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  • 'रामायण' ट्रेलर लॉन्च से पहले रणबीर कपूर की तबीयत बिगड़ी, आंखों के संक्रमण के बावजूद इवेंट में होंगे शामिल

    'रामायण' ट्रेलर लॉन्च से पहले रणबीर कपूर की तबीयत बिगड़ी, आंखों के संक्रमण के बावजूद इवेंट में होंगे शामिल

    नई दिल्ली । अभिनेता रणबीर कपूर की तबीयत को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह इन दिनों कंजंक्टिवाइटिस यानी आंखों के संक्रमण से जूझ रहे हैं। यह खबर ऐसे समय आई है जब उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ के मेगा ट्रेलर लॉन्च की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद रणबीर के निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

    बताया जा रहा है कि फिल्म का भव्य ट्रेलर लॉन्च नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की गई है, जिसमें फिल्म से जुड़े प्रमुख कलाकारों और निर्माताओं की मौजूदगी रहने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणबीर कपूर भी अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद इस आयोजन में शामिल होकर अपनी पेशेवर प्रतिबद्धता निभाने का फैसला कर चुके हैं।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, आंखों के संक्रमण की शुरुआत सबसे पहले रणबीर कपूर की बेटी राहा को हुई थी। बाद में यह संक्रमण रणबीर तक भी पहुंच गया। हालांकि उनकी स्थिति गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान संक्रमण को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी। फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    ‘रामायण: पार्ट 1’ इस समय हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। लंबे समय से इस फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है और ट्रेलर लॉन्च को भी एक बड़े सिनेमाई आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। इसी वजह से रणबीर की तबीयत से जुड़ी खबर ने प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    फिल्म के ट्रेलर को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से ‘यू’ सर्टिफिकेट मिल चुका है। इसका अर्थ है कि ट्रेलर सभी आयु वर्ग के दर्शकों के लिए उपयुक्त माना गया है। जानकारी के अनुसार, ट्रेलर के दो अलग-अलग संस्करण प्रमाणन के लिए भेजे गए थे, जिनकी अवधि लगभग चार मिनट के आसपास है। माना जा रहा है कि इनमें से एक संस्करण सिनेमाघरों में भी प्रदर्शित किया जाएगा।

    फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं, जबकि इसका निर्माण नमित मल्होत्रा के नेतृत्व में किया जा रहा है। ट्रेलर लॉन्च समारोह में फिल्म की प्रमुख स्टारकास्ट के शामिल होने की संभावना है। हालांकि फिल्म में रावण की भूमिका निभा रहे यश और हनुमान के किरदार में नजर आने वाले सनी देओल की उपस्थिति को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    ‘रामायण’ को दो भागों में रिलीज करने की योजना बनाई गई है। पहला भाग दिवाली 2026 के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में दर्शकों के सामने आएगा। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों में काफी उत्साह बना हुआ है। अब सभी की नजर ट्रेलर लॉन्च और रणबीर कपूर की उपस्थिति पर टिकी हुई है, क्योंकि यह आयोजन फिल्म के प्रचार अभियान का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

  • सावधान! बंद कमरे में साइलेंट किलर बन सकता है रूम हीटर:12 ज़रूरी सेफ्टी टिप्स जो आपकी जान बचा सकते हैं, बता रहे हैं विशेषज्ञ।

    सावधान! बंद कमरे में साइलेंट किलर बन सकता है रूम हीटर:12 ज़रूरी सेफ्टी टिप्स जो आपकी जान बचा सकते हैं, बता रहे हैं विशेषज्ञ।


    नई दिल्ली/ सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लोग कमरे गर्म रखने के कई तरीके अपनाते हैं। हीटर, ब्लोअर या गैस स्टोव-ये सभी तुरंत गर्माहट तो देते हैं, लेकिन कई बार यही आराम जानलेवा भी बन जाता है। पिछले साल नोएडा में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी क्योंकि वे गैस हीटर चालू छोड़कर सो गए थे। कमरे में वेंटिलेशन न होने से कार्बन मोनोऑक्साइड जमा हुई और देखते ही देखते स्थिति भयावह हो गई। जम्मू–कश्मीर में भी ऐसा ही एक हादसा हुआ, जहां हीटर से निकली जहरीली गैस ने पूरे परिवार की जान ले ली।

    अक्सर लोग मान लेते हैं कि हीटर नुकसान नहीं करते, लेकिन सच यह है कि अगर इनका इस्तेमाल सही तरीके से न किया जाए तो ये धीरे-धीरे सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि हीटर से निकलने वाली सूखी हवा और कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैसें शरीर के रेस्पिरेटरी सिस्टम पर गहरा असर डालती हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिन नवजात शिशुओं को हीटर वाले कमरे में रखा गया उनमें से 88% बच्चों में सांस लेने में दिक्कत, तेज खांसी और स्किन की समस्या पाई गई।

    हीटर शरीर को सबसे ज्यादा कैसे नुकसान पहुंचाते हैं?

    विशेषज्ञों का कहना है कि सबसे पहला नुकसान कमरे की नमी खत्म होने से होता है। लगातार चलने वाले हीटर हवा को तेजी से सुखा देते हैं। इसका सीधा असर नाक, गले और त्वचा पर पड़ता है। सूखी हवा रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट को चुभने लगती है, जिससे खांसी, छींक, साइनस, एलर्जी और अस्थमा के लक्षण उभर सकते हैं। आंखें भी सूखने लगती हैं और जलन या कंजक्टिवाइटिस जैसी परेशानी हो सकती है। लंबे समय तक हीटर के संपर्क में रहने पर कुछ मामलों में ब्लड प्रेशर अस्थिर हो सकता है और स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति का खतरा बढ़ जाता है।

    कार्बन मोनोऑक्साइड क्यों इतना बड़ा खतरा है?

    गैस हीटर या कोयले जैसे ईंधन से चलने वाले उपकरण कार्बन मोनोऑक्साइड CO नामक जहरीली, रंगहीन और गंधहीन गैस छोड़ते हैं। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत और खतरनाक पहलू है-आपको पता ही नहीं चलेगा कि हवा में जहर बढ़ रहा है। बंद या सील कमरे में यह गैस जमा होकर शरीर में ऑक्सीजन की कमी कर देती है। नतीजे में सिरदर्द, उलझन, कमजोरी, मतली, चक्कर जैसे लक्षण दिखने लगते हैं। अगर समय रहते वेंटिलेशन न मिले तो व्यक्ति बेहोश भी हो सकता है और जान जाने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।

    क्या छोटे बच्चों या नवजातों के कमरे में हीटर सुरक्षित है?

    विशेषज्ञ इसका सीधा जवाब नहीं देते हैं। नवजातों की त्वचा बेहद नाजुक होती है और सूखी हवा उनकी स्किन को तुरंत ड्राई करके लाल चकत्ते और जलन पैदा करती है। उनकी नाक भी जल्दी सूख जाती है जिससे उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। लम्बे समय तक हीटर वाले कमरे में रहने पर बच्चों में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

    सर्दी में आदर्श कमरे का तापमान कितना होना चाहिए?

    ठंड से बचना जरूरी है, लेकिन कमरे को बहुत गर्म रखना भी सेहत के लिए हानिकारक है। डॉक्टरों का सुझाव है कि बेडरूम का तापमान लगभग 18°C और लिविंग रूम का तापमान 21°C रखना सबसे सुरक्षित माना जाता है। इससे शरीर को आराम मिलता है, ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है और नींद की गुणवत्ता पर भी कोई बुरा असर नहीं पड़ता।

    हीटर का इस्तेमाल करते समय किन बातों का खास ध्यान रखें?

    सबसे महत्वपूर्ण बात-कमरा कभी पूरी तरह बंद न रखें। थोड़ा बहुत हवा का रास्ता खुला छोड़ें ताकि ताजी हवा आती रहे और ऑक्सीजन का स्तर संतुलित बना रहे। हीटर से हवा जल्दी सूखती है, इसलिए कमरे में पानी से भरा एक बर्तन रख देना नमी बनाए रखने का एक आसान और सुरक्षित तरीका है। ध्यान रखें यह बर्तन हीटर के ऊपर न रखें।

    कुछ आम सवालों के आसान और ज़रूरी जवाब

    – क्या सेंट्रल हीटिंग साइनस बढ़ा सकती है?
    हाँ। लगातार गर्म और सूखी हवा नाक के अंदरूनी हिस्से को सुखा देती है, जिससे साइनस ब्लॉकेज और इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है।

    – क्या रेडिएटर से सांस की समस्या हो सकती है?
    रेडिएटर कमरे की हवा गर्म करते समय धूल के कणों को उपर उठा देते हैं। ये कण सांस के जरिए अंदर जाते हैं जिससे अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों की तकलीफ बढ़ सकती है।

    – क्या बहुत ठंडे कमरे में रहना भी हानिकारक है?
    बिल्कुल। अधिक ठंडे कमरे में शरीर का तापमान कम होने लगता है जिससे हाइपोथर्मिया, शivering और ब्लड प्रेशर में भारी उतार-चढ़ाव का खतरा होता है।

    – हीटर इस्तेमाल करते समय सबसे सामान्य गलती क्या है?
    पूरी रात या लंबे समय तक हीटर को बंद कमरे में चलने देना। यह सबसे बड़ी भूल है क्योंकि इससेऑक्सीजन की कमी होती है और कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ सकता  है सर्दियों की ठिठुरन से बचना जरूरी है लेकिन गर्मी पाने की जल्दबाज़ी में स्वास्थ्य से खिलवाड़  बिल्कुल नहीं करना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी, सही वेंटिलेशन और तापमान का ध्यान रखकर आप सर्दियों को आरामदायक, सुरक्षित और सेहतमंद बना सकते हैं।