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  • घी में नारियल तेल और शहद मिलाकर घर पर बनाएं नेचुरल लिप बाम, रूखे और फटे होंठों की देखभाल में आएगा काम

    घी में नारियल तेल और शहद मिलाकर घर पर बनाएं नेचुरल लिप बाम, रूखे और फटे होंठों की देखभाल में आएगा काम


    नई दिल्ली ।
    बदलते मौसम, तेज धूप, हवा और होंठों की पर्याप्त देखभाल नहीं होने के कारण अक्सर लिप्स रूखे और फटने लगते हैं। ऐसे में होंठों को नमी देने के लिए लोग अलग-अलग तरह के लिप बाम का इस्तेमाल करते हैं। अगर आप घर पर उपलब्ध चीजों से आसान लिप केयर तैयार करना चाहते हैं, तो देसी घी से बना लिप बाम एक विकल्प हो सकता है।

    घी त्वचा को मुलायम बनाए रखने में मदद करने वाले फैट का स्रोत है। इसके साथ नारियल तेल मिलाने से मिश्रण में चिकनाई और मॉइस्चराइजिंग गुण बढ़ जाते हैं। शहद भी होंठों को नमी देने में मदद कर सकता है। इन चीजों को सही मात्रा में मिलाकर घर पर एक साधारण लिप बाम तैयार किया जा सकता है।

    इसके लिए चार बड़े चम्मच देसी घी, दो बड़े चम्मच नारियल तेल और एक बड़ा चम्मच शहद लिया जा सकता है। खुशबू के लिए कुछ बूंदें लैवेंडर या पुदीना एसेंशियल ऑयल की मिलाने का विकल्प भी रखा जा सकता है। हालांकि, संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को एसेंशियल ऑयल का इस्तेमाल करने से पहले विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    लिप बाम बनाने के लिए सबसे पहले एक साफ छोटे बर्तन में देसी घी और नारियल तेल डालें। दोनों चीजों को धीमी आंच पर हल्का गर्म करें, ताकि वे अच्छी तरह पिघलकर एकसार हो जाएं। मिश्रण को बहुत ज्यादा गर्म करने की जरूरत नहीं है। दोनों चीजें पिघलने के बाद इसे कुछ देर ठंडा होने दें।

    जब मिश्रण हल्का ठंडा हो जाए, तब इसमें शहद डालकर अच्छी तरह मिला दें। अगर एसेंशियल ऑयल इस्तेमाल करना चाहते हैं तो इस चरण में उसकी कुछ बूंदें डाली जा सकती हैं। सभी सामग्री अच्छी तरह मिल जाने के बाद मिश्रण को साफ और पूरी तरह सूखे छोटे कंटेनर में भर दें।

    तैयार मिश्रण को कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रखने से यह जमकर बाम जैसी बनावट ले सकता है। जमने के बाद इसे जरूरत के अनुसार होंठों पर लगाया जा सकता है। खासकर रात में सोने से पहले इसकी हल्की परत लगाने से होंठों को नमी देने में मदद मिल सकती है।

    इस घरेलू लिप बाम को बनाते समय स्वच्छता का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। जिस कंटेनर में इसे रखा जाए, वह साफ और सूखा होना चाहिए। गीले या गंदे कंटेनर में रखने से घरेलू मिश्रण जल्दी खराब हो सकता है। इसे बहुत लंबे समय तक रखने के बजाय कम मात्रा में बनाकर इस्तेमाल करना बेहतर विकल्प है।

    पहली बार इस्तेमाल करने से पहले थोड़ी मात्रा त्वचा के छोटे हिस्से पर लगाकर पैच टेस्ट करना जरूरी है। किसी भी सामग्री से जलन, लालिमा, खुजली या असहजता महसूस हो तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें। खासतौर पर संवेदनशील त्वचा या किसी सामग्री से पहले से एलर्जी होने पर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।

    यह भी ध्यान रखना चाहिए कि होंठों का बार-बार फटना केवल रूखेपन की वजह से नहीं होता। मौसम, पानी की कमी, होंठों को बार-बार चाटने की आदत या किसी अन्य कारण से भी समस्या हो सकती है। लगातार परेशानी बनी रहे तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।

  • एक गिलास दूध से घर पर बनाएं हलवाई जैसी मिल्क रोल बर्फी, सावन व्रत के लिए रहेगी बेहतरीन मिठाई

    एक गिलास दूध से घर पर बनाएं हलवाई जैसी मिल्क रोल बर्फी, सावन व्रत के लिए रहेगी बेहतरीन मिठाई

    नई दिल्ली । सावन का महीना आते ही घरों में व्रत और पूजा के लिए विशेष व्यंजनों की तैयारी शुरू हो जाती है। ऐसे समय में यदि कम सामग्री और कम समय में स्वादिष्ट मिठाई तैयार करनी हो, तो मिल्क रोल बर्फी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इस मिठाई की खास बात यह है कि इसे केवल एक गिलास दूध और कुछ सामान्य रसोई सामग्री से आसानी से बनाया जा सकता है। इसका स्वाद हलवाई की मिठाइयों जैसा होता है और इसे पहले से बनाकर कई दिनों तक सुरक्षित भी रखा जा सकता है।

    मिल्क रोल बर्फी बनाने के लिए सबसे पहले एक भारी तले की कड़ाही में एक गिलास फुल क्रीम दूध डालकर धीमी आंच पर गर्म करें। इसमें दो छोटे चम्मच देसी घी मिलाएं और दूध को लगातार चलाते हुए पकाएं। जब दूध में हल्का उबाल आने लगे, तब इसमें स्वादानुसार चीनी डालें और मिश्रण को अच्छी तरह घुलने दें। लगातार चलाते रहने से दूध तले में नहीं लगेगा और स्वाद भी बेहतर रहेगा।

    इसके बाद मिश्रण में आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर मिलाएं, जिससे बर्फी में खुशबू और स्वाद दोनों बढ़ जाएंगे। यदि चाहें तो इसमें केसर या गुलाब जल की कुछ बूंदें भी मिला सकते हैं। अब दूध को तब तक पकाएं जब तक वह थोड़ा गाढ़ा न हो जाए। इसके बाद इसमें लगभग डेढ़ सौ ग्राम नारियल का बुरादा डालकर अच्छी तरह मिलाएं। मिश्रण को लगातार चलाते हुए तब तक पकाएं, जब तक वह कड़ाही छोड़ने न लगे और आटे जैसी लोई का रूप न ले ले।

    यदि मिल्क रोल को हल्का पिस्ता फ्लेवर देना चाहते हैं, तो इसमें थोड़ा पिस्ता एसेंस, पिसा हुआ पिस्ता या एक-दो बूंद प्राकृतिक फूड कलर मिला सकते हैं। हालांकि यह पूरी तरह वैकल्पिक है और इसके बिना भी मिठाई का स्वाद शानदार रहता है। मिश्रण तैयार होने के बाद गैस बंद कर दें और इसे कुछ मिनट ठंडा होने दें।

    अब एक साफ बटर पेपर, प्लास्टिक शीट या घी लगी ट्रे तैयार करें। मिश्रण को उस पर फैलाकर बेलनाकार रोल का आकार दें या चाहें तो ट्रे में जमाकर पारंपरिक बर्फी की तरह सेट करें। ऊपर से कटे हुए बादाम, पिस्ता या अन्य सूखे मेवे हल्के हाथ से दबाकर लगा दें। इसके बाद इसे लगभग आधे घंटे के लिए फ्रिज में रख दें ताकि मिठाई अच्छी तरह जम जाए।

    जब रोल पूरी तरह सेट हो जाए तो इसे मनचाहे आकार में काट लें। तैयार मिल्क रोल बर्फी का स्वाद बेहद मुलायम, हल्का और समृद्ध होता है। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को पसंद आती है और व्रत, पूजा, त्योहार या मेहमानों के स्वागत के लिए भी उपयुक्त रहती है। यदि इसे एयरटाइट डिब्बे में रखकर फ्रिज में रखा जाए, तो यह लगभग एक सप्ताह तक ताजा बनी रह सकती है। इसलिए सावन के सोमवार, पूजा-पाठ या अन्य धार्मिक अवसरों के लिए इसे पहले से तैयार करके आसानी से उपयोग किया जा सकता है।

  • हेयर फॉल कम करने के लिए अपनाएं घरेलू नुस्खा, नारियल तेल में बरगद की छाल मिलाकर करें इस्तेमाल; जानें सही तरीका

    हेयर फॉल कम करने के लिए अपनाएं घरेलू नुस्खा, नारियल तेल में बरगद की छाल मिलाकर करें इस्तेमाल; जानें सही तरीका

    नई दिल्ली । आज की व्यस्त जीवनशैली, बढ़ते प्रदूषण, असंतुलित खान-पान, तनाव और रासायनिक उत्पादों के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण बालों का झड़ना और टूटना एक आम समस्या बन गया है। ऐसे में कई लोग प्राकृतिक और घरेलू उपायों की ओर रुख कर रहे हैं। इन्हीं पारंपरिक उपायों में बरगद की छाल और नारियल तेल का मिश्रण भी शामिल है, जिसे लंबे समय से बालों की देखभाल के लिए उपयोग किया जाता रहा है। माना जाता है कि यह मिश्रण स्कैल्प को पोषण देने और बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है।

    इस घरेलू मिश्रण को तैयार करने के लिए सबसे पहले बरगद की सूखी छाल या जटा को अच्छी तरह साफ कर धूप में पूरी तरह सुखाया जाता है। इसके बाद इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़कर या हल्का कूटकर लगभग 200 से 250 मिलीलीटर नारियल तेल में धीमी आंच पर 15 से 20 मिनट तक पकाया जाता है। जब छाल का अर्क तेल में अच्छी तरह मिल जाए तो गैस बंद कर दी जाती है। ठंडा होने के बाद तेल को छानकर साफ और सूखी कांच की बोतल में सुरक्षित रखा जा सकता है।

    इस तेल का उपयोग सप्ताह में एक या दो बार किया जा सकता है। हल्का गुनगुना करने के बाद इसे स्कैल्प और बालों की जड़ों में धीरे-धीरे मालिश करते हुए लगाया जाता है। तेल लगाने के बाद इसे कम से कम 30 मिनट से एक घंटे तक बालों में रहने देना चाहिए। कई लोग इसे रातभर लगाकर अगली सुबह हल्के शैम्पू से बाल धोना भी पसंद करते हैं।

    नारियल तेल को लंबे समय से बालों की देखभाल के लिए उपयोग किया जाता रहा है। यह बालों को नमी प्रदान करने, रूखापन कम करने और टूटने से बचाने में सहायक माना जाता है। वहीं, पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार बरगद की छाल में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं जो स्कैल्प को स्वस्थ बनाए रखने और बालों की जड़ों को पोषण देने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, इन दावों की पुष्टि के लिए व्यापक वैज्ञानिक शोध अभी सीमित हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल किसी एक घरेलू उपाय पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, तनाव नियंत्रण और नियमित बालों की देखभाल भी स्वस्थ बालों के लिए जरूरी है। यदि बाल अत्यधिक झड़ रहे हों, स्कैल्प में संक्रमण, खुजली या अन्य गंभीर समस्या हो, तो घरेलू नुस्खों के बजाय त्वचा एवं बाल विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक उचित रहता है।

    इस मिश्रण का पहली बार उपयोग करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करना चाहिए, ताकि किसी संभावित एलर्जी या त्वचा की प्रतिक्रिया का पता चल सके। यदि तेल लगाने के बाद लालपन, जलन, खुजली या किसी प्रकार की असुविधा महसूस हो तो इसका उपयोग तुरंत बंद कर देना चाहिए। स्कैल्प पर घाव, संक्रमण या किसी गंभीर त्वचा रोग की स्थिति में बिना चिकित्सकीय सलाह के ऐसे घरेलू उपाय अपनाने से बचना चाहिए।

    पारंपरिक घरेलू नुस्खे कई लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन इनके परिणाम व्यक्ति की त्वचा, बालों की प्रकृति और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए इन्हें संतुलित जीवनशैली और उचित हेयर केयर रूटीन के साथ अपनाना अधिक लाभकारी माना जाता है।