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  • पूर्व मिस स्विट्जरलैंड ने डोनाल्ड ट्रंप पर लगाया रेप का आरोप… अमेरिका में मची हलचल

    पूर्व मिस स्विट्जरलैंड ने डोनाल्ड ट्रंप पर लगाया रेप का आरोप… अमेरिका में मची हलचल


    वाशिंगटन।
    पूर्व मिस स्विट्जरलैंड (Former Miss Switzerland) बीट्रिस क्यूल (Beatrice Kühl) ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) पर 1993 में न्यूयॉर्क के होटल में रेप करने का आरोप लगाया है। क्यूल का दावा है कि घटना के दौरान उनकी ड्रेस फट गई थी और उनके शरीर पर चोटें आई थीं। अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा की न्यायपालिका समिति के डेमोक्रेटिक सदस्यों की नई रिपोर्ट में उनके आरोपों का जिक्र किया गया है। रिपोर्ट में ट्रंप और यौन अपराधों के दोषी जेफ्री एपस्टीन के कथित संबंधों की भी जांच की गई है। व्हाइट हाउस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए रिपोर्ट को राष्ट्रपति को निशाना बनाने की राजनीतिक कोशिश बताया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर 1993 में क्यूल 24 साल की थीं और मॉडलिंग के साथ फाइनेंसियल सर्विस के सेक्टर में काम करती थीं। जिल हर्थ ने उन्हें अटलांटिक सिटी और न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाले डोनाल्ड जे ट्रंप अमेरिकन ड्रीम पेजेंट में शामिल होने के लिए बुलाया था। इस प्रतियोगिता में 16 से 22 साल की युवतियां हिस्सा लेती थीं। क्यूल के मुताबिक, न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल में आयोजित प्रेस लंच के दौरान उनकी मुलाकात ट्रंप से हुई। उस समय यह होटल ट्रंप के मालिकाना हक में था। आरोप है कि ट्रंप ने उन्हें वीजा दिलाने और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में दाखिला पाने में मदद करने का भरोसा दिया। इसके बाद एपस्टीन ने भी उनसे संपर्क किया और इसी तरह की मदद का प्रस्ताव दिया। उसने ट्रंप की फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो संपत्ति में आयोजित होने वाली पार्टी में आने का न्योता भी दिया।


    ‘शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान’

    रिपोर्ट में क्यूल के हवाले से बताया गया है कि बाद में ट्रंप के एक प्रतिनिधि ने उन्हें राष्ट्रपति से मिलने के लिए होटल के ऊपर बने एक कमरे में चलने को कहा। करियर और पढ़ाई में मदद मिलने की उम्मीद में वह उसके साथ कमरे में चली गईं। क्यूल का आरोप है कि कमरे में ट्रंप ने पीछे से उन्हें पकड़ लिया और रेप किया। रिपोर्ट के अनुसार, इस कथित घटना में उनकी ड्रेस फट गई और शरीर के कई हिस्सों पर चोट के निशान पड़ गए। उन्हें खून भी निकलने लगा था। क्यूल ने इस घटना को बेहद क्रूर बताया। आरोप है कि इसके बाद ट्रंप ने वीजा और यूनिवर्सिटी में दाखिले में मदद का भरोसा दोहराया और उन्हें चुप रहने के लिए कहा।


    ‘ट्रंप ने क्यूल से दोबारा किया था संपर्क’

    रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे कहा था, ‘शो जारी रहना चाहिए।’ क्यूल ने डर और सदमे की हालत में प्रतियोगिता पूरी की और फिर स्विट्जरलैंड लौट गईं। बाद में उन्होंने ट्रंप की ओर से आयोजित हवाई की एक अन्य प्रतियोगिता में हिस्सा लेने से इनकार कर दिया। कुछ महीने बाद ट्रंप ने स्विट्जरलैंड में उनसे दोबारा संपर्क किया, लेकिन क्यूल ने मदद का प्रस्ताव ठुकरा दिया। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता लॉरेन बिस ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया। उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक सांसद राष्ट्रपति ट्रंप की उपलब्धियों से ध्यान हटाने के लिए राजनीतिक अभियान चला रहे हैं। ट्रंप ने एपस्टीन को अपने मार-ए-लागो क्लब से निकाल दिया था और एपस्टीन से जुड़े मामलों में राष्ट्रपति को पूरी तरह पाक-साफ बताया।

  • दिल्ली में फिर सुबह सुबह बवाल…. युवा कांग्रेस के कई नेताओं कों पुलिस ने हिरासत में लिया

    दिल्ली में फिर सुबह सुबह बवाल…. युवा कांग्रेस के कई नेताओं कों पुलिस ने हिरासत में लिया


    नई दिल्ली।
    देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में इन दिनों आंदोलनों का केंद्र बनी हुई है। इस बीच शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में एक बार फिर बवाल हुआ है। यहां कई युवा कांग्रेस नेताओं (Youth Congress Leaders) को हिरासत में ले लिया गया है। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब NSUI के नेता महिला साथियों के साथ हुई कथित मारपीट के खिलाफ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन पर धरना दे रहे थे। छात्र नेताओं ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की है।

    इससे पहले गुरुवार को मीडिया को संबोधित करते हुए NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि NSUI की महिला कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई और उनमें से कुछ को एक अंधेरे कमरे में ले जाकर जूते से पीटा गया। जाखड़ ने कहा, “हम यहां केवल एफआईआर दर्ज कराने आए हैं, लेकिन DCP न तो हमसे बात कर रहे हैं और न ही हमारी सुन रहे हैं। क्या हमारी महिला कार्यकर्ताओं के लिए न्याय मांगना अपराध है?” संगठन का कहना है कि बुधवार को एडिशनल DCP सहित वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई FIR दर्ज नहीं की।


    ‘CEC ज्ञानेश कुमार को बचा रही है पुलिस’

    वहीं NSUI के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवि पांडे ने विनोद जाखड़ और अन्य सदस्यों को हिरासत में लिए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय जवाबदेही मांगने वालों को ही हिरासत में ले रही है। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश की है।


    आंदोलन तेज करने की चेतावनी

    NSUI ने कहा है कि नेताओं को हिरासत में लेने से उनका विरोध प्रदर्शन थमने वाला नहीं है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को पूरा करते हुए प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, तो वे देश भर में अपना आंदोलन और तेज करेंगे।


    राहुल गांधी ने बताया बब्बर शेर

    इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बीते गुरुवार को पार्टी के तीन संगठनों भारतीय युवा कांग्रेस, NSUI और सेवा दल के पदाधिकारियों के साथ बातचीत की और कथित वोट चोरी के खिलाफ हुए हालिया प्रदर्शनों में उनकी सक्रिय भूमिका के लिए उनकी सराहना की। सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने इन संगठनों के नेताओं की सराहना करते हुए कहा कि वे ‘बब्बर शेर’ हैं जो डटकर खड़े हुए हैं।

  • बंगला साहिब गुरुद्वारे में हंगामे पर विवाद, केजरीवाल समेत ‘आप’ नेताओं के खिलाफ DSGMC ने दी शिकायत

    बंगला साहिब गुरुद्वारे में हंगामे पर विवाद, केजरीवाल समेत ‘आप’ नेताओं के खिलाफ DSGMC ने दी शिकायत

    नई दिल्ली। दिल्ली के बंगला साहिब गुरुद्वारे में कथित हंगामे और घटना से जुड़े भ्रामक वीडियो प्रसारित करने के मामले में दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। कमेटी ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों ने गुरुद्वारे के पवित्र परिसर में राजनीतिक नारे लगाए, जिससे धार्मिक माहौल प्रभावित हुआ। उसने पुलिस से मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

    DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका के नेतृत्व में कमेटी के पदाधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को नई दिल्ली जिला के पुलिस उपायुक्त कार्यालय में शिकायत सौंपी। कमेटी ने पुलिस को घटना से संबंधित वीडियो भी उपलब्ध कराए हैं।

    गुरुद्वारे की मर्यादा भंग करने का आरोप

    दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपनी शिकायत में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने पवित्र परिसर के भीतर राजनीतिक नारे लगाए। कमेटी के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों से गुरुद्वारे का धार्मिक वातावरण प्रभावित हुआ और गुरु घर की पवित्रता एवं मर्यादा का उल्लंघन हुआ।

    कमेटी ने मामले में दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही घटना से जुड़े वीडियो प्रसारित किए जाने के मामले की भी जांच की मांग उठाई गई है।

    पुलिस के गुरुद्वारे में प्रवेश पर ‘आप’ ने उठाए सवाल

    इस विवाद को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुद्वारे में पुलिस के प्रवेश की निंदा की थी। उन्होंने कहा था कि गुरुद्वारों के दरवाजे जरूरतमंद लोगों को आश्रय देने के लिए हमेशा खुले रहते हैं।

    वहीं, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए गुरुद्वारे के भीतर दाखिल हुई थी। इस मुद्दे पर रविवार शाम आप कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक जरनैल सिंह ने प्रेस वार्ता की। इस दौरान उन्होंने DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका पर भाजपा का पक्ष लेने का आरोप लगाया।

    कालका बोले- मुख्य दरबार हॉल में नहीं गई थी पुलिस

    DSGMC अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने पुलिस के प्रवेश को लेकर अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पहुंचे पुलिसकर्मियों ने गुरुद्वारे के मुख्य दरबार हॉल में प्रवेश नहीं किया था। उनके मुताबिक, पुलिस ने परिसर के भीतर से गुजरने वाले रास्ते का इस्तेमाल किया था।

    हालांकि, कालका ने यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों को वर्दी में गुरुद्वारा परिसर के भीतर प्रवेश नहीं करना चाहिए था। इस तरह उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति भी जाहिर की।

    पुलिस ने वीडियो दुर्भावनापूर्ण मंशा से प्रसारित करने की बात कही

    नई दिल्ली के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस मामले में स्पष्टीकरण दिया था। उन्होंने कहा था कि पुलिसकर्मी उस साझा रास्ते से गुजर रहे थे, जिसका इस्तेमाल श्रद्धालु जूते उतारने के स्थान तक पहुंचने के लिए करते हैं।

    पुलिस उपायुक्त ने आरोप लगाया कि घटना से संबंधित वीडियो दुर्भावनापूर्ण मंशा से प्रसारित किए गए। उन्होंने इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया।

    फिलहाल, बंगला साहिब गुरुद्वारे की घटना को लेकर DSGMC और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। कमेटी की शिकायत के बाद अब मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

  • जंतर-मंतर पर देर रात बवाल: प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प, हालात काबू करने के लिए छोड़े गए आंसू गैस के गोले

    जंतर-मंतर पर देर रात बवाल: प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प, हालात काबू करने के लिए छोड़े गए आंसू गैस के गोले


    नई दिल्ली।
    राजधानी के जंतर-मंतर पर देर रात प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प के बाद स्थिति बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को मोर्चा संभालना पड़ा। हालात नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारी पुलिस बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई।

    पुलिस पर डंडे छीनने की कोशिश का आरोप

    स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस और आरएएफ के जवान मौके पर पहुंच गए। पुलिस का आरोप है कि उग्र प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों से डंडे छीनने का प्रयास किया, जिसके बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए।

    आंसू गैस छोड़कर भीड़ को हटाया गया

    बढ़ते तनाव को देखते हुए आरएएफ ने आंसू गैस के गोले दागकर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया। इसके बाद अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से इलाके में स्थिति को नियंत्रित किया गया।

    एसीपी घायल, सुरक्षा बढ़ाई गई

    झड़प के दौरान एक एसीपी के घायल होने की जानकारी सामने आई है। उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

    फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।