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  • शिवपुरी में गंगा दशहरा पर विवाद: नपा अध्यक्ष ने लगाया अपमान का आरोप, प्रदेश नेतृत्व से शिकायत की बात कही

    शिवपुरी में गंगा दशहरा पर विवाद: नपा अध्यक्ष ने लगाया अपमान का आरोप, प्रदेश नेतृत्व से शिकायत की बात कही


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के गोरखनाथ मंदिर परिसर में गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ कार्यक्रम उस समय विवादों में आ गया, जब नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा मंच से नाराज होकर अचानक नीचे उतर गईं और कार्यक्रम स्थल से चली गईं। इस घटना के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

    कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत और माल्यार्पण किया जा रहा था। इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा असंतुष्ट नजर आईं और कुछ ही देर बाद उन्होंने मंच छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि मंच पर उनके साथ हुए व्यवहार को लेकर वे काफी नाराज थीं।

    नगर पालिका अध्यक्ष ने इस पूरे मामले के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ईशांक धाकड़ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गायत्री शर्मा का कहना है कि यह कार्यक्रम नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित किया गया था, लेकिन सीएमओ द्वारा उनके लिए मंच पर कुर्सी तक की व्यवस्था नहीं की गई, जिसे उन्होंने अपमानजनक बताया।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब सम्मान समारोह चल रहा था, तब उनका नाम मंच से नहीं पुकारा गया, जिससे उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस हुआ। इस घटना के बाद वे नाराज होकर मंच से उतर गईं।

    गायत्री शर्मा ने इसे महिला जनप्रतिनिधियों के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर महिला जनप्रतिनिधियों के साथ इस तरह का व्यवहार चिंता का विषय है।

    उन्होंने यह भी कहा कि वह इस पूरे मामले की शिकायत प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व तक करेंगी। उनके अनुसार, वे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश के प्रभारी मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष और अन्य वरिष्ठ नेताओं से इस घटना की शिकायत करेंगी।

    वहीं दूसरी ओर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी ईशांक धाकड़ ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि नगर पालिका अध्यक्ष मंच पर मौजूद थीं और कार्यक्रम के दौरान उनका नाम भी सम्मानपूर्वक लिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि वे अचानक मंच छोड़कर क्यों चली गईं।

    इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मंच पर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव, कलेक्टर अर्पित वर्मा और एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया भी मौजूद थे। घटना के बाद कार्यक्रम की चर्चा अब प्रशासनिक समन्वय और राजनीतिक विवाद के रूप में की जा रही है।

    फिलहाल मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे इसकी शिकायत उच्च स्तर तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

  • पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज

    पार्षद को धमकी मामला: 7 साल पुराने भुगतान विवाद में बंडा नगर परिषद में हंगामा, FIR दर्ज


    नई दिल्ली। सागर जिले के बंडा नगर परिषद में वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद प्रभुदयाल राठौर और नगर परिषद प्रशासन के बीच पुराना भुगतान विवाद अब गंभीर कानूनी और आपराधिक मोड़ पर पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि पार्षद का एक टेंडर कार्य का भुगतान पिछले लगभग 7 वर्षों से लंबित था। इसी भुगतान को लेकर उन्होंने हाल ही में नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को लीगल नोटिस भेजा था।

    घटना 2 अप्रैल की दोपहर करीब 12:30 बजे की है, जब पार्षद नगर परिषद कार्यालय पहुंचे और उपयंत्री कक्ष में नाली निर्माण कार्य की जानकारी लेने के बाद CMO कक्ष में जाकर नोटिस सौंपा।

     नोटिस पढ़ते ही बढ़ा विवाद, गाली-गलौज और हाथापाई के आरोप

    पार्षद प्रभुदयाल राठौर के अनुसार, जैसे ही CMO ने लीगल नोटिस पढ़ा, वे कथित रूप से आवेश में आ गए। उन्होंने नोटिस पर टिप्पणी लिखकर पार्षद के सामने रख दिया और तेज आवाज में बहस करने लगे।

    स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब पार्षद ने मोबाइल से पूरे घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग शुरू की। आरोप है कि इसके बाद CMO ने चैंबर से बाहर आकर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और हाथापाई की। इस धक्का-मुक्की में पार्षद का मोबाइल भी जमीन पर गिर गया। इस पूरे घटनाक्रम ने नगर परिषद कार्यालय के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया।

    थाने से लौटने के बाद फिर बढ़ा विवाद, दी गई जान से मारने की धमकी

    घटना यहीं नहीं रुकी। शिकायत के अनुसार, उसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे CMO थाने से लौटकर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।

    आरोप है कि इसी दौरान उनके साथ आए एक व्यक्ति, जिसने खुद को CMO का रिश्तेदार बताया, ने पार्षद के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इससे पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

    एक महीने बाद पुलिस ने दर्ज की FIR, जांच शुरू

    घटना की शिकायत बंडा थाने में पार्षद द्वारा दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामले की जांच लगभग एक महीने तक की और साक्ष्यों के आधार पर अब कार्रवाई करते हुए आरोपी अजितराज उर्फ राजा मसीह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी) और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।

     प्रशासनिक कामकाज पर उठे सवाल, माहौल तनावपूर्ण

    इस घटना के बाद नगर परिषद बंडा में प्रशासनिक कार्यशैली और भुगतान लंबित मामलों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर इस विवाद ने माहौल को और गर्म कर दिया है। पुलिस जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।