Tag: Commercial Gas Cylinder

  • अक्टूबर की शुरुआत में बड़ा झटका कमर्शियल गैस सिलेंडर 65 रुपए तक महंगा रीवा में सबसे ज्यादा रेट

    अक्टूबर की शुरुआत में बड़ा झटका कमर्शियल गैस सिलेंडर 65 रुपए तक महंगा रीवा में सबसे ज्यादा रेट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में अक्टूबर की शुरुआत कमर्शियल गैस सिलेंडर के बढ़े हुए दामों के साथ हुई है। तेल कंपनियों ने एक अक्टूबर से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। प्रदेश के अलग अलग शहरों में इसके दाम करीब 62.50 रुपए से लेकर 65 रुपए तक बढ़े हैं। नई कीमत लागू होने के बाद होटल रेस्टोरेंट ढाबे कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक संस्थानों के लिए रसोई गैस का खर्च बढ़ गया है। इसका असर आने वाले दिनों में खाने पीने की चीजों और खासकर शादी समारोह की कैटरिंग के बजट पर भी दिखाई दे सकता है।

    राजधानी भोपाल में अब कमर्शियल सिलेंडर 2815 रुपए में मिलेगा। इंदौर में इसकी कीमत 2919 रुपए पहुंच गई है। जबलपुर में नया रेट 3030 रुपए है जबकि ग्वालियर में 3037 रुपए चुकाने होंगे। उज्जैन में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2980 रुपए हो गई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा कीमत रीवा में दर्ज की गई है जहां 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के लिए अब 3066 रुपए देने होंगे। यानी शहरों के बीच कीमत में अच्छा खासा अंतर देखने को मिल रहा है।

    प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी कमर्शियल गैस के दाम तीन हजार रुपए के पार पहुंच चुके हैं। रीवा के बाद सिंगरौली में कीमत 3064 रुपए है। सतना और नरसिंहपुर में सिलेंडर 3063.50 रुपए में मिलेगा। कटनी में नया रेट 3062.50 रुपए और पन्ना में 3061 रुपए हो गया है। जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश के 26 जिलों में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत तीन हजार रुपए या उससे अधिक है। वहीं शाजापुर और सीहोर में यह करीब 2822 रुपए में उपलब्ध होगा।

    कमर्शियल गैस के दाम बढ़ने का सीधा असर उन कारोबारियों पर पड़ता है जो रोजाना बड़ी मात्रा में गैस का इस्तेमाल करते हैं। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए सिलेंडर की कीमत पहले से ही बड़ा खर्च बनी हुई है। रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े प्रतिनिधि और कैफे संचालक अभिषेक बाहेती के मुताबिक गैस संकट से पहले कमर्शियल सिलेंडर करीब 1800 रुपए में मिलता था। बाद में इसकी कीमत बढ़ते हुए करीब 3300 रुपए तक पहुंच गई थी। इसके बाद कीमतों में कमी आई लेकिन पिछले दो महीनों से फिर बढ़ोतरी का सिलसिला देखा जा रहा है।

    शादी समारोह के कारोबार से जुड़े कैटरर्स पर भी बढ़ी कीमत का असर पड़ सकता है। दीवाली के बाद प्रदेश में शादियों का सीजन शुरू होने वाला है और इस दौरान बड़े स्तर पर कैटरिंग का काम होता है। खाना तैयार करने में बड़ी मात्रा में एलपीजी की खपत होने के कारण सिलेंडर की कीमत बढ़ने से आयोजन का कुल बजट प्रभावित हो सकता है। कैटरिंग संचालकों के अनुसार बढ़ी हुई लागत का असर अंततः ग्राहकों के पैकेज पर भी पड़ सकता है।

    हालांकि राहत की बात यह है कि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। 14 किलो वाला घरेलू सिलेंडर पुराने दाम पर ही मिल रहा है। भोपाल में इसकी कीमत 947.50 रुपए है। इंदौर में 970 रुपए और जबलपुर में 948.50 रुपए में घरेलू सिलेंडर उपलब्ध है। ग्वालियर में इसका दाम 1025.50 रुपए जबकि उज्जैन में 1001.50 रुपए है। इस तरह अक्टूबर में बढ़ोतरी का असर फिलहाल कमर्शियल गैस इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों पर ही पड़ा है।

  • भोपाल में ₹3116, इंदौर में ₹3222 तक पहुंची कीमत; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ा दबाव

    भोपाल में ₹3116, इंदौर में ₹3222 तक पहुंची कीमत; होटल-रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ा दबाव


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। ताजा बढ़ोतरी के बाद प्रदेश के प्रमुख शहरों में रेस्टोरेंट और होटल कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है। भोपाल से लेकर इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर तक सिलेंडर के दामों में 44 रुपए तक की वृद्धि की गई है, जिससे व्यावसायिक रसोई की लागत और बढ़ गई है।

    नई दरों के अनुसार भोपाल में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 3116.50 रुपए हो गई है। वहीं इंदौर में यह 3222.50 रुपए, जबलपुर में 3290 रुपए, उज्जैन में 3250 रुपए और ग्वालियर में सबसे अधिक 3338.50 रुपए में उपलब्ध होगा। लगातार हो रही इस बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट उद्योग को चिंता में डाल दिया है।

    पिछले तीन महीनों के आंकड़े देखें तो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में करीब 1300 रुपए तक का इजाफा हो चुका है। कारोबारियों का कहना है कि यह वृद्धि इतनी तेज है कि रोजमर्रा के संचालन खर्च पर सीधा असर पड़ रहा है। इससे न सिर्फ होटल और रेस्टोरेंट बल्कि कैटरिंग और इवेंट इंडस्ट्री भी प्रभावित हो रही है।

    होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि सिलेंडर के दाम बढ़ने से खाने-पीने की लागत में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो चुकी है। भोपाल होटल एवं रेस्टोरेंट संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में ही मेन्यू की कीमतों में बदलाव करना पड़ा है। लगातार बढ़ती लागत के कारण आने वाले समय में और महंगाई देखने को मिल सकती है।

    कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों का भी कहना है कि बड़े आयोजनों की लागत तेजी से बढ़ रही है। टेंट और कैटरिंग एसोसिएशन के अनुसार पहले जहां 500 लोगों के आयोजन में निश्चित बजट लगता था, अब वही खर्च 45 से 50 हजार रुपए तक बढ़ गया है। इससे शादी और अन्य आयोजनों की लागत पर सीधा असर पड़ा है।

    नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मध्य प्रदेश प्रतिनिधियों ने भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि पिछले तीन महीनों में चार बार कीमतें बढ़ चुकी हैं, जिससे रेस्टोरेंट उद्योग पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। कई छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों के लिए संचालन मुश्किल होता जा रहा है।

    उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो आने वाले महीनों में खाने-पीने की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जिसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा।

    फिलहाल कमर्शियल एलपीजी की लगातार बढ़ती कीमतें प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई हैं और व्यवसायी आगे की स्थिति को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

  • भोपाल में कमर्शियल गैस संकट: 2000 होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन में एक बार ही बुक होंगे

    भोपाल में कमर्शियल गैस संकट: 2000 होटल-रेस्टोरेंट प्रभावित, घरेलू सिलेंडर अब 25 दिन में एक बार ही बुक होंगे



    भोपाल। मध्य प्रदेश में ईरान-इजराइल युद्ध के असर के चलते एलपीजी सप्लाई संकट गहराने लगा है। मंगलवार को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने तीनों तेल कंपनियों, फूड अफसर और गैस एजेंसियों के साथ मीटिंग बुलाई, जिसमें कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोकने के बाद शहर के 2000 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में संकट की गंभीर स्थिति सामने आई।

    जानकारी के अनुसार, सोमवार से ऑयल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों की डिलीवरी रोक दी है। इससे बड़े और छोटे होटल, रेस्टोरेंट और बार में भोजन बनाने और शादियों के आयोजन में परेशानी बढ़ गई है। भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स (बीसीसीआई) के अध्यक्ष गोविंद गोयल और मंत्री अजय देवनानी ने कलेक्टर से अपील की कि कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए, अन्यथा मार्च में होने वाली हजारों शादियों में खाना बनाने में दिक्कतें आएंगी।

    इधर, घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग नियमों में बदलाव किया गया है। पहले 15 दिन में बुकिंग होती थी, अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही मिलेगा। इसके अलावा, बुकिंग केवल उसी रजिस्टर्ड नंबर पर ही OTP के जरिए हो पाएगी।

    मध्यप्रदेश में कुल सवा करोड़ से ज्यादा एलपीजी उपभोक्ता हैं। राजधानी भोपाल में प्रतिदिन लगभग 15 हजार सिलेंडर सप्लाई होते हैं, वहीं इंदौर में 25 हजार, जबलपुर में 20-25 हजार और ग्वालियर में 20 हजार सिलेंडर रोजाना वितरित किए जाते हैं। छोटे जिलों में भी 2 हजार सिलेंडर प्रतिदिन सप्लाई होते हैं।

    केंद्र सरकार ने गैस की सप्लाई और जमाखोरी रोकने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू किया है और एलपीजी को चार कैटेगरी में बांटा गया है:

    पूरी सप्लाई: घरेलू रसोई गैस (PNG) और CNG।

    खाद कारखाने: फैक्ट्रियों को 70% गैस उपलब्ध।

    बड़े उद्योग: आवश्यकतानुसार लगभग 80% गैस।

    छोटे बिजनेस और होटल: पुरानी खपत के हिसाब से 80% गैस।

    सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच अहम कदम उठाए हैं: हाई-लेवल कमेटी गठन, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू, घरेलू सिलेंडर बुकिंग में बदलाव, OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य, तथा एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का आदेश।

    सप्लाई संकट के दो प्रमुख कारण हैं: पहला, फारस की खाड़ी और अरब सागर को जोड़ने वाले 167 किलोमीटर लंबे ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का लगभग बंद होना, जिससे भारत की 50% कच्चा तेल और 54% LNG सप्लाई प्रभावित हुई। दूसरा, कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया गया। भारत अपनी कुल LNG जरूरत का करीब 40% कतर से आयात करता है।

    इंडियन ऑयल के मुख्य महाप्रबंधक (LPG) के.एम. ठाकुर ने उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग से बचने की सलाह दी और बताया कि सरकार वैकल्पिक सप्लाई विकल्प तलाश रही है। वहीं, G7 देश और रूस-अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की उम्मीद है।

    साथ ही सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी की है। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर अब ₹913 में मिलेगा, जबकि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम ₹1883 हो गए हैं।

    मध्यप्रदेश के होटल-रेस्टोरेंट संचालक और छोटे व्यवसायों में तनाव बढ़ गया है, क्योंकि कमर्शियल गैस की सप्लाई रोकने से खाना बनाने और व्यापार चलाने में गंभीर दिक्कतें आ रही हैं। सरकार की हाई-लेवल कमेटी और आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू होने के बाद ही हालात में सुधार की उम्मीद है।