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  • 31 मार्च तक निपटा लें ये जरूरी काम….. इस दिन खत्म हो जा रही है डेडलाइन

    31 मार्च तक निपटा लें ये जरूरी काम….. इस दिन खत्म हो जा रही है डेडलाइन


    नई दिल्ली।
    एक अप्रैल (April 1st) से नए फाइनेंशियल ईयर (New Financial Year) की शुरुआत होने वाली है। इससे पहले, 31 मार्च को खत्म हो रहे फाइनेंशियल ईयर में कुछ जरूरी काम निपटा लेने होंगे। ये हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कई ऐसी डेडलाइन (Deadline) हैं जो 31 मार्च को पूरी हो रही हैं। इनमें इनकम टैक्स (Income Tax) और इन्वेस्टमेंट (Investment) से जुड़ी डेडलाइन (Deadline) भी शामिल हैं।


    वेतन आयोग को सुझाव देने की डेडलाइन

    8वें वेतन आयोग ने वेतन, भत्तों और पेंशन से संबंधित सुधारों के लिए सुझाव और राय आमंत्रित किए हैं, जिसके लिए अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तय की गई है। यह डेडलाइन केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न हितधारकों के लिए है। बता दें कि वेतन आयोग ने इस प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए MyGov पोर्टल पर 18 सवालों का एक विस्तृत प्रश्नावली जारी किया है। इस प्रश्नावली के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों के मंत्रालयों, विभागों, केंद्र शासित प्रदेशों, न्यायिक अधिकारियों, कोर्ट कर्मचारियों, नियामक संस्थाओं के सदस्यों, कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों से राय मांगी गई है।


    ITR-U की डेडलाइन

    31 मार्च तक अपडेटेड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR-U) फाइल करने की डेडलाइन है। जिन लोगों ने अपनी कोई इनकम रिपोर्ट नहीं की है या इनकम का गलत हिसाब लगाया है, जिससे उनकी इनकम टैक्स देनदारी कम हो गई है, उनके पास अब इस गलती को सुधारने का मौका है। ऐसे लोग ITR-U फाइल करके ऐसा कर सकते हैं। हालांकि, यह ध्यान रखें कि ITR-U फाइल करने के लिए आपको पेनल्टी और ब्याज के तौर पर अतिरिक्त इनकम टैक्स देना होगा और ITR-U के जरिए टैक्स रिफंड का कोई दावा नहीं किया जा सकता। पहले ITR-U का इस्तेमाल पिछले दो सालों की गलतियों को सुधारने के लिए किया जा सकता था लेकिन बजट 2025 में, इस समयसीमा को बढ़ाकर पिछले चार सालों तक कर दिया गया है। अगर आप रिटर्न सही समय पर भरने या सही डेटा देने से चूक गए हैं तो समझदारी इसी में है कि आप अभी अतिरिक्त टैक्स का भुगतान करें और ITR-U फाइल कर दें। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप अभी ITR-U फाइल नहीं करते हैं और बाद में इनकम टैक्स विभाग आपको पकड़ लेता है, तो आप पर अभी ITR-U फाइल करने के लिए लगने वाली पेनल्टी से कहीं ज्यादा बड़ी पेनल्टी लगाई जा सकती है।


    धारा 80C के तहत टैक्स बचाने का आखिरी मौका

    पुराने टैक्स सिस्टम को मानने वाले टैक्सपेयर्स के लिए 31 मार्च निवेश करने का आखिरी मौका है। पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) जैसे विकल्पों में योगदान 31 मार्च से पहले पूरा कर लेना चाहिए। इन निवेशों में देरी करने का मतलब हो सकता है कि आप मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के लिए कीमती टैक्स छूट से चूक जाएं।

    – नया वित्तीय वर्ष शुरू होने से पहले यह आवेदन कर लेना चाहिए। इससे अप्रैल 2026 से ही डिडक्टर सही दर पर TDS काट सकेंगे। हालांकि यह अनिवार्य नहीं है लेकिन प्लानिंग के लिए बहुत उपयोगी है।
    – वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर 2025) का TDS रिटर्न जमा करने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है।


    PAN कार्ड नियमों की समय सीमा

    31 मार्च के बाद आप सिर्फ आधार का इस्तेमाल करके PAN के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। इसलिए अगर आप कम से कम डॉक्यूमेंट्स और बिना किसी परेशानी के PAN कार्ड के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो आपको यह 31 मार्च को या उससे पहले करना होगा। उसके बाद, पैन एप्लीकेशन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, वोटर ID, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और मैट्रिकुलेशन सर्टिफिकेट जैसे डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी। जरूरत पड़ने पर एफिडेविट और दूसरे सरकारी डॉक्यूमेंट्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।


    नियोक्ताओं को निवेश के प्रमाण जमा करना

    आपको 31 मार्च 2026 की समय सीमा तक अपने नियोक्ता को अपने निवेश के प्रमाण जमा करने होंगे। इनमें मकान किराया भत्ता (HRA) के दावों के लिए किराए की रसीदें, जीवन और स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम भुगतान की रसीदें, ELSS निवेश विवरण, PPF पासबुक या जमा की रसीदें शामिल हैं।

  • ITR समेत ये जरूरी काम 31 मार्च से पहले निपटा लें, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

    ITR समेत ये जरूरी काम 31 मार्च से पहले निपटा लें, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान


    नई दिल्ली।
    31 मार्च तक कई वित्तीय काम निपटाने जरूरी हैं। इस डेड लाइन (Dead line) को चूकने पर बड़े आर्थिक झटके का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा पीपीएफ, निवेश के प्रूफ जमा कराने, संशोधित इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल (Income Tax Return Filing) करने जैसे महत्वपूर्ण कार्य निपटाना भी जरूरी है।


    1. टैक्स की बचत के लिए निवेश करने का मौका

    वर्तमान में दो प्रकार की टैक्स रिजीम (Tax Regime) काम कर रही हैं-पुरानी और नई इनकम टैक्स व्यवस्था। अगर टैक्सपेयर या संयुक्त हिन्दु परिवार यानी एचयूएफ पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था चुनता है तो वह इनकम टैक्स अधिनियम के तहत अलग-अलग धाराओं जैसे 80सी, 80डी, 80टीटीबी, 80ई, 80जी आदि के अंतर्गत विभिन्न कटौतियों का फायदा लेकर अपनी टैक्स देनदारी घटा सकता है। पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था चुनने वालों के लिए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 मार्च से पहले कर से जुड़ी बचत और निवेश का काम पूरा करना जरूरी है।


    2. पीपीएफ, सुकन्या खाते में न्यूनतम राशि निवेश

    पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि योजना खाते को सक्रिय रखने के लिए वित्त वर्ष में निश्चित न्यूनतम राशि जमा करना अनिवार्य है। पीपीएफ के लिए न्यूनतम राशि 500 रुपये और सुकन्या समृद्धि खाते के लिए 250 रुपये है। 12 महीने में एक बार यह राशि जमा करना जरूरी होता है।


    3. दफ्तर में निवेश के साक्ष्य जमा करना

    जिन कर्मचारियों ने अपने दफ्तर में वित्त वर्ष की शुरुआत में कर बचाने वाले निवेश की जानकारी दी थी, उन्हें नियत तारीख से पहले नियोक्ता को उससे जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य जमा करने होंगे। इससे चूकने पर नियोक्ता वेतन से ज्यादा टीडीएस कटौती कर सकता है।


    4. होम लोन का ब्याज प्रमाणपत्र हासिल करना

    जिन लोगों ने होम लोन लिया है, उन्हें अपने बैंक से स्टेटमेंट या ब्याज का प्रमाणपत्र डाउनलोड कर लेना चाहिए। इनकम टैक्स कानून के तहत, करदाता होम लोन के ब्याज पर दो लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं। मूल राशि के पुनर्भुगतान पर 1.5 लाख रुपये तक की कटौती धारा 80सी के तहत उपलब्ध है।


    5. कर निर्धारण वर्ष 2021–22 की संशोधित रिटर्न

    कर निर्धारण वर्ष 2021–22 (वित्त वर्ष 2020-21) के लिए संशोधित रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 है। पहले दाखिल किए गए रिटर्न में कोई गलती है या अन्य जानकारी देना भूल गए हैं, तो संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। इसमें ऐसे मामले भी शामिल हैं, जहां करदाता ने मूल या विलंबित रिटर्न में आय से जुड़ी कुछ जानकारी सही तरीके से नहीं दी थी तो संशोधित आईटीआर भर सकते हैं।


    6. विदेशी आय का विवरण

    पिछले वित्त वर्ष 2024–25 के लिए कर योग्य विदेशी आय का विवरण, उस पर काटे गए या भुगतान किए गए टैक्स के साथ की जानकारी 31 मार्च तक देना जरूरी है। यदि रिटर्न धारा 139(1) या धारा 139(4) के तहत दाखिल किया गया है, तो विदेशी कर का दावा करने के लिए यह जरूरी है।


    7. फॉर्म 12बी जमा करना

    अगर आप वेतनभोगी हैं और आपने मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अपनो नौकरी बदली है तो आपको अपनी पुरानी कंपनी से आय के विवरण फॉर्म 12बी में मौजूदा नियोक्ता के पास जमा करने होंगे। ऐसा इसलिए ताकि मौजूदा नियोक्ता की ओर से स्रोत पर कर कटौती की सही गणना की जा सके।