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  • बंगालः फाल्टा उपचुनाव में CM शुभेन्दु की पहली सभा…. बोले- कहां है पुष्पा, अब दिखाई नहीं दे रहा?

    बंगालः फाल्टा उपचुनाव में CM शुभेन्दु की पहली सभा…. बोले- कहां है पुष्पा, अब दिखाई नहीं दे रहा?


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal.) के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Shubhendu Adhikari) ने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली फाल्टा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव (Falta By-Election) से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) और अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee.) पर करारा हमला बोला है। शनिवार को भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पोंडा के समर्थन में फाल्टा में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार को लेकर कई बड़े एलान किए। मुख्यमंत्री बनने के बाद इस क्षेत्र में यह उनकी पहली जनसभा थी।

    शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी के फाल्टा उम्मीदवार जहांगीर खान (Jahangir Khan) को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें घोषित कुख्यात अपराधी करार दिया। उन्होंने कहा, “2019 के चुनाव बाद हुई हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राज्य के 19 सबसे कुख्यात अपराधियों की सूची जारी की थी। भतीजे के संरक्षण में पलने वाला यह जहांगीर खान उसी सूची में शामिल था। अब इस तथाकथित ‘पुष्पा’ को मेरे भरोसे छोड़ दीजिए, जो अब कहीं दिखाई भी नहीं दे रहा है। वह अब मेरी जिम्मेदारी है और मैं खुद उसका मामला देखूंगा।”


    क्या था ‘पुष्पा’ और ‘सिंघम’ का विवाद?

    चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस पर्यवेक्षक 2011 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा (IPS Ajay PAl Sharma) ने मतदाताओं को धमकाने की शिकायत के बाद जहांगीर खान के घर और दफ्तर का दौरा किया था। इस पर टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान ने पलटवार करते हुए कहा था कि “अगर वह सिंघम हैं, तो मैं ‘पुष्पा’ हूं।” मुख्यमंत्री ने इसी बयान पर तंज कसा है।

    मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि जब से बंगाल के राजनीतिक पटल पर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी का उदय हुआ है, तब से पिछले एक दशक में डायमंड हार्बर और फाल्टा के लोग स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पाए हैं।

    उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा, “अब बंगाल का परिदृश्य बदल चुका है। फाल्टा विधानसभा सीट पर 21 मई 2026 को होने वाला पुनर्मतदान यहां के लोगों को उनका लोकतांत्रिक अधिकार वापस दिलाएगा। मैं फाल्टा के मतदाताओं से अपील करता हूं कि वे भाजपा उम्मीदवार को 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से विजयी बनाएं।” इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से कानून अपने हाथ में न लेने और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने की अपील की।


    फाल्टा में दोबारा चुनाव क्यों?

    चुनाव आयोग ने फाल्टा में 29 अप्रैल को हुए मतदान को ईवीएम (EVM) से छेड़छाड़ और मतदाताओं को डराने-धमकाने जैसी गंभीर अनियमितताओं की शिकायतों के बाद रद्द कर दिया था।

    भ्रष्टाचार के मुद्दे पर अभिषेक बनर्जी को घेरते हुए मुख्यमंत्री ने बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि उन्हें ‘लीप्स एंड बाउंड्स’ (Leaps and Bounds) कंपनी से जुड़ी संपत्तियों की फाइलें मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा, “मैंने कोलकाता नगर निगम से फाइलें मांगी थीं। अब मेरे पास दक्षिण 24 परगना जिले के आमताला में एक आलीशान दफ्तर सहित इस कंपनी की 24 संपत्तियों की पूरी सूची और विवरण है। बहुत जल्द इन सभी संपत्तियों के खिलाफ गहन जांच शुरू की जाएगी।”


    5 साल पुराने मामले भी खुलेंगे

    चुनाव के बाद डर के मारे पलायन कर चुके लोगों की वापसी को लेकर मुख्यमंत्री ने कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार सभी की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेगी, लेकिन यह सशर्त होगी। उन्होंने कहा, “2021 की चुनाव बाद हुई हिंसा में भाजपा के 57 कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी और 12,500 एफआईआर दर्ज की गई थीं। यदि इन फरार लोगों में से किसी का भी नाम उन एफआईआर में आरोपी के रूप में दर्ज है, तो उन्हें घर लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। हम उन्हें बालों से घसीटकर जेल की सलाखों के पीछे भेजेंगे।”

    मुख्यमंत्री ने पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भले ही राजनीतिक अपराध 5 साल या उससे अधिक पुराने क्यों न हों, उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कर अपराधियों को तुरंत जेल भेजा जाए।


    धार्मिक भावनाओं का सम्मान

    अक्टूबर 2025 में दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप में मां काली की खंडित मूर्ति को पुलिस द्वारा कैदी वैन में रखने के विवाद का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा, “जिस पुलिस अधिकारी ने मां काली की मूर्ति को जेल वैन के अंदर रखा, उसके लिए बंगाल में कोई जगह नहीं है। हिंदू देवी-देवताओं के अपमान और मूर्तियों को नुकसान पहुंचाने से जुड़ी सभी पुलिस फाइलें दोबारा खोली जाएंगी।”


    विशेष विकास पैकेज का एलान

    अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फाल्टा की जनता के लिए भाजपा के चुनावी घोषणा-पत्र के वादों से अलग एक विशेष विकास पैकेज देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें सत्ता की कुर्सी सिर्फ बैठने के लिए नहीं बल्कि न्याय के लिए सौंपी है और वे राज्य में न्याय का शासन स्थापित करके रहेंगे।

  • पश्चिम बंगाल में नई सरकार का कामकाज शुरू…. CM शुभेंदु ने मंत्रियों को बांटे विभाग

    पश्चिम बंगाल में नई सरकार का कामकाज शुरू…. CM शुभेंदु ने मंत्रियों को बांटे विभाग


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में प्रचंड जीत के बाद नई बीजेपी सरकार (New BJP government) ने राज्य में प्रशासनिक कामकाज को तेजी से पटरी पर लाने की कोशिश शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Chief Minister Shubhendu Adhikari) ने भी सोमवार को मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया. गृह, वित्त और कर्मचारियों ​अधिकारियों की ट्रांसफर पोस्टिंग से जुड़े कार्मिक जैसे महत्वपूर्ण विभाग मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पास रखे हैं।


    दिलीप घोष:

    बीजेपी के वरिष्ठ नेता और खड़गपुर सदर से विधायक दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पशु संसाधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह विभाग राज्य में ग्रामीण प्रशासन और जमीनी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है।


    अशोक कीर्तनिया:

    बनगांव उत्तर के विधायक अशोक कीर्तनिया को खाद्य विभाग का प्रभार दिया गया है. पश्चिम बंगाल की राजनीति में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का बड़ा महत्व रहा है, ऐसे में यह विभाग भी काफी अहम माना जा रहा है. यह विभाग राज्य भर में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम के जरिए खाद्य सामग्री के वितरण और कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन की देखरेख करेगा।


    खुदिराम टुडू:

    रानीबांध विधायक खुदिराम टुडू को पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सौंपा गया है. इसे आदिवासी और पिछड़े वर्गों के बीच बीजेपी की पकड़ मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. यह मंत्रालय पूरे बंगाल में पिछड़े समुदायों के लिए कल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्तियों और सामाजिक विकास कार्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित करता है.


    अग्निमित्रा पॉल:

    आसनसोल उत्तर की विधायक और पार्टी में प्रमुख महिला चेहरा अग्निमित्रा पॉल को महिला एवं बाल विकास विभाग और नगर विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वह शुभेंदु कैबिनेट की इकलौती महिला मंत्री हैं. महिलाओं के लिए कल्याणकारी कार्यक्रमों के संचालन और महिला सुरक्षा के पहलों को बढ़ावा देने के अलावा शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के लिहाज से अग्निमित्रा को मिले दोनों विभाग भाजपा सरकार के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं.


    निशीथ प्रमाणिक:

    माथाभांगा विधायक निशीथ प्रमाणिक को खेल और युवा कल्याण के साथ-साथ उत्तर बंगाल के विकास का प्रभार दिया गया है. यह पोर्टफोलियो महत्वपूर्ण है क्योंकि हालिया चुनाव में भी भाजपा ने उत्तरी बंगाल में अपना मजबूत आधार बनाए रखा और उसका लक्ष्य इस क्षेत्र में अपनी उपस्थिति को और मजबूत करना है.


    मंत्रिमंडल के जरिए साधा समीकरण

    नई कैबिनेट में शामिल नेताओं का चयन राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर किया गया है. दिलीप घोष लंबे समय तक पश्चिम बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे और राज्य में पार्टी का संगठन खड़ा करने में उनकी अहम भूमिका रही.

    अग्निमित्रा पॉल को कैबिनेट में जगह देकर बीजेपी महिला वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है, जबकि खुदीराम टुडू और अशोक कीर्तनिया के जरिए आदिवासी और मतुआ समुदाय तक पहुंच मजबूत करने की रणनीति दिखाई दे रही है. वहीं निशीथ प्रमाणिक के जरिए बीजेपी ने मंत्रिमंडल में युवा प्रतिनिधित्व को जगह दी है.


    चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत

    बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 294 में से 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों पर सिमट गई. इस प्रचंड बहुमत ने नई सरकार को बिना किसी गठबंधन दबाव के अपनी नीतियां लागू करने की ताकत दी है.


    पहली कैबिनेट बैठक में 5 बड़े फैसले

    नई सरकार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में ही कई केंद्रीय योजनाओं को राज्य में लागू करने का ऐलान किया. इनमें आयुष्मान भारत, पीएम जन आरोग्य योजना, पीएम श्री, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना शामिल हैं.

    शुभेंदु सरकार ने बंगाल में भारतीय न्याय संहिता (BNS) लागू करने, सरकारी नौकरियों की अधिकतम आयु सीमा में 5 साल की बढ़ोतरी और आईएएस अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल करने जैसे प्रशासनिक सुधारों से जुड़े फैसले लिए हैं.


    सुशासन और पारदर्शिता पर रहेगा जोर

    कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि उनकी सरकार ‘सुशासन और पारदर्शिता’ को प्राथमिकता देगी. उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि पिछली सरकार के दौरान शुरू की गईं कल्याणकारी योजनाएं जारी रहेंगी, लेकिन लाभार्थियों का सत्यापन सख्ती से किया जाएगा ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो. मुख्यमंत्री ने बांग्लादेश सीमा से लगे जिलों में बीएसएफ को फेंसिंग के लिए लैंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को भी 45 दिनों के भीतर पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया।