Tag: CNG

  • सीएनजी पर एक्साइज ड्यूटी हटाने की सिफारिश से ईंधन को सस्ता और अधिक किफायती बनाने की बड़ी पहल

    सीएनजी पर एक्साइज ड्यूटी हटाने की सिफारिश से ईंधन को सस्ता और अधिक किफायती बनाने की बड़ी पहल

    नई दिल्ली: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और आम उपभोक्ताओं के लिए ईंधन को सस्ता बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है, जिसके तहत एक उच्चस्तरीय समिति ने कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी सीएनजी पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी हटाने की सिफारिश की है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य सीएनजी को अधिक किफायती और आकर्षक ईंधन विकल्प बनाना है, ताकि देश में स्वच्छ ईंधन के उपयोग को तेजी से बढ़ाया जा सके।

    समिति के अनुसार वर्तमान में सीएनजी पर लगभग 14 प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगती है, जिससे इसकी कीमत कई क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक हो जाती है। इस टैक्स को हटाने से सीएनजी की लागत में कमी आएगी और यह पेट्रोल तथा डीजल के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकेगी। इसके साथ ही सीएनजी वाहनों पर वस्तु एवं सेवा कर को घटाकर 5 प्रतिशत करने का सुझाव भी दिया गया है, जिससे उपभोक्ताओं को इस ईंधन की ओर आकर्षित किया जा सके।

    यह पहल देश के उस दीर्घकालिक लक्ष्य से भी जुड़ी है जिसके तहत वर्ष 2030 तक कुल ईंधन खपत में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी को 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि करों में राहत मिलने से न केवल सीएनजी की मांग बढ़ेगी बल्कि यह पर्यावरण के अनुकूल विकल्प के रूप में तेजी से अपनाया जाएगा।

    समिति ने यह भी सुझाव दिया है कि सीएनजी और पेट्रोल के बीच मूल्य अंतर को बनाए रखा जाए, ताकि उपभोक्ता पेट्रोल की जगह सस्ते और स्वच्छ विकल्प के रूप में सीएनजी को प्राथमिकता दें। इससे बड़ी संख्या में परिवारों और व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सीधे आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है।

    वर्तमान स्थिति में कुछ राज्यों में अतिरिक्त करों के कारण सीएनजी की कीमत अधिक हो जाती है, जिससे इसकी लोकप्रियता पर असर पड़ता है। प्रस्तावित कर राहत से इस असंतुलन को दूर करने और पूरे देश में समान रूप से सीएनजी को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

    इसके साथ ही सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस को भी बढ़ावा देने की दिशा में सक्रिय है। बड़ी संख्या में नए कनेक्शन जारी किए जा रहे हैं और उपभोक्ताओं को एलपीजी से पीएनजी की ओर स्थानांतरित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे घरेलू ऊर्जा उपयोग में स्थिरता और सुविधा दोनों बढ़ रही हैं।

    देश में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक क्षेत्रों तक प्राकृतिक गैस की पहुंच सुनिश्चित की जा सके। यह नेटवर्क अब देश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर चुका है और शहरी के साथ साथ अर्ध शहरी क्षेत्रों में भी इसकी पहुंच बढ़ रही है।

    सरकार की यह रणनीति ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक लाभ के बीच संतुलन बनाने पर केंद्रित है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि इन सिफारिशों को लागू किया जाता है तो इससे देश में स्वच्छ ईंधन की खपत को नई गति मिल सकती है और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।

  • पेट्रोल पंपों से मिलेगा केरोसिन, सरकार ने बनाया 2 महीने का बैकअप प्लान

    पेट्रोल पंपों से मिलेगा केरोसिन, सरकार ने बनाया 2 महीने का बैकअप प्लान


    नई दिल्ली!
     जैसे-जैसे मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण दुनिया भर में ऊर्जा की सप्लाई पर दबाव बढ़ रहा है, केंद्र सरकार ने देश में खाना पकाने के फ्यूल की उपलब्धता पर दबाव कम करने के लिए एक अस्थायी तरीका निकाल लिया है. सोमवार को घोषित 60-दिन की आपातकालीन योजना के तहत, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को घर के जरूरी कामों, जैसे खाना पकाने और रोशनी के लिए, अतिरिक्त केरोसिन दिया जाएगा. इस फैसले से यह भी संकेत मिलता है कि 21 ऐसे क्षेत्रों में केरोसिन को थोड़े समय के लिए फिर से शुरू किया जा रहा है, जहां इसे पहले ही चरणबद्ध तरीके से खत्म कर दिया गया था या PDS SKO-फ्री घोषित कर दिया गया था. इस कदम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जिन घरों में LPG की कमी हो रही है, उन्हें ऊर्जा का एक बुनियादी स्रोत मिलता रहे.

    इसे आसान बनाने के लिए, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने केरोसिन-फ्री इलाकों में चुने हुए फ्यूल स्टेशनों को घरेलू इस्तेमाल के लिए ‘सुपीरियर केरोसिन ऑयल’ (SKO) रखने और बेचने की मंजूरी दी है. नोटिफिकेशन के मुताबिक, हर जिले में ज्यादा से ज़्यादा दो फ्यूल स्टेशनों को-बेहतर होगा कि वे पब्लिक सेक्टर की तेल कंपनियों के अपने आउटलेट हों—पांच हजार लीटर तक केरोसिन रखने की इजाजत होगी. इस प्रोसेस को तेज करने के लिए, डीलर्स और ट्रांसपोर्टर्स के लिए लाइसेंस से जुड़ी कुछ शर्तों में ढील दी गई है, हालांकि सुरक्षा और निगरानी के नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे.

    मंत्रालय ने साफ किया है कि यह नियम सिर्फ उस केरोसिन के लिए है जिसका इस्तेमाल घरों में खाना पकाने और रोशनी के लिए किया जाता है. यह फैसला तब लिया गया जब सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए तय कोटे के अलावा 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन मंजूर किया. स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि वे जिला-स्तर पर केरोसिन बांटने के लिए जगहें तय करें. इससे पहले, 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को SKO बांटने के आदेश मिले थे, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने कहा था कि उन्हें ऐसे किसी कोटे की जरूरत नहीं है. इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, गुजरात और राजस्थान जैसे इलाके शामिल हैं.

    इसके साथ ही, एनर्जी सप्लाई चेन में होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए निगरानी और सख्त कर दी गई है. अधिकारियों ने हाल के दिनों में लगभग 2,900 जगहों पर छापे मारे हैं और जमाखोरी व कालाबाजारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए लगभग 1,000 सिलेंडर जब्त किए हैं. राज्यों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे निगरानी बढ़ाएं, रोजाना मीटिंग करें, गलत जानकारियों का खंडन करें और गैस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मंजूरी देने का काम तेज करें. बयान में कहा गया है कि सरकार जनता से एक बार फिर अपील करती है कि वे अफ़वाहों पर ध्यान न दें.

    इन सब बातों के बीच, कुछ कंज्यूमर्स ने LPG का इस्तेमाल छोड़कर दूसरे विकल्पों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है. शनिवार तक, 6,000 ‘पाइप्ड नेचुरल गैस’ (PNG) इस्तेमाल करने वालों ने अपने LPG कनेक्शन वापस कर दिए थे. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने ‘X’ पर लिखा कि कल तक 6,000 PNG इस्तेमाल करने वालों ने अपने LPG कनेक्शन वापस कर दिए! उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद!!

    सप्लाई मैनेजमेंट के मामले में, सरकार ने घरेलू और ट्रांसपोर्ट की ज़रूरतों को सबसे ज़्यादा अहमियत दी है, और PNG व CNG सेक्टर के लिए पूरा कोटा सुनिश्चित किया है. फिलहाल, इंडस्ट्रियल और कमर्शियल इस्तेमाल करने वालों को उनकी औसत खपत का लगभग 80 फीसदी हिस्सा मिल रहा है, जबकि खाद बनाने वाले कारखाने 7075 फीसदी क्षमता पर काम कर रहे हैं. एक सरकारी बयान के अनुसार, ईंधन और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयासों के तहत अतिरिक्त LNG कार्गो की भी व्यवस्था की जा रही है.

  • नया साल 2026 CNG PNG के दाम घटेंगे रेलवे रिजर्वेशन में बदलाव NPS निवेशकों को राहत

    नया साल 2026 CNG PNG के दाम घटेंगे रेलवे रिजर्वेशन में बदलाव NPS निवेशकों को राहत


    नई दिल्ली । नया साल 2026 आपके लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों और राहतों के साथ आ रहा है। इन बदलावों से आम आदमी की जिंदगी में राहत मिलेगी खासकर सीएनजी और पीएनजी के दामों में कटौती रेलवे रिजर्वेशन में नए नियम और राष्ट्रीय पेंशन योजना NPS के निवेशकों के लिए राहत।
    सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में कटौती
    1 जनवरी 2026 से संपीडित प्राकृतिक गैस CNG और घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस PNG के दामों में कटौती हो सकती है। सीएनजी की कीमतें दो से ढाई रुपये तक घट सकती हैं जबकि पीएनजी के दाम में करीब दो रुपये तक की कमी आ सकती है। इसके अलावा पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड PNGRB ने गैस के परिवहन शुल्क को सरल और तर्कसंगत बनाने का फैसला किया है। पहले यह शुल्क दूरी के हिसाब से तीन हिस्सों में बांटा गया था अब इसे दो हिस्सों में बांटा जाएगा। इससे 40 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों और 312 भौगोलिक क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा।यह परिवर्तन गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आएगा और उनकी जीवनशैली को और भी किफायती बनाएगा।
    रेलवे रिजर्वेशन में बदलाव
    रेलवे बोर्ड ने रिजर्वेशन चार्ट बनाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट 10 से 12 घंटे पहले तैयार किया जाएगा। इससे यात्रियों को यह जानने में आसानी होगी कि उनका टिकट कंफर्म हुआ है या नहीं खासकर दूरदराज क्षेत्रों से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बहुत सहूलियतपूर्ण रहेगा। पहले ट्रेन खुलने से चार घंटे पहले रिजर्वेशन चार्ट तैयार किया जाता था जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था अब सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक की ट्रेनों का रिजर्वेशन चार्ट एक दिन पहले रात 8 बजे तैयार किया जाएगा। यह बदलाव यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगा खासकर यात्रा की प्लानिंग को लेकर।
    NPS निवेशकों के लिए राहत
    पीएफआरडीए ने राष्ट्रीय पेंशन योजना NPS के निवेशकों के लिए एक बड़ा बदलाव किया है। अब गैर सरकारी NPS खाताधारकों को पेंशन प्लान एन्युटी में सिर्फ 20 फीसदी राशि निवेश करनी होगी। शेष 80 फीसदी राशि को एकमुश्त या किश्तों में निकाला जा सकेगा। यह नियम 15 साल NPS में निवेश करने वालों और 60 वर्ष की उम्र पार करने या रिटायर होने वाले निवेशकों के लिए लागू होगा। पहले के नियमों के तहत निवेशक को 40 फीसदी राशि पेंशन प्लान में डालने की बाध्यता थी लेकिन अब 20 फीसदी राशि से काम चल जाएगा।
    इसके अलावा 8 लाख रुपये तक की कुल राशि पर पूरी निकासी की अनुमति दी जाएगी। हालांकि सरकारी कर्मचारियों के लिए पुराने नियम लागू रहेंगे। 2026 का नया साल देशवासियों के लिए खुशखबरी लेकर आ रहा है। गैस की कीमतों में कमी रेलवे के रिजर्वेशन चार्ट में बदलाव और NPS निवेशकों के लिए नए नियम ये सभी बदलाव आम जनता के लिए बड़ी राहत साबित होंगे। इस साल का आगमन नए अवसर और सस्ती सेवाओं के साथ होगा जिससे लोगों की जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव आएगा।