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  • गैस कीमतों में बड़ा बदलाव, व्यापारियों की लागत बढ़ी, आम उपभोक्ताओं को राहत बरकरार

    गैस कीमतों में बड़ा बदलाव, व्यापारियों की लागत बढ़ी, आम उपभोक्ताओं को राहत बरकरार

    नई दिल्ली।  एलपीजी कीमतों में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जिसने व्यावसायिक क्षेत्र की लागत को सीधे प्रभावित किया है। 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 993 रुपए की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद राजधानी सहित देश के कई हिस्सों में इसकी कीमत 3,071.5 रुपए के स्तर तक पहुंच गई है। यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी हुई है और कच्चे तेल तथा गैस की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।

    इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग जैसे व्यवसायों पर पड़ने की संभावना है, जहां रोजाना बड़ी मात्रा में एलपीजी का उपयोग होता है। लागत बढ़ने के कारण इन क्षेत्रों में संचालन खर्च में वृद्धि हो सकती है, जिसका अप्रत्यक्ष असर सेवाओं और उत्पादों की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए यह बढ़ोतरी एक अतिरिक्त आर्थिक दबाव के रूप में सामने आई है।

    हालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रसोई में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर पहले की तरह ही पुराने दामों पर उपलब्ध रहेंगे। इससे करोड़ों परिवारों को महंगाई के इस दौर में कुछ राहत मिली है और घरेलू बजट पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।

    पिछले कुछ महीनों के आंकड़े देखें तो यह स्पष्ट होता है कि कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में यह लगातार तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले भी दो बार कीमतों में इजाफा हो चुका है, जिससे व्यावसायिक क्षेत्र पहले से ही दबाव में चल रहा था। लगातार बढ़ती लागत ने कारोबारियों के लिए चुनौतियां और अधिक बढ़ा दी हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहां मुनाफा पहले से ही सीमित रहता है।

    दूसरी ओर, ऊर्जा क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने के प्रयास भी जारी हैं। पेट्रोल, डीजल और अन्य प्रमुख ईंधनों की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है, ताकि आम जनता पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। इसके साथ ही सरकार और संबंधित व्यवस्था यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि घरेलू ईंधन की कीमतें स्थिर बनी रहें।

    यह स्थिति दो अलग-अलग प्रभाव दिखाती है, जहां एक ओर व्यापारिक क्षेत्र पर लागत का दबाव बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं को राहत देने की कोशिश की गई है। आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार की दिशा ही यह तय करेगी कि एलपीजी की कीमतों में आगे क्या रुझान देखने को मिलेगा।

  • मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी

    मप्र में 13 दिन से ठप पड़ी कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई ठप…. आज से होगी शुरू, आदेश जारी


    भोपाल।
    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के चलते मध्य प्रदेश में पिछले 13 दिन से कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद पड़ी हुई है। मंगलवार से इसकी सप्लाई शुरू हो सकती है। दरअसल, सोमवार देर रात राज्य सरकार ने होटल-रेस्टोरेंट समेत ढाबों और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई के आदेश जारी कर दिए हैं।

    आदेश के मुताबिक होटल, रेस्टोरेंट और कैर्ट्स को नौ प्रतिशत कमर्शियल एलपीजी सप्लाई दी जाएगी, जबकि ढाबा और स्ट्रीट फूड वेंडर्स को सात प्रतिशत गैस मिलेगी। इसके अलावा कैटर्स और अन्य उद्योगों को भी सिलेंडर देने के निर्देश दिए गए हैं।

    कमर्शियल गैस की सप्लाई 13 दिन तक ठप रहने से प्रदेश के 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित रहे। कई होटल बंद होने की कगार पर पहुंच गए थे, तो कई जगह मेन्यू बदलना पड़ा। हालात ऐसे बन गए कि डीजल भट्टी और इंडक्शन के जरिए काम चलाना पड़ा, जिसमें छोटे ढाबे और स्ट्रीट फूड वेंडर्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।

    बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन में 10 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर देने का प्रावधान है, लेकिन सप्लाई के स्पष्ट आदेश नहीं मिलने से प्रदेश में गैस की किल्लत हो गई। इसी कारण होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट गहरा गया।

    गैस संकट को लेकर एक दिन पहले यानी रविवार को होटल और रेस्टोरेंट संगठनों ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि शमी से मुलाकात कर गैस की निर्बाध सप्लाई बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने आदेश जारी किए। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली ने कहा कि कमर्शियल गैस आपूर्ति पर पाबंदी के कारण होटल व्यवसाय ठप होने की कगार पर पहुंच गया था। अब इस फैसले से राहत मिलेगी।


    घरेलू उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के दिये निर्देश

    खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की अपर मुख्य सचिव रश्मि अरूण शमी ने सोमवार को सिलेंडर की वितरण व्यवस्था सुचारू बनाए रखने तथा घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर समय पर उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।

    उन्होंने कहा कि शैक्षणिक और चिकित्सा संस्थानों को आवश्यकता की 100 प्रतिशत गैस की आपूर्ति की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन के लिए विशेष छूट के निर्देश भी जारी किये हैं। इसके अतिरिक्त राज्यो को 10 प्रतिशत अधिक आवंटन की पेशकश की है जो पीएनजी प्रणाली की ओर बदलाव का समर्थन करने वाले सुधारो से जुड़ा है। मंत्रालय द्वारा पीएनजी गैस के आवेदन तथा शुरूआत के बीच के समय को कम करने के निर्देश भी दिये हैं।

    अपर मुख्य सचिव शमी ने बताया कि ऑइल कंपनियो के प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व मे जहां 84 प्रतिशत उपभोक्ता ऑनलाइन बुकिंग करवा रहे थे, वह संख्या बढकर 90 प्रतिशत से अधिक हो गयी है। कंपनियो ने मोबाइल एप, एसएमएस, व्हाट्सएप तथा आईवीआरएस कॉल द्वारा गैस बुकिंग की सुविधा प्रदान की है। उपभोक्ता बुकिंग के लिए इन डिजिटल माध्यम का प्रयोग करें तथा अनावश्यक रूप से एजेंसी पर जाने से बचे।

    उन्होंने बताया कि प्रदेश मे एलपीजी की कालाबाजारी तथा जमाखोरी के विरूद्ध लगातार कार्यवाही की जा रही है। प्रदेश मे 1844 स्थानों पर कार्यवाही कर 2717 सिलेंडर जब्त किये गए। पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, पीएनजी तथा घरेलू एलपीजी गैस की उपलब्धता के सम्बन्ध में ऑयल कंपनियों से समन्वय के लिए राज्य स्तर पर 6 सदस्यीय समिति भी गठित की गयी है, जो प्रदेश में कामर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडर की सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए निरंतर निगरानी करेगी।

    एसीएस रश्मि अरुण शमी ने औद्योगिक एवं वाणिज्यिक संस्थाओ से आग्रह किया है कि वे उपलब्धता अनुसार पीएनजीके कनेक्शन लें। उन्होंने कहा कि पीएनजी की आपूर्ति लगातार बनी हुई है और आगे भी जारी रहेगी। पेट्रोल, डीजल, घरेलू पीएनजी तथा सीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है और इनकी आपूर्ति भी निरंतर एवं बिना कटौती के जारी रहेगी।

    ऑयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदेश में गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक है तथा प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट एवं वितरकों के गोदाम में पर्याप्त सिलेण्डर उपलब्ध हैं। घरेलू उपभोक्ताओं से अपील की गयी है कि विगत अंतिम रिफिल के 25 दिन बाद पुनः बुकिंग करायें।

    प्रशासन द्वारा वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध स्टॉक का विवेकपूर्ण उपयोग करने एवं वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को अपनाने की सलाह भी दी गयी है। जिन कामो में गैस ज्यादा खर्च होती है उनको नियंत्रित करने एवं विकल्प तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाए। प्रदेश में घरेलू गैस की पर्याप्त आपूर्ति जारी है, उपभोक्ता अनावश्यक रूप से अफवाहों से भ्रमित न हों। देश की रिफायनरी उच्च क्षमता पर कार्य कर रही हैं तथा पश्चिम एशिया के अतिरिक्त अन्य स्थानों से भी कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

    सिलेण्डर बुकिंग संबंधित शिकायत/सुझाव हेतु इन टोल फ्री नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है
    – भारत गैस हेल्पलाइन नंबर – 1800-22-4344 (टोल फ्री)
    – इंडेन गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)
    – एचपी गैस कस्टमर केयर नंबर- 1800-2333-555 (टोल फ्री)

  • मध्य प्रदेश में LPG संकट: सिलेंडर 30% महंगे, होटल और घरों में हाहाकार

    मध्य प्रदेश में LPG संकट: सिलेंडर 30% महंगे, होटल और घरों में हाहाकार

    भोपाल। मध्य प्रदेश में रसोई गैस (LPG) की कमी लगातार बढ़ती जा रही है। पिछले 6 दिनों से प्रदेश के कई शहरों में कॉमर्शियल और घरेलू सिलेंडर की सप्लाई बाधित है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि होटल, रेस्टोरेंट और घरों में रसोई गैस की गंभीर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है।

    सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें:
    भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में लोग सुबह-सुबह सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े हो रहे हैं। बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग भी सिलेंडर लेने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं। कई बार बुकिंग पूरी नहीं हो पा रही है, जबकि कभी-कभी 6 से 8 घंटे इंतजार के बाद सिलेंडर मिल पा रहा है।

    होटल और रेस्टोरेंट्स पर असर:
    प्रदेश में करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट्स इस संकट से प्रभावित हैं। इन व्यवसायों को अपने संचालन के लिए कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिल रहे, जिससे खाना पकाने में बाधा और ग्राहकों की सेवा प्रभावित हो रही है।

    विकल्प और बढ़ा खर्च:
    गैस की कमी के कारण इंडक्शन और डीजल भट्ठियों का उपयोग बढ़ गया है। हालांकि, इनके संचालन की लागत 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गई है। भोपाल में कुछ रेहड़ियां और छोटे स्ट्रीट फूड स्टॉल्स अस्थायी रूप से बंद भी हो गए हैं।

    राज्यव्यापी स्थिति:
    LPG संकट केवल भोपाल तक सीमित नहीं है। राजधानी से लेकर छिंदवाड़ा और अन्य शहरों में रसोई गैस की कमी ने आम जनता और व्यवसायों में हाहाकार मचा दिया है।

    विशेषज्ञों की चेतावनी:
    विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संकट लंबा खिंचता है, तो इससे खाद्य सेवा उद्योग और घरेलू रसोई दोनों प्रभावित होंगे। लंबे समय तक गैस की कमी के कारण लोग सस्ता और असुरक्षित विकल्प, जैसे खुले भट्ठी या कोयला, इस्तेमाल करने पर मजबूर हो सकते हैं, जिससे सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।

    सरकारी कदम:
    इस समय सरकारी एजेंसियां और वितरक प्रयास कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सिलेंडर की सप्लाई बहाल हो। हालाँकि, अभी तक कोई ठोस समयरेखा नहीं दी गई है।

    मध्य प्रदेश में LPG संकट से गृहस्थी और व्यापार दोनों प्रभावित हैं। होटल और रेस्टोरेंट्स संचालन के लिए संघर्ष कर रहे हैं, घरों में रसोई गैस की कमी आमजन की दिनचर्या पर असर डाल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही स्थिति सामान्य नहीं हुई, तो यह प्रदेश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की सुविधा दोनों पर लंबी अवधि में असर डाल सकता है।

  • देश में LPG संकट, सिलेंडर कालाबाजारी और बुकिंग में उछाल: रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, सरकार ने कहा- घबराएं नहीं

    देश में LPG संकट, सिलेंडर कालाबाजारी और बुकिंग में उछाल: रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, सरकार ने कहा- घबराएं नहीं



    भोपाल । अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते पूरे देश में LPG सिलेंडर की किल्लत देखने को मिल रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी हैं और घरेलू व कॉमर्शियल सिलेंडरों की कालाबाजारी बढ़ गई है।

    मध्य प्रदेश में कॉमर्शियल सिलेंडर 4 हजार में बिक रहा
    भोपाल के बरखेड़ा पठानी में खुलेआम देखा गया कि 1,918 रुपए वाला कॉमर्शियल सिलेंडर कालाबाजारी में ₹4,000 में बेचा जा रहा है। सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया है, लेकिन कालाबाजारी पर असर नहीं पड़ा।

    बिहार और उत्तर प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की कीमतें आसमान पर
    बिहार में 900 रुपए वाले घरेलू सिलेंडर ब्लैक मार्केट में 1,700-1,800 रुपए में बिक रहे हैं। उत्तर प्रदेश में 950 रुपए वाला सिलेंडर 1,600 रुपए में तुरंत उपलब्ध हो रहा है। वहीं, कॉमर्शियल सिलेंडर 3,500 रुपए तक पहुँच गया है।

    राजस्थान और उत्तराखंड में होटलों-रेस्टोरेंट्स की मुश्किलें बढ़ीं
    राजस्थान में चित्तौड़गढ़ और सवाई माधोपुर में रेस्टोरेंट बंद हो गए, जैसलमेर में 150 रिसॉर्ट्स बंद करने की तैयारी में हैं। कोटा में लकड़ी और कोयले की भट्टियों की मांग बढ़ गई।
    उत्तराखंड के देहरादून और हल्द्वानी में व्यावसायिक गैस की कमी के कारण होटल, ढाबा और ठेला संचालकों ने अपने मेन्यू के लगभग 70% आइटम हटा दिए हैं।

    सरकार का दावा- रोजाना 50 लाख सिलेंडर डिलीवर, सप्लाई स्थिर
    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% LPG विदेशों से आयात करता है, जिसमें से 90% स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है।
    सरकार ने भरोसा दिलाया कि रोजाना लगभग 50 लाख सिलेंडर डिलीवर किए जा रहे हैं और घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई जारी है। घबराहट में बुकिंग बढ़ी है, जिसे नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकारों से लाभार्थियों की सूची तैयार करने को कहा गया है।

    इंडक्शन की मांग 50% बढ़ी
    जयपुर में औद्योगिक इंडक्शन की बिक्री पिछले महीने 2,500-3,000 यूनिट थी, जो अब 50% बढ़ गई है। होटल और रेस्टोरेंट भी इंडक्शन पर खाना बनाने लगे हैं, जिससे गैस की मांग और बढ़ गई है।

    सरकार ने उठाए कदम

    देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ लागू किया गया, कालाबाजारी पर नियंत्रण के लिए।

    घरेलू और कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जा रही है।

    राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि जरूरतमंदों की सूची तैयार की जाए।

    बुकिंग प्रक्रिया में बदलाव कर एक सिलेंडर डिलीवरी के बाद अगले 25 दिन में बुकिंग होगी।

    देशभर में घरेलू और व्यावसायिक गैस की सप्लाई पर निगरानी लगातार जारी है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि पैनिक बुकिंग से बचें और अधिकृत एजेंसियों से ही गैस लें।

  • उज्जैन में प्रतिष्ठानों पर खाद्य विभाग का छापा:35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त, दो टीमों ने की कार्रवाई, प्रशासन हुआ सख्त

    उज्जैन में प्रतिष्ठानों पर खाद्य विभाग का छापा:35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त, दो टीमों ने की कार्रवाई, प्रशासन हुआ सख्त



    नई दिल्ली। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतों के बीच उज्जैन कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के कई रेस्टोरेंट और भोजनालयों पर गुरुवार को छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 35 से अधिक घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

    पिछले दो दिनों से शहर में गैस सिलेंडर की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने आठ अधिकारियों की दो टीमें बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की।पिछले दो दिनों से शहर में गैस सिलेंडर की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने आठ अधिकारियों की दो टीमें बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की।

    रेलिस फ्रायड अंडे वाले से 9 सिलेंडर जब्त

    पहली टीम में सहायक खाद्य नियंत्रक संतोष सिमोलिया, फूड इंस्पेक्टर अंकिता जोशी, नागेश दाहिमा और भूषण गुज्जर शामिल थे। टीम ने आरटीओ कार्यालय के पास रंगीला कैफे से एक घरेलू सिलेंडर, फ्रीगंज में रेलिस फ्रायड अंडे वाले से 9, महाकाल भोजनालय से 1, जैन कचोरी फ्रीगंज से 2, नवरतन फ्यूजन से 2, ऋषि नगर के एक रेस्टोरेंट से 1 और फ्रीगंज के फाफड़ा विक्रेता से 8 सिलेंडर जब्त किए।

    रश्मि खामबेटे शामिल थे। इस टीम ने हरी फाटक क्षेत्र में स्थित अन्नपूर्णा श्याम पवित्र भोजनालय सहित अन्य प्रतिष्ठानों से कुल 7 सिलेंडर जब्त किए।

    घरेलू सिलेंडर का उपयोग न करने की हिदायत

    खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए समझाइश दी कि वे व्यावसायिक कार्यों में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग न करें। इसके स्थान पर इलेक्ट्रिक इंडक्शन, पीएनजी या डीजल भट्टी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    ईरान अमेरिका युद्ध से देश भर में गैस सिलेंडर को लेकर मचे हाहाकार के बीच उज्जैन में काला बाजारी पर लगाम लगाने के लिए उज्जैन कलेक्टर के आदेश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के कई रेस्टोरेंट पर छापा मार कर 35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किये है। इनमे कई घरेलु और कमर्शियल सिलेंडर शामिल है।

    दो दिन से शहर में ग़ज़ल सिलेंडर को लेकर जामखोरी की मिल रही शिकायतों को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के 8 अधिकारियों की टीम ने दो अलग अलग टीम बनाकर छापा मारकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जिसमें संतोष सिमोलिया एसटीटेंट फ़ूड कंट्रोलर,अंकिता जोशी फ़ूड इंस्पेकटर,नागेश दाहिमा और भूषण गुज्जर की टीम ने आरटीओ कार्यालय के रंगीला कैफे से एक घरेलू टंकी,रेलिस फ्रायड अंडे वाले फ्रीगंज से 9,महाकाल भोजनालय से 1,जैन कचोरी फ्रीगंज से 2,नवरतन फ्यूजन से 2,ऋषि नगर रेस्टोरेंट से 1,फ्रीगंज में फाफड़े वाले से 8 सिलेंडर जब्त किये है। इसी तरह दूसरी टीम में शामिल चन्द्र शेखर बारोड़ एसिस्टेंट फ़ूड कंट्रोलर,

    समद खान फ़ूड इंस्पेकटर,रश्मि खामबेटे की टीम ने हरी फाटक क्षेत्र के रेस्टोरेंट अन्नपूर्णा श्याम पवित्र भोजनालय सहित एक अन्य से कुल 7 सिलेंडर जब्त किये है। टीम ने बताया कि सभी को हिदायत देकर समझाईश दी है कि घरेलु गैस सिलेंडर का उपयोग ना करे। वे इलेक्ट्रिक इंडेक्शन पीएनजी या डीजल भट्टी का भी उपयोग कर सकते है।

  • महाकाल मंदिर क्षेत्र में गैस संकट: रेस्टोरेंट अब कोयला-लकड़ी पर बनाएंगे खाना, सिलेंडर सप्लाई आधी रह गई

    महाकाल मंदिर क्षेत्र में गैस संकट: रेस्टोरेंट अब कोयला-लकड़ी पर बनाएंगे खाना, सिलेंडर सप्लाई आधी रह गई


    उज्जैन। अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब धार्मिक नगरी उज्जैन तक पहुंच गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई में भारी कमी आने से Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple क्षेत्र के रेस्टोरेंट और भोजनालयों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि कई रेस्टोरेंट के पास सिर्फ एक-दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा है, जिसके चलते संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोयला और लकड़ी पर खाना बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक मंदिर क्षेत्र में संचालित करीब 350 से अधिक रेस्टोरेंट और भोजनालय कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर हैं। लेकिन हाल के दिनों में सप्लाई करीब 50 प्रतिशत तक कम हो गई है। इसका सीधा असर भोजन व्यवस्था पर पड़ने लगा है, क्योंकि यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु भोजन के लिए इन रेस्टोरेंट्स पर आते हैं।

    बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर Iran, Israel और United States के बीच चल रहे विवाद के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है।

    महाकाल मंदिर के पास स्थित एक भोजनालय के संचालक चंद्रशेखर काले ने बताया कि उनके यहां आमतौर पर हर दो दिन में तीन कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। लेकिन हाल ही में मांग करने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाया, जिससे खाना तैयार होने में करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई। पहले जहां रोजाना चार सिलेंडर इस्तेमाल होते थे, अब तीन सिलेंडरों में ही काम चलाना पड़ रहा है।

    उज्जैन बस स्टैंड क्षेत्र के कई भोजनालय संचालकों का कहना है कि फिलहाल उनके पास सीमित गैस स्टॉक है, लेकिन आगे की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। गैस एजेंसियों से संपर्क करने पर कई बार फोन तक रिसीव नहीं हो रहा, जिससे चिंता और बढ़ गई है।

    इधर शहर की गैस एजेंसियों पर भी लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। एजेंसी कर्मचारियों के अनुसार फिलहाल केवल ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं और डिलीवरी के लिए करीब 20 से 25 दिन तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

    अगर जल्द ही गैस सप्लाई सामान्य नहीं होती है तो महाकाल मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भोजन व्यवस्था में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में रेस्टोरेंट संचालक कोयला और लकड़ी के चूल्हों को अस्थायी विकल्प के रूप में अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    कीवर्ड: महाकाल मंदिर, उज्जैन गैस संकट, कमर्शियल सिलेंडर, रेस्टोरेंट संचालक, कोयला-लकड़ी चूल्हा, श्रद्धालु भोजन व्यवस्था