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  • संसद मार्च में पुलिस-प्रदर्शनकारी के बीच झड़प, 118 जवान घायल, 70 हिरासत में

    संसद मार्च में पुलिस-प्रदर्शनकारी के बीच झड़प, 118 जवान घायल, 70 हिरासत में


    नई दिल्ली।
    संसद के मानसून सत्र के पहले दिन राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान भारी हंगामा हुआ। जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच कई जगह हिंसक झड़पें हुईं। जनपथ, रायसीना रोड और संसद मार्ग पर पथराव, बैरिकेड तोड़ने और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। दिनभर चले हंगामे के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया लेकिन देर शाम वे फिर लौट आए। इस बीच सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन और संसद मार्च मंगलवार को भी जारी रहने का ऐलान किया।

    जंतर-मंतर व उसके आसपास पिछली रात से ही इकट्ठा हो रहे प्रदर्शनकारी और उनके समर्थकों की भीड़ मंगलवार शाम तक करीब 16 हजार हो गई।प्रदर्शनकारियों ने पूरे दिन पुलिसकर्मियों को इधर से उधर भगाया। देर शाम तक एनडीएमसी भवन के पास अचानक चार हजार से ज्यादा

    की भीड़ जमा हो गई। पुलिस बार-बार रोड को खाली करने का अनुरोध करती रही और लोग उग्र होते दिखे। इस बीच प्रदर्शन करने वाले लोगों ने पुलिस टीम पर पानी की बोतल भी फेंकी।

    इससे पहले साेमवार काे प्रदर्शनकारियों ने बार-बार चेतावनी और कानूनी निर्देशों के बावजूद लागू धारा-163 का उल्लंघन किया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस का दावा है कि उपद्रव के दौरान 15 से 20 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि जनपथ इलाके में कई दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई। हिंसा में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इनमें स्पेशल कमिश्नर, जॉइंट कमिश्नर, एडिशनल कमिश्नर, डीसीपी, एडिशनल डीसीपी और एसीपी रैंक के अधिकारी समेत पांच से अधिक आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। कई महिला पुलिसकर्मी भी घायल हुई हैं।

    वहीं, करीब 60 प्रदर्शनकारियों के भी जख्मी होने की सूचना है। घटनास्थल पर तैनात एक घायल पुलिस अधिकारी ने बताया कि क्लैरिजेस होटल के पास अचानक प्रदर्शनकारियों की ओर से पथराव शुरू हो गया। उनके मुताबिक ऐसा लगा कि पत्थरों का पहले से इंतजाम किया गया था और प्रदर्शन समाप्त होने के बाद बची भीड़ ने सुनियोजित तरीके से हिंसक रूप ले लिया।

    हिंसा के बाद पुलिस ने करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए कई लोग छात्र नहीं हैं। ऐसे में पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की सुनियोजित साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही हैं। सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया पोस्ट और मोबाइल वीडियो भी जांच के दायरे में हैं।

    उधर, सड़क पर बवाल के बीच बातचीत का दौर भी चलता रहा। सीजेपी प्रतिनिधि सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से दो बार मुलाकात की। पहली बैठक में मंत्री ने उनकी मांगों का विवरण मांगा, जबकि दूसरी बैठक में प्रतिनिधियों ने लिखित ज्ञापन सौंपा। हालांकि सरकार की ओर से किसी भी मांग पर तत्काल कोई आश्वासन नहीं दिया गया। जेपी नड्डा ने आंदोलन समाप्त कर शांति बनाए रखने की अपील की।

    सरकारी सूत्रों के अनुसार, पूरे घटनाक्रम पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लगातार नजर बनाए हुए थे। दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों को निर्देश दिए गए थे कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया जाए। इसके बावजूद हालात बिगड़ने पर पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी। अब राजधानी में हुई इस हिंसा की विस्तृत जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • बैरकों से छत तक फैला हंगामा: कपूरथला जेल में कैदियों की भिड़ंत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

    बैरकों से छत तक फैला हंगामा: कपूरथला जेल में कैदियों की भिड़ंत के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


    नई दिल्ली। पंजाब की कपूरथला केंद्रीय जेल में हुई हिंसक घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शनिवार रात जेल परिसर में अचानक ऐसा माहौल बन गया जिसने पूरे इलाके में हलचल पैदा कर दी। कैदियों के दो गुटों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया और कुछ ही समय में हालात इतने बिगड़ गए कि पूरे जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को तत्काल सक्रिय होना पड़ा।

    बताया जा रहा है कि झड़प के दौरान कैदियों ने बैरकों में जमकर तोड़फोड़ की और स्थिति को और गंभीर बनाने की कोशिश की। कुछ स्थानों पर आग लगाने की भी कोशिश की गई, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए। घटना के दौरान कई कैदी बैरकों से बाहर निकलकर जेल परिसर की छतों तक पहुंच गए। अचानक बढ़े इस हंगामे ने जेल प्रशासन की चिंता बढ़ा दी क्योंकि स्थिति कुछ समय के लिए नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दी।

    घटना के बाद की गई कार्रवाई में कई चौंकाने वाली चीजें बरामद होने की जानकारी सामने आई है। तलाशी अभियान के दौरान लोहे की छड़ें, लाठियां और मोबाइल फोन जैसी वस्तुएं बरामद की गईं। इन वस्तुओं के मिलने के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि आखिर इतनी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसी सामग्री जेल के भीतर कैसे पहुंची। जांच एजेंसियां इस पहलू को बेहद गंभीरता से देख रही हैं क्योंकि इससे जेल की आंतरिक सुरक्षा पर सीधा असर पड़ता है।

    घटना के दौरान कुछ कैदियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया और स्थिति को काबू में करने के लिए विशेष कदम उठाए गए। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कैदियों को वापस बैरकों में पहुंचाया और पूरे परिसर की दोबारा जांच की गई। इसके बाद सभी कैदियों की गिनती भी की गई ताकि किसी प्रकार की अनहोनी की संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

    इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो सामने आने लगे, जिनमें जेल के भीतर तनावपूर्ण हालात दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। कुछ वीडियो में कैदी अपनी शिकायतें और आरोप भी रखते दिखाई दिए। हालांकि प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और वायरल सामग्री की भी सत्यता पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और जेल परिसर की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

    फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम ने जेल प्रशासन के सामने कई अहम सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जेल जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक गंभीर परिणाम ला सकती है। अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि यह केवल कैदियों के बीच विवाद था या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश भी छिपी हुई थी। आने वाले दिनों में जांच के बाद इस मामले में और बड़े खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

  • MP: कटनी में शादी समारोह के दौरान हिंसक झड़प….. पुलिस का बारातियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज

    MP: कटनी में शादी समारोह के दौरान हिंसक झड़प….. पुलिस का बारातियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज


    कटनी।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कटनी जिले (Katni district) में सोमवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक शादी समारोह के दौरान पुलिस और बारातियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। आरोप है कि पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज (Brutal lathicharge) की, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित करीब 14 लोग घायल हुए हैं। मंगलवार को पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में न्याय की गुहार लगाई।


    ​देरी से पहुंची थी बारात, चौराहे पर हुआ विवाद

    ​प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैहर जिले के ग्राम अमदरा निवासी सीताराम बर्मन के परिवार की बारात कटनी के इंदिरा नगर आ रही थी। दूल्हे की गाड़ी रास्ते में खराब होने के कारण बारात करीब दो घंटे देरी से पहुंची। रात करीब 1:30 बजे जब बारात वधु पक्ष के घर से महज 50 मीटर की दूरी पर थी, तभी कुठला थाने की पुलिस और 112 वाहन मौके पर पहुंचे।

    ​शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी संवाद के बारातियों को धक्का देना शुरू कर दिया। जब बारातियों ने इसका विरोध किया, तो विवाद बढ़ गया। शुरुआती झड़प के बाद पुलिस वहां से चली गई, लेकिन कुछ देर बाद भारी बल के साथ वापस लौटी और कथित तौर पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।

    ​दुल्हन के भाई और चाचा के हाथ टूटे, दूल्हा-दुल्हन को ले गए थाने
    ​पीड़ित पक्ष ने बताया कि पुलिस ने घर के अंदर घुसकर मारपीट की। इस दौरान बीच-बचाव करने आईं महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा गया। मारपीट में दुल्हन के भाई आकाश चौधरी और दूल्हे के चाचा सहित कई लोगों के हाथ फैक्चर हो गए हैं, वहीं कुछ के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।

    ​हैरानी की बात यह रही कि पुलिस रात करीब 2:30 बजे दूल्हा, दुल्हन और दुल्हन के भाई को अपने साथ ले गई, जिसके कारण वैवाहिक रस्में बीच में ही रुक गईं। मंगलवार सुबह 4:00 बजे उन्हें छोड़ा गया, जिसके बाद शादी संपन्न हो सकी।


    बारातियों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां

    ​इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी लाठियां चलाते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बाराती भी आक्रोश में बर्तन फेंकते और बहस करते दिखाई दे रहे हैं। घायलों में संजय, मनोज, आकाश, रमेश, सुमन बाई, राजकुमार, अजय और भगवती चौधरी शामिल हैं। इनमें से 8 लोगों को एम्बुलेंस की मदद से जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक्सरे और सीटी स्कैन की सलाह दी है।

    ​मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचे पीड़ितों ने आवेदन सौंपकर दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने न केवल मारपीट की, बल्कि अभद्र गालियों का प्रयोग कर मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख दिया।

    ये वीडियो मध्य प्रदेश के कटनी जिले के हैं। यहां एक शादी समारोह में पुलिस और बारातियों के बीच हिंसक झड़प का मामला सामने आया है। पुलिस के लाठीचार्ज में महिलाओं, बच्चों सहित 14 लोगों के घायल होने की सूचना है।

    इस संबंध में सी.एस.पी. नेहा पच्चीसिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कल इनका आपस में झगड़ा हुआ था, जिसके बाद डायल 112 को कॉल करके बुलाया गया। वहाँ मौजूद बहुत से लोग नशे की हालत में थे। जब पुलिस उन्हें समझा रही थी, उसी दौरान बारातियों की तरफ से पुलिसकर्मियों पर पथराव कर दिया गया। ​घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिन्होंने इस कृत्य में शामिल व्यक्तियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देशों के परिपालन में जब पुलिस बारात स्थल पहुँची, तब वहाँ मौजूद लोगों ने पत्थरबाजी और गाली-गलौज करते हुए पुलिस के साथ मारपीट कर दी। इस घटना में चार से पांच पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं।