Tag: Consumption

  • आईएमएफ के 7 प्रतिशत विकास दर अनुमान से भारत की आर्थिक क्षमता पर भरोसा मजबूत, विशेषज्ञों ने खपत, निवेश और युवा आबादी को बताया बड़ी ताकत

    आईएमएफ के 7 प्रतिशत विकास दर अनुमान से भारत की आर्थिक क्षमता पर भरोसा मजबूत, विशेषज्ञों ने खपत, निवेश और युवा आबादी को बताया बड़ी ताकत

    नई दिल्ली ।अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने के अनुमान को अर्थशास्त्रियों और बाजार विशेषज्ञों ने देश की आर्थिक क्षमता पर वैश्विक भरोसे का संकेत बताया है। इस अनुमान के अनुसार, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रह सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि देश की विशाल आबादी, मजबूत घरेलू खपत, निवेश की संभावनाएं और सरकारी नीतियां आर्थिक विस्तार में अहम भूमिका निभा रही हैं।

    अर्थशास्त्री विजय सरदाना के मुताबिक, 1.5 अरब से अधिक आबादी वाले भारत में विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उनका कहना है कि देश के मौजूदा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े इसकी आर्थिक क्षमता को दर्शाते हैं। भारत का बाजार निवेश और कारोबार के लिए बड़े अवसर उपलब्ध कराता है। वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में बदलाव के दौर में भी देश महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    सरदाना ने घरेलू खपत को भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रमुख ताकत बताया। उनके अनुसार, बड़ी आबादी की रोजमर्रा की जरूरतों पर होने वाला खर्च कृषि, उद्योग, सेवा क्षेत्र और तकनीक सहित विभिन्न क्षेत्रों की गतिविधियों को समर्थन देता है। उन्होंने कहा कि आईएमएफ का अनुमान आर्थिक विश्वास बढ़ाने में मदद कर सकता है, लेकिन केवल जीडीपी की वृद्धि से आम लोगों के जीवन में बदलाव सुनिश्चित नहीं होता। इसके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, निवेश आकर्षित करना और लोगों की आय में सुधार जरूरी है।

    अर्थशास्त्री और कर विशेषज्ञ सीए योगेंद्र कपूर का मानना है कि भारत में 7 प्रतिशत या इससे अधिक की विकास दर बनाए रखने की क्षमता है। उनके अनुसार, डिजिटलीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और आर्थिक व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने पर सरकार का जोर निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर रहा है। आयकर और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में लगातार बढ़ोतरी को उन्होंने अर्थव्यवस्था के औपचारिक ढांचे की ओर बढ़ने का संकेत बताया। इससे विदेशी निवेशकों का भरोसा मजबूत होने में भी मदद मिली है।

    हालांकि, कपूर ने महंगाई को अर्थव्यवस्था के सामने प्रमुख चुनौती बताया। उनके मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी संकट और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में विकास की गति बनाए रखने के लिए मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना जरूरी होगा।

    बाजार विशेषज्ञ एपी शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत ने रूस-यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा संकट और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों के बावजूद अपनी विकास गति बनाए रखी है। उन्होंने सरकार की नीतियों, बेहतर कारोबारी माहौल और बढ़ते निजी निवेश को अर्थव्यवस्था के लिए सहायक बताया। शुक्ला के अनुसार, भारत की युवा आबादी भी वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने वाली प्रमुख ताकत है।

    अर्थव्यवस्था विशेषज्ञ विनोद रावल ने आईएमएफ के 7 प्रतिशत विकास दर के अनुमान को भारत के लिए सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि 12 लाख रुपये तक की आय पर आयकर में राहत देने के फैसले से लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़ सकती है। उनके मुताबिक, सेमीकंडक्टर क्षेत्र में हो रहा विकास भी भविष्य में अर्थव्यवस्था को लाभ पहुंचा सकता है। रावल ने पेट्रोल की कीमतों के पहले के स्तर पर लौटने की संभावना भी जताई, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। उन्होंने घरेलू मांग, सरकारी नीतियों और नई तकनीकों में विकास को आर्थिक वृद्धि के महत्वपूर्ण आधार बताया।

  • ग्वालियर के 400 कमरों वाले जय विलास पैलेस के बिजली बिलों पर सवाल, कई कनेक्शनों में सालभर शून्य या बेहद कम खपत दर्ज

    ग्वालियर के 400 कमरों वाले जय विलास पैलेस के बिजली बिलों पर सवाल, कई कनेक्शनों में सालभर शून्य या बेहद कम खपत दर्ज

    मध्य प्रदेश । के ग्वालियर स्थित जय विलास पैलेस के बिजली बिलों और खपत के आंकड़ों को लेकर सवाल उठे हैं। करीब 80 एकड़ में फैले इस महल में लगभग 400 कमरे हैं और बिजली कंपनी के कुल 21 कनेक्शन बताए गए हैं। इन कनेक्शनों के बिलों की पड़ताल में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें पिछले 12 महीनों के दौरान बिजली की खपत शून्य या बेहद कम दर्ज की गई। अधिकांश कनेक्शनों पर पुराने मीटर लगे होने की जानकारी भी सामने आई है। महल के रानी महल वाले हिस्से में ज्योतिरादित्य सिंधिया का परिवार रहता है।

    उपलब्ध बिजली बिलों के अनुसार, रानी महल वाले हिस्से में लगे स्मार्ट मीटर पर पिछले 12 महीनों में कुल 360.389 यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। वहीं, महादजी चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर दर्ज घरेलू कनेक्शन में अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक सभी 12 महीनों में शून्य यूनिट खपत दिखाई गई। इस दौरान इस कनेक्शन पर कुल 1006 रुपये का बिल जारी हुआ, जिसमें अन्य शुल्क शामिल बताए गए हैं। बिलों में नियमित रीडिंग दर्ज होने की बात भी कही गई है।

    एक अन्य कनेक्शन चीफ सेक्रेटरी टू श्रीमंत हिज हाईनेस महाराजा के नाम पर दर्ज है। यह कनेक्शन 31 जुलाई 2015 को लगाया गया था और इस पर एक किलोवाट का विद्युत भार स्वीकृत है। नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक इसमें 2016 यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई। इस कनेक्शन पर 14,777 रुपये बकाया बताए गए, जिनमें पिछले महीनों की 14,686 रुपये की बिल राशि शामिल थी। बिल जमा करने की अंतिम तारीख 14 अक्टूबर 2026 दर्ज थी।

    पैलेस गार्डन स्थित एक व्यावसायिक कनेक्शन में अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 के बीच केवल पांच यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। यह कनेक्शन एक जुलाई 1980 को लगाया गया था और इस पर तीन किलोवाट का विद्युत भार स्वीकृत है। इसी तरह, वसुंधरा राजे चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर दर्ज कनेक्शन में एक साल के दौरान 2764 यूनिट खपत सामने आई। इस कनेक्शन पर 24,687 रुपये का पिछला बिल बकाया बताया गया था। अगस्त 2026 के बिल की राशि 471 रुपये दर्ज थी।

    मन्नू महल पैलेस के नाम पर दर्ज घरेलू कनेक्शन में अक्टूबर 2025 से सितंबर 2026 तक शून्य यूनिट खपत दिखाई गई। जूनियर महारानी स्वीट हाउस के पते पर दर्ज एक अन्य कनेक्शन में भी 12 महीनों तक बिजली खपत शून्य रही, जबकि इस अवधि में कुल 1322 रुपये का बिल आया। द महारानी स्वीट हाउस के नाम पर दर्ज कनेक्शन में भी पूरे साल शून्य यूनिट खपत दर्ज की गई और बिल की कुल राशि 1388 रुपये बताई गई।

    पैलेस परिसर के अन्य कनेक्शनों में भी बहुत कम खपत के आंकड़े सामने आए। एमपी सिंह सेक्रेटरी के नाम पर दर्ज दो कनेक्शनों में एक साल के दौरान दो-दो यूनिट बिजली खपत दर्ज की गई। इन पर क्रमशः 957 रुपये और 1180 रुपये का बिल बताया गया। वहीं, हिरनवन कोठी के पीआरओ के नाम पर दर्ज कनेक्शन में नवंबर 2025 से अक्टूबर 2026 तक केवल एक यूनिट बिजली खपत दर्ज हुई। इस कनेक्शन की सालाना बिल राशि 6700 रुपये बताई गई। इन आंकड़ों के साथ कई कनेक्शनों पर पुराने मीटर लगे होने की जानकारी भी दी गई है।

    जय विलास पैलेस परिसर के एक हिस्से में स्थित उषा किरण पैलेस होटल का बिजली कनेक्शन अलग है। होटल का संचालन ताज समूह के अधीन होता है और यहां 50 कमरे बताए गए हैं। होटल के पास 400 किलोवोल्ट एम्पियर क्षमता का अलग उच्च तनाव वाला कनेक्शन है। अगस्त महीने का इसका बिजली बिल 18 लाख 11 हजार 67 रुपये बताया गया है। यह बिल होटल के पृथक कनेक्शन का है, इसलिए इसे महल के अन्य घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शनों से अलग रखा गया है।

    बिजली कंपनी के उपमहाप्रबंधक गगनदेव शर्मा ने कहा कि होटल का बिल हर महीने जारी होता है और उसका कनेक्शन अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि जय विलास पैलेस के घरेलू तथा व्यावसायिक कनेक्शनों पर बिल कम आने या खपत कम दर्ज होने के मामले की जांच कराई जा सकती है। हालांकि, आगे की कार्रवाई के बारे में दोबारा पूछे जाने पर कोई जानकारी नहीं दी गई। महल के प्रबंधक मयंक मधुकर और ज्योतिरादित्य सिंधिया के जनसंपर्क अधिकारी अनिल मिश्रा से भी पक्ष मांगा गया, लेकिन उन्होंने जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। बिजली कंपनी के महाप्रबंधक से भी लिखित जवाब मांगा गया, पर प्रतिक्रिया नहीं मिली।