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  • दिल्ली का नया बजट 2026-27: राजधानी में तेजी से डिलीवरी और प्रशासनिक सुधारों का रोडमैप

    दिल्ली का नया बजट 2026-27: राजधानी में तेजी से डिलीवरी और प्रशासनिक सुधारों का रोडमैप


    नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा के सत्र के अंतिम दिन 2026-27 का बजट सर्वसम्मति से पास हो गया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट पेश करते हुए स्पष्ट किया कि अब राजधानी में काम करने का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है। उनका संदेश साफ था, यह नई सरकार है और काम करने का तरीका भी नया है। अब फोकस सिर्फ डिलीवरी पर होगा। सीएम ने भरोसा दिलाया कि अधूरे प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे, जनता के पैसे का सही हिसाब होगा और हर नागरिक को उसका हक मिलेगा।

    रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की बुनियादी सुविधाएं अब उनकी सरकार की प्राथमिकता हैं। अब दिल्ली को बहाने नहीं, परिणाम चाहिए। अब हेडलाइन्स नहीं, गाइडलाइन्स के साथ काम होगा और हर नागरिक को उसका अधिकार दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। यह बयान प्रशासनिक बदलाव और तेज कामकाज का संकेत देता है।

    इस बजट की सबसे बड़ी खासियत पूंजीगत खर्च यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर पर जोर है। सीएम ने कहा, दिल्ली के सर्वांगीण विकास के लिए इस बार पूंजीगत खर्च पर अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटन किया गया है। उनका कहना है कि यह बजट केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने में काम आएगा।

    सीएम ने पिछली सरकार पर भी निशाना साधते हुए बताया कि दिल्ली पर ₹47,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज छोड़ा गया, जिसमें ₹27,547 करोड़ अब भी बकाया है। उन्होंने आरोप लगाया, PWD के एक प्रोजेक्ट में बिना काम हुए ₹250 करोड़ का भुगतान कर दिया गया, जो गंभीर अनियमितता को दिखाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार खिलाड़ियों, EWS वर्ग, स्कॉलरशिप, अवॉर्ड्स और किशोरी योजना से जुड़े लंबित भुगतान को साफ कर रही है।

    बजट में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया गया है। सीएम ने बताया कि मुनक नहर के साथ ₹5,000 करोड़ की एलिवेटेड रोड बनाई जा रही है, जिससे ट्रैफिक जाम में राहत मिलेगी। इसके अलावा मेट्रो विस्तार, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) ट्रांजिशन और सड़कों के बड़े निर्माण पर भी जोर दिया गया है।

    ग्रीन और एडमिनिस्ट्रेटिव सुधार भी इस बजट का अहम हिस्सा हैं। दिल्ली में पहली बार 4,200 हेक्टेयर रिज एरिया को फॉरेस्ट लैंड घोषित किया गया है और अगले चार साल में 35 लाख पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासनिक सुधारों के तहत लाइसेंस प्रक्रिया आसान होगी, फायर NOC डिजिटल किया जाएगा और 1.5 लाख से ज्यादा प्रॉपर्टीज को बिजली कनेक्शन देने की योजना है।

    इस बजट के साथ सीएम रेखा गुप्ता ने यह साफ कर दिया कि अब बहाने नहीं, सिर्फ परिणाम होंगे। जमीनी बदलाव, बुनियादी सुविधाओं की तेजी और प्रशासनिक सुधार दिल्ली के नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचाएंगे और राजधानी के विकास की दिशा को नई गति देंगे।

  • जनकपुरी हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, खुदाई कार्यों पर सख्ती—CM रेखा गुप्ता ने दिए कड़े निर्देश

    जनकपुरी हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, खुदाई कार्यों पर सख्ती—CM रेखा गुप्ता ने दिए कड़े निर्देश


    नई दिल्ली । जनकपुरी में हुए हादसे के बाद दिल्ली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में एक गंभीर चूक बताते हुए साफ शब्दों में कहा है कि जनता की जान से जुड़ी जिम्मेदारियों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ न सिर्फ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, बल्कि कठोर कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।

    घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में सड़कों और फुटपाथों पर जहां-जहां खुदाई का कार्य चल रहा है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर सरकार को सौंपी जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी में चल रहे विकास कार्यों के नाम पर नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि निर्माण और खुदाई कार्यों की निगरानी अब पहले से कहीं अधिक सख्ती से की जाएगी।

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है, जो लोक निर्माण विभाग दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और सभी बिजली वितरण कंपनियों सहित हर संबंधित एजेंसी पर लागू होगा। इस आदेश के तहत दिल्ली में चल रहे सभी खुदाई कार्यों के लिए नए और कड़े सुरक्षा मानक अनिवार्य कर दिए गए हैं।

    अब हर खुदाई स्थल पर बड़े, स्पष्ट और पढ़ने योग्य चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, ताकि राहगीरों को पहले से खतरे की जानकारी मिल सके। रात के समय सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत रिफ्लेक्टर लाइट, ब्लिंकर और चमकीली टेप का उपयोग जरूरी किया गया है, जिससे अंधेरे में भी खुदाई स्थल साफ नजर आए। इसके अलावा खुदाई वाली जगह को चारों तरफ से ऊंची और मजबूत बैरिकेडिंग से सुरक्षित करना होगा।

    सरकार ने मलबा प्रबंधन और धूल नियंत्रण को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सड़क पर मिट्टी या निर्माण सामग्री बिखरी नहीं होनी चाहिए और प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएंगे। पैदल यात्रियों और वाहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता सुनिश्चित करना भी अब अनिवार्य होगा। साथ ही संबंधित इंजीनियरों को रोजाना साइट का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करनी होगी और ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए उचित डायवर्जन और प्रबंधन करना होगा।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दिल्ली सरकार एक सख्त निगरानी तंत्र विकसित कर रही है। उन्होंने दोहराया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राजधानी में चल रहे सभी निर्माण और खुदाई प्रोजेक्ट्स का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया गया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि ऑडिट के दौरान पाई जाने वाली किसी भी खामी पर तत्काल और सख्त कदम उठाए जाएंगे।