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  • दुनिया को परिवार की तरह स्वागत का न्योता कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए गुजरात ने दिखाई अपनी भव्य तैयारी

    दुनिया को परिवार की तरह स्वागत का न्योता कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए गुजरात ने दिखाई अपनी भव्य तैयारी


    नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी के लिए अहमदाबाद पूरी दुनिया का स्वागत करने की तैयारी में जुटा है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता नहीं बल्कि गुजरात और पूरे भारत के युवाओं का साझा सपना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में अहमदाबाद विश्व स्तरीय खेल आयोजन की मेजबानी कर भारत की नई पहचान दुनिया के सामने पेश करेगा।

    ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के दौरान अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर के उद्घाटन अवसर पर हर्ष संघवी ने कहा कि इस पहल को खिलाड़ियों खेल अधिकारियों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने बताया कि 30 जुलाई से 2 अगस्त तक इस सेंटर में पांच हजार से अधिक पंजीकरण हुए हैं और विश्व खेल महासंघों के प्रतिनिधियों सहित कई एथलीट यहां पहुंच रहे हैं। उनके अनुसार यह केवल मेजबानी हासिल करने का अभियान नहीं बल्कि भारत के भविष्य का सपना है जिसे हर युवा अपने साथ जुड़ा हुआ महसूस कर रहा है।

    हर्ष संघवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खेलों को बढ़ावा देने वाले विजन ने गुजरात में खेल अवसंरचना के विकास को नई दिशा दी है। इसी सोच का परिणाम है कि राज्य ने बेहद कम समय में राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन कर अपनी क्षमता साबित की। उनका मानना है कि यही अनुभव और मजबूत आधारभूत ढांचा वर्ष 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स के सफल आयोजन की नींव बनेगा।

    उन्होंने गुजरात की सांस्कृतिक विरासत और भारतीय आतिथ्य परंपरा को भी आयोजन की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनके अनुसार अहमदाबाद एक्सपीरियंस सेंटर में देश के विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजन और संस्कृति को प्रदर्शित किया गया है जिसे विदेशी मेहमानों ने काफी पसंद किया है। मिठाइयों से लेकर पारंपरिक स्नैक्स और विभिन्न राज्यों के व्यंजनों तक हर स्टॉल पर लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। इससे यह संदेश गया कि भारत केवल खेलों का आयोजन ही नहीं करेगा बल्कि अपनी संस्कृति और मेहमाननवाजी से भी दुनिया का दिल जीतेगा।

    संघवी ने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है। अलग अलग राज्यों की संस्कृति भोजन और परंपराएं दुनिया के सामने भारत की समृद्ध विरासत को प्रस्तुत करती हैं। यही वजह है कि एक्सपीरियंस सेंटर में आने वाले विदेशी प्रतिनिधि भारतीय संस्कृति को करीब से जानने और अनुभव करने में विशेष रुचि दिखा रहे हैं।

    उन्होंने दुनिया भर के खिलाड़ियों खेल संगठनों और खेल प्रेमियों को संदेश देते हुए कहा कि वर्ष 2030 में भारत आने वाले सभी लोग मेहमान नहीं बल्कि परिवार के सदस्य होंगे। गुजरात और भारत उनका पूरे दिल से स्वागत करेंगे और उन्हें ऐसा अनुभव देंगे जिसे वे हमेशा याद रखेंगे।

    कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी भारत के लिए केवल एक खेल आयोजन नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी संगठन क्षमता आधुनिक खेल सुविधाओं सांस्कृतिक विरासत और युवा शक्ति को प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है। यदि यह आयोजन अहमदाबाद में सफलतापूर्वक संपन्न होता है तो भारत विश्व खेल मानचित्र पर अपनी स्थिति और अधिक मजबूत करने में सफल होगा। साथ ही यह देश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए नई प्रेरणा भी देगा।

  • गुवाहाटी में रक्षा खडसे ने युवाओं के साथ जगाया फिटनेस और कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का उत्साह

    गुवाहाटी में रक्षा खडसे ने युवाओं के साथ जगाया फिटनेस और कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का उत्साह


    नई दिल्ली । भारत में फिटनेस संस्कृति और खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह के बीच गुवाहाटी से एक प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई, जहां ‘संडे ऑन साइकिल’ के 75वें विशेष संस्करण ने देश की खेल महत्वाकांक्षाओं और युवाओं की ऊर्जा को एक नई दिशा देने का काम किया। आईआईटी गुवाहाटी परिसर में आयोजित यह भव्य आयोजन केवल एक साइकिल रैली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारत के भविष्य के खेल विजन, सामुदायिक भागीदारी और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता का एक बड़ा प्रतीक बनकर उभरा। इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के उत्साह और राष्ट्रीय खेल भावना को समर्पित किया गया, जिसने हजारों युवाओं और खेल प्रेमियों को एक मंच पर एकजुट किया।

    इस आयोजन के दौरान पूरे वातावरण में जोश, ऊर्जा और राष्ट्र निर्माण की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई दी। युवाओं, छात्रों, खिलाड़ियों और फिटनेस के प्रति जागरूक नागरिकों ने उत्साह के साथ भागीदारी कर यह संदेश दिया कि भारत अब केवल खेलों में हिस्सा लेने वाला देश नहीं बल्कि खेलों में वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ने वाला राष्ट्र बनता जा रहा है। कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने साइकिलिंग के माध्यम से फिट रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया, जो आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान यह भी देखने को मिला कि बदलते भारत में खेल अब केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक बदलाव और राष्ट्रीय एकता का भी सशक्त साधन बनते जा रहे हैं। विशेष बात यह रही कि मौसम की चुनौतियों के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की। इससे यह संकेत मिलता है कि देश में फिटनेस के प्रति जागरूकता तेजी से बढ़ रही है और युवा वर्ग खेलों को जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा है।

    आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, योग गतिविधियों और पारंपरिक खेल कला प्रदर्शन ने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बनाया। इससे भारत की सांस्कृतिक विविधता और खेल परंपरा का भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। खिलाड़ियों और खेल जगत से जुड़े प्रेरणादायक चेहरों की मौजूदगी ने युवाओं को अपने सपनों को लेकर और अधिक प्रेरित किया। युवा प्रतिभाओं ने उनके अनुभवों और संघर्षों से प्रेरणा लेते हुए खेलों में आगे बढ़ने की इच्छा भी व्यक्त की।

    यह आयोजन इस बात का भी संकेत है कि आने वाले वर्षों में भारत खेलों के क्षेत्र में बड़े लक्ष्य तय कर रहा है। देश में खेल सुविधाओं का विस्तार, युवाओं की भागीदारी और फिटनेस को जनआंदोलन बनाने की कोशिशें अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी हैं। ‘संडे ऑन साइकिल’ जैसी पहलें अब केवल अभियान नहीं रह गईं बल्कि सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय ऊर्जा का मजबूत माध्यम बनती जा रही हैं। आने वाले समय में ऐसे आयोजन भारत को एक सशक्त, स्वस्थ और खेल महाशक्ति राष्ट्र बनाने की दिशा में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।