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  • नेवज नदी किनारे मंत्री परमार ने किया श्रमदान, जटाशंकर मंदिर क्षेत्र में चला विशेष स्वच्छता अभियान

    नेवज नदी किनारे मंत्री परमार ने किया श्रमदान, जटाशंकर मंदिर क्षेत्र में चला विशेष स्वच्छता अभियान


    मध्‍य प्रदेश । शुजालपुर में शनिवार को नेवज नदी के जटाशंकर मंदिर के पास एक विशेष स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर नदी तट की सफाई में योगदान दिया। यह अभियान मध्यप्रदेश शासन द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस से शुरू किए गए जल स्रोत संरक्षण अभियान के तहत आयोजित किया गया था।

    इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री एवं शुजालपुर विधायक इंदर सिंह परमार स्वयं भी पहुंचे और उन्होंने श्रमदान कर लोगों के बीच सक्रिय सहभागिता का उदाहरण प्रस्तुत किया। मंत्री परमार ने जे.एन.एस. कॉलेज के खेल मैदान में संचालित समर कैंप के सैकड़ों प्रतिभागियों के साथ मिलकर नदी किनारे सफाई अभियान में हिस्सा लिया।

    मंत्री परमार ने खुद तगाड़ी और फावड़ा उठाकर नदी तट की सफाई की, जिससे वहां मौजूद लोगों में भी उत्साह देखा गया। उन्होंने उपस्थित नागरिकों, युवाओं और विद्यार्थियों को स्वच्छता और जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया। अभियान के दौरान नगर पालिका का स्वच्छता अमला, पोकलेन और जेसीबी मशीनें भी लगाई गईं, जिनकी मदद से लगभग तीन घंटे तक व्यापक स्तर पर सफाई कार्य किया गया।

    इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही। एसडीएम राजकुमार हलदार, तहसीलदार किरण धाकड़, जिला खनिज निरीक्षक गणेश सोनारे, खेल प्रशिक्षक देवेंद्र कुंभकार सहित कई भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता भी अभियान में शामिल हुए और श्रमदान कर नदी क्षेत्र की स्वच्छता में सहयोग दिया।

    मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नदियों और जलाशयों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए नियमित अभियान चलाए जाने चाहिए और अधिक से अधिक पौधारोपण कर पर्यावरण संतुलन को मजबूत किया जाना चाहिए।

    कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और भविष्य में ऐसे अभियानों को लगातार जारी रखने की अपील की। इस स्वच्छता अभियान ने स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया।

  • स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर-सूरत को टक्कर देने मैदान में उतरा भोपाल, 106 नोडल अफसरों ने संभाला मोर्चा

    स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर-सूरत को टक्कर देने मैदान में उतरा भोपाल, 106 नोडल अफसरों ने संभाला मोर्चा


    नई दिल्ली। स्वच्छ सर्वेक्षण में देश के सबसे साफ शहरों की रेस अब और दिलचस्प हो गई है। इंदौर, सूरत और नवी मुंबई जैसे शहरों को चुनौती देने के लिए भोपाल नगर निगम ने इस बार पूरी ताकत झोंक दी है। राजधानी भोपाल ने सुपर स्वच्छ लीग में एंट्री के बाद अपनी रणनीति को पूरी तरह बदल दिया है और शहर को चमकाने के लिए 106 नोडल अधिकारियों को मैदान में उतार दिया गया है।

    नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन खुद इस अभियान की निगरानी कर रही हैं। उनके निर्देशन में शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को युद्ध स्तर पर सुधारने का काम जारी है। खासतौर पर उन इलाकों पर फोकस किया जा रहा है, जहां पहले गंदगी और अव्यवस्था की शिकायतें सबसे ज्यादा आती थीं।

    भोपाल की तंग गलियों, सरकारी क्वार्टर्स के पीछे के हिस्सों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुबह-सुबह सफाई कर्मचारी सड़कों से धूल हटाने, कचरा साफ करने, गड्ढे भरने और दीवारों की पुताई करने में जुटे नजर आ रहे हैं। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि स्वच्छता अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हाल ही में गंदगी मिलने पर दो अधिकारियों को सस्पेंड भी किया गया है, जबकि कई अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।

    निगम का कहना है कि संसाधन सीमित होने के बावजूद टीम पूरी मेहनत से काम कर रही है। अशोका गार्डन, गिन्नोरी, नारायण नगर और बिजली नगर जैसे इलाकों में अब साफ-सफाई का असर दिखाई देने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़कों पर कचरा कम हुआ है और दीवारों पर की गई पेंटिंग व सजावट से मोहल्लों की तस्वीर बदल रही है।

    इस बार उत्कृष्ट काम करने वाले सफाई कर्मचारियों और फील्ड वर्कर्स को विशेष सम्मान देने की भी तैयारी है। नगर निगम का लक्ष्य सिर्फ रैंकिंग सुधारना नहीं, बल्कि भोपाल को देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर शहरों की सूची में मजबूत पहचान दिलाना है।

  • CMO की सख्ती: सड़क पर उतरी टीम, शहरवासियों को दिलाई सफाई की शपथ

    CMO की सख्ती: सड़क पर उतरी टीम, शहरवासियों को दिलाई सफाई की शपथ


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के रायसेन नगर में स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत नगर पालिका ने सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार सुबह मुख्य नगर पालिका अधिकारी Surekha Jatav के नेतृत्व में टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।
    निरीक्षण के दौरान सुबह करीब 9:30 बजे मुख्य मार्ग स्थित एक होंडा शोरूम के सामने कर्मचारियों द्वारा सड़क पर कचरा फेंका हुआ पाया गया। इस लापरवाही पर नगर पालिका टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 2500 रुपए का जुर्माना वसूल किया। साथ ही शोरूम प्रबंधन को चेतावनी दी गई कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।
    नगर पालिका की टीम ने केवल कार्रवाई ही नहीं की, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। श्रीजी कॉलोनी गेट क्षेत्र में निवासियों को नालियों या सड़कों पर कचरा न फेंकने की समझाइश दी गई और उन्हें निर्धारित स्थान पर ही कचरा डालने के लिए प्रेरित किया गया।
    सीएमओ ने मौके पर मौजूद नागरिकों को “स्वच्छ रायसेन, सुंदर रायसेन” की शपथ दिलाई और शहर को साफ-सुथरा बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
    नगर पालिका की इस कार्रवाई से शहर में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ी है और लोगों में भी सकारात्मक संदेश गया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।