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  • हर सुबह पेट रहेगा पूरी तरह साफ डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड पाचन होगा मजबूत और दिनभर रहेंगे ऊर्जावान

    हर सुबह पेट रहेगा पूरी तरह साफ डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड पाचन होगा मजबूत और दिनभर रहेंगे ऊर्जावान


    नई दिल्ली । सुबह पेट साफ न होना आज के समय में बड़ी संख्या में लोगों की आम समस्या बन गई है। इसके कारण दिनभर भारीपन गैस पेट फूलना और थकान जैसी परेशानियां बनी रहती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि हर बार दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय यदि खानपान और जीवनशैली में सही बदलाव किए जाएं तो इस समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है। संतुलित आहार पर्याप्त पानी और नियमित दिनचर्या पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

    विशेषज्ञों के अनुसार कब्ज या सुबह पेट साफ न होने का सबसे बड़ा कारण भोजन में फाइबर की कमी है। फाइबर आंतों की गति को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है और मल को आसानी से बाहर निकालने में सहायक होता है। इसके अलावा पर्याप्त पानी न पीना लंबे समय तक बैठे रहना शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित खानपान भी इस समस्या को बढ़ा सकते हैं। इसलिए सबसे पहले इन कारणों को समझना और उन्हें सुधारना जरूरी है।

    सुबह उठने के बाद एक से दो गिलास गुनगुना पानी पीना पाचन तंत्र को सक्रिय करने का आसान तरीका माना जाता है। इससे आंतों की गतिविधि बढ़ सकती है और मल त्याग में सहायता मिल सकती है। कई विशेषज्ञ रात में मुनक्का या सूखे अंजीर को पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाने की सलाह भी देते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

    पपीता भी पाचन के लिए लाभकारी फलों में माना जाता है। इसमें फाइबर के साथ पपेन नामक एंजाइम पाया जाता है जो भोजन को पचाने में सहायता करता है। इसके अलावा नाश्ते में ओट्स या गेहूं का दलिया शामिल करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है क्योंकि इनमें घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है।

    हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक मेथी और बथुआ को नियमित भोजन का हिस्सा बनाना भी फायदेमंद माना जाता है। इनमें फाइबर के साथ पानी की मात्रा भी अच्छी होती है जिससे कब्ज की समस्या कम हो सकती है। दोपहर के भोजन के साथ दही या छाछ का सेवन भी लाभकारी माना जाता है क्योंकि इनमें मौजूद लाभकारी बैक्टीरिया आंतों के संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं और पाचन प्रक्रिया को मजबूत बनाते हैं।

    सिर्फ खानपान ही नहीं बल्कि नियमित शारीरिक गतिविधि भी बेहद जरूरी है। रोजाना कम से कम तीस मिनट पैदल चलना हल्का व्यायाम करना या योग का अभ्यास करना आंतों की प्राकृतिक गति को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। साथ ही समय पर भोजन करना और पर्याप्त नींद लेना भी पाचन स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    हालांकि यदि कब्ज की समस्या लंबे समय तक बनी रहे लगातार पेट दर्द हो मल में खून आए अचानक वजन कम होने लगे या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान पर्याप्त पानी नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर अधिकांश लोग पाचन संबंधी समस्याओं से राहत पा सकते हैं और हर सुबह बेहतर महसूस कर सकते हैं।

  • सुबह खाली पेट ये 5 मिनट का योग, पाचन से जुड़ी परेशानियों को देगा अलविदा

    सुबह खाली पेट ये 5 मिनट का योग, पाचन से जुड़ी परेशानियों को देगा अलविदा


    नई दिल्ली । आज की तेज़-तर्रार लाइफस्टाइल और अनियमित खानपान ने पेट की समस्याओं को आम बना दिया है। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम “Stand with Science” के अनुसार पवनमुक्तासन एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी योगासन माना जा रहा है।

    संस्कृत में पवन का अर्थ है वायु और मुक्त का अर्थ है छोड़ना। इस आसन का उद्देश्य शरीर में फंसी हानिकारक गैस और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। जब आप घुटनों को धीरे-धीरे छाती की ओर दबाते हैं, तो यह पेट के अंगों पर हल्का दबाव डालता है जिससे पाचन अग्नि तेज होती है और भोजन का अवशोषण बेहतर होता है।

    पवनमुक्तासन के लाभ

    गैस, कब्ज और ब्लोटिंग से राहत – यह वात विकारों को कम करता है, पुरानी कब्ज और एसिडिटी को दूर करता है और आंतों की कार्यक्षमता बढ़ाता है।

    वेट लॉस में मदद – पेट, जांघों और कमर के आसपास की जिद्दी चर्बी कम करने में सहायक।

    पेल्विक और प्रजनन अंगों के लिए लाभकारी – महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता कम करने में मदद करता है।

    पीठ और रीढ़ की हड्डी के लिए लाभकारी – लंबे समय तक बैठने वाले लोगों के लिए रीढ़ की लचीलापन बढ़ाता है और निचले हिस्से के दर्द को कम करता है।

    कैसे करें पवनमुक्तासन

    योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।

    गहरी सांस लेते हुए दाएं घुटने को मोड़कर छाती के पास लाएं।

    हाथों की उंगलियों को जोड़कर घुटने को पकड़ें।

    सांस छोड़ते हुए सिर उठाकर नाक को घुटने से छूने की कोशिश करें।

    इसी प्रक्रिया को बाएं पैर और फिर दोनों पैरों के साथ दोहराएं।

    इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है।

    सावधानियाँ

    उच्च रक्तचाप, हर्निया, स्लिप डिस्क या हाल ही में पेट की सर्जरी कराए लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए।

    गर्भवती महिलाएं इसे न करें।

    केवल 5 मिनट का यह योगासन रोजाना करने से न केवल पाचन सुधारता है बल्कि पेट, कमर और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करता है।