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  • भारत की मजबूत आर्थिक नींव, निजी क्षेत्र और तकनीकी क्षमता वैश्विक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है: आईएमएफ

    भारत की मजबूत आर्थिक नींव, निजी क्षेत्र और तकनीकी क्षमता वैश्विक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है: आईएमएफ

    नई दिल्ली ।अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के उप-प्रबंध निदेशक नाइजेल क्लार्क ने कहा है कि भारत के पास दुनिया की आर्थिक वृद्धि की अगली बड़ी लहर का नेतृत्व करने की क्षमता है। पांच दिवसीय भारत यात्रा पूरी करने के बाद जारी उनके बयान में देश की मजबूत आर्थिक नींव, निजी क्षेत्र की प्रगति और बढ़ती तकनीकी क्षमताओं को इसकी प्रमुख वजह बताया गया।

    क्लार्क ने अपनी यात्रा के दौरान नई दिल्ली, मुंबई और चेन्नई में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं। आईएमएफ में उप-प्रबंध निदेशक का पद संभालने के बाद यह उनकी भारत की पहली यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने वित्त और कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा और नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी से मुलाकात की।

    क्लार्क ने कहा कि भारत दुनिया की अगली आर्थिक वृद्धि को गति देने की क्षमता रखता है और आईएमएफ इस यात्रा में देश का करीबी साझेदार बना रहेगा। उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बताया और वैश्विक आर्थिक विकास में देश की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

    उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक आधार और अच्छी नीतियों के कारण भारत वैश्विक विकास के प्रमुख इंजनों में बना हुआ है। भारतीय नीति-निर्माताओं के साथ हुई बातचीत में देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, वैश्विक परिस्थितियों में बदलाव और टिकाऊ तथा समावेशी आर्थिक वृद्धि के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा हुई।

    क्लार्क के मुताबिक, दुनिया में बढ़ती अनिश्चितताओं और बदलते जोखिमों के बीच आर्थिक स्थिरता और मजबूती बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नीतियों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप लचीला बनाए रखने, महंगाई को नियंत्रण में रखने तथा ऐसे सुधार आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई, जो उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को मजबूत कर सकें।

    उन्होंने मध्यम अवधि में तेज आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए सुधारों की जरूरत पर भी जोर दिया। साथ ही क्लार्क ने भारत सरकार को बहुपक्षीय सहयोग का समर्थन करने और क्षेत्र के अन्य देशों की मदद करने के लिए धन्यवाद दिया।

    भारत यात्रा के दौरान आईएमएफ के उप-प्रबंध निदेशक ने उद्योग जगत के कई नेताओं और कारोबारियों से भी मुलाकात की। इन बैठकों का उद्देश्य यह समझना था कि देश का निजी क्षेत्र आर्थिक प्रगति में किस तरह योगदान दे रहा है।

    क्लार्क ने भारतीय निजी क्षेत्र की ऊर्जा और देश में मौजूद प्रतिभाओं की सराहना की। उन्होंने तेजी से विकसित हो रही तकनीकी और विनिर्माण क्षमताओं को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, भारत में निजी क्षेत्र की गतिविधियां आर्थिक विकास की दिशा में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

    उन्होंने नवाचार, डिजिटल बदलाव, उन्नत विनिर्माण और नई तकनीकों को अपनाने को उत्पादकता बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों के रूप में रेखांकित किया। क्लार्क के मुताबिक इन क्षेत्रों में प्रगति से प्रतिस्पर्धा मजबूत हो सकती है और अधिक मूल्य वाले आर्थिक कार्यों को बढ़ावा मिल सकता है।

    उनकी यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं में भारत की आर्थिक मजबूती के साथ-साथ वैश्विक परिस्थितियों के बीच विकास को टिकाऊ बनाए रखने के उपायों पर भी ध्यान दिया गया। क्लार्क ने कहा कि आईएमएफ भारत के साथ साझेदारी जारी रखेगा और देश की आर्थिक वृद्धि से जुड़े प्रयासों में करीबी सहयोगी बना रहेगा।

  • एंथ्रोपिक CEO की पत्नी के एपस्टीन से कारोबारी संपर्क का दावा, ईमेल में निवेश मदद मांगने की जानकारी सामने आई

    एंथ्रोपिक CEO की पत्नी के एपस्टीन से कारोबारी संपर्क का दावा, ईमेल में निवेश मदद मांगने की जानकारी सामने आई


    नई दिल्ली ।
    एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोडेई की पत्नी और उनकी करीबी रणनीतिक सलाहकार केमी क्लार्क का नाम जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में सामने आने का दावा किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, क्लार्क ने अपनी कंपनी में निवेश हासिल करने के उद्देश्य से एपस्टीन से संपर्क किया था। इस संबंध में ईमेल संवाद का हवाला दिया जा रहा है, जिनके सामने आने के बाद दोनों के बीच कारोबारी संपर्क को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    बताया गया है कि यह संपर्क उस समय हुआ जब क्लार्क अपनी कंपनी के लिए निवेश और कारोबारी अवसर तलाश रही थीं। उन्होंने अपनी कंपनी को महिलाओं के लिए तैयार की गई एक नई तरह की एडल्ट एंटरटेनमेंट कंपनी के रूप में पेश किया था। कथित ईमेल संवाद में कंपनी के लिए आवश्यक धनराशि से संबंधित जानकारी भी एपस्टीन के साथ साझा किए जाने की बात सामने आई है।

    क्लार्क का एपस्टीन से परिचय लेखक और साहित्यिक एजेंट जॉन ब्रॉकमैन के माध्यम से होने की जानकारी दी गई है। मार्च 2011 में ब्रॉकमैन ने क्लार्क और एपस्टीन के बीच मुलाकात कराने की पहल की थी। उस समय तक एपस्टीन का नाम यौन अपराधों से जुड़े मामले में सामने आ चुका था और 2008 में उसे यौन अपराध तथा वेश्यावृत्ति के लिए लोगों को उकसाने से जुड़े मामले में दोषी ठहराया जा चुका था।

    दस्तावेजों से जुड़े विवरण के अनुसार, ब्रॉकमैन ने क्लार्क और उनकी कारोबारी साझेदार मिशेल कैपोसेफालो के साथ एपस्टीन की मुलाकात का सुझाव दिया था। इसके बाद क्लार्क की ओर से जवाब भेजे जाने और शाम को एपस्टीन के साथ डिनर करने की इच्छा जताए जाने का उल्लेख किया गया है।

    अगले दिन हुए कथित ईमेल संवाद में क्लार्क ने अपनी कंपनी के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता की जानकारी एपस्टीन को भेजी। उन्होंने पिछली शाम की मुलाकात का उल्लेख करते हुए उसके लिए धन्यवाद भी दिया था। इसके बाद दोनों के बीच विभिन्न विषयों पर ईमेल के जरिए बातचीत होने की जानकारी सामने आई है।

    केमी क्लार्क का नाम डारियो अमोडेई के पेशेवर जीवन से भी जुड़ा रहा है। जानकारी के अनुसार, जब अमोडेई 2016 में ओपनएआई से जुड़े थे, तब क्लार्क उनकी रणनीतिक सलाहकार के रूप में काम कर रही थीं। बाद में दोनों ने 2022 में विवाह किया। हालांकि, क्लार्क आधिकारिक तौर पर एंथ्रोपिक की कर्मचारी नहीं हैं।

    इसके बावजूद सार्वजनिक और कारोबारी आयोजनों में वह अमोडेई के साथ नजर आती रही हैं। बड़े निवेशकों और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों के बीच होने वाले प्रमुख कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी का उल्लेख किया जाता रहा है। दावोस और अमेरिका के सन वैली में आयोजित होने वाले बड़े कारोबारी आयोजनों में भी उनकी भागीदारी की जानकारी सामने आई है।

    इस वर्ष नई दिल्ली में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट के दौरान भी क्लार्क अपने पति के साथ भारत आई थीं। एंथ्रोपिक के नेतृत्व और वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में अमोडेई की भूमिका के कारण उनके परिवार और पेशेवर नेटवर्क से जुड़े किसी भी पुराने कारोबारी संपर्क पर स्वाभाविक रूप से ध्यान जाता है।

    हालांकि, एपस्टीन से जुड़े किसी व्यक्ति के साथ संपर्क या ईमेल संवाद अपने आप में किसी आपराधिक गतिविधि का प्रमाण नहीं है। सामने आई जानकारी मुख्य रूप से कथित कारोबारी संपर्क, निवेश की संभावनाओं और ईमेल संवाद से संबंधित है। किसी व्यक्ति पर आपराधिक आरोप तय करने के लिए अलग और पुष्ट प्रमाण आवश्यक होते हैं।

    एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में अलग-अलग लोगों के नाम और संपर्क सामने आने के बाद कई पुराने कारोबारी और सामाजिक संबंधों की दोबारा चर्चा हो रही है। केमी क्लार्क से जुड़ा मामला भी इसी व्यापक संदर्भ में सामने आया है। फिलहाल उपलब्ध विवरण में मुख्य सवाल यह है कि उस समय प्रस्तावित कारोबारी संपर्क किस स्तर तक आगे बढ़ा और क्या निवेश संबंधी कोई वास्तविक समझौता हुआ था।