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  • भारतीय खेलों को नई दिशा देने की तैयारी, कोचों के लिए राष्ट्रीय मान्यता प्रणाली विकसित करेगा खेल मंत्रालय, NCAB गठन की प्रक्रिया शुरू

    भारतीय खेलों को नई दिशा देने की तैयारी, कोचों के लिए राष्ट्रीय मान्यता प्रणाली विकसित करेगा खेल मंत्रालय, NCAB गठन की प्रक्रिया शुरू

    नई दिल्ली । भारतीय खेलों की कोचिंग व्यवस्था में व्यापक सुधार लाने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने संकेत दिए हैं कि देशभर में कोचिंग की गुणवत्ता को एक समान और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नेशनल कोच एक्रेडिटेशन बोर्ड (NCAB) की स्थापना की तैयारी की जा रही है। यह पहल पुलेला गोपीचंद की अध्यक्षता वाली टास्क फोर्स की सिफारिशों पर आधारित है, जिसने भारतीय खेल तंत्र में कोचिंग सुधारों के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे।

    खेल मंत्रालय द्वारा गठित नौ सदस्यीय टास्क फोर्स ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट इसी वर्ष जनवरी में सौंपी थी। रिपोर्ट में कोचों के प्रशिक्षण, मूल्यांकन, प्रमाणन और प्रशासनिक निगरानी के लिए एक केंद्रीय संस्था की आवश्यकता पर बल दिया गया था। इसी के आधार पर अब मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐसी व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है जो कोचिंग मानकों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बना सके।

    मंडाविया ने कहा कि भविष्य में कोचिंग को खेल विज्ञान के साथ और अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ा जाएगा। उनका मानना है कि आधुनिक खेलों में विज्ञान आधारित प्रशिक्षण की भूमिका लगातार बढ़ रही है, लेकिन कई मामलों में नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों का पूरा लाभ खिलाड़ियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। ऐसे में कोचों को भी आधुनिक प्रशिक्षण पद्धतियों के अनुरूप तैयार करना आवश्यक हो गया है।

    टास्क फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में सुझाव दिया था कि प्रस्तावित NCAB केवल एक प्रशासनिक संस्था नहीं होगा, बल्कि भारतीय कोचिंग तंत्र के लिए केंद्रीय समन्वयक की भूमिका निभाएगा। यह संस्था प्रशिक्षण मानकों का निर्धारण करेगी, जवाबदेही सुनिश्चित करेगी और खेल मंत्रालय, राष्ट्रीय खेल महासंघों, शिक्षण संस्थानों तथा ओलंपिक आंदोलन से जुड़े संगठनों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करेगी।

    वर्तमान समय में ओलंपिक खेलों के लिए अधिकांश कोचिंग प्रशिक्षण पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान के माध्यम से संचालित होता है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि देशभर में कोचिंग की गुणवत्ता और प्रशिक्षण प्रक्रियाओं में एकरूपता की कमी है। इसी चुनौती को दूर करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नई संरचना तैयार की जा रही है।

    मंत्रालय ने बताया कि NCAB के कार्यान्वयन के लिए प्रशासनिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही राष्ट्रीय कोच रजिस्ट्री, ऑनलाइन एक्रेडिटेशन पोर्टल और समर्पित हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाओं पर भी काम शुरू हो चुका है। इन पहलों का उद्देश्य कोचों की पेशेवर पहचान को मजबूत करना और उनके विकास के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

    खेल मंत्रालय ने कोचिंग संसाधनों के विस्तार पर भी विशेष जोर दिया है। मंत्री ने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण में रिक्त पड़े 700 से अधिक कोचिंग पदों को वर्ष के अंत तक भरने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए भर्ती प्रक्रिया को तेज किया गया है और अनुभवी ओलंपियन खिलाड़ियों को भी कोचिंग प्रणाली से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। अब तक लगभग 250 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी हैं।

    इसी क्रम में पूर्वोत्तर भारत में खेल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए शिलांग में 150 करोड़ रुपये की लागत से हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग सेंटर विकसित किया जा रहा है। यह केंद्र अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार होगा और विभिन्न खेलों के खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं प्रदान करेगा। सरकार का मानना है कि इन पहलों से भारत की खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण वातावरण मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रदर्शन और मजबूत होगा।

  • पटना में खान सर कोचिंग सेंटर पर हमला: फायरिंग और तोड़फोड़ के बाद 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा

    पटना में खान सर कोचिंग सेंटर पर हमला: फायरिंग और तोड़फोड़ के बाद 3 आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा


    नई दिल्ली।
    बिहार की राजधानी पटना में स्थित चर्चित शिक्षक खान सर के कोचिंग संस्थान पर हुए हमले और कथित फायरिंग की घटना ने पूरे राज्य में चर्चा का विषय बना दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक कोचिंग संस्थान का संचालक भी शामिल बताया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच कई स्तरों पर की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का दावा है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार रात पटना के मुसल्लहपुर हाट इलाके में हुई, जहां खान सर का कोचिंग संस्थान स्थित है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देर शाम कुछ लोग समूह बनाकर कोचिंग परिसर के बाहर पहुंचे और वहां हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने संस्थान के बाहर और अंदर तोड़फोड़ की, पोस्टर और प्रचार सामग्री को नुकसान पहुंचाया तथा कार्यालय परिसर में भी अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की। घटना के दौरान ईंट-पत्थर चलने की भी सूचना सामने आई है। इस हमले में संस्थान में तैनात एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया, जिसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में गश्त बढ़ा दी है और कोचिंग संस्थान के बाहर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अवांछित गतिविधि को रोकने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा और बड़ी संख्या में छात्र तथा स्थानीय लोग वहां एकत्रित हो गए।

    इस मामले में खान सर ने कुछ प्रतिस्पर्धी कोचिंग संस्थानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कम फीस और बेहतर शैक्षणिक परिणामों के कारण उनका संस्थान छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है, जिससे कुछ लोग असहज महसूस कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले भी कई बार धमकियां मिल चुकी थीं और हाल के दिनों में संस्थान को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी भी दी गई थी। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी दावों और आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी।

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में पोस्टर और प्रचार सामग्री को लेकर विवाद की बात सामने आई है। अधिकारियों ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जब्त कर ली है और उसकी गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि घटना पूर्व नियोजित थी या किसी विवाद के बाद अचानक हुई। कथित फायरिंग की बात को लेकर भी जांच जारी है और पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर तथ्य जुटा रही है। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी।

    घटना के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल देखने को मिला। कई छात्रों ने शिक्षा संस्थानों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं और प्रशासन से सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं संस्थान प्रबंधन ने स्थिति सामान्य होने तक कुछ दिनों के लिए कक्षाएं स्थगित रखने का निर्णय लिया है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के दायरे में लाया जाएगा। पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल पटना का यह मामला शिक्षा जगत और राजनीतिक हलकों दोनों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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  • एशेज सीरीज हारने के बाद इंग्लैंड के हेड कोच ब्रैंडन मैकुलम ने की आलोचना बोले मेरे हाथ में कुछ नहीं

    एशेज सीरीज हारने के बाद इंग्लैंड के हेड कोच ब्रैंडन मैकुलम ने की आलोचना बोले मेरे हाथ में कुछ नहीं


    नई दिल्ली । एडिलेड ऑस्ट्रेलिया इंग्लैंड की टीम को एक और एशेज सीरीज हार का सामना करना पड़ा है। महज 11 दिनों में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराया और पहले दो टेस्ट तो सिर्फ 6 दिन में ही समाप्त हो गए थे। हालांकि तीसरे टेस्ट में इंग्लैंड ने थोड़ी सी लड़ाई जरूर दिखाई लेकिन सीरीज का निर्णय एडिलेड में ही हो गया। इस हार के बाद इंग्लैंड के हेड कोच ब्रैंडन मैकुलम की आलोचना हो रही है।

    तीसरे टेस्ट मैच के बाद जब मैकुलम से पूछा गया कि क्या वह इंग्लैंड के हेड कोच पद से इस्तीफा देंगे तो उन्होंने जवाब दिया कि यह फैसला उनके हाथ में नहीं है। मैकुलम ने कहा “मुझे नहीं पता। असल में यह फैसला मेरे हाथ में नहीं है है ना, मैं सिर्फ अपनी तरफ से काम करता रहूंगा जो भी मैंने सीखा है उसे लागू करने की कोशिश करूंगा और टीम के साथ सामंजस्य बैठाऊंगा।

    मैकुलम ने कहा कि इस काम में मजा आता है और यह एक बेहतरीन अनुभव है।आप दुनिया भर में टीम के साथ यात्रा करते हैं और रोमांचक क्रिकेट खेलते हैं। हम कुछ विशेष हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं उन्होंने कहा। इंग्लैंड का खेल इस बार काफी अलग था। उनकी टीम बैजबॉल की पारंपरिक शैली से हटकर खेल रही थी जिसमें स्कोरिंग रेट पर कम ध्यान दिया गया। मैकुलम ने इस बारे में कहा “हमने कभी नहीं कहा कि हमें 5.5-6 ओवर की रफ्तार से रन बनाने होंगे। हमारा उद्देश्य खेल की स्थिति को समझना और रिस्क को पहचानना था।

    मैकुलम ने यह भी कहा कि उनका फोकस हमेशा टीम के खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकालने पर रहा है। उन्होंने कहा “मेरे लिए यह खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ निकलवाने की कोशिश करना है। बाकी के फैसले तो दूसरों पर निर्भर करते हैं। जब मैंने काम शुरू किया था तब से लेकर अब तक टीम में बहुत तरक्की हुई है।इंग्लैंड का बैजबॉल तरीका जो पिछले कुछ समय से चर्चा में रहा है उसे लेकर मैकुलम ने कहा “यह तरीका किसी खास स्कोरिंग रेट के बारे में नहीं था। हमने जो रणनीति बनाई वह खिलाड़ियों के कौशल और टैलेंट पर आधारित थी। जब तक मैं इस काम में हूं यह तरीका नहीं बदलेगा।”

    कुल मिलाकर इंग्लैंड की टीम के लिए यह एशेज सीरीज एक और निराशाजनक अनुभव रही है। हालांकि मैकुलम का कहना है कि यह एक प्रक्रिया है और टीम को सुधार की दिशा में काम करना जारी रखना होगा।
    इस हार के बावजूद मैकुलम और इंग्लैंड की टीम आगे की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि अगले कुछ महीनों में इंग्लैंड किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या वे अपनी रणनीतियों में बदलाव करते हैं या नहीं।