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  • CM योगी ने दी 574 करोड़ की 57 परियोजनाओं की सौगात, बोले- 'अब न कर्फ्यू, न दंगा, बुलंदशहर चंगा'

    CM योगी ने दी 574 करोड़ की 57 परियोजनाओं की सौगात, बोले- 'अब न कर्फ्यू, न दंगा, बुलंदशहर चंगा'


    बुलंदशहर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बुलंदशहर दौरे के दौरान जिले को 574 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने नुमाइश ग्राउंड में आयोजित जनसभा में बुलंदशहर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों की 57 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं।

    सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी, जबकि अब प्रदेश विकास और सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “आज न कर्फ्यू है, न दंगा है, अब बुलंदशहर चंगा है।”

    किसानों के लिए मुआवजा बढ़ाने और रिंग रोड की घोषणा
    मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित किसानों की भूमि का मुआवजा बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही बुलंदशहर नगर में रिंग रोड निर्माण को भी मंजूरी देने का ऐलान किया।

    रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री
    जनसभा से पहले मुख्यमंत्री शिकारपुर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण प्रदेश की जनता के विश्वास और समर्थन का परिणाम है। विद्यालय में छात्राओं के प्रवेश की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने उनके लिए प्रदेश सरकार की ओर से छात्रावास बनवाने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने रज्जू भैया की माताजी के नाम पर छात्रों के लिए भी छात्रावास बनाने की बात कही।

    2047 तक विकसित भारत का लिया संकल्प
    मुख्यमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और समृद्ध राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि देशवासियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत और महापुरुषों पर गर्व होना चाहिए। सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि छुआछूत, जाति, क्षेत्र और भाषा जैसे भेदभाव से ऊपर उठकर कार्य करने से ही राष्ट्र का समग्र विकास संभव है।

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बताया और रज्जू भैया के योगदान को याद करते हुए कहा कि शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव हैं, जिन पर प्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है।

  • CM योगी गोरखपुर से शुरू कल करेंगे 35 करोड़ पौधे लगाने के अभियान का शुभारंभ

    CM योगी गोरखपुर से शुरू कल करेंगे 35 करोड़ पौधे लगाने के अभियान का शुभारंभ


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू किए जा रहे ‘पौधरोपण महायज्ञ-2026’ का शुभारंभ 12 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से करेंगे। प्रदेशव्यापी अभियान के तहत मुख्यमंत्री भगवानपुर टोल प्लाजा लिंक एक्सप्रेसवे के समीप और आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड किनारे ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पौधरोपण करेंगे।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे और प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के इस महाअभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील करेंगे। कार्यक्रम में वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी उपस्थित रहेंगे।

    त्रिवेणी और मौलश्री के पौधों से होगी शुरुआत
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास त्रिवेणी—नीम, पीपल और बरगद—का पौधा रोपकर अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद वह ताल रिंग रोड के किनारे मौलश्री का पौधा लगाएंगे। राज्य सरकार ने इस वर्ष पूरे उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

    गोरखपुर को मिला 55.28 लाख पौधरोपण का लक्ष्य
    राज्य सरकार के इस अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग के समन्वय में कुल 27 विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं। प्रदेश के कुल लक्ष्य में गोरखपुर जिले को 55 लाख 28 हजार 600 पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें सबसे अधिक योगदान वन विभाग का रहेगा।

    पौधों की सुरक्षा और संरक्षण के पूरे इंतजाम
    प्रभागीय वनाधिकारी शुभम सिंह के अनुसार, निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए सभी सरकारी पौधशालाओं में उच्च गुणवत्ता वाले पौधों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। साथ ही पौधों की बेहतर वृद्धि और उनकी उत्तरजीविता (सर्वाइवल) दर बढ़ाने के लिए चयनित स्थलों पर गड्ढों की खुदाई, ऊपरी मिट्टी (टॉप सॉयल) की उपलब्धता और पौधों के संरक्षण से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम पहले ही पूरे कर लिए गए हैं।

  • अयोध्या के संत समाज को बड़ा झटका, हनुमानगढ़ी के महंत संत रामदास नहीं रहे

    अयोध्या के संत समाज को बड़ा झटका, हनुमानगढ़ी के महंत संत रामदास नहीं रहे


    अयोध्या। श्रीहनुमानगढ़ी के महंत संत रामदास का शनिवार को 85 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे महंत ने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही अयोध्या के संत समाज और श्रद्धालुओं में शोक की लहर दौड़ गई। उनका अंतिम संस्कार शाम 4 बजे नया घाट पर पूरे धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाएगा।

    महंत संत रामदास लंबे समय से उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। हाल ही में उन्हें इलाज के लिए मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बाद वह तीन दिन पहले ही अयोध्या लौटे थे, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका और उनका निधन हो गया।

    मुख्यमंत्री योगी ने जताया गहरा शोक

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत संत रामदास के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अपने शोक संदेश में उन्होंने कहा कि संत रामदास का आध्यात्मिक जीवन, धर्म और समाज के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

    मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करते हुए दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा उनके अनुयायियों और श्रद्धालुओं को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।

    संत समाज में था विशेष सम्मान

    महंत संत रामदास अयोध्या के संत समाज के अत्यंत सम्मानित संतों में गिने जाते थे। धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका रही और श्रद्धालुओं के बीच उनका विशेष स्थान था। अयोध्या प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी समय-समय पर उनके आश्रम पहुंचकर उनका आशीर्वाद लेते रहे थे। उनके निधन को अयोध्या के संत समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और स्थानीय लोग उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंच रहे हैं।
  • अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण ही लक्ष्य', प्रशिक्षण महाअभियान में बोले CM योगी

    अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण ही लक्ष्य', प्रशिक्षण महाअभियान में बोले CM योगी


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर में दो दिवसीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की विकास यात्रा को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को भाजपा की वैचारिक नींव बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और आदर्शों को कार्यकर्ताओं के जीवन में उतारने का अभियान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में मिले संस्कारों के आधार पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय जनसंघ के संगठन महामंत्री के रूप में संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया।

    अंत्योदय को बताया विकास की मूल अवधारणा
    सीएम योगी ने कहा कि भारतीय राजनीति में ‘अंत्योदय’ का विचार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सबसे बड़ी देन है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की नीतियों का केंद्र समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति होना चाहिए। जब तक विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचता, तब तक सुशासन की अवधारणा अधूरी रहती है।

    उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय आर्थिक चिंतन को नई दिशा देते हुए अंत्योदय का सिद्धांत दिया, जिसे भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन और शासन दोनों में आत्मसात करने का प्रयास कर रही है।

    कार्यकर्ताओं को दिए संगठनात्मक मूल्यों के संदेश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में चलाया जा रहा यह प्रशिक्षण महाअभियान कार्यकर्ताओं को राष्ट्रसेवा, संगठन, पारदर्शिता और जनकल्याण के मूल्यों से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इन आदर्शों को अपने व्यवहार और कार्यशैली का हिस्सा बनाए, यही इस अभियान का उद्देश्य है।

    सोशल मीडिया पर भी दी शुभकामनाएं
    कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के महापुरुषों के आदर्श आज भी सार्वजनिक जीवन में शुचिता, पारदर्शिता और राष्ट्रसेवा के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षण शिविर के सफल आयोजन की कामना की।

    उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में वैचारिक स्पष्टता और जनसेवा की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।

  • CM योगी का सख्त संदेश: नकली डीएपी-यूरिया बेचने वालों पर लगेगा NSA, किसानों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त

    CM योगी का सख्त संदेश: नकली डीएपी-यूरिया बेचने वालों पर लगेगा NSA, किसानों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त


    नई दिल्ली /उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के हितों की रक्षा के लिए एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नकली, मिलावटी खाद और उर्वरकों की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि डीएपी, यूरिया या किसी भी प्रकार की खाद में मिलावट कर किसानों के साथ धोखा करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम NSA जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह निर्देश एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए, जिसमें प्रदेश में खाद की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और कालाबाजारी की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों की मेहनत और फसलों के साथ खिलवाड़ करने वालों के लिए प्रदेश में कोई जगह नहीं है।

    खाद की उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में खाद की समुचित उपलब्धता और उसका पारदर्शी वितरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सहकारिता और कृषि विभाग को निर्देश दिए कि वे प्रतिदिन खाद की उपलब्धता और वितरण की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री कार्यालय से सभी जिलों की सीधी निगरानी की जाएगी, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी को तुरंत पकड़ा जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीएपी, यूरिया और पोटाश केवल निर्धारित सरकारी दरों पर ही किसानों को उपलब्ध कराए जाएं। ओवर रेटिंग, जबरन टैगिंग या खाद के साथ अन्य सामान बेचने जैसी शिकायतें बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएंगी।

    औचक निरीक्षण और सख्त जवाबदेही

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खाद की दुकानों, सहकारी समितियों और वितरण केंद्रों पर नियमित और औचक निरीक्षण करें। यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मिलीभगत या कालाबाजारी सामने आती है तो तुरंत जिम्मेदार अधिकारियों और दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर खुले रूप से विजिलेंस जांच कराई जाए और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि कृत्रिम खाद संकट पैदा करने या किसानों को गुमराह करने वालों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करेगी।

    प्रदेश में खाद की वर्तमान स्थिति

    बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में खाद की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी। बताया गया कि 16 दिसंबर 2025 तक उत्तर प्रदेश में कुल 9.57 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 3.77 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 3.67 लाख मीट्रिक टन एनपीके उपलब्ध है।यूरिया की बात करें तो सहकारी क्षेत्र में 3.79 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 5.78 लाख मीट्रिक टन का भंडार मौजूद है। डीएपी में सहकारी क्षेत्र के पास 1.47 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र के पास 2.30 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है। वहीं एनपीके उर्वरक में सहकारी क्षेत्र में 0.88 लाख मीट्रिक टन और निजी क्षेत्र में 2.79 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक है।

    किसानों को न हो कोई परेशानी
    मुख्यमंत्री ने कहा कि रबी फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और इस समय गेहूं की फसल में टॉप ड्रेसिंग के लिए यूरिया की सबसे अधिक जरूरत होती है। वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 54,249 मीट्रिक टन यूरिया का वितरण किया जा रहा है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े और समय पर उन्हें जरूरत के अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।