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  • CM विजय और तृषा की दोस्ती पर अंबिका का बयान: कहा करीबी दोस्त को आलोचना से बचाना भी जरूरी

    CM विजय और तृषा की दोस्ती पर अंबिका का बयान: कहा करीबी दोस्त को आलोचना से बचाना भी जरूरी


    नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और अभिनेता से नेता बने विजय तथा अभिनेत्री तृषा कृष्णन की दोस्ती एक बार फिर चर्चा में है। दोनों की लंबे समय से चली आ रही दोस्ती और साथ में सार्वजनिक मौकों पर नजर आने को लेकर सोशल मीडिया पर तरह तरह की चर्चाएं होती रही हैं। हालांकि दोनों के निजी रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। अब दक्षिण भारतीय सिनेमा की अभिनेत्री अंबिका ने इस पूरे मामले पर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि अगर दो लोगों के बीच दोस्ती है तो उसे बिना वजह किसी दूसरे रिश्ते का नाम देना सही नहीं है।

    अंबिका ने रेडपिक्स को दिए एक इंटरव्यू में तृषा और विजय की दोस्ती पर बात करते हुए कहा कि किसी दोस्त का कद या सामाजिक स्थिति बदल जाने से दोस्ती का मतलब नहीं बदल जाना चाहिए। उनके मुताबिक अगर दोस्ती के रिश्ते को लोग अपनी तरफ से कोई दूसरा नाम देने लगें तो यह उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि दोस्ती को महत्व देना जरूरी है लेकिन ऐसी परिस्थितियों से भी बचना चाहिए जिनकी वजह से किसी करीबी व्यक्ति को सार्वजनिक आलोचना का सामना करना पड़े।

    अंबिका ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर वह तृषा की जगह होतीं तो ऐसी परिस्थिति से बचने की कोशिश करतीं जहां उनके कारण उनके करीबी दोस्त को आलोचना झेलनी पड़े। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत सोच है और उनका उद्देश्य किसी के रिश्ते पर टिप्पणी करना नहीं है। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर विजय और तृषा की दोस्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    विजय और तृषा की दोस्ती की चर्चा का एक कारण दोनों की लंबी फिल्मी साझेदारी भी है। दोनों ने साल 2004 में रिलीज हुई फिल्म घिल्ली में साथ काम किया था। इसके बाद थिरुपाची अथी कुरुवी और लियो जैसी फिल्मों में भी दोनों की जोड़ी दिखाई दी। फिल्मों में उनकी जोड़ी को दर्शकों ने पसंद किया और दोनों लंबे समय से एक दूसरे के संपर्क में बताए जाते हैं।

    हाल के वर्षों में दोनों की ऑफस्क्रीन मौजूदगी ने भी लोगों का ध्यान खींचा है। विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के कार्यक्रम में तृषा को देखा गया था। रिपोर्ट के अनुसार वह विजय के माता पिता के साथ बैठी नजर आई थीं। इसके अलावा 15 अगस्त 2026 को चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी तृषा की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी थी।

    इसी तरह ब्रिटेन के सिल्वरस्टोन में अजित कुमार से जुड़े ली मैन्स कप रेसिंग इवेंट के दौरान भी विजय और तृषा के नजर आने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे। एक वायरल वीडियो में दोनों की मौजूदगी को लेकर यूजर्स ने अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। हालांकि सोशल मीडिया पर होने वाली अटकलों को दोनों के निजी रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता।

  • UK दौरे पर CM विजय ने चार बड़े समझौते, 9000 नौकरियों की उम्मीद

    UK दौरे पर CM विजय ने चार बड़े समझौते, 9000 नौकरियों की उम्मीद


    लंदन। त
    मिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री विजय थलपति (Chief Minister Vijay Thalapathy) ने ब्रिटेन दौरे (UK visit) पर सोमवार को कम से कम चार निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए। राज्य सरकार के मुताबिक, इन समझौतों के तहत तमिलनाडु में करीब 12300 करोड़ रुपये का निवेश होगा और इनसे लगभग 9,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना है। इनमें सबसे बड़ा समझौता संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड के साथ हुआ है। इसके तहत कंपनी तमिलनाडु में 11,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।


    11 हजार करोड़ के निवेश से 7 हजार नौकरियां

    संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल के साथ हुए समझौते के तहत डिजाइन, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, असेंबली और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस परियोजना से करीब 7,000 नौकरियां पैदा होने की संभावना है।

    इसके अलावा विजय ने एक ब्रिटिश कंपनी के साथ 1,000 करोड़ रुपये के समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। यह समझौता अर्न्स्ट एंड यंग के जरिए चेन्नई में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) विकसित करने के लिए हुआ है। प्रस्तावित सेंटर आगामी GCC कॉरिडोर में बनाया जाएगा और इससे करीब 2,000 हाई-वैल्यू नौकरियां मिलने की उम्मीद है।


    चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में भी निवेश

    एक अन्य समझौता स्वीडन स्थित सिग्मा टेक्नोलॉजी ग्रुप के साथ हुआ है। इसके तहत कंपनी चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर का विस्तार करेगी। इससे करीब 600 हाई-वैल्यू नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। चौथा समझौता विल्सन पावर सॉल्यूशंस के साथ हुआ है। इसमें 300 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और तिरुवल्लूर जिले में करीब 400 नौकरियां पैदा होने की संभावना है।

    चार समझौतों का पूरा ब्योरा
    संवर्धन मदरसन इंटरनेशनल लिमिटेड: 11,000 करोड़ रुपये का निवेश, करीब 7,000 नौकरियां
    ब्रिटिश कंपनी: 1,000 करोड़ रुपये का निवेश, करीब 2,000 हाई-वैल्यू नौकरियां
    सिग्मा टेक्नोलॉजी ग्रुप: चेन्नई और तिरुचिरापल्ली में GCC विस्तार, करीब 600 हाई-वैल्यू नौकरियां
    विल्सन पावर सॉल्यूशंस: 300 करोड़ रुपये का निवेश, करीब 400 नौकरियां

    किन क्षेत्रों पर है तमिलनाडु सरकार का फोकस?
    तमिलनाडु सरकार के मुताबिक, राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रिक व्हीकल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है।

    विजय के ब्रिटेन रवाना होने से पहले राज्य सरकार ने कहा था कि यूरोपीय कंपनियों ने तमिलनाडु में 8,491 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन निवेशों से 5,690 नौकरियां पैदा होने की संभावना बताई गई थी। ब्रिटेन यात्रा का उद्देश्य नए निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ राज्य में पहले से मौजूद निवेश को मजबूत करना भी बताया गया था।

    यह दौरा भारत-ब्रिटेन कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) के 15 जुलाई को लागू होने के बाद हुआ है। तमिलनाडु सरकार के मुताबिक, इस समझौते से कपड़ा, चमड़ा, फुटवियर, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए नए अवसर खुले हैं।

    सरकार का व्यापक लक्ष्य तमिलनाडु को एशिया का प्रमुख निवेश गंतव्य बनाना है। सरकार का यह भी दावा है कि TVK सरकार के पहले 100 दिनों में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।


    मोटर स्पोर्ट्स पर भी रहा फोकस

    ब्रिटेन दौरे के दौरान मोटर स्पोर्ट्स भी एजेंडे में रहा। विजय ने सिल्वरस्टोन रेसिंग सर्किट का दौरा किया और उस रेस को हरी झंडी दिखाई, जिसमें अभिनेता और रेसर अजित कुमार ने हिस्सा लिया। इस दौरे को तमिलनाडु में विश्वस्तरीय मोटर स्पोर्ट्स सिटी विकसित करने की सरकार की योजना से भी जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य रेसिंग से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग और अन्य संबद्ध उद्योगों में अवसर पैदा करना है।


    निवेश समझौतों को लेकर विपक्ष ने उठाए सवाल

    निवेश को लेकर सरकार के प्रयासों के बीच विपक्ष ने विजय के ब्रिटेन दौरे के कार्यक्रम और उनकी बैठकों की जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने पर पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए हैं। इसके बाद पहली बार सत्तारूढ़ TVK ने बताया है कि निवेश से जुड़ी बैठकों की जानकारी पहले सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। TVK के प्रवक्ता पी. सत्य कुमार ने कहा कि तमिलनाडु फिलहाल प्रतिस्पर्धी संघवाद के माहौल में काम कर रहा है, जहां देश के अलग-अलग राज्य निवेश आकर्षित करने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश समझौतों की जानकारी MoU पर हस्ताक्षर होने के साथ जारी की जाएगी।

    ब्रिटेन दौरा अभी खत्म नहीं हुआ
    तमिलनाडु सरकार के मुताबिक निवेश जुटाने का अभियान अभी जारी है। विजय 16 सितंबर को ब्रिटेन से रवाना होने वाले हैं और मंगलवार को भी कुछ और निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। ब्रिटेन दौरे से अब तक 12,300 करोड़ रुपये के निवेश समझौते सामने आने के बाद अब इन समझौतों के वास्तविक परियोजनाओं, नौकरियों और तमिलनाडु में लंबे समय तक आर्थिक गतिविधियों में बदलने पर नजर रहेगी।

  • तमिलनाडु में CM विजय के खिलाफ एकजुट हो रहे सारे विपक्षी दल…. सरकार गिराने की हो रही तैयारी!

    तमिलनाडु में CM विजय के खिलाफ एकजुट हो रहे सारे विपक्षी दल…. सरकार गिराने की हो रही तैयारी!


    चेन्नई। त
    मिलनाडु (Tamil Nadu) में मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय (Chief Minister C. Joseph Vijay) के विरोधी एकजुट होने की तैयारी कर रहे हैं। AIADMK यानी अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम ने एमके स्टालिन (M.K. Stalin) की डीएमके (DMK) को साथ आने का चैलेंज दे दिया है। साथ ही कहा है कि विजय की तमिलागा वेत्री कझगम (TVK) के खिलाफ नई पार्टियां भी साथ आ सकती हैं। हालांकि, इसपर डीएमके ने अब तक कोई रिप्लाई नहीं किया है।

    मंगलवार को पूर्व सीएम एडापड्डी के पलनीस्वामी से जब पूछा गया कि क्या टीवीके के खिलाफ गठबंधन तैयार हो रहा है या नहीं। इसपर उन्होंने कहा, ‘हां। हम भी टीवीके खिलाफ हैं। अगर कोई दूसरी पार्टी शामिल होना चाहती है, तो हम उनका स्वागत करेंगे। हमारा गठबंधन जैसा है, वैसा रहेगा। अगर दूसरी पार्टियां आना चाहती हैं, तो वो शामिल हो सकती हैं।’


    DMK को दिया चैलेंज

    इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के प्रमुख विपक्षी दल डीएमके को भी चैलेंज दे दिया है। उन्होंने कहा, ‘अगर नई पार्टियां हमारे साथ आना चाहती हैं, तो आ सकती हैं। क्या डीएमके… क्या डीएमके आएगी। क्या आप यह सवाल पूछ सकते हैं।’


    6 विधायक टूटे

    खास बात है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अन्ना द्रमुक के 6 विधायक टूट गए थे। सभी विजय के साथ चले गए थे और बचे हुए भी दो गुटों में बंट गए थे। इधर, डीमके नेता आरएस भारती जून में दोनों दलों के साथ आने से इनकार कर चुके हैं, लेकिन कहा था कि अगर DMK और AIADMK भविष्य में साथ आते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।


    DMK चेता चुकी

    अगस्त में स्टालिन ने कहा था कि नकी पार्टी राजनीतिक वापसी करने में सक्षम है और वह पूरे राज्य में मतदाताओं का समर्थन फिर से हासिल करने पर ध्यान लगाएगी। स्टालिन ने यहां द्रमुक मुख्यालय अन्ना अरिवलयम में पार्टी की कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित करते हुए कहा, ‘वह (विजय) विधानसभा को फिल्म का सेट समझते हैं और डायलॉग बोलते हैं।’

    स्टालिन ने कहा कि द्रमुक की नींव तत्काल राजनीतिक जीत या हार से कहीं आगे की है। उन्होंने कहा, ‘हम राजनीति में इसलिए नहीं आए क्योंकि हम ऊब गए थे। हम लड़ने के लिए आए थे। हमारे आंदोलन का जीवन केवल सफलता या विफलता तक सीमित नहीं है। चुनाव हारने के बाद अगले चुनाव तक सोए रहना अन्य दलों की आदत है। विपक्ष में रहते हुए भी हमारी पार्टी लोगों के लिए बिना सुस्ती के असाधारण रूप से काम करने के लिए अपने प्रतिद्वंद्वियों के बीच जानी जाती है।’

    उन्होंने कहा, ‘हम वापसी करने में माहिर हैं और हम इसे अच्छी तरह करेंगे।’ उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर जनसंपर्क मजबूत करने की अपील की।


    TVK की बैठक पर लेफ्ट दूर

    टीवीके बुधवार को चेन्नई में सहयोगी दलों के साथ दूसरी समन्वय बैठक करेगी, लेकिन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और भाकपा ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है। टीवीके मुख्यालय में होने वाली बैठक का उद्देश्य गठबंधन को औपचारिक रूप देना, साझा न्यूनतम कार्यक्रम तैयार करना, संचालन समिति गठित करना और गठबंधन का आधिकारिक नाम तय करना है। कांग्रेस, वीसीके, आईयूएमएल और एमडीएमके के बैठक में शामिल होने की संभावना है। वहीं वाम दलों ने बैठक से दूरी बनाई हैं।


    मतभेदों के बीच मीटिंग

    इस बीच, 2029 के लोकसभा चुनाव में विजय को प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा बनाए जाने की टीवीके नेताओं की मांग को लेकर कांग्रेस के साथ भी मतभेद सामने आए हैं। कांग्रेस ने राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन का प्रमुख चेहरा बताया है। हालांकि, टीवीके ने ‘विजय फॉर पीएम’ की मांग को व्यक्तिगत राय करार दिया है।

  • कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव….PM मोदी एक माह में दूसरी बार मिले CM विजय

    कर्नाटक की राजनीति में बड़ा बदलाव….PM मोदी एक माह में दूसरी बार मिले CM विजय


    नई दिल्ली।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu) की राजनीति और केंद्र-राज्य संबंधों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय (New Chief Minister C. Joseph Vijay) गुरुवार को नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में शामिल हुए। सीएम विजय का यह कदम पूर्ववर्ती द्रमुक (DMK) सरकार के रुख से बिल्कुल अलग है जो अक्सर केंद्र सरकार के साथ टकराव की नीति अपनाती रही थी।

    नीति आयोग की इस अहम बैठक के बाद मुख्यमंत्री विजय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) से अलग से मुलाकात भी की। एक महीने से भी कम समय में प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री की यह दूसरी मुलाकात है। पिछले महीने पदभार संभालने के तुरंत बाद विजय ने 27 मई को दिल्ली जाकर पीएम मोदी से मुलाकात की थी। उस दौरान उन्होंने राज्य की कल्याणकारी और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता, प्रमुख विकास पहलों को मंजूरी और संवेदनशील मेकेदातू जल विवाद में केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके अलावा उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलकर तमिलनाडु के लिए अधिक बजटीय सहायता का भी अनुरोध किया था।


    नीति आयोग की बैठक में गूंजा NEET का मुद्दा

    बैठक में शामिल होने के साथ ही मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात मजबूती से रखी। उन्होंने चिकित्सा और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा NEET का तमिलनाडु की ओर से विरोध दोहराया। विजय ने तर्क दिया कि इस परीक्षा ने ग्रामीण पृष्ठभूमि और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के छात्रों के भविष्य पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव डाला है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि तमिलनाडु को एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS) और आयुष (AYUSH) पाठ्यक्रमों में राज्य कोटे की सभी सीटों को केवल कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर भरने की अनुमति दी जाए।

    तमिलनाडु विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने भले ही भाजपा को अपनी पार्टी का वैचारिक दुश्मन बताया था, लेकिन सत्ता संभालने के बाद उनके आचरण में केंद्र के प्रति एक व्यावहारिक और परिपक्व दृष्टिकोण दिखाई दे रहा है।


    BJP पर हमला करने से परहेज

    जहां कई विपक्षी नेताओं ने नीट-यूजी परीक्षा विवाद को लेकर सीधे तौर पर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को निशाना बनाया, वहीं विजय ने केंद्र पर सीधा हमला करने के बजाय खुद को परीक्षा प्रणाली की कमियों तक ही सीमित रखा। उन्होंने इसे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा प्रणाली में खामियों और संरचनात्मक कमियों का पुख्ता सबूत बताया। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री के रूप में तमिलनाडु विधानसभा में अपने पहले भाषण में भी विजय ने भाजपा या केंद्र सरकार की आलोचना करने से परहेज किया था।


    स्टालिन के रुख से बिल्कुल जुदा

    विजय का यह रुख उनके पूर्ववर्ती एमके स्टालिन से बिल्कुल उलट है। स्टालिन ने यह आरोप लगाते हुए लगातार तीन नीति आयोग की बैठकों का बहिष्कार किया था कि केंद्र सरकार द्वारा तमिलनाडु के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।

  • सीएम विजय ने एमके स्टालिन पर वार, कहा- आपके अपने लोग ही आपकी राजनीति खत्म करेंगे

    सीएम विजय ने एमके स्टालिन पर वार, कहा- आपके अपने लोग ही आपकी राजनीति खत्म करेंगे

    नई दिल्ली। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर करारा हमला बोला है। टीवीके ने स्पष्ट किया कि स्टालिन को सबसे बड़ा राजनीतिक झटका उनके विरोधियों से नहीं, बल्कि उनके अपने करीबी सहयोगियों और आसपास सक्रिय लोगों से मिलेगा।

    टीवीके की आईटी विंग ने डीएमके (DMK) पर आरोप लगाया कि पार्टी परिवारवाद और सत्ता को केवल अपने ही परिवार तक सीमित रखती है। टीवीके ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन और जनता के समर्थन के माध्यम से सत्ता में आई है, जबकि डीएमके केवल अपने परिवार और करीबी लोगों के लिए सत्ता संरक्षित रखता है।

    सीएम विजय ने स्टालिन को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि उनके इर्द-गिर्द मौजूद लोग उन्हें वास्तविक परिस्थितियों और जमीनी सच्चाई से दूर रख रहे हैं। टीवीके ने तंज कसते हुए कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो स्टालिन को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जैसा कि उन्होंने कोलाथुर सीट और सत्ता खोने के समय देखा था।

    टीवीके ने अपने बयान में यह भी कहा कि पार्टी केवल राजनीतिक फायदा उठाने वाली स्वार्थी ताकत नहीं है और वह अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करने में विश्वास रखती है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि स्टालिन का राजनीतिक अंत उनके विरोधियों से नहीं, बल्कि उनके आसपास सक्रिय चापलूसों के समूह से होगा।

    टीवीके के इस बयान पर अभी तक DMK की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान आगामी विधानसभा और स्थानीय चुनावों को लेकर तमिलनाडु में बढ़ते तनाव को दर्शाता है।

    टीवीके का दावा है कि उनकी पार्टी जनता के व्यापक समर्थन के साथ सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी है। इसके जरिए वह यह संदेश देना चाहती है कि लोकतांत्रिक सहयोग और जनता की आवाज पर आधारित राजनीति ही टिकाऊ है।

    विश्लेषकों का कहना है कि सीएम विजय का यह हमला केवल पूर्व सीएम स्टालिन पर निशाना नहीं है, बल्कि यह DMK के भीतर सत्ता संघर्ष और नेतृत्व विवाद को उजागर करने की कोशिश भी है। आगामी महीनों में तमिलनाडु की राजनीतिक तस्वीर में इसके असर दिख सकते हैं।

    टीवीके ने अपने बयान के अंत में यह भी आगाह किया कि स्टालिन को सही तस्वीर और वास्तविक परिस्थितियों की जानकारी नहीं दी जा रही है। अगर यही स्थिति जारी रही, तो यह उनके लिए गंभीर राजनीतिक परिणाम ला सकता है।

    इस बयान से साफ है कि तमिलनाडु की राजनीति में टीवीके और DMK के बीच टकराव अब और बढ़ सकता है, और आने वाले समय में दोनों पार्टियों की रणनीतियों और गठबंधनों पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी।

  • पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- 'NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन

    पेपर लीक बवाल के बीच तमिलनाडु के CM विजय बोले- 'NEET बंद हो… 12वीं के नंबर पर मिले एडमिशन


    नई दिल्ली।
    नीट (NEET-UG 2026) परीक्षा को लेकर देशभर में बवाल मचा है. पेपर लीक (Paper Leak) के आरोपों ने सबको परेशान कर दिया है. इसी बीच तमिलनाडु (Tamil Nadu) के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Chief Minister C. Joseph Vijay) ने बुधवार को अपनी बात मजबूती से रखी है. विजय ने साफ कहा है कि ‘मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए नीट परीक्षा बंद होनी चाहिए’. उनका कहना है कि ‘छात्रों को 12वीं के नंबरों के आधार पर ही मेडिकल में एडमिशन मिले’. इससे हर बच्चे को आगे बढ़ने का बराबर मौका मिलेगा।

    मुख्यमंत्री विजय ने सोशल मीडिया (X) पर परीक्षा के पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि पेपर लीक की खबरों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है. विजय ने याद दिलाया कि साल 2024 में भी पेपर लीक हुआ था और 6 राज्यों में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसकी जांच बाद में सीबीआई को सौंपी गई. उन्होंने आगे कहा कि इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन की कमेटी ने सुधार के लिए 95 सुझाव भी दिए थे, लेकिन हैरानी की बात है कि महज दो साल के भीतर ही फिर से पेपर लीक हो गया और परीक्षा रद्द करनी पड़ी. ऐसे में सीएम विजय का मानना है कि इस तरह की घटनाएं उन लाखों बच्चों का भरोसा तोड़ देती हैं, जो डॉक्टर बनने का सपना लिए दिन-रात मेहनत में जुटे रहते हैं।

    तमिलनाडु काफी समय से नीट का विरोध कर रहा है. मुख्यमंत्री का कहना है कि जब इतने सुधारों के बाद भी सिस्टम सुरक्षित नहीं हो पा रहा, तो राज्यों को यह छूट मिलनी चाहिए कि वे 12वीं की मेरिट के आधार पर अपने यहां की सीटें भर सकें. साफ है कि अगर परीक्षा का सिस्टम ही सुरक्षित नहीं होगा, तो छात्रों का भविष्य खतरे में बना रहेगा।


    पेपर लीक मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई?

    नीट परीक्षा को लेकर विवाद तब और बढ़ गया जब धांधली की खबरों के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी. अब इस पूरे मामले की जांच CBI कर रही है. सीबीआई और राजस्थान पुलिस ने मिलकर कई राज्यों में छापेमारी की है. इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच में पता चला है कि परीक्षा से पहले ही एक ‘गेस पेपर’ सोशल मीडिया और कोचिंग सेंटरों के जरिए छात्रों तक पहुंच गया था.

    जांच एजेंसियों ने जयपुर, गुरुग्राम और नासिक जैसे शहरों में एक्शन लेते हुए आरोपियों को पकड़ा है.आरोपियों को पकड़ने के साथ ही पुलिस ने उनके ठिकानों से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस भी अपने कब्जे में लिए हैं. कोशिश यह है कि इस पूरे नेटवर्क और पेपर लीक की जड़ तक पहुंचा जा सके. जांच टीम अब इन डिवाइसों की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि पेपर लीक का यह खेल कहां से शुरू हुआ और इसके तार किन-किन लोगों से जुड़े हैं. मकसद सिर्फ आरोपियों को पकड़ना नहीं, बल्कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है, ताकि आगे चलकर किसी भी परीक्षा में ऐसी धांधली न हो और बच्चों का भरोसा बना रहे.

    इस पूरे घोटाले को लेकर देशभर के छात्रों में भारी गुस्सा है. कई शहरों में छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि परीक्षा के इस सिस्टम को सुधारा जाए. छात्रों का कहना है कि ऐसी धांधली से मेहनत करने वाले बच्चों का करियर बर्बाद होता है. फिलहाल 22 लाख से ज्यादा मेडिकल छात्र इस विवाद की वजह से परेशान हैं. वे बस इस इंतजार में हैं कि आगे क्या होगा और उन्हें इंसाफ कब मिलेगा।

  • मुलाकात में मुस्कान, बातचीत में हल्कापन: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की वाइको से भेंट ने राजनीति का बदला अंदाज

    मुलाकात में मुस्कान, बातचीत में हल्कापन: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की वाइको से भेंट ने राजनीति का बदला अंदाज

    नई दिल्ली । तमिलनाडु की राजनीति में एक अलग ही नजारा उस समय देखने को मिला जब राज्य के मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई स्थित एमडीएमके प्रमुख वाइको के आवास पर शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात औपचारिक थी, लेकिन इसके दौरान कई ऐसे पल सामने आए जिन्होंने इसे चर्चा का विषय बना दिया।

    मुलाकात के दौरान माहौल काफी सहज और सौहार्दपूर्ण नजर आया। बातचीत के बीच वाइको ने एक दिलचस्प बात साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके घर में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने भी हाल ही में हुए राजनीतिक चुनाव में टीवीके को समर्थन दिया था। यह सुनते ही वहां मौजूद लोग मुस्कुरा उठे और बातचीत का माहौल हल्का हो गया।

    इस मुलाकात का सबसे भावुक हिस्सा तब देखने को मिला जब वाइको के घर में मौजूद घरेलू सहायिकाएं मुख्यमंत्री विजय को सामने देखकर भावुक हो गईं। उनके लिए यह पल किसी सपने से कम नहीं था। उत्साह और सम्मान के भाव में एक कर्मचारी ने मुख्यमंत्री के पैर छू लिए और परंपरागत तरीके से उनका स्वागत किया। वहीं कुछ कर्मचारियों ने नजर उतारकर अपनी खुशी व्यक्त की।

    मुख्यमंत्री विजय ने भी इस पूरे माहौल को सहजता से स्वीकार किया और सभी से गर्मजोशी के साथ मिले। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जिससे यह मुलाकात और अधिक यादगार बन गई। इस दौरान उन्होंने वाइको की राजनीतिक समझ और उनके लंबे अनुभव की सराहना की और कहा कि उन्होंने अपने शुरुआती राजनीतिक सफर में वाइको के विचारों और भाषणों से काफी कुछ सीखा है।

    वाइको ने भी इस मुलाकात को सकारात्मक राजनीतिक संकेत बताया और कहा कि राज्य में नई नेतृत्व शैली उभर रही है, जो संवाद और सहयोग पर आधारित है। उनके अनुसार यह राजनीतिक परिपक्वता का संकेत है, जहां मतभेदों के बावजूद सम्मान और संवाद की संस्कृति बनी रहती है।

    मुख्यमंत्री विजय के सत्ता संभालने के बाद से यह देखा जा रहा है कि वह लगातार वरिष्ठ नेताओं और विभिन्न राजनीतिक हस्तियों से मुलाकात कर रहे हैं। इससे पहले भी उन्होंने कई प्रमुख नेताओं से शिष्टाचार भेंट की थी, जिसे राजनीतिक हलकों में सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की मुलाकातें राज्य की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत का संकेत देती हैं, जहां कटुता के बजाय संवाद और सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। सोशल मीडिया पर भी इस मुलाकात के वीडियो और तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जहां लोग इसे राजनीति के बदलते स्वरूप के रूप में देख रहे हैं।

  • नई सरकार का पहला बड़ा कदम: तमिलनाडु में 717 शराब दुकानें बंद करने का आदेश जारी

    नई सरकार का पहला बड़ा कदम: तमिलनाडु में 717 शराब दुकानें बंद करने का आदेश जारी


    नई दिल्ली ।
    तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक फैसलों की तेज़ी ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सत्ता संभालने के तुरंत बाद जिस तरह से निर्णायक कदम उठाए हैं, वह उनकी कार्यशैली की स्पष्ट झलक देता है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए स्कूलों, कॉलेजों, पूजा स्थलों और बस स्टैंडों के आसपास स्थित 717 शराब दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला अगले दो सप्ताह के भीतर लागू किया जाएगा।

    सरकार के इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा और सामाजिक वातावरण को बेहतर बनाना बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे राज्य में एक विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की गई कि कौन सी शराब दुकानें ऐसे स्थानों के नजदीक संचालित हो रही हैं जहां बच्चों, श्रद्धालुओं और यात्रियों की आवाजाही अधिक रहती है। जांच के बाद जो तस्वीर सामने आई, उसने सरकार को इस दिशा में कड़ा कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

    रिपोर्ट के अनुसार 717 शराब दुकानें ऐसे स्थानों के बेहद करीब पाई गईं, जिन्हें संवेदनशील क्षेत्र माना गया है। इनमें से कई दुकानें धार्मिक स्थलों के पास स्थित थीं, जहां दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहती है। वहीं एक बड़ा हिस्सा शैक्षणिक संस्थानों के पास पाया गया, जिससे छात्रों की सुरक्षा और वातावरण पर सवाल उठते रहे हैं। इसके अलावा कई दुकानें बस स्टैंड जैसे भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर भी मौजूद थीं, जहां हर समय यात्रियों का आवागमन रहता है।

    इन निष्कर्षों के आधार पर सरकार ने यह स्पष्ट किया कि अब ऐसे सभी स्थानों पर शराब बिक्री को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी चिन्हित दुकानों को बंद किया जाए और किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    इस निर्णय ने राज्य में एक नई चर्चा को जन्म दिया है। जहां एक ओर बड़ी संख्या में लोग इस कदम को सकारात्मक बदलाव के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक हलकों में इसे एक चुनौतीपूर्ण कार्य के रूप में भी माना जा रहा है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां ये दुकानें लंबे समय से संचालित हो रही थीं, वहां बदलाव को लागू करना आसान नहीं होगा।

    मुख्यमंत्री विजय की यह नीति उनकी सरकार के शुरुआती और सख्त फैसलों में से एक मानी जा रही है। यह संकेत भी दिया जा रहा है कि आने वाले समय में सार्वजनिक हित और सामाजिक अनुशासन से जुड़े ऐसे और भी निर्णय देखने को मिल सकते हैं। सरकार का यह रुख राज्य में कानून व्यवस्था और सार्वजनिक स्थानों की गरिमा को मजबूत करने की दिशा में एक बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।

    फिलहाल, पूरे राज्य में इस आदेश के बाद प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और संबंधित विभागों को कार्रवाई पूरी करने के लिए समयबद्ध लक्ष्य दिए गए हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह निर्णय जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावशीलता के साथ लागू होता है।

  • तमिलनाडुः CM विजय का एक और बड़ा एक्शन.. मंदिरों और स्कूलों के आसपास के शराब ठेके तत्काल बंद करने के आदेश

    तमिलनाडुः CM विजय का एक और बड़ा एक्शन.. मंदिरों और स्कूलों के आसपास के शराब ठेके तत्काल बंद करने के आदेश


    चेन्नई।
    तमिलनाडु (Tamil Nadu) में मुख्यमंत्री (Chief Minister) पद की शपथ लेते ही सी जोसेफ विजय (C Joseph Vijay) ऐक्शन मोड में हैं। उन्होंने बड़ा आदेश देते हुए कहा है कि पूजा के स्थलों, स्कूलों और बस अड्डों के आसपास 500 मीटर के दायरे में सभी शराब की सरकारी दुकानें तत्काल बंद कर दी जाएं। सख्त आदेश जारी करते हुए विजय ने कहा है कि यह फैसला दो हफ्ते के अंदर ही लागू होगा।

    बता दें कि मुख्यमंत्री बनते ही मंच पर ही उन्होंने अपने वादों को पूरा करने के लिए तीन फैसलों पर साइन कर दिए थे। पहला आदेश 200 यूनिट फ्री बिजली देने को लेकर था। दूसरा आदेश महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने और तीसरा नशे की सस्या से निपटने के लिए हर जिले में विशेष फोर्स का गठन करना था।

    सोमवार को ही सीएम विजय समेत सभी नवनिर्वाचित विधायकों ने विधानसभा में शपथ ली है। सबसे पहले मुख्यमंत्री विजय ने विधायक के रूप में शपथ ली और मंत्रियों में एन आनंद, आधव अर्जुन, केजी अरुणराज, केए सेनगोट्टैयन, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन और टीके प्रभु ने भी शपथ ली। इसके बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) विधायक दल के नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन, पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी और ओ. पनीरसेल्वम तथा अन्य विधायकों ने पद की शपथ ली।

    विजय, उदयनिधि और पनीरसेल्वम उन विधायकों में शामिल थे जिन्होंने “पूर्ण निष्ठा” के नाम पर शपथ ली। पलानीस्वामी और पीएमके की सौम्या अंबुमणि उन विधायकों में शामिल थीं, जिन्होंने ईश्वर के नाम पर शपथ ली। महिला मंत्री कीर्तना शुरुआत में अपना निर्वाचन प्रमाण-पत्र पेश नहीं कर सकीं और उन्हें इसे लाने के लिए वापस जाना पड़ा।

    जब विधानसभा के प्रधान सचिव के. श्रीनिवासन ने माइक पर कीर्तना का नाम शपथ लेने के लिए पुकारा, तो वह मुख्यमंत्री की कुर्सी के सामने बने मंच की ओर बढ़ीं। विधानसभा की परंपरा के अनुसार, शपथ लेने वाले विधायक कार्यवाहक अध्यक्ष की ओर मुख करके खड़े होते हैं। जैसे ही कीर्तना मंच के पास पहुंचीं, सचिव श्रीनिवासन ने हाथ उठाकर उनसे निर्वाचन प्रमाण-पत्र मांगा। हालांकि, वह प्रमाण-पत्र पेश नहीं कर सकीं। श्रीनिवासन को उन्होंने क्या जवाब दिया, यह स्पष्ट रूप से पता नहीं चल सका है।

    बाद में, कीर्तना प्रमाण-पत्र सदन में लेकर आईं और अधिकारी को सौंप दिया तथा ईश्वर के नाम पर शपथ ली। वेलाचेरी से ‘तमिलगा वेत्री कषगम’ (टीवीके) के विधायक आर. कुमार जब अपना निर्वाचन प्रमाण-पत्र जमा करने के बाद शपथ लेने ही वाले थे, तभी अधिकारी श्रीनिवासन ने उन्हें रोक दिया। श्रीनिवासन ने कुमार का ध्यान इस ओर दिलाया कि उनके द्वारा जमा किए गए प्रमाण-पत्र पर किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज है।