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  • पेट्रोल कार को CNG में कन्वर्ट कराना सही या गलत? खर्च से लेकर माइलेज तक पूरी जानकारी

    पेट्रोल कार को CNG में कन्वर्ट कराना सही या गलत? खर्च से लेकर माइलेज तक पूरी जानकारी


    नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ती पेट्रोल कीमतों के कारण अब बड़ी संख्या में लोग अपनी पेट्रोल कार को CNG में कन्वर्ट करवाने पर विचार कर रहे हैं। CNG कारें कम खर्च में ज्यादा माइलेज देती हैं, इसलिए रोजाना लंबी दूरी तय करने वालों के लिए यह किफायती विकल्प माना जा रहा है। हालांकि, पेट्रोल कार में CNG किट लगवाने से पहले खर्च, सरकारी नियम, फायदे और नुकसान को समझना बेहद जरूरी है।
     हर कार में नहीं लग सकती CNG किट
    सरकारी नियमों के अनुसार, केवल 3.5 टन से कम वजन वाले वाहनों में ही CNG किट लगाई जा सकती है। आमतौर पर हैचबैक, सेडान और कई SUV मॉडल में CNG किट आसानी से फिट हो जाती है। लेकिन यदि कार का इंजन बहुत पुराना या खराब स्थिति में है, तो CNG लगवाना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए पहले वाहन की तकनीकी जांच कराना जरूरी माना जाता है।
    कितना आता है खर्च?
    पेट्रोल कार में CNG किट लगवाने का खर्च आमतौर पर 35 हजार रुपए से 80 हजार रुपए तक हो सकता है। यह कीमत कार के मॉडल, इंजन क्षमता और किट की क्वालिटी पर निर्भर करती है।
    अच्छी और ब्रांडेड किट महंगी जरूर होती है, लेकिन सुरक्षा और बेहतर परफॉर्मेंस के लिहाज से ज्यादा भरोसेमंद मानी जाती है। लोकल और सस्ती किट लगवाने से बाद में इंजन और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में दिक्कतें आ सकती हैं।
    CNG के बड़े फायद
    रनिंग कॉस्ट काफी कम हो जाती है
    1 किलो CNG में बेहतर माइलेज मिलता है
    पेट्रोल के मुकाबले प्रदूषण कम होता है
    रोजाना ज्यादा चलने वाली कारों में बचत तेजी से होती है
    विशेषज्ञों के अनुसार, CNG कार चलाने का खर्च लगभग 2 से 3 रुपए प्रति किलोमीटर तक आता है, जो पेट्रोल कार की तुलना में काफी कम है।
     ये नुकसान भी जानिए
    हालांकि CNG के कुछ नुकसान भी हैं।
    कार की डिक्की में सिलेंडर लगने से बूट स्पेस कम हो जाता है
    कुछ वाहनों में पिकअप और पावर थोड़ी कम महसूस होती है
    गलत तरीके से किट फिट होने पर इंजन और ECU में खराबी आ सकती है
    कई कंपनियां आफ्टरमार्केट CNG किट लगवाने पर वारंटी खत्म कर देती हैं

    अधिकृत सेंटर से ही लगवाएं किट
    विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि CNG किट हमेशा सरकार से प्रमाणित और अधिकृत डीलर से ही लगवानी चाहिए। किट फिट होने के बाद उसका प्रमाणपत्र और बिल लेना जरूरी होता है। इसके बाद वाहन की RC में फ्यूल टाइप अपडेट करवाना पड़ता है। साथ ही इंश्योरेंस कंपनी को भी इसकी जानकारी देना जरूरी होता है, ताकि भविष्य में क्लेम से जुड़ी कोई परेशानी न आए।

     फैक्ट्री फिटेड CNG ज्यादा सुरक्षित
    आजकल कई ऑटो कंपनियां फैक्ट्री फिटेड CNG मॉडल लॉन्च कर रही हैं। इन्हें आफ्टरमार्केट किट की तुलना में ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद माना जाता है। नई कार खरीदने वाले लोग अब सीधे CNG मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं।