दी थी कि वह अपनी मूल वीडियो हटा दें क्योंकि उसके गलत अर्थ निकाले जा सकते हैं। इसी आशंका के चलते उन्होंने वीडियो को हटा भी दिया था, लेकिन बाद में वही स्थिति उत्पन्न हो गई जिसका डर था।

    अभिनेत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी सामग्री को संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत करना आसान हो गया है, जिससे गलतफहमियां तेजी से फैलती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी वायरल सामग्री पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों की जांच अवश्य करें और बिना पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।

    नुसरत भरूचा ने यह भी कहा कि मोबाइल फोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग जिम्मेदारी के साथ किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि किसी भी व्यक्ति के बारे में अधूरी जानकारी के आधार पर अफवाहें फैलाने या उसे परेशान करने से बचें। अभिनेत्री का मानना है कि डिजिटल माध्यमों पर जागरूकता और जिम्मेदारी आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक हो गई है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट जानकारियों और अफवाहों के प्रभाव को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। नुसरत भरूचा की सफाई के बाद अब यह मामला तथ्यों और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार के महत्व की ओर भी ध्यान आकर्षित कर रहा है।