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  • उत्तर भारत में सर्दी का नया दौर: तीन दिन तक बढ़ेगी ठिठुरन, पहाड़ों में बर्फबारी जारी

    उत्तर भारत में सर्दी का नया दौर: तीन दिन तक बढ़ेगी ठिठुरन, पहाड़ों में बर्फबारी जारी


    नई दिल्ली । उत्तर भारत में सर्दियों ने फिर तेवर दिखा दिए हैं। हाल की बारिश और बर्फबारी के बाद अब शुष्क और ठंडी हवाओं ने मैदानी इलाकों में तापमान तेजी से गिराया है। दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और बिहार में पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही बर्फीली हवाओं का असर महसूस किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 72 घंटे काफी ठंडे रहेंगे।

    घने कोहरे, तेज हवाओं और गिरते तापमान के चलते जनजीवन प्रभावित हो सकता है। पिछले पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर होने के बाद वर्षा में कमी आई है, लेकिन उत्तर-पश्चिम दिशा से 15–35 किलोमीटर प्रति घंटे की ठंडी हवाएं सर्दी को और तेज कर रही हैं। IMD के अनुसार अगले तीन दिनों में कई शहरों में न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक गिर सकता है। पहाड़ी इलाकों में नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ठंड और कोहरे की स्थिति और गंभीर बना सकता है।

    शिमला में बर्फबारी

    हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मंगलवार को हुई जोरदार बर्फबारी ने शहर को पूरी तरह सफेद चादर में ढक दिया। जाखू मंदिर और आसपास के इलाकों में सैलानी बर्फीले नजारों का आनंद ले रहे हैं।

    उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट
    उत्तराखंड मौसम विभाग ने अगले तीन घंटों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सहित कई क्षेत्रों में तेज हवाओं और मध्यम हिमपात की संभावना है। लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

    जम्मू-कश्मीर में बारिश की समस्या

    जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में लगातार बारिश से मुश्किलें बढ़ गई हैं। NH-44 पर संगूर चौक अंडरपास में जलभराव ने यातायात बाधित कर दिया है।

    ठंड क्यों तेज हुई
    IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम से आ रही शुष्क और ठंडी हवाएं, सब-ट्रॉपिकल वेस्टरली जेट स्ट्रीम की सक्रियता और उत्तर पाकिस्तान के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र तापमान तेजी से गिराने का कारण हैं। 24 से 26 जनवरी के बीच उत्तर भारत के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान 3–5 डिग्री तक गिर सकता है। दिन में अधिकतम तापमान 13–17 डिग्री के बीच रहेगा, लेकिन सुबह और रात में ठंड सबसे ज्यादा महसूस होगी।

    अन्‍य राज्‍यों के हाल

    दिल्ली और आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान 10–13 डिग्री तक गिर सकता है। 24–26 जनवरी के बीच हल्के से घने कोहरे की चेतावनी जारी है। 26–28 जनवरी के बीच हल्की बारिश भी हो सकती है। पूर्वी यूपी और बिहार में सुबह घना कोहरा पड़ने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 11–15 डिग्री और अधिकतम 23–26 डिग्री के बीच रहेगा। 26–28 जनवरी के बीच हल्की बारिश हो सकती है। अमृतसर, चंडीगढ़, हिसार और श्रीगंगानगर में घना कोहरा दृश्यता कम कर सकता है। न्यूनतम तापमान 9–13 डिग्री के बीच रहेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 26 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में मौसम सामान्य बना रहेगा और तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

  • ग्वालियर-चंबल में शीतलहर का कहर: MP के 7 जिलों में अलर्ट, 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा

    ग्वालियर-चंबल में शीतलहर का कहर: MP के 7 जिलों में अलर्ट, 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा


    मध्यप्रदेश में ठंड ने एक बार फिर अपना तीखा और कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग इस समय भीषण शीतलहर की चपेट में हैं, जहां बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में सिमटने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग ने रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है और सर्दी दिनभर असर बनाए हुए है।सुबह के समय प्रदेश के 20 से अधिक जिले कोहरे की घनी चादर में लिपटे नजर आए। कहीं हल्का तो कहीं बेहद घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे और हाईवे पर खास सावधानी बरतनी पड़ी। कोहरे और ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन तीन दिन बाद प्रदेश में ठंड की तीव्रता और बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के बाद उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं ज्यादा असर दिखाएंगी, जिससे रात का तापमान और नीचे जाएगा। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा, जहां कड़ाके की सर्दी पड़ने के आसार हैं।पिछली रात प्रदेश के 25 से ज्यादा शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। छतरपुर जिले का खजुराहो लगातार दूसरी रात प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शिवपुरी, राजगढ़, दतिया, नौगांव, रीवा, मंडला, पचमढ़ी और उमरिया जैसे क्षेत्रों में भी पारा 7 डिग्री से नीचे बना रहा, जिससे ठंड का असर और गहरा गया।

    प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में पारा 7.2, इंदौर में 6.9, उज्जैन में 9 और जबलपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। गिरते तापमान के चलते शहरों और गांवों में अलाव जलते नजर आए और लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे।सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत के ऊपर तेज गति से बह रही जेट स्ट्रीम हवाओं का असर मध्यप्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कंपकंपाने वाली ठंड महसूस की जा रही है। अगले दो दिनों तक कोहरा और शीतलहर दोनों की स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें रोजाना घंटों देरी से पहुंच रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और जनशताब्दी जैसी ट्रेनों की टाइमिंग बिगड़ने से भोपाल सहित कई स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।इस बार की सर्दी कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा, दिसंबर ने 25 साल का इतिहास बदल दिया और जनवरी की शुरुआत भी असाधारण रूप से ठंडी रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीजन में ठंड, कोहरा और शीतलहर तीनों का संयुक्त असर देखने को मिल रहा है, जिससे यह सर्दी लंबे समय तक लोगों को परेशान कर सकती है।

  • ग्वालियर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का कहर: 25 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, जनजीवन बेहाल

    ग्वालियर में रिकॉर्ड तोड़ ठंड का कहर: 25 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त, न्यूनतम तापमान 5 डिग्री, जनजीवन बेहाल


    ग्वालियर । ग्वालियर में कड़ाके की ठंड ने इस बार सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जनवरी में बीते 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया, जब अधिकतम तापमान गिरकर सिर्फ 10.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी लुढ़ककर 5 डिग्री दर्ज किया गया।
    मौसम विभाग के अनुसार बीते 100 साल में यह दूसरी बार है जब जनवरी के महीने में ग्वालियर में इतनी गंभीर ठंड दर्ज की गई है। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के चलते सुबह से लेकर दिन तक ठंड का असर बना हुआ है और लोगों को दिन में भी रात जैसा एहसास हो रहा है।

    शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे तक पूरा शहर कोहरे की मोटी चादर में लिपटा रहा। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। पिछले आठ दिनों से सुबह देर तक और शाम को जल्दी घना कोहरा छा रहा है। दृश्यता घटकर 60 से 100 मीटर रह गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।

    ठंड के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की छुट्टियां 10 जनवरी तक बढ़ा दी हैं।

    मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 11.1 डिग्री कम रहने के कारण दिन को ‘कोल्ड सीवियर डे’ घोषित किया गया। इससे पहले साल 2019 में अधिकतम तापमान 8.3 डिग्री तक गिरा था। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 260 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण घना कोहरा बना हुआ है। वहीं कश्मीर की ओर से करीब 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आ रही बर्फीली हवाएं हिमालय की बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक ला रही हैं, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ गई है।

    ठंड से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने शहर के प्रमुख चौराहों पर अलाव जलवाए हैं, ताकि राहगीरों और बेसहारा लोगों व जानवरों को कुछ राहत मिल सके।

    इसके बावजूद धूप न के बराबर दिखाई दे रही है और सूरज के तेवर पूरी तरह ढीले पड़े हुए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल ठंड से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान और गिर सकता है और घना कोहरा भी बना रहेगा।

    कड़ाके की ठंड और कोहरे का असर परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिख रहा है। रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और ग्वालियर आने वाली कई ट्रेनें 5 से 6 घंटे तक देरी से चल रही हैं। दिल्ली से आने वाली पंजाब मेल करीब 4 घंटे, शताब्दी एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे और मंगला एक्सप्रेस करीब 5 घंटे लेट रही। वहीं भोपाल से आने वाली मंगला एक्सप्रेस भी साढ़े तीन घंटे की देरी से पहुंची, जबकि केरल और समता एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से काफी देर से चल रही हैं।

    हवाई यातायात पर भी कोहरे का असर पड़ा है। ग्वालियर एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स 2 से 3 घंटे तक देरी से संचालित हो रही हैं। गुरुवार को इंडिगो की मुंबई और दिल्ली फ्लाइट्स और एयर इंडिया की बेंगलुरु फ्लाइट कोहरे के कारण देर से आईं और रवाना हुईं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर ग्वालियर में ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखा दिया है और आने वाले दिनों में हालात और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं।