Tag: Cockroach Janata Party

  • कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में उतरा वैष्णव किन्नर अखाड़ा, प्रमुख बोलीं- ‘सच से क्यों डरना?’

    कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में उतरा वैष्णव किन्नर अखाड़ा, प्रमुख बोलीं- ‘सच से क्यों डरना?’

    मथुरा। वृंदावन में वैष्णव किन्नर अखाड़ा की प्रमुख हिमांगी सखी ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के समर्थन में बयान देकर नई चर्चा छेड़ दी। पुरुषोत्तम मास के दौरान ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचीं हिमांगी सखी ने कहा कि यह ऑनलाइन समूह देश में फैले भ्रष्टाचार और सामाजिक अव्यवस्थाओं को उजागर करने का काम कर रहा है।

    मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि समाज को सच दिखाने वालों से घबराने की बजाय उनका सामना करना चाहिए। उनके मुताबिक, डर केवल उन्हीं लोगों को लगता है जिनके भीतर गलत काम छिपे होते हैं, जबकि ईमानदार व्यक्ति को किसी प्रकार का भय नहीं होना चाहिए।

    हिमांगी सखी ने कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ युवाओं द्वारा बनाई गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार और सामाजिक गंदगी के खिलाफ आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि आज का युवा सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर पहले से अधिक जागरूक है और सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात प्रभावी ढंग से सामने रख रहा है।

    उन्होंने इस पहल को लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ खुलकर बोलना जरूरी है। हिमांगी सखी ने सार्वजनिक रूप से इस संगठन का समर्थन करते हुए कहा कि वह किन्नर जगद्गुरु शंकराचार्य के रूप में इस मुहिम के साथ खड़ी हैं।

    उन्होंने यह भी दावा किया कि कम समय में इस संगठन ने वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है, जो इस बात का संकेत है कि लोग बदलाव और नई सोच को स्वीकार कर रहे हैं।

    हिमांगी सखी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। कुछ लोगों ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ साहसिक पहल बताया, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक और सामाजिक विवादों से जोड़कर देखा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका समर्थन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता और पारदर्शिता के समर्थन में है।

    वृंदावन में दिए गए इस बयान के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

  • कॉकरोच जनता पार्टी’ पर भड़के रैपर सैंटी शर्मा, बोले- देश को इंटरनेट ड्रामा नहीं, असली मुद्दों पर बहस चाहिए

    कॉकरोच जनता पार्टी’ पर भड़के रैपर सैंटी शर्मा, बोले- देश को इंटरनेट ड्रामा नहीं, असली मुद्दों पर बहस चाहिए

    नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ ट्रेंड को लेकर अब विवाद और भी गहरा गया है। इस पूरे मामले में चर्चित रैपर और गीतकार सैंटी शर्मा ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस वायरल ट्रेंड को गंभीर राजनीतिक आंदोलन मानने से इनकार करते हुए इसे “इंटरनेट ड्रामा” करार दिया है। साथ ही उन्होंने इसके पीछे काम कर रहे लोगों और उनके इरादों पर भी सवाल उठाए हैं।

    सैंटी शर्मा का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भावनाओं को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी बिना किसी तथ्य की जांच किए इंटरनेट पर चल रहे ट्रेंड्स को आंख बंद करके फॉलो करने लगी है, जो समाज और देश दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। उनके मुताबिक, किसी भी आंदोलन या विचारधारा को समझने से पहले उसकी पृष्ठभूमि और उद्देश्य को जानना बेहद जरूरी है।

    रैपर ने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि असली सामाजिक मुद्दों पर काम करने के बजाय सोशल मीडिया के जरिए केवल नैरेटिव तैयार किया जा रहा है। सैंटी शर्मा ने कहा कि अगर कोई खुद को राष्ट्रवादी बताता है, तो उसे रोजगार, शिक्षा, विकास, तकनीक और राष्ट्रीय एकता जैसे विषयों पर काम करना चाहिए, न कि केवल इंटरनेट पर आक्रोश फैलाना चाहिए।

    उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को उग्र विरोध और सड़क राजनीति की ओर धकेलना सही नहीं है। सैंटी शर्मा के अनुसार लोकतंत्र में हर राजनीतिक दल की आलोचना की जा सकती है, लेकिन देश को केवल विरोध और गुस्से की राजनीति से आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि लगातार नफरत और भड़काऊ माहौल तैयार करने से समाज में अस्थिरता बढ़ती है और इससे देश के विकास पर असर पड़ता है।

    सैंटी शर्मा ने सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ संदिग्ध अकाउंट्स को लेकर भी चिंता जाहिर की। उनका कहना है कि कई बार ऐसे ट्रेंड्स को बाहरी ताकतों और देश विरोधी सोच रखने वाले अकाउंट्स से भी समर्थन मिलता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी वायरल अभियान का हिस्सा बनने से पहले उसकी सच्चाई को जरूर परखें।

    इस पूरे विवाद के बाद लोग यह जानना भी चाहते हैं कि आखिर सैंटी शर्मा कौन हैं। मध्य प्रदेश के रतलाम से आने वाले सैंटी शर्मा का असली नाम गणेश शर्मा है। उन्होंने देसी हिप-हॉप और रैप म्यूजिक की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। साल 2014 के आसपास उन्होंने अपने संगीत करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उनके स्वतंत्र गानों ने युवाओं के बीच अच्छी लोकप्रियता हासिल की। बाद में उन्होंने कमर्शियल म्यूजिक की दुनिया में भी कदम रखा और कई चर्चित रैप ट्रैक्स दिए।

    अपने अनोखे अंदाज और बेबाक बयानों की वजह से सैंटी शर्मा अक्सर चर्चा में रहते हैं। इससे पहले भी वह कई विवादित मुद्दों पर अपनी राय रख चुके हैं। हाल ही में उन्होंने संगीत इंडस्ट्री से जुड़े एक विवाद में भी खुलकर प्रतिक्रिया दी थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी काफी चर्चा हुई थी।

    फिलहाल, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ को लेकर दिया गया उनका बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सवाल उठाने वाला बयान बता रहे हैं। हालांकि सैंटी शर्मा का साफ कहना है कि भारत को इंटरनेट पर फैलने वाले आक्रोश से ज्यादा रचनात्मक बहस और समाधान आधारित सोच की जरूरत है।

  • डिजिटल पॉलिटिक्स में बड़ा विवाद, वायरल ‘कॉकरोच पार्टी’ के पीछे AAP लिंक के दावे से मचा हड़कंप

    डिजिटल पॉलिटिक्स में बड़ा विवाद, वायरल ‘कॉकरोच पार्टी’ के पीछे AAP लिंक के दावे से मचा हड़कंप

    नई दिल्ली। देश की राजनीति और सोशल मीडिया की दुनिया में इन दिनों एक अनोखा डिजिटल अभियान चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जिसका नाम है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’। मीम्स और व्यंग्य के सहारे शुरू हुआ यह अभियान अचानक इतना वायरल हो गया कि इसने बड़े राजनीतिक दलों की ऑनलाइन मौजूदगी को भी पीछे छोड़ दिया। लेकिन अब यही अभियान राजनीतिक विवादों के घेरे में आ गया है और इसके कथित राजनीतिक संबंधों को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर यह चर्चा तेज हो गई कि इसके पीछे आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ पुराने संबंध हो सकते हैं। अभियान के संस्थापक अभिजीत दीपके का नाम सामने आने के बाद यह बहस और तेज हो गई, क्योंकि बताया जा रहा है कि उनका अतीत में आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया और चुनावी कैंपेन से जुड़ाव रहा है। इसके बाद सोशल मीडिया पर यह सवाल उठने लगे कि क्या यह पूरी तरह स्वतंत्र डिजिटल प्रयोग है या इसके पीछे किसी राजनीतिक दल का अप्रत्यक्ष प्रभाव मौजूद है।

    इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब पूर्व नौकरशाह आशीष जोशी ने इस अभियान को शुरू में समर्थन देने के बाद अपना रुख बदल लिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह सवाल उठाया कि क्या यह अभियान वास्तव में स्वतंत्र है या किसी राजनीतिक संगठन से जुड़ा हुआ है। स्पष्ट जवाब न मिलने के बाद उन्होंने खुद को इस अभियान से अलग कर लिया और कहा कि वे किसी ऐसे मंच का हिस्सा नहीं बनना चाहते जिसकी राजनीतिक स्वतंत्रता पर संदेह हो।

    इसी बीच, सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की लोकप्रियता तेजी से बढ़ती रही और इसके फॉलोअर्स की संख्या लाखों से आगे बढ़कर करोड़ों में पहुंच गई। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी मौजूदगी ने इसे एक नए तरह के राजनीतिक व्यंग्य और ऑनलाइन आंदोलन के रूप में स्थापित कर दिया है, जहां मीम्स के जरिए पारंपरिक राजनीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

    विवाद तब और गहरा गया जब आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया द्वारा इस अभियान के समर्थन में एक वीडियो साझा किया गया। इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई कि क्या यह डिजिटल अभियान किसी राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा है। इसके बाद पुराने सोशल मीडिया पोस्ट भी सामने आने लगे, जिनमें संस्थापक के राजनीतिक संबंधों को लेकर नए सवाल खड़े किए गए।

    हालांकि, अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह एक व्यंग्यात्मक और स्वतंत्र डिजिटल पहल है, जिसका उद्देश्य राजनीतिक व्यवस्था पर सवाल उठाना है, न कि किसी दल विशेष का समर्थन करना। उनका दावा है कि इसे केवल एक मीम-आधारित आंदोलन के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि किसी औपचारिक राजनीतिक संगठन के रूप में।

    इस पूरे घटनाक्रम ने डिजिटल राजनीति की नई परिभाषा पर बहस छेड़ दी है, जहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब केवल मनोरंजन या संवाद का माध्यम नहीं रहे, बल्कि राजनीतिक प्रभाव और जनमत निर्माण के नए केंद्र बनते जा रहे हैं।

    फिलहाल, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ विवाद और लोकप्रियता दोनों के बीच फंसी नजर आ रही है। एक ओर इसकी बढ़ती फैन फॉलोइंग इसे डिजिटल पॉलिटिकल ट्रेंड का बड़ा उदाहरण बना रही है, वहीं दूसरी ओर इसके राजनीतिक संबंधों को लेकर उठ रहे सवाल इसकी पारदर्शिता पर लगातार बहस को जन्म दे रहे हैं।

  • ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की एंट्री से सियासत गरम, 2029 चुनाव और केजरीवाल संग गठजोड़ पर अभिजीत ने दिया बयान

    ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की एंट्री से सियासत गरम, 2029 चुनाव और केजरीवाल संग गठजोड़ पर अभिजीत ने दिया बयान


    नई दिल्ली।
    सोशल मीडिया पर अचानक उभरी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ इन दिनों राजनीतिक और डिजिटल दोनों मंचों पर चर्चा का विषय बनी हुई है। इस आंदोलन के पीछे 30 वर्षीय अभिजीत दीपके हैं, जिन्होंने हाल ही में बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर्स किया है। उनका दावा है कि यह सिर्फ एक पार्टी नहीं, बल्कि देश के युवाओं की नाराजगी और हताशा की आवाज है।

    अभिजीत ने बताया कि कुछ दिन पहले तक वह अमेरिका में नौकरी के लिए आवेदन कर रहे थे, लेकिन चीफ जस्टिस की उस टिप्पणी ने उन्हें झकझोर दिया जिसमें सोशल मीडिया पर सक्रिय युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवी’ से की गई थी। इसी के बाद उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि अगर यही बयान किसी राजनीतिक नेता ने दिया होता तो शायद इतना असर नहीं होता, लेकिन जब संविधान की रक्षा करने वाले पद पर बैठा व्यक्ति ऐसी टिप्पणी करे तो युवाओं को चोट पहुंचना स्वाभाविक है।

    अभिजीत के मुताबिक, पार्टी को शुरू हुए महज कुछ ही दिनों में लाखों लोग इससे जुड़ गए। इंस्टाग्राम पर पार्टी के 33 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं, जबकि वेबसाइट पर लाखों युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। उनका कहना है कि यह किसी प्रायोजित अभियान का नतीजा नहीं, बल्कि युवाओं के भीतर जमा गुस्से का विस्फोट है।

    अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी से रिश्तों को लेकर भी अभिजीत ने खुलकर बात की। उन्होंने माना कि वह 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी के कम्युनिकेशन विभाग से जुड़े थे और शिक्षा-स्वास्थ्य मॉडल से प्रभावित होकर काम किया था। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फिलहाल उनकी नई मुहिम किसी भी पारंपरिक राजनीतिक दल से दूरी बनाए रखना चाहती है।

    केजरीवाल के समर्थन को लेकर उन्होंने कहा कि कोई भी समर्थन दे सकता है, लेकिन ‘जेन-जी’ के युवा नहीं चाहते कि इस आंदोलन पर किसी स्थापित पार्टी की छाया पड़े। 2029 के चुनाव लड़ने के सवाल पर अभिजीत ने कहा कि अभी इस पर फैसला लेना जल्दबाजी होगी। पहले युवाओं की राय ली जाएगी और उसी आधार पर आगे की रणनीति तय होगी। उनका कहना है कि मौजूदा राजनीति युवाओं की असली समस्याओं से दूर हो चुकी है और अब राजनीतिक विमर्श बदलने की जरूरत है।

    कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी वेबसाइट पर पांच सूत्रीय एजेंडा भी जारी किया है। इसमें न्यायपालिका और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता, महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व, मीडिया स्वामित्व पर सवाल और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दे शामिल हैं। अभिजीत का कहना है कि यह एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था की दिशा में सोच है।

    उन्होंने मौजूदा राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में वर्षों से हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दों पर राजनीति हो रही है, जबकि युवाओं के सामने रोजगार, शिक्षा, तकनीक और भविष्य जैसे बड़े सवाल खड़े हैं। उन्होंने ‘नीट पेपर लीक’ मामले का जिक्र करते हुए कहा कि सिस्टम की विफलता ने कई युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है।

    अभिजीत ने दावा किया कि यह आंदोलन केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहेगा। उनका कहना है कि देश के युवा अब अपनी आवाज लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाने के लिए तैयार हैं। फंडिंग और संगठनात्मक ढांचे को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल टीम रणनीति तैयार कर रही है और जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। उनका उद्देश्य एक स्वतंत्र और लंबे समय तक चलने वाला युवा आंदोलन खड़ा करना है।