Tag: Comedy

  • वास्तविक जीवन में मदिरा को हाथ न लगाने वाले हास्य अभिनेता की अनसुनी दास्तान, मंदिर जाते समय हुए सड़क हादसे में थम गई थीं सांसें

    वास्तविक जीवन में मदिरा को हाथ न लगाने वाले हास्य अभिनेता की अनसुनी दास्तान, मंदिर जाते समय हुए सड़क हादसे में थम गई थीं सांसें

    नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में कई ऐसे विलक्षण कलाकार हुए हैं, जिनकी ऑन-स्क्रीन छवि और वास्तविक जीवन के आचरण में जमीन-आसमान का अंतर था। इस फेहरिस्त में सबसे लोकप्रिय नामों में से एक नाम दिवंगत अभिनेता केष्टो मुखर्जी का है। केष्टो मुखर्जी ने रुपहले पर्दे पर हमेशा एक ऐसे शराबी के किरदारों को जीवंत किया, जिसे देखकर दर्शक अपनी हंसी नहीं रोक पाते थे। आम जनता उन्हें असल जिंदगी में भी शराबी समझने की भूल कर बैठती थी, जबकि हकीकत यह थी कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया था। उनका पूरा सफरनामा कला के प्रति अटूट निष्ठा, कड़े संघर्षों और अप्रत्याशित मोड़ों की एक अनूठी दास्तान है।

    पश्चिम बंगाल के कोलकाता में जन्मे केष्टो मुखर्जी को बचपन से ही अभिनय का गहरा शौक था, जिसके कारण उन्होंने बेहद कम उम्र में ही नुक्कड़ नाटकों और स्थानीय रंगमंच से अपने अभिनय सफर की शुरुआत कर दी थी। रंगमंच पर उनकी शानदार प्रतिभा को देखकर उस दौर के महान बंगाली फिल्मकार ऋत्विक घटक बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने केष्टो को अपनी प्रतिष्ठित बांग्ला फिल्म ‘नागरिक’ में एक महत्वपूर्ण भूमिका की पेशकश की। नियति का खेल देखिए कि यह फिल्म साल 1952 में ही बनकर पूरी तरह तैयार हो चुकी थी, लेकिन किन्हीं कारणों से इसे रिलीज होने में पूरे 25 साल का लंबा समय लग गया। जब यह फिल्म 1977 में सिनेमाघरों में पहुंची, तब तक ऋत्विक घटक इस दुनिया को अलविदा कह चुके थे। अपने गुरु के जाने के गम में केष्टो मुखर्जी इतने भावुक हो गए थे कि उन्होंने इस फिल्म को जीवनभर कभी नहीं देखा।

    कोलकाता के सिनेमाई हलकों में कई बंगाली फिल्मों का हिस्सा रहने के बावजूद केष्टो मुखर्जी को वह पहचान और आर्थिक संबल नहीं मिल पा रहा था, जिसके वह हकदार थे। न तो उनके परिवार का गुजारा ठीक से हो पा रहा था और न ही उनके भीतर के कलाकार की भूख शांत हो रही थी। आखिरकार, अपनी आंखों में एक बड़ा मुकाम हासिल करने का सपना संजोकर उन्होंने देश की आर्थिक राजधानी और मायानगरी बॉम्बे का रुख किया। मुंबई आने के बाद शुरुआती दिन बेहद तंगहाली और संघर्ष में बीते। उन्होंने हार न मानते हुए लगातार प्रयास किए और किसी तरह मशहूर निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी से संपर्क स्थापित किया। ऋषिकेश मुखर्जी ने उनकी प्रतिभा का सम्मान करते हुए अपनी फिल्म ‘मुसाफिर’ में उन्हें एक स्ट्रीट डांसर का बहुत छोटा सा रोल दिया, जिससे उनके हिंदी सिनेमा के सफर का आधिकारिक तौर पर आगाज हुआ।

    बॉम्बे में खुद को स्थापित करने की इसी जद्दोजहद के दौरान केष्टो मुखर्जी से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प और ऐतिहासिक वाकया सामने आया, जब वह काम की तलाश में महान फिल्ममेकर बिमल रॉय के सेट पर पहुंचे थे। बिमल रॉय उस समय अपनी फिल्म की शूटिंग में बेहद व्यस्त थे और केष्टो बिना थके घंटों एक कोने में खड़े होकर उनकी फुर्सत का इंतजार करते रहे। काफी देर बाद जब बिमल रॉय की नजर उन पर पड़ी, तो उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि फिलहाल उनके पास देने के लिए कोई काम नहीं है और वह बाद में आएं। इसके बावजूद केष्टो वहां से नहीं गए। कुछ समय बाद बिमल रॉय ने जब दोबारा उन्हें वहीं खड़ा देखा, तो वह थोड़े असहज और चिढ़ गए। उन्होंने केष्टो से पूछा कि क्या तुम भौंक सकते हो, मुझे अपनी फिल्म के एक दृश्य के लिए कुत्ते की प्रामाणिक आवाज की जरूरत है, क्या तुम यह कर पाओगे।

    यह एक ऐसा सवाल था जो किसी भी स्वाभिमानी अभिनेता को निराश और आहत कर सकता था, लेकिन केष्टो मुखर्जी ने इसे एक बड़ी चुनौती और अवसर के रूप में स्वीकार किया। वह कुछ पल के लिए बिल्कुल शांत हुए और फिर पूरे समर्पण के साथ सेट पर ही जोर-जोर से कुत्ते की आवाज निकालने लगे। उनकी इस अप्रत्याशित और सजीव प्रस्तुति ने बिमल रॉय समेत पूरे सेट पर मौजूद लोगों को हैरान कर दिया। बिमल रॉय के पास कहने के लिए कोई शब्द नहीं बचे थे और उन्होंने केष्टो की प्रतिभा का लोहा मानते हुए तुरंत उन्हें अपनी फिल्म के लिए अनुबंधित कर लिया। इस घटना के बाद केष्टो मुखर्जी के लिए बॉलीवुड के दरवाजे पूरी तरह खुल गए और उन्होंने अपने पूरे करियर में 90 से अधिक फिल्मों में अपनी विशिष्ट अदाकारी का लोहा मनवाया।

    सफलता के शिखर पर पहुंचने और दर्शकों को दशकों तक हंसाने वाले इस महान कलाकार का अंत बेहद दुखद रहा। मात्र 56 वर्ष की आयु में नियति ने उन्हें हमसे छीन लिया। एक दिन जब वह मुंबई के पास स्थित एक प्रसिद्ध गणपति मंदिर में दर्शन करने के लिए अपनी कार से जा रहे थे, तभी पीछे से आ रहे एक अनियंत्रित तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में केष्टो मुखर्जी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद दुर्घटना के अगले ही दिन दिल का दौरा पड़ने के कारण इस महान हास्य अभिनेता का असमय निधन हो गया।

  • बेटे वरुण संग आखिरी फिल्म के बाद रिटायरमेंट की तैयारी ने फैंस को किया भावुक

    बेटे वरुण संग आखिरी फिल्म के बाद रिटायरमेंट की तैयारी ने फैंस को किया भावुक

    नई दिल्ली ।   बॉलीवुड को सालों तक अपनी कॉमेडी फिल्मों से हंसाने वाले मशहूर डायरेक्टर डेविड धवन ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है. वे अब फिल्में बनाना छोड़ रहे हैं, यानी वे रिटायर होने जा रहे हैं. उनकी आखिरी फिल्म बेटे वरुण धवन के साथ ‘है जवानी तो इश्क होना है’ होगी. अपनी रिटायरमेंट का ऐलान उन्होंने हाल ही में पीवीआर के एक खास इवेंट में किया. इस खबर को सुनकर इंडस्ट्री के कई लोग और उनके फैंस को झटका लगा है, क्योंकि अब डेविड धवन फिल्मों का डायरेक्शन करते हुए नजर नहीं आएंगे. उन्होंने अपने अब तक के करियर में करीब 45 फिल्मों का निर्देशन किया है. डायरेक्टर ने अपने करियर की शुरुआत साल 1989 में आई फिल्म ‘ताकतवर’ से की थी. डेविड धवन ने बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान का भी कमबैक कराया था.
    डेविड धवन क्यों हुए इमोशनल
    फेमस डायरेक्टर डेविड धवन इन दिनों अपने बेटे की फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं. इस फिल्म के ट्रेलर लॉन्च में डेविड धवन भी नजर आए थे. इस दौरान मीडिया से बात करते हुए वे इमोशनल हो गए. उन्होंने ट्रेलर इवेंट में बेटे वरुण धवन की जमकर तारीफ की. डायरेक्टर ने कहा, ‘जब मैं साल 2022 में बीमार पड़ा था, तो वह मेरे साथ अस्पताल में सोया करता था.’ पिता को इमोशनल देख एक्टर वरुण धवन ने उन्हें शांत किया. वरुण धवन की फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ सिनेमाघरों में 5 जून को रिलीज होगी, जो डेविड धवन की आखिरी फिल्म होगी.

    डेविड धवन ने फिल्म मेकिंग से लिया संन्यास?

    बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर डेविड धवन ने 23 मई 2026 को डायरेक्शन की दुनिया को अलविदा कह दिया है. उन्होंने इसका ऐलान एक इवेंट के दौरान किया. इस पार्टी में बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान, करण जौहर, पूजा हेगड़े, वरुण धवन और चंकी पांडे जैसे सितारे शामिल हुए थे. दरअसल, डायरेक्टर की रिटायरमेंट की खबर की पुष्टि करण जौहर ने की है. उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी शेयर की, जिसमें उन्होंने लिखा, ‘कल जब मैं डेविड जी के सेलिब्रेशन में गया, तो उन्होंने मुझे बताया कि यह ‘है जवानी तो इश्क होना है’ उनकी आखिरी फिल्म होने वाली है.’
    डेविड धवन ने बॉलीवुड को दी कई हिट कॉमेडी
    फेमस डायरेक्टर डेविड धवन को बॉलीवुड के सबसे बड़े कॉमेडी डायरेक्टर्स में गिना जाता है. उन्होंने 90 और 2000 के दशक में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी हैं, जिन्होंने दर्शकों को खूब हंसाया है. उन्होंने इंडस्ट्री को राजा बाबू, जुड़वा, पार्टनर, मिस्टर एंड मिसेज खिलाड़ी, हीरो नंबर 1, हसीना मान जाएगी, मुझसे शादी करोगी, कुली नंबर 1 और मैंने प्यार किया जैसी कई फिल्में दी हैं।
    कई बड़े कलाकारों संग किया काम
    डेविड धवन को बॉलीवुड इंडस्ट्री में कॉमेडी फिल्मों के सबसे सफल निर्देशकों में माना जाता है. उन्होंने अपने लंबे फिल्मी सफर में कई बड़े सितारों संग काम किया है. इसमें अमिताभ बच्चन, गोविंदा, सलमान खान, अक्षय कुमार, तापसी पन्नू, माधुरी दीक्षित और करिश्मा कपूर जैसे कई सितारे शामिल हैं. डेविड धवन ने करीब 6 साल के ब्रेक के बाद ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के साथ डायरेक्शन में वापसी की है. इसमें उनके बेटे वरुण धवन के अलावा मृणाल ठाकुर, पूजा हेगड़े, मौनी रॉय, राकेश बेदी, राजेश कुमार और मनीष पॉल जैसे सितारे नजर आएंगे. सिनेमाघरों में यह फिल्म 5 जून को रिलीज होगी.
  • श्मशान घाट में मिली महिला को मां बनाकर की सेवा, मरते वक्त मिले आशीर्वाद से बदल गई सुदेश लहरी की किस्मत जानें, पूरी कहानी

    श्मशान घाट में मिली महिला को मां बनाकर की सेवा, मरते वक्त मिले आशीर्वाद से बदल गई सुदेश लहरी की किस्मत जानें, पूरी कहानी



    नई दिल्ली। देश के मशहूर कॉमेडियन और सिंगर सुदेश लहरी आज जिस मुकाम पर हैं, वहां तक पहुंचने की कहानी बेहद संघर्ष और भावनाओं से भरी हुई है। कभी इतनी गरीबी थी कि स्कूल जाने तक के पैसे नहीं थे, और गुजारे के लिए ढाबे पर बर्तन धोने से लेकर जूते-चप्पल बनाने और सब्जी बेचने तक का काम करना पड़ा। लेकिन उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया, जिसने सबकुछ बदल दिया।

    दरअसल, हाल ही में टीवी शो ‘लाफ्टर शेफ्स 3’ में कृष्णा अभिषेक ने सुदेश लहरी से जुड़ा एक भावुक किस्सा सुनाया, जिसने सभी को भावुक कर दिया। बताया गया कि एक बार सुदेश लहरी किसी अंतिम संस्कार में शामिल होने श्मशान घाट पहुंचे थे, जहां उन्होंने एक बेहद दुखद स्थिति देखी।

    श्मशान घाट में उन्होंने एक कोने में एक महिला को बैठा हुआ देखा, जिसके शरीर पर घाव थे और वह बेहद तकलीफ में थी। यह दृश्य देखकर सुदेश लहरी से रहा नहीं गया। उस समय उनकी खुद की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं थी, लेकिन उन्होंने इंसानियत दिखाते हुए उस महिला को अपने साथ ले जाने का फैसला किया।

    घर लाकर उन्होंने उस महिला को अपनी मां की तरह रखा और पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से उसकी देखभाल की। बताया जाता है कि सुदेश लहरी ने उस समय ढाबे पर काम करके और छोटे-मोटे काम करके जीवन चलाया, लेकिन उस महिला की सेवा में कोई कमी नहीं आने दी।

    कहा जाता है कि जब उस महिला की मृत्यु हुई, तो उसने सुदेश लहरी को आशीर्वाद दिया कि “तेरा कभी बुरा नहीं होगा और तू जीवन में बहुत सफल होगा।” इसी घटना के बाद सुदेश लहरी की किस्मत बदलने लगी और उन्हें मुंबई से बड़े मौके मिलने लगे।

    इसके बाद सुदेश लहरी ने अपने जीवन में पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने ‘द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज’ जैसे शो से पहचान बनाई और धीरे-धीरे इंडस्ट्री में अपनी मजबूत जगह बना ली।

    सुदेश लहरी का संघर्ष यहीं खत्म नहीं हुआ था। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि बचपन में इतनी गरीबी थी कि वह कभी स्कूल तक नहीं जा पाए। परिवार की हालत ऐसी थी कि घर तक बिक गया था। उन्होंने फैक्ट्री में काम किया, चाय-नाश्ता बेचा और जूते बनाने तक का काम किया।

    आज वही सुदेश लहरी भारतीय कॉमेडी इंडस्ट्री का बड़ा नाम हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी नेट वर्थ करोड़ों में है और वह एक शो के लिए लाखों रुपये फीस लेते हैं। मुंबई में उनका अपना घर भी है और वह लगातार टीवी, स्टेज शोज और फिल्मों में सक्रिय हैं।

    सुदेश लहरी की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियां भी इंसान की मेहनत, इंसानियत और लगन के आगे हार जाती हैं।

  • सुनील ग्रोवर ने की रोहित शर्मा की मिमिक्री, लोग हैरान, बोले- अब विराट कोहली को भी करो कॉपी

    सुनील ग्रोवर ने की रोहित शर्मा की मिमिक्री, लोग हैरान, बोले- अब विराट कोहली को भी करो कॉपी

    नई दिल्ली। कॉमेडी और मिमिक्री के अपने खास अंदाज के लिए मशहूर सुनील ग्रोवर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने कादर खान, जावेद अख्तर और आमिर खान जैसे दिग्गजों की हूबहू नकल उतारकर लोगों को हैरान कर दिया था। अब उन्होंने क्रिकेट की दुनिया के स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा की मिमिक्री कर सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।

    रोहित शर्मा बने सुनील ग्रोवर, एड शूट का वीडियो वायरल

    एक एड शूट के दौरान सुनील ग्रोवर को रोहित शर्मा के अंदाज में देखा गया। वीडियो में वे मुंबई इंडियंस की जर्सी पहनकर रोहित शर्मा जैसी बॉडी लैंग्वेज और बोलने का अंदाज अपनाते नजर आते हैं। दिलचस्प बात यह है कि शूटिंग के दौरान डायरेक्टर भी कुछ देर के लिए कन्फ्यूज नजर आते हैं। वीडियो में अंत में असली रोहित शर्मा की एंट्री दिखाई जाती है, जो सीन को और मजेदार बना देती है।

    सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
    वीडियो वायरल होते ही यूजर्स ने जमकर रिएक्शन दिए। कुछ लोगों ने सुनील की मिमिक्री को शानदार बताया, तो कुछ ने मजेदार कमेंट किए। एक यूजर ने लिखा कि वे रोहित से ज्यादा जसप्रीत बुमराह जैसे लग रहे हैं। वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि सुनील ग्रोवर किसी की भी मिमिक्री कर सकते हैं। कई लोगों ने मजाक में लिखा कि अब उन्हें विराट कोहली की भी मिमिक्री करनी चाहिए।

    पहले भी कई सेलेब्स की उतार चुके हैं नकल
    सुनील ग्रोवर इससे पहले भी कई दिग्गजों की मिमिक्री कर चुके हैं। वे कपिल शर्मा शो में सलमान खान के किरदार में नजर आ चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने आमिर खान, गीतकार गुलजार और कादर खान की भी शानदार नकल उतारी थी, जिसे काफी पसंद किया गया था।

    अवॉर्ड शो में भी बिखेरा था जलवा

    हाल ही में एक अवॉर्ड शो में जावेद अख्तर के सामने उनकी मिमिक्री का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें खुद जावेद अख्तर भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए थे। फैंस अब सुनील ग्रोवर के अगले मिमिक्री एक्ट का इंतजार कर रहे हैं।

  • “मां का सम” में मां-बेटे का अनोखा रिश्ता, ट्रेलर में दिखा इमोशन और ह्यूमर का संगम

    “मां का सम” में मां-बेटे का अनोखा रिश्ता, ट्रेलर में दिखा इमोशन और ह्यूमर का संगम


    नई दिल्ली:ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों को अब ऐसी कहानियां पसंद आ रही हैं जिनमें रिश्तों की गहराई, भावनाओं और हल्का-फुल्का ह्यूमर तीनों का शानदार मेल हो। इसी कड़ी में नई वेब सीरीज “मां का सम” काफी चर्चा में है। इस सीरीज में मां-बेटे के रिश्ते को बेहद अनोखे और दिल छू लेने वाले अंदाज में पेश किया गया है। मुख्य भूमिका में मोना सिंह और मिहिर आहूजा नजर आएंगे।

    ट्रेलर की शुरुआत 19 साल के गणितीय जीनियस अगस्त्य मिहिर आहूजा से होती है। वह हर चीज को फार्मूला और लॉजिक से समझता है और कहता है -मैथ्स हो या प्यार, दोनों एक ही इक्वेशन हैं। अपनी मां विनिता मोना सिंह की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए अगस्त्य एक अनोखा मिशन शुरू करता है जिसे वह प्रोजेक्ट मॉम कहता है। इस मिशन के तहत वह अपनी सिंगल मदर के लिए परफेक्ट पार्टनर खोजने की पूरी कोशिश करता है।

    ट्रेलर में दिखाया गया है कि अगस्त्य अलग-अलग लोगों के व्यवहार और स्वभाव को समझकर अपनी मां के लिए सही साथी चुनने की कोशिश करता है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह साफ हो जाता है कि प्यार को किसी फार्मूले में नहीं बांधा जा सकता। इस दौरान कई मजेदार और भावनात्मक पल सामने आते हैं, जहां अगस्त्य की पूरी प्लानिंग उलझ जाती है और जिंदगी उसे नए सबक सिखाती है।

    मोना सिंह ने अपने किरदार के बारे में कहा, यह रोल मेरे लिए बेहद खास है। विनिता अपनी भावनाओं को खुलकर जीती हैं और अपने बेटे के साथ दोस्त जैसा रिश्ता रखती हैं। कहानी में मां का अपने बेटे पर भरोसा और बेटे का अपनी मां के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। यह रोल हंसी और इमोशन का बेहतरीन संतुलन पेश करता है।

    मिहिर आहूजा ने अगस्त्य के किरदार पर कहा, बाहर से वह जितना समझदार और आत्मविश्वासी दिखता है, अंदर से उतना ही भावुक बेटा है। वह अपनी मां से बहुत प्यार करता है और चाहता है कि उनकी जिंदगी खुशहाल रहे। मां-बेटे का दोस्ताना रिश्ता और अपनापन ही इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत है।

    वेब सीरीज “मां का सम” 3 अप्रैल से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी। यह कहानी दर्शकों को हंसी, भावनाओं और रिश्तों की सच्चाई का अनोखा मिश्रण अनुभव कराएगी।