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  • भारत-फ्रांस तकनीकी साझेदारी को नई रफ्तार, इनोवेशन और निवेश के जरिए वैश्विक विकास का साझा रोडमैप तैयार

    भारत-फ्रांस तकनीकी साझेदारी को नई रफ्तार, इनोवेशन और निवेश के जरिए वैश्विक विकास का साझा रोडमैप तैयार


    नई दिल्ली ।
    भारत और फ्रांस के बीच तकनीक, नवाचार और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में संबंध लगातार मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व में द्विपक्षीय संबंधों ने पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय गति प्राप्त की है और अब यह साझेदारी भविष्य की प्रौद्योगिकियों तथा नवाचार आधारित विकास पर केंद्रित होती जा रही है।

    फ्रांस में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और बैठकों के दौरान गोयल ने उद्योग जगत, अनुसंधान संस्थानों, शिक्षाविदों और नवाचार क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग केवल व्यापारिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उभरती तकनीकों, अनुसंधान, स्टार्टअप विकास और सतत आर्थिक प्रगति जैसे क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुका है। दोनों देशों के बीच बढ़ती भागीदारी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

    अपने दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने यूरोप के प्रमुख विज्ञान और तकनीकी केंद्र सोफिया एंटीपोलिस का भी भ्रमण किया। उन्होंने इसे यूरोप की सिलिकॉन वैली बताते हुए कहा कि यह केंद्र इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि किस प्रकार अनुसंधान, प्रतिभा और उद्योग एक साथ मिलकर नवाचार को बढ़ावा दे सकते हैं। यहां हजारों कंपनियां अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में कार्यरत हैं और वैश्विक स्तर पर नई तकनीकों के विकास में योगदान दे रही हैं।

    गोयल ने कहा कि भारत आज दुनिया के सबसे तेजी से उभरते नवाचार और विनिर्माण केंद्रों में शामिल हो चुका है। देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार विस्तार कर रहा है और नई तकनीकों के विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार हुआ है। उन्होंने फ्रांसीसी कंपनियों और निवेशकों को भारत में निवेश बढ़ाने, तकनीकी सहयोग स्थापित करने और संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं में भागीदारी करने का निमंत्रण दिया।

    मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत का नवाचार ढांचा वैश्विक भागीदारी को प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों के विकास, ज्ञान साझेदारी और अनुसंधान सहयोग के माध्यम से दोनों देश न केवल अपने आर्थिक संबंधों को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव छोड़ सकते हैं। उनके अनुसार, तकनीकी क्षेत्र में संयुक्त प्रयास आने वाले वर्षों में नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे।

    फ्रांस के शहर नीस में आयोजित बैठकों के दौरान भी भारत और फ्रांस के बीच नवाचार तथा निवेश सहयोग को विस्तार देने पर चर्चा हुई। इस दौरान स्थानीय प्रशासन, उद्योग जगत, निवेश संस्थानों और नवाचार क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ विभिन्न संभावित साझेदारियों पर विचार-विमर्श किया गया। इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलना और दीर्घकालिक निवेश अवसरों को बढ़ावा देना था।

    नीस में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स 2026’ कार्यक्रम ने भी व्यापक ध्यान आकर्षित किया। इस आयोजन में देश के विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप और प्रमुख संस्थानों ने अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में वैश्विक निवेशकों और वेंचर कैपिटल प्रतिनिधियों की भागीदारी ने यह संकेत दिया कि भारत का नवाचार और स्टार्टअप क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विश्वास अर्जित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और फ्रांस के बीच बढ़ता तकनीकी सहयोग भविष्य में आर्थिक विकास, अनुसंधान साझेदारी और वैश्विक नवाचार नेटवर्क को नई मजबूती प्रदान कर सकता है।

  • भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय, सह-नवाचार और तकनीकी सहयोग से वैश्विक समाधान विकसित करने पर जोर

    भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय, सह-नवाचार और तकनीकी सहयोग से वैश्विक समाधान विकसित करने पर जोर

    नई दिल्ली । भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक संबंध लगातार नए आयाम प्राप्त कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर नवाचार, अनुसंधान, उभरती तकनीकों और औद्योगिक विकास जैसे भविष्य-केंद्रित क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। इसी क्रम में भारत ने स्पष्ट किया है कि विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में फ्रांस के साथ साझेदारी नई संभावनाओं और अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर रही है।

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने फ्रांस के नीस शहर में आयोजित विभिन्न बैठकों और संवाद कार्यक्रमों के बाद कहा कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग केवल आर्थिक या व्यापारिक संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सह-नवाचार और तकनीकी विकास के नए मॉडल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनका कहना था कि दोनों देशों की साझेदारी ऐसी तकनीकों और समाधानों को जन्म दे सकती है, जिनका लाभ वैश्विक स्तर पर विभिन्न समाजों और अर्थव्यवस्थाओं को मिल सके।

    नीस में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम के दौरान सरकार, उद्योग, निवेश और नवाचार क्षेत्र से जुड़े प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर व्यापार, प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने माना कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में नवाचार आधारित साझेदारियां आर्थिक विकास और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही हैं।

    भारत का ‘विकसित भारत 2047’ विजन और फ्रांस का ‘फ्रांस 2030’ मिशन दोनों देशों को साझा लक्ष्यों की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं। इन पहलों का उद्देश्य भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नई तकनीकों, अनुसंधान और औद्योगिक क्षमताओं का विकास करना है। यही कारण है कि दोनों देश तकनीकी सहयोग को रणनीतिक प्राथमिकता के रूप में देख रहे हैं।

    इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए भारत और फ्रांस ने इंडिया-फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 को अपनाने का निर्णय लिया है। यह रोडमैप महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों के सह-विकास, अनुसंधान सहयोग, शिक्षा क्षेत्र में गतिशीलता और भरोसेमंद तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए दिशा-निर्देशक दस्तावेज के रूप में कार्य करेगा। इसके माध्यम से दोनों देश साझा विकास, पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक प्रगति से जुड़े लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाना चाहते हैं।

    दोनों देशों का मानना है कि नवाचार आर्थिक मजबूती, सतत विकास, रणनीतिक स्वायत्तता और तकनीकी संप्रभुता का महत्वपूर्ण आधार है। ऐसे समय में जब दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता, उन्नत विनिर्माण, हरित प्रौद्योगिकी और डिजिटल परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है, भारत और फ्रांस इन क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं।

    इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान भी दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने रक्षा, अंतरिक्ष, सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की। वार्ताओं में भविष्य की चुनौतियों और अवसरों को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक सहयोग के नए ढांचे पर भी विचार किया गया।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और फ्रांस के बीच बढ़ती तकनीकी एवं नवाचार साझेदारी न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर नई तकनीकों के विकास और साझा चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में यह सहयोग आने वाले वर्षों में और अधिक प्रभावशाली रूप में सामने आने की संभावना रखता है।

  • जेलर 2 में दिखेगा ऋतिक रोशन का धमाकेदार कैमियो, चेन्नई में रजनीकांत के साथ हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस करेंगे शूट

    जेलर 2 में दिखेगा ऋतिक रोशन का धमाकेदार कैमियो, चेन्नई में रजनीकांत के साथ हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस करेंगे शूट


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है, क्योंकि देश के सबसे बड़े फिल्म स्टार्स में शुमार रजनीकांत और ऋतिक रोशन लगभग चालीस वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर एक साथ बड़े पर्दे पर दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। निर्देशक नेल्सन दिलीप कुमार के निर्देशन में बन रही बहुप्रतीक्षित और ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी फिल्म ‘जेलर 2’ में ऋतिक रोशन की एंट्री हो चुकी है। फिल्म उद्योग के गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, इस फिल्म में ऋतिक एक बेहद प्रभावशाली और महत्वपूर्ण कैमियो भूमिका में दिखाई देंगे, जो फिल्म की कहानी को एक नया मोड़ देने का काम करेगा।

    इस ऐतिहासिक रीयूनियन की सबसे दिलचस्प बात यह है कि आज से ठीक चालीस साल पहले वर्ष 1986 में रिलीज हुई फिल्म ‘भगवान दादा’ में इन दोनों कलाकारों ने पहली बार एक साथ स्क्रीन साझा की थी। हालांकि, उस समय ऋतिक रोशन महज एक बाल कलाकार थे और उन्होंने अपने पिता राकेश रोशन के निर्माण और नाना जे. ओमप्रकाश के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रजनीकांत के बेटे की भूमिका निभाई थी। अब चार दशक बीत जाने के बाद, जब ऋतिक खुद भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े और स्थापित सुपरस्टार्स में से एक बन चुके हैं, रजनीकांत के साथ उनका यह दोबारा स्क्रीन साझा करना प्रशंसकों के लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है।

    वैरायटी इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मेकर्स और ऋतिक रोशन के बीच पिछले कई हफ्तों से इस विशेष भूमिका को लेकर गहन बातचीत चल रही थी। पटकथा और किरदार की महत्ता को समझने के बाद आखिरकार अभिनेता ने इस प्रोजेक्ट के लिए आधिकारिक तौर पर अपनी सहमति दे दी है। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, ऋतिक रोशन आगामी 22 और 23 जून को चेन्नई में फिल्म की स्टारकास्ट के साथ शामिल होंगे और अपने विशिष्ट दृश्यों की शूटिंग पूरी करेंगे। इस दो दिवसीय शूटिंग शेड्यूल को लेकर चेन्नई में तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।

    फिल्म के मुख्य विजुअल्स की शूटिंग शुरू होने से पहले मेकर्स ऋतिक रोशन के साथ कई तरह के लुक टेस्ट आयोजित करने की योजना बना रहे हैं। बताया जा रहा है कि निर्देशक नेल्सन इस फिल्म में ऋतिक रोशन को एक बिल्कुल नए और अनोखे अवतार में पेश करना चाहते हैं, जिसे दर्शकों ने इससे पहले कभी बड़े पर्दे पर नहीं देखा होगा। इस विशेष कैमियो को बहुत बड़े पैमाने पर फिल्माया जाएगा, जिसमें दर्शकों को एक हाई-ऑक्टेन एक्शन सीक्वेंस देखने को मिलेगा, जो पूरी तरह से आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टंट्स से लैस होगा।

    पटकथा से जुड़े सूत्रों का दावा है कि कहानी के एक बेहद नाजुक और महत्वपूर्ण मोड़ पर ऋतिक रोशन के किरदार की एंट्री होगी। जब फिल्म के मुख्य नायक यानी रजनीकांत का चरित्र एक बेहद कठिन और प्रतिकूल परिस्थिति में फंसा होगा, तब ऋतिक का किरदार संकटमोचक बनकर उभरेगा और कहानी की दिशा बदल देगा। यह दृश्य फिल्म का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। अभिनेता ऋतिक रोशन के करियर ग्राफ की बात करें तो अगस्त 2025 में प्रदर्शित हुई फिल्म ‘वॉर 2’ के बाद ‘जेलर 2’ उनके करियर का अगला सबसे बड़ा और नया प्रोजेक्ट होने जा रहा है, जिसे लेकर सिनेमाई हलकों में भारी उत्साह है।

    कुछ समय पहले प्रदर्शित हुई एक डाक्यूमेंट्री सीरीज के दौरान ऋतिक ने रजनीकांत के साथ बचपन में काम करने के अपने अनुभवों को साझा किया था। उन्होंने बताया था कि मात्र दस साल की उम्र में जब वे ‘भगवान दादा’ की शूटिंग कर रहे थे, तो अभिनय के दौरान होने वाली गलतियों का दोष रजनीकांत सहर्ष अपने ऊपर ले लेते थे ताकि एक बच्चे के रूप में उनके मन में कोई हीनभावना या झिझक पैदा न हो। अब जब दोनों कलाकार परिपक्वता के इस दौर में दोबारा एक साथ आ रहे हैं, तो बॉक्स ऑफिस पर एक नया रिकॉर्ड बनने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।